एबीवीपी व डूसू 20 से अधिक पाठ्यक्रमों की ऑनलाइन कक्षाएं करेंगे संचालित

देशभर में फैल रही कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की वजह से दिल्ली के छात्रों को हो रही शैक्षणिक परेशानी को दूर करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) संयुक्त रूप से 20 से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाएंगे। इसमें संबंधित पाठ्यक्रमों के छात्र संलग्न होकर लाभ ले सकते हैं।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने मंगलवार को कहा कि अभाविप के कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन के दौरान विभिन्न प्रकार से छात्रों की मदद की है। लॉकडाउन में फंसे छात्रों के बीच राशन और आवश्यक सामान का वितरण, शीघ्र चिकित्सा सहायता, छात्रों से किराया न लेने की मकान मालिकों से अपील की गई है। छात्रों की मदद के लिए हमारे कुछ उपक्रम शीघ्र ही शुरू होंगे, जिससे छात्रों के समक्ष उत्पन्न शैक्षणिक संकट को दूर किया जा सके। एक जिम्मेदार छात्र संगठन के रूप में लॉकडाउन में छात्र-समुदाय और समाज की सहायता के लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे।
डूसू अध्यक्ष अक्षित दहिया ने कहा, ‘ऑनलाइन क्लासेज ही लॉकडाउन‌ से होने वाले छात्रों से नुकसान को दूर कर सकती हैं। हम उन प्रोफेसरों के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए सहमति व्यक्त की है। हम विश्वविद्यालय के प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि छात्रों के लिए ऐसी ही ऑनलाइन क्लासेज शुरू हों तथा नियमित उनकी समीक्षा हो। हम छात्रों से बड़ी संख्या में ई-लर्निंग संसाधनों से जुड़ने का आग्रह करते हैं।’
दरअसल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र होने के नाते कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन से प्रभावित हुआ है। इस कारण छात्र समुदाय को पढ़ाई के हजारों घंटों के नुकसान, सार्वजनिक पुस्तकालयों तक पहुंच नहीं होने और कार्यात्मक विकल्पों की अनुपस्थिति के मामले में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान के लिए अभाविप दिल्ली और डूसू 80 से अधिक प्रोफेसरों के साथ लगभग बीस से अधिक विभिन्न पाठ्यक्रमों में छात्रों को ऑनलाइन मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
इस योजना में  डीयू, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, आईपी विश्वविद्यालय, आंबेडकर विश्वविद्यालय और अन्य से छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने के लिए खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। इसमें लाइव निर्देशों और अलग-अलग संदेह समाशोधन सत्रों के अलावा, पाठ्यक्रम सामग्री भी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram