अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस – International Child Protection Day

अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस अथवा अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस (अंग्रेज़ी: International Day for Protection of Children OR International Children’s Day) प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। यह दिवस सबसे पुराना अंतर्राष्ट्रीय उत्सव है जो 1950 से मनाया जा रहा है।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

उद्देश्य
इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। रूस में आज के दिन अनाथ, विकलांग और ग़रीब बच्चों की समस्याओं की ओर विशेष रूप से लोगों का ध्यान खींचा जाता है। बच्चों को तोहफ़े दिए जाते हैं और उनके लिए विशेष समारोहों का आयोजन किया जाता है।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

शुरुआत
रूस में अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पहली बार सन 1949 में मनाया गया था। इसका निर्णय मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की एक विशेष बैठक में किया गया था। 1 जून सन 1950 को दुनिया भर के 51 देशों में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस’ पहली बार मनाया गया था।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

आयोजन एवं कार्यक्रम
रूस की राजधानी मॉस्को में इस दिन भांति-भांति की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं जिनमें बच्चों को पुरस्कार बांटे जाते हैं। नृत्य-संगीत कार्यक्रम भी होते हैं और साथ ही विभिन्न प्रदर्शनियां तथा ज्ञानवर्धक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। 2007 से ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल-रक्षा दिवस’ पर क्रेमलिन के ‘महागिरजा चौक’ पर मॉस्को के स्कूल छात्रों के लिए घुड़सवार और पैदल प्रहरियों की ड्यूटी बदलने की समारोही परेड होती है जिसमें राष्ट्रपति रेजिमेंट के सैनिक भाग लेते हैं। 2013 में क्रेमलिन अश्वारोहण विद्यालय के किशोर छात्रों ने भी इस समारोह में भाग लिया था।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram