आईआईटी बॉम्बे से बीटेक व एमटेक करने के बाद कर रहे जैविक खेती

आज के अर्थ प्रधान युग में युवा नामी शिक्षा संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद देश- विदेश में बड़े पैकेज पर नौकरी करना पसंद करते हैं लेकिन धारा के विपरित कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपनी जड़ों की ओर लौटते हैं और समाज में मिसाल बनते हैं। आईआईटी बोम्बे से एनर्जी साइन्स एंड टेक्नोलॉजी में बी.टेक व एम. टेक की डिग्री प्राप्त कर लौटे अजमेर के ऐसे ही एक ऊर्जावान युवा सार्थक मित्तल हैं। सार्थक अपने उच्च तकनीकी ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग सर्टिफाइड ऑर्गेनिक (जैविक) फूड प्रोडेक्टस को हर आम व खासजन की पहुंच में लाने पर कर रहे हैं।

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Jhakkas khabar

सार्थक शीघ्र ही ‘मित्तल ऑर्गेनिक’ के नाम से अपने ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्ट का सर्टिफाइड रिटेल ब्रांड बाजार में लॉंच करेंगे। ब्रांड के रजिस्ट्रेशन व सर्टीफिकेशन की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। सार्थक का कहना है कि अधिक व जल्दी मुनाफा पाने की लालसा में फूड प्रोडेक्टस में केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का प्रयोग अत्यधिक मात्रा में किया जाने लगा है जिससे उनमें पौष्टिकता नष्ट हो रही है। हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक होती है। विभिन्न बीमारियों की वजह बन रही है। इससे किसान की जमीन भी दूषित हो रही है और अनुपजाऊ बन रही है। हालात ऐसे हैं कि बीजों को जैनिटीकली मोडिफाइड किया जा रहा है ताकि अधिक उत्पादन हो एवं फूड प्रोडेक्टस दिखने में सुंदर, ताजा व साइज में ज्यादा बड़े लगे।

पौष्टिक होता है ऑर्गेनिक फूड

उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक फूड में पौष्टिक तत्वों जैसे ऐंटी ऑक्सिडेंट्स, विटामिन, मिनरल्स आदि की मात्रा नाॅन ऑर्गेनिक फूड्स की तुलना में काफी अधिक होती है। वहीं दूसरी और इनमें नाईट्रेट की मात्रा भी कम होती है। फूड्स में विटामिन सी, जिंक और आयरन की मात्रा भी अधिक होती है जो हमारी इम्यूनिटी पावर को इम्प्रूव करती है।

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सार्थक ने बताया कि इसलिए उन्होंने निश्चित किया कि वे समाज में ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस के उपयोग को प्रमोट करने एवं किसानों को इसके प्रोडेक्शन के लिए प्रेरित करने का काम करेंगे। चूंकि बाजार में विश्वसनीय ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस की कमी है, उन्होंने अपना स्वयं का ब्रांड ‘मित्तल ऑर्गेनिक’ लॉंच करने का निर्णय किया। सभी प्रोडेक्टस भारत सरकार की एग्रीकल्चर एंड एलाइड फूड प्रोडेक्ट एक्सपोर्ट डवलपमेंट ऑथोरिटी (एपीडा) द्वारा पूर्णतया प्रमाणिक (सर्टिफाइड) होंगे।

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पैतृक जमीन पर ऑर्गेनिक खेती

सार्थक ने पिछले एक साल से अपनी पैतृक जमीन पर ऑर्गेनिक खेती कर उस पर अनाज, सब्जियां, मसाले आदि उगा रहे हैं ताकि उसका साईंटीफिक अध्ययन कर उसकी बारीकियों को समझ सकें। सार्थक का इरादा है कि अगले चरण में वे अजमेर और इसके आसपास के किसानों को सहकारी संस्थाओं, एनजीओ के माध्यम से उन्हें ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस पैदा करने की अपनी मुहिम से जोड़ेंगे। इस दिशा में वे उनकी जमीन को ऑर्गेनिक खेती के लिए तैयार करने से लेकर ऑर्गेनिक फूड प्रोडेक्टस उपजाने तक हर संभव तकनीकी मदद करेंगे और साधन, संसाधन आदि जुटाने में सहायक होंगे। इससे बंजर होती हमारी धरती को फिर से उपजाऊ बनाए रखने में सफलता मिलेगी, साथ ही किसानों का आर्थिक बल और आत्मविश्वास लौटेगा।

 

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