क्या है नरक चतुर्दशी? इस दिन क्यों कृष्ण-यमराज की होती है पूजा

दीपावली के एक दिन का पहले का दिन सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का होता है. इस दिन आयु के देवता यमराज की उपासना की जाती है और सौन्दर्य प्राप्ति का प्रयोग किया जाता है. इस दिन भगवान कृष्ण की उपासना भी की जाती है क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था. कहीं कहीं पर ये भी माना जाता है की आज के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था. जीवन में आयु या स्वास्थ्य की अगर समस्या हो तो इस दिन के प्रयोगों से दूर हो जाती है. इस बार नरक निवारण चतुर्दशी 26 अक्टूबर को मनाई जाएगी.

पं. वेणीमाधव गोस्वामी के अनुसार, जानें क्या है नरक चतुर्दशी के दिन ग्रह-नक्षत्र और राहुकाल का समय-

मास शिवरात्रि व्रत। श्री हनुमान जयंती। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। हेमंत ऋतु। प्रात: 9 बजे से 10.30 बजे तक राहु कालम्।

26 अक्टूबर, शनिवार-

4 कार्तिक (सौर) शक 1941, 11 कार्तिक मास प्रविष्टे 2076, 26 सफर सन् हिजरी 1441, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी सायं 3.47 बजे तक उपरांत चतुर्दशी, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र प्रात: 8.27 बजे तक तदनंतर हस्त नक्षत्र रात्रि 5.49 बजे तक तदनंतर चित्रा नक्षत्र, इंद्र योग प्रात: 6.03 बजे तक पश्चात वैधृति योग, रात्रि 2.05 बजे तक उपरांत विष्कुंभ योग, वणