आगरा के किले का इतिहास और जानकारी – Agra fort history information

उत्तरप्रदेश के आगरा में स्थित आगरा किला अपनी अनूठी वास्तुकला और अद्भुत शिल्पकारी के लिए जाना जाता है। यह किला मुगल साम्राज्य में बनी प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। इसकी अद्धितीय बनावट के कारण इसे यूनेस्कों द्धारा विश्व धरोहर की लिस्ट में भी शामिल किया गया था।

आपको बता दें कि यह आगरा में दुनिया के 7 आश्चर्यों में शुमार ताजमहल से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के किनारे स्थित है। मुगल कालीन वास्तुशैली से बने इस विशाल किले का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था।

इस किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से किया गया है, इसलिए इस किले को आगरा का ”लाल किला” भी कहा जाता है। अपनी भव्यता और आर्कषण की वजह से यह भारत के मुख्य पर्यटन स्थलों में से भी एक है।

इस विशाल किले के परिसर के अंदर पर्ल मस्जिद, दीवान-ए-आम, जहांगीरी महल, मोती मस्जिद, पर्ल मस्जिद समेत मुगलों की बेहतरीन इमारतें बनी हुई हैं। वहीं इस आर्टिकल में हम आपको आगरा के इस विशाल किले से जुड़े कुछ रोचक तथ्य और इसके इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं –

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

आगरा के किले का इतिहास और जानकारी – Agra Fort History Information in Hindi

उत्तरप्रदेश के आगरा शहर में ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरीपर यमुना नदी के किनारे स्थित है।

कब हुआ निर्माण- (Agra Ka Kila Kab Bana)

1565 ई. से 1573. ई. के बीच में (मुगल साम्राज्य के दौरान)
किसने करवाया निर्माण (Agra Fort Was Built By)

मुगल सम्राट अकबर

आगरा किले का निर्माण – Agra Ka Lal Kila

उत्तरप्रदेश के आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित इस विशाल किले का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने 1565 से 1573 ईसवी के बीच करवाया गया।

हालांकि, इस किले के प्रवेश द्धारा पर लिखा गया है कि, विश्व धरोहर में शामिल इस विशाल किले का निर्माण मूल रुप से 1000 ईसवी से भी पहले किया गया था, और मुगल शासक अकबर ने सिर्फ इस किले का नवीनीकरण करवाया था।

हालांकि, समय-समय पर इस किले में अलग-अलग शासकों द्धारा बदलाव किए गए हैं। मुगल सम्राट अकबर के पोते और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी शाहजहां ने इस किले में सुंदर सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल कर इसके अंदर बेहद आर्कषक और रमणीय मस्जिद का निर्माण करवाया और इसमें सुंदर नक्काशी कर इसे और अधिक उन्नत बनाया।

इसके साथ ही शाहजहां ने आगरा के किले का इस्तेमाल उस समय महल के रुप में भी किया था, जब मुगलों की राजधानी को आगरा से दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया था।

वहीं इसके बाद शाहजहां के निर्दयी पुत्र औरंगजेब ने आगरा किले की बाहरी प्रचारी का निर्माण करवाया था। आपको बता दें कि औरंगजेब, जब मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना था, तब उसने अपने ही पिता शाहजहां को उनके जीवन के आखिरी दिनों में इस किले में कैद कर लिया था।

ऐसा भी कहा जाता है कि, इस किले से शाहजहां, अपनी मुमताज बेगम की याद में बनाए गए दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को देखते रहते थे।

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आगरा किले का रोचक इतिहास – Agra Ka Lal Kila History In Hindi

अपनी भव्यता और आर्कषण की वजह से विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल आगरा के विशाल किले का इतिहास राजपूतों, मुगलों और लोदी वंश से जुड़ा हुआ है।

आपको बता दें कि आगरा के ऐतिहासिक महत्व की वजह से यह दिल्ली की राजधानी हुआ करता था। आगरा किले के निर्माण का इतिहास 1080 ईसवी से भी पहले मिलता है, जब महमूद गजनवी की सेना ने भारत को जीतने के उद्देश्य से इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। वहीं कुछ इतिहासकारों की माने तो यह किला मूल रुप से चौहान वंश के राजपूत शासकों के पास था।

वहीं इसके बाद जब दिल्ली सल्तनत के पहले सुल्तान और लोदी वंश के शासक सिकंदर लोदी ने अपनी राजधानी को दिल्ली से आगरा शिफ्ट किया था, तब उसने इस किले की मरम्मत करवाई थी और वे बाद में इस किले में रहने लगे थे।

सिकंदर लोदी की मौत के बाद उनके पुत्र और लोदी वंश के उत्तराधिकारी इब्राहिम लोदी ने इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था और 1526 ईसवी में पानीपत के प्रथम युद्ध में हारने के बाद इस किले में मुगलों ने अपना शासन जमा लिया था।

इसके साथ ही मुगल वंश के संस्थापक बाबर के पुत्र और मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी हुंमायूं ने न सिर्फ आगरा किले पर अपना कब्जा जमा लिया बल्कि लोदियों की अथाह संपत्ति पर और विशाल खजाना भी जब्त कर लिया जिसमें प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था।

मुगलों ने जब खो दिया आगरा किले से कब्जा:

1530 ईसवी में जब हुमायूं को मुगल सम्राट के उत्तराधिकारी के रुप में राज्याभिषेक किया गया, इसके कुछ सालों बाद करीब 1540 ईसवी में उसका मुकाबला शेरशाह सूरी से हुआ।

जिसमें हुंमायूं की हार हुई और इस तरह आगरा किले से मुगलों का अधिकार छिन गया। इस तरह शेरशाह सूरी ने करीब 15 सालों तक इस किले पर शासन किया।

1555 ईसवी में मुगलों ने फिर से हासिल किया आगरा किले पर अधिकार:

इसके बाद 1555 ईसवी में जब मुगल सम्राट हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच फिर से युद्ध हुआ, तब हुमायूं ने शेरशाह सूरी को पराजित कर आगरा किले पर फिर से अपना अधिकार हासिल कर लिया।

जब अकबर को बनाया गया मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी:

मुगल सम्राट हुमायूं की मृत्यु के बाद उनके तेजस्वी बेटे अकबर को महज 13 साल की उम्र में मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बनाया गया था। जिसके बाद अकबर, मुगलों की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से अपने राजनैतिक दौरे पर निकले और 1558 ईसवी में आगरा पहुंचे और इस शहर के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए उन्होंने आगरा को अपनी राजधानी बनाया।

इतिहासकारों की माने तो, अकबर के शासन के समय आगरा किला (बादलगढ़ किला) उस समय बेहद दयनीय और बदतर स्थिति में था, उस दौरान यह सिर्फ एक ईंट का किला था।

जिसका अकबर ने पुर्ननिर्माण करने का फैसला लिया और बादलगढ़ किले के अवशेषों को फिर से हासिल कर करीब 1565 ईसवी में राजस्थान के धौलपुर जिले से लाल बलुआ पत्थरों को मंगवाकर इस किले का निर्माण शुरु करवाया।

वहीं कई हजार कारीगरों की मद्द से इस किले का निर्माण लगभग 8 साल के लंबे समय के बाद 1573 ईसवी में पूरा किया गया।

मुगल सम्राट शाहजहां ने आगरा किले के कुछ हिस्सों को किया नष्ट:

वहीं कुछ इतिहासकारों की माने तो मुगल सम्राट अकबर के पोते शाहजहां ने अपने शासनकाल के दौरान सफेद संगमरमर के पत्थरों से निर्मित इमारतें बनाने के लिए इस किले के पीछे की कुछ इमारतों को ध्वस्त कर दिया था और इसके बाद शाहजहां ने इस विशाल किले के अंदर संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल मस्जिद समेत अन्य इमारतों का भी निर्माण भी करवाया और इस तरह शाहजहां ने इस किले को वर्तमान स्परुप दिया था।

वहीं मुगल सम्राट शाहजहां की जिंदगी के आखिरी पलों में उसके पुत्र औरंगजेब ने सत्ता पाने की चाहत उसे आगरा किले के शाहबुर्ज (मुसम्मन बुर्ज) में कैद कर लिया था, जहां से शाहजहां अपनी प्रिय बेगम मुमताज महल का मकबरा और दुनिया की प्रसिद्ध इमारत ताजमहल का दीदार करता था, वहीं इसके बाद औरंगजेब मुगल साम्राज्य का उत्तराधिकारी बन गया। वहीं इसी आगरा के किले में 31 जनवरी, साल 1666 में शाहजहां की मृत्यु हो गई थी।

1857 में हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बना आगरा का किला:

18वीं सदी के प्रारंभ में इस विश्व विरासत आगरा किले पर मराठा साम्राज्य ने अपना शासन कायम कर लिया। इसके बाद इस किले पर कई अलग-अलग शासकों ने अपना कब्जा जमाया।

आपको बता दें कि 1761 ईसवी में पानीपत की तीसरी लड़ाई में मराठा शासक की हार के बाद अहमद शाह अब्दाली ने इस किले पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया।

इसके बाद 1785 ईसवी में इस किले पर महादजी शिंदे ने अपना शासन जमाया, फिर इसके बाद 1803 ईसवी में दूसरे एंग्लो-मराठा युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने आगरा के इस विशाल किले पर अपना अधिकार हासिल किया और वह इस किले का इस्तेमाल अपने निजी कामों के लिए भी करते रहे।

वहीं 1857 ईसवी में भारत की आजादी की पहली लड़ाई (भारतीय स्वतंत्रता संग्राम) के दौरान आगरा का किला युद्ध स्थली बना। वहीं इसके बाद करीब 1 सदी तक 15 अगस्त 1947 तक इस किले पर अंग्रेजों का ही शासन चला। साल 2004 में इस किले को अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए आगा खान पुरस्कार से भी नवाजा भी गया।

आगरा किले की अद्भुत वास्तुकला एवं अद्धितीय सरंचना – Agra Fort Architecture

आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित इस विश्व विरासत को अर्धवृत्ताकार आकार में बनाया गया है। यह विशाल किला 380,000 वर्ग मी. (94 एकड़) के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

यह किला चारों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है, इन दीवारों की ऊंचाई करीब 70 फीट है। वहीं इस किले के निर्माण में लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए इस किले को आगरा का ”लाल किला” भी कहा जाता है।

दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस भव्य किले के अंदर वर्तमान में 24 से भी ज्यादा स्मारक हैं।

वहीं इतिहासकार अबुल फजल के मुताबिक भारत की इस प्रसिद्ध ऐतिहासिक विरासत के अंदर करीब 5 सौ बेहद सुंदर और आर्कषक इमारतें बंगाली और गुजराती वास्तुशैली में बनाई गई थी। लेकिन इनमें से ज्यादातर इमारतों को शाहजहां और अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान नष्ट कर दिया गया था।

आपको बता दें कि मुगल सम्राट शाहजहां ने अपने शासनकाल के दौरान आगरा किले की कुछ इमारतों को सफेद संगमरमर के पत्थऱो से बनाने के लिए नष्ट भी करवा दिया था।

वहीं इस दौरान इस किले की संरचना में काफी बदलाव भी किए गए मुगल बादशाह शाहजहां ने आगरा किले के परिसर में कई महलों में सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल किया था।

इसके साथ ही उन्होंने इस किले के अंदर मस्जिद का निर्माण करवाया था। वहीं मुगल सम्राट शाहजहां की मौत के बाद आगरा किले का आर्कषण कम होता चला गया।

3 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस विशाल किले पर जब अंग्रेजों ने अधिकार जमाया, उस दौरान भी इस किले की मूल संरचना से बहुत छेड़छाड़ की गई और इसमें कई बदलाव किए गए। अंग्रेजों ने इस किले के अंदर कुछ बैरक बनवाने के लिए इसकी कई इमारतों को नष्ट कर दिया।

वहीं इस किले के बचे हुए अवशेषों में केवल अकबरी गेट, दिल्ली गेट और बंगाली महल आज भी आस्तित्व में है, जो कि मुगलकालीन वास्तुकला का वास्तविक जटिलता और बेहतरीन कारीगरी प्रस्तुत करते हैं।

वहीं इन बेहतरीन संचनाओं को इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूना के रुप में भी जाना जाता है।

मुगलकाल के दौरान बने इस विशाल किले के अंदर करीब चार मुख्य द्धार है, जिसमें में नदी के सामने की तरफ खुलने वाले प्रवेश द्धार को खिज़ड़ी गेट कहा जाता है, उसी तरह दिल्ली की तरफ खुलने वाले दरवाजे को ”दिल्ली दरवाजा” या ‘दिल्ली गेट’ कहा जाता है, साथ ही इसे मुगल सम्राट अकबर की सर्वश्रेष्ठ कृति भी माना जाता है।

वहीं लाहौर की तरफ खुलने वाले दरवाजे को और ‘लाहौरी दरवाजा’ या ‘लाहौरी गेट’ (अमरसिंह द्धार) कहा जाता है। इसके अलावा इसके अंदर एक और गेट है जिसे हाथी पोल कहा जाता है, जिसमें दोनों तरफ विशाल हाथी की प्रतिमा बनी हुई हैं।

आगरा का किला हिन्दू और मुगलकालीन स्थापत्य कला का अद्भुत मिश्रण है, इस किले की दीवारों पर की गई सुंदर नक्काशी इसके ऐतिहासिक महत्व को प्रस्तुत करती है।

इसके साथ ही इस ऐतिहासिक विश्व विरासत आगरा किले के अंदर बने भव्य और शाही कमरों का इस तरह निर्माण किया गया था, ताकि वह गर्मियों में भी ठंडा रहे।

इस किले को अपनी शानदार संरचना और शाही बनावट की वजह से साल 1983 ई. में यूनेस्को के द्धारा विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया था।

आगरा किले के अंदर बनी प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण इमारतें:

दुनिया के सात आश्चचर्यों में से एक ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस ऐतिहासिक आगरा के किले के अंदर कई अनूठी संरचनाएं बनी हुई हैं, जो कि निम्नलिखित हैं –

जहांगीर महल – Jahangir Mahal Agra
आगरा में स्थित इस विश्व धरोहर के परिसर में एक बेहद सुंदर और आर्कषक जहांगीर महल स्थित है। यह महल आगरा किले में अमर सिंह द्धार (अकबर दरवाजा) से घुसते ही पड़ता है। इस महल को मुगल सम्राट अकबर ने अपने बेटे जहांगीर के लिए बनवाया था।

अंगूरी बाग़ – Anguri Bagh
आगरा किले के परिसर में बना अंगूरी बाग भी इस भव्य किले की शोभा बढ़ाता है, यह करीब 85 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

खास महल – Khas Mahal
ताजनगरी आगरा में स्थित म इस विशाल किले के अंदर बना खास महल, अपनी अनूठी संरचना के लिए प्रसिद्ध है। इस बेहद आर्कषक संरचना को सफेद संगमरमर के पत्थरों का इस्तेमाल कर बनाया गया है।

खास महल के निर्माण में हिन्दू, इस्लामी और फारसी शैली का प्रभाव दिखता है। खास महल का इस्तेमाल सम्राटों द्धारा आराम करने के लिए किया जाता था।

