क्या मार्शल आर्ट के फाइटर्स से भिड़े थे भारतीय जवान? चीन ने बॉर्डर पर की थी तैनाती

  • झड़प के बाद से भारत-चीन के बीच तनाव
  • चीन ने तैनात किए थे मार्शल आर्ट फाइटर्स

लद्दाख में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है. इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे. इस बीच खुलासा हुआ है कि भारत के साथ हिंसक झड़प से पहले चीन ने सीमा पर पर्वतारोहियों और मार्शल आर्ट के फाइटर्स की तैनाती की थी.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार चीन ने झड़प के पहले ही चीनी सेना के साथ भारतीय सीमा पर पर्वतारोहियों और मार्शल आर्ट फाइटर्स को तैनात किया था. इसके बाद ही भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प देखने को मिली थी. जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

आधिकारिक सैन्य अखबार चाइना नेशनल डिफेंस न्यूज के मुताबिक 15 जून को तिब्बत की राजधानी ल्हासा में चीनी सेना ने पांच नए मिलिशिया डिवीजन तैनात किए थे. इसमें चीन के माउंट एवरेस्ट ओलंपिक टॉर्च रिले टीम के पूर्व सदस्यों के साथ ही मार्शल आर्ट क्लब के फाइटर्स भी शामिल थे.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

माउंट एवरेस्ट ओलंपिक टॉर्च रिले टीम के सदस्यों को पहाड़ों पर चढ़ाई करने की जानकारी होती है. इस टीम के सदस्य पहाड़ों पर आसानी से और तेजी से चढ़ाई कर सकते हैं. इसके अलावा मार्शल आर्ट फाइटर्स बिना हथियारों के लड़ाई करने में माहिर होते हैं.

भारत-चीन के जवानों में हिंसक झड़प

बता दें कि 15 जून की की रात को गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसमें भारतीय सेना के कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए थे. हिंसक झड़प में चीन के भी कई जवान मारे गए थे. हालांकि चीन ने अपने जवानों के मारे जाने का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है.

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram