कितनी सेफ है मास्क पहनकर रनिंग और साइक्लिंग

कोरोना और लॉकडाउन के दौर में फिट रहने के लिए रनिंग और साइक्लिंग कई लोगों की पसंद बनकर सामने आए. इसकी बड़ी वजह जिम और फिटनेस सेंटर का बंद होना भी रहा. हालांकि, इस दौरान कोरोना वायरस की वजह से लोग सामान्य तरीके से रनिंग या साइक्लिंग नहीं कर पाए. पहले लोग प्रदूषण की वजह से मेट्रो सिटीज में मास्क पहने हुए दिखते थे लेकिन अब कोरोना के चलते कई लोग मास्क पहनकर रनिंग करते देखे जा सकते हैं. इसके साथ ही रनर्स के बीच यह भी बहस का मुद्दा बना रहा कि क्या मास्क पहनकर दौड़ना सही है?

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Valved Mask के साथ रनिंग करना चुनौती
रनिंग उन एक्सरसाइज में शुमार है जिनमें आपके शरीर को लगातार ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है. ज्यादा देर तक या तेज दौड़ने पर ऑक्सीजन की जरूरत भी बढ़ती जाती है. मास्क पहनकर रनिंग करने से शरीर में पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है. ऐसे में N-95 जैसे Valved Mask पहनकर दौड़ने से कम समय में ही आपको थकान महसूस होने लगती है. हालांकि, डॉक्टर्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अगर सावधानी दिखाई जाए तो कोरोना से बचने के लिए सामान्य मास्क पहनना काफी है.

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WHO ने दी है मास्क पहनने की सलाह
कोरोना वायरस से बचने के लिए WHO ने सबसे कुछ चीजों को कारगर बताया है. इनमें हाथों की लगातार सफाई, लोगों से आवश्यक दूरी बनाकर रखने के साथ ही मास्क पहनना भी जरूरी बताया गया. बीच-बीच में कोरोना को लेकर ऐसी रिपोर्ट्स भी आईं कि यह वायरस हवा में भी कुछ देर तक रह सकता है. इसलिए मास्क पहनने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

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वुहान में चली गई थी युवक की जान
कोरोना वायरस चीन के वुहान में सबसे पहले नोटिस किया गया था. यहां पर कोरोना की रोकथाम करने के बाद जब लॉकडाउन हटाया गया तो एक युवक Zhang Ping मास्क पहनकर रनिंग करने निकला. रास्ते में उसे सांस लेने में परेशानी हुई और उसे अस्पताल पहुंचाया गया. वहां जाकर पता चला कि उसका एक फेफड़ा पंक्चर (Pneumothorax) हो गया था. यानी उसमें हवा नहीं रुक रही थी. इस युवक की उम्र महज 26 साल थी. उसे बचाया नहीं जा सका. मास्क पहनने के अलावा डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में जो एक बात लिखी वह यह थी कि Zhang काफी लंबा और पतला युवक था. उसने बाकी दिनों के मुकाबले उस दिन ज्यादा रनिंग की थी.

 

 

 

 

 

रनिंग के दौरान नाक या मुंह, कहां से लें सांस?
रनर्स के मन में अक्सर एक सवाल रहता है कि सांस मुंह से लेनी चाहिए या नाक से. अगर आप लंबी दूरी के रनर हैं तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप नाक से सांस छोड़ें. इसकी वजह है कि मुंह से सांस छोड़ने पर ज्यादा ड्रॉपलेट्स निकलते हैं. अगर आप मास्क पहनकर रनिंग कर रहे हैं और मुंह से सांस छोड़ते हैं तो वह जल्दी गीला हो सकता है. गीले मास्क से सांस लेना और भारी हो जाएगा. लंबी दूरी की रनिंग में आप डिहाइड्रेट भी ज्यादा होते हैं और ज्यादा ड्रॉपलेट निकलने से डिहाइड्रेशन रेट बढ़ भी सकता है. वहीं, हमारी नाक सांस लेने के लिए बनी होती है. हमारी नाक की बनावट ऐसी होती है कि यह एलर्जी वाले वायरस और धूल को फेफड़ों में जाने से रोकती है. सो, नाक से सांस लेनी है तो आपको रनिंग की स्पीड भी कम ही रखनी होगी.

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लो परफॉर्मेंस के लिए रहें तैयार
अक्सर देखा गया है कि रनर्स का फोकस रनिंग एवरेज बेहतर करने पर रहता है. जिस दिन ऐसा नहीं हो पाता, उनका वह दिन तो खराब जाता ही है, अगले दिन भी वह जरूरी एनर्जी के साथ मैदान में नहीं उतर पाते हैं. इसलिए यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि रनिंग एवरेज से ज्यादा जरूरी है रनिंग करना. साथ ही, अगर आप मास्क पहनकर रनिंग कर रहे हैं तो कई वजह हैं कि आपकी परफॉर्मेंस कमतर रहेगी. ऐसे में मानसिक रूप से लो परफॉर्मेंस के लिए तैयार रहें और इसका असर अगली रनिंग पर न पड़ने दें.

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क्या होती है Intermittent Hypoxic Training?
कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज करने के दौरान आपने कई लोगों को वॉल्व वाले मास्क पहने देखा होगा. इसे Intermittent Hypoxic Training (IHT) कहते हैं जो चलन में है. विराट कोहली का भी जिम में मास्क बांधकर रनिंग करते हुए फोटो वायरल हुआ था. असल में मेहनत के दौरान हमारा एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ जाता है और इसके लिए शरीर को ऑक्सीजन की जरूरत भी बढ़ जाती है. IHT में न केवल शरीर को कम ऑक्सीजन में मेहनत करने की आदत में ढाला जाता है, बल्कि इस दौरान शरीर में रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है. इसके अभ्यास से शरीर को जल्दी थकान महसूस नहीं होती और खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बेहतर होती है. हालांकि, यह ट्रेनिंग कोच और एक्सपर्ट की देखरेख और मैपिंग मशीनों के साथ ही की जाती है.

कौन सा मास्क और क्या सावधानियां जरूरी?
संभव हो तो आप ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं. अगर आप लंबे समय से दौड़ रहे हैं और ब्रीदिंग पर कंट्रोल कर चुके हैं तो आप कपड़े के डबल लेयर्ड मास्क या सर्जिकल मास्क के साथ रनिंग कर सकते हैं. N-95 जैसे वॉल्व वाले मास्क में ब्रीदिंग तेज होने पर आपको सांस लेने और छोड़ने दोनों में परेशानी महसूस हो सकती है. इसके अलावा, आप रनिंग के लिए समय और जगह ऐसी चुनें जब कम से कम लोग वहां मौजूद हों. यह जल्दी सुबह या देर शाम का समय हो सकता है. दुनिया भर में लोग घर के पास, लॉन में, अपार्टमेंट के बेसमेंट में रनिंग कर रहे हैं, जहां वे लोगों के संपर्क से दूर रह सकें.

डॉक्टर से जानें, ऑक्सीजन लेवल कैसे पहचानें 
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट  में सीनियर कंसल्टेंट और पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर अनिमेष आर्य कहते हैं, ‘अभी के दौर में घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाना जरूरी है. सेहत को ध्यान में रखते हुए व्यायाम भी जरूरी हैं. लेकिन कोई भी व्यायाम या जॉगिंग करते वक्त हमारे फेफड़े तेज काम करते हैं जिसके चलते उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन चाहिए होती है. लेकिन मास्क लगाने से उसी ऑक्सीजन का रास्ता रुक जाता है. तेज सांसों के चलते फेफड़े ऑक्सीजन मांग रहे होते हैं और वह उन्हें मिलती नहीं. इससे बेहोशी आना, सांस अटकना या फिर चक्कर आ सकते हैं. कोशिश करें कि फिटनेस रूटीन ज्यादा से ज्यादा घर में ही बिना मास्क के फॉलो किया जाए. व्यायाम के समय उचित ऑक्सीजन मिलना भी बेहद जरूरी प्रक्रिया है.

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इसके अलावा एक और चीज का ध्यान रखें. अगर आपको पहले से सांस संबंधी हेल्थ इश्यू या फिर दिल की बीमारी है तो आपको मास्क पहनकर रनिंग या दूसरी हेवी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए. साथ ही अगर आप मास्क पहनकर रनिंग कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आपको सांस लेने में ज्यादा परेशानी न हो और थकान महसूस होने पर अपनी स्पीड कम कर लें या कुछ देर के लिए रुक जाएं.

 

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