मुसम्मन बुर्ज – Musamman Burj
आगरा किले के परिसर में बने इस खास महल के बाईं तरफ मुसम्मन बुर्ज बना हुआ है, यह अष्टकोणीय आकार में बना एक खुला मंडप है। इस बुर्ज को मुगल सम्राट शाहजहां द्धारा बनवाया गया था।

आपको बता दें शाहजहां के जिंदगी के अंतिम पलों में उसके पुत्र औरंगजेब द्धारा उसे इसी बुर्ज में बंदी बना कर रखा गया था, वहीं इस दौरान शाहजहां इस बुर्ज में बैठकर अपनी प्रिय बेगम मुमताज बेगम की याद में बने भव्य मकबरा ताजमहल को देखता रहता था।

शीश महल – Sheesh Mahal Agra
मुगलकालीन वास्तुशैली की इस सर्वश्रेष्ट कृति आगरा किले के अंदर बना शीश महल, इस किले के परिसर में बनी सर्वोत्तम संरचनाओं में से एक है।

शीश महल या ‘कांच का महल’ का इस्तेमाल सम्राटों द्धारा ड्रेसिंग रुप या फिर ‘हरम’ के तौर पर किया जाता था। इस महल के अंदर छोटे-छोटे शीशों से बेहद शानदार सजावट की गई है। यह देखने में बेहद सुंदर और आर्कषक है। यहां आम पर्यटकों के जाने की इजाजत नहीं है।

दीवान- ए-ख़ास – Diwan I Khas Agra
विश्व धरोहर आगरा किले के परिसर में बने शीश महल के दाहिने तरफ दीवान-ए-खास स्थित है। इसका इस्तेमाल सम्राटों द्धारा किसी बड़े अधिकारियों की मीटिंग आदि के लिए किया जाता था।

बेहद कीमती पत्थरों से बनी हुई इस संरचना के अंदर रखा जहांगीर का सिंहासन इसकी प्रमुख विशेषता थी।

दीवान-ए आम – Diwan I Aam Agra Fort
विश्व विरासत में शामिल आगरा किले के परिसर में दीवान-ए-आम का निर्माण आम जनता के लिए किया गया था।

इस खास इमारत में सम्राटों द्धारा आम जनता की फरियाद सुनी जाती थी और उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाता था। दीवान-ए-आम के अंदर एक प्रसिद्ध मयूर सिंहासन या फिर तख्त-ए-हाउस भी स्थापित किया गया था।

नगीना मस्जिद – Nagina Masjid Agra Fort
प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर आगरा किले के परिसर के अंदर नगीना मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने करवाया गया। आपको बता दें कि दरबार की महिलाओं के लिए निजी मस्जिद के रुप में इस मस्जिद का निर्माण करवाया गया था।

मोती मस्जिद – Moti Masjid Agra
मोती मस्जिद, विश्व धरोहर आगरा किले में स्थित एक बेहद आर्कषक और सुंदर संरचना है। यह मस्जिद, मुगल सम्राट शाहजहां की निजी मस्जिद थी, जहां वह जाकर अल्लाह की इबादत करता था। हालांकि, वर्तमान में मोती मस्जिद में पर्यटकों के जाने की मनाही है।

नौबत खाना – Naubat Khana
प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर आगरा किले के अंदर बनी संरचना नौबत खाना के अंदर, सम्राटों के संगीतकार वाद्ययंत्र बजाकर उन्हें मंत्रमुग्ध करते थे।

आगरा किले से जुड़े कुछ रोचक एवं दिलचस्प तथ्य – Agra Fort Facts
विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल मुगलकालीन वास्तुकला की यह अनूठी इमारत आगरा किले का निर्माण मुख्य रुप से सैन्य रक्षा के लिहाज से किया गया था।
भारत के इस विशाल किले के निर्माण काम में करीब 8 साल का लंबा वक्त लगा था, वहीं करीब 4 हजार कारीगरों ने इस भव्य किले का निर्माण किया था।
दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक इस आगरा किले को पहले ”बादलगढ़” के नाम से भी जाना जाता था, ऐसा कहा जाता है कि इस किले निर्माण 1080 ईसवी से पहले किया गया था, जिसमें सबसे पहले चंदेल वंश के राजपूत शासक बादल सिंह का कब्जा था।
इंडो-इस्लामिक वास्तुशैली में बने इस आगरा किले पर समय-समय पर अलग-अलग शासकों ने राज किया है। यह किला मुगल, लोदी, राजपूत, गजनवी आदि के शासन का ग्वाह बन चुका है। इसके साथ ही यह किला देश की आजादी के लिए हुए पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की युद्ध स्थली भी रह चुका है।
आगरा का यह विशाल किला, मुगल सम्राट अकबर को बेहद दयनीय, बदतर और जर्जर हालत में मिला था, जिसके बाद अकबर ने इस किले का निर्माण करवाया और इसको भव्य रुप दिया।
आगरा के किले के निर्माण में लाल बलुआ पत्थरों इस्तेमाल किया गया है। इसलिए इसे ”आगरा का लाल किला” भी कहा जाता है।
ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर बने आगरा के इस विशाल किले के परिसर के अंदर 9 बेहद शानदार और आलिशान महल बने हुए हैं। जिनमें बंगाली महल, अकबरी महल, जहांगीर महल, शाह जहांनी महल, मच्ची भवन, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, खास महल, और शीश महल आदि शामिल हैं।
इस प्रसिद्ध ऐतिहासिक विरासत के अंदर फिल्म मुगल-ए-आजम के कई सीन फिल्माए गए हैं। इसके साथ ही बॉलीवुड का मशहूर गाना ‘प्यार किया तो डरना क्या’ की शूटिंग भी की गयी है।
आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित इस विशाल किले के परिसर में बना शीश महल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की तालेबंदी में रखा गया है। आपको बता दें कि किले के अंदर बनी यह बेहद आर्कषक संरचना शीश महल, सिर्फ बड़े राजनेता और वीवीआईपी के आगमन पर ही खोला जाता है।
आगरा का यह भव्य किला बहुमंजिला इमारत है, लेकिन पर्यटक इस किले की सिर्फ दो ही मंजिल का दीदार कर पाते हैं।
आगरा के इस प्रसिद्ध किले को साल 2004 में इसकी अनूठी वास्तुकला के लिए आगा खान पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। वहीं भारतीय डाक विभाग ने इस कार्यक्रम का जश्न मनाने के लिए एक टिकट भी जारी किया था।

आगरा किले (आगरा फोर्ट) तक कैसे पहुंचे – Agra Fort Location

उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा शहर वायु, सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आगरा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट भारत के सभी प्रमुख शहर जैसे मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, और दिल्ली से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

इसलिए आगरा फोर्ट का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटक फ्लाइट के माध्यम से भी यहां आ सकते हैं। पर्यटक, एयरपोर्ट से आगरा फोर्ट तक टैक्सी, या फिर कैब की सहायता से पहुंचे सकते हैं।

वहीं अगर कोई पर्यटक रेल परिवहन के माध्यम से आगरा आना चाहता है तो यह शहर देश के प्रमुख शहरों से रेल माध्यम से भी बेहतर तरीके से जुड़ा हुआ है।

पर्यटक रेलवे स्टेशन से आगरा फोर्ट तक ऑटो, टैक्सी या फिर कैब सुविधा के माध्यम से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई पर्यटक सड़क मार्ग द्धारा आगरा आना चाहता है तो इस शहर के लिए देश के प्रमुख शहरों के लिए अच्छी बस सुविधा भी उपलब्ध हैं।

वहीं बस स्टेशन से आगरा फोर्ट तक सैलानी ऑटो, टैक्सी या फिर कैब के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

आगरा का किला देखने का समय – Agra Fort Timings
यहां आने वाले पर्यटक आगरा के किले का दीदार हफ्ते में 6 दिन ही कर सकते हैं। शुक्रवार के दिन यह किला पर्यटकों के लिए बंद रहता है।

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