कन्नौज: अरजकता का केन्द्र बना छिबरामऊ तहसील, महिला लेखपाल से भी मारपीट, देखे घटना का दिल दहला देने वाले वीडियो

एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नरा दे रहे वहीं भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में ही आम महिला की बात ही क्या महिला कर्मचारी तक सुरक्षित नहीं है। तहसीर परिसर में ही महिला लेखपालों से मारपीट हुई। वहीं योगी सरकार पूरे मामले में लीपापोती करती दिख रही है।

क्या है मामला

शुक्रवार को 11 बजे छिबरामऊ तहसील परिसर में बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र वर्मा की महिला लेखपाल मोनिका मिश्रा से किसी कागज पर रिपोर्ट लगाने को कहा जिस पर महिला लेखपाल द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट लगाने की बात सुन वकील द्वारा अभद्रता की गयी, साथी लेखपाल पिंकी यादव के साथ भी गलत तरीके से बात की गयी, लेखपाल साथियों द्वारा मना करने पर वकीलों द्वारा मीटिंग हॉल मे घुसकर लेखपालों पर कुर्सियां फेक के मारपीट की गयी, बाहर खड़ी लेखपालों की मोटरसाइकिल तोड़ दी गयी और तब से लेखपालों को बाहर नहीं निकलने दिया गया।

कन्नौज के छिबरामऊ में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिपोर्ट लगवाने गए बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र वर्मा की महिला लेखपाल से झड़प ने बड़ा बखेड़ा कर दिया। तहसील परिसर में लेखपालों और वकीलों में मारपीट हो गई। बाइक, स्कूटी और कार में तोड़फोड़ भी की गई। हद तो तब हो गई जब महिला लेखपालों से भी मारपीट की गई। कई थानों की फोर्स और पीएसी ने मोर्चा संभाला तब हालात काबू हो सके।
एडीएम यूसी उपाध्याय ने दोनों पक्षों में सुलह के प्रयास किए। वकील देवेंद्र वर्मा ने सात लेखपाल नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया है।

घायल फरियादी

 

आरोप में संदेह

सूत्रों के अनुसार, बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र वर्मा व प्रशासनिक सदस्य विमलेश राजपूत सवर्ण आरक्षण के लिए ईडब्ल्यूएस (इक्नामिकली वीकर सेक्शन) आय प्रमाणपत्र के लिए शुक्रवार को रिपोर्ट लगवाने रजलामऊ की लेखपाल मोनिका मिश्रा के पास गए थे।
रिपोर्ट न लगाने पर देवेंद्र वर्मा और मोनिका मिश्रा के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान लेखपाल श्वेता कटियार और अखिलेश ने देवेंद्र वर्मा को पीट दिया। यह आरोप ही अपने आप में संदेह पैदा करता है ही एक महिला लेखपाल देवेंद्र वर्मा जो की बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे है कैसे पीट सकती है, इसी लिए एक पुरुष पर भी आरोप लगा दिया। यहीं पर पुलिस की भूमिका में भी संदेह होता है। और आगे, साथी के साथ मारपीट की जानकारी पर कई अधिवक्ता तहसील सभागार पहुंच गए। वहां वकीलों की लेखपालों से भिड़ंत हुई। तहसील सभागार में तोड़फोड़ की। परिसर में खड़ीं बाइक, स्कूटी और कार में तोड़फोड़ की गई, यह कहानी लीपापोती दिखाता है।
प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार राय पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने लेखपालों को तहसील सभागार में बैठाकर वकीलों को बाहर निकाल दिया। गुस्साए वकील लगातार नारेबाजी कर रहे थे। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार से भी वकीलों की तीखी नोकझोंक हुई। तिर्वा एसडीएम महेंद्र सिंह व सीओ सुबोध कुमार जायसवाल भी पहुंच गए। कई थानों की फोर्स बुला ली गई।

क्या कहते है DM. देखे वीडियो..

 

लेखपाल मोनिका मिश्रा ने सुनाई आपबीती

उधर, लेखपाल मोनिका मिश्रा ने बताया कि वकील देवेंद्र वर्मा फार्म पर रिपोर्ट लगवाने आए थे। उन्होंने जांच करने की बात कही तो वह भड़क गए। रुपये मांगने का आरोप लगाने लगे। ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। शासनादेश के अनुसार ही कार्य करने की बात कही गई थी। वकीलों ने उनके व साथियों के साथ मारपीट की है। 

 

 

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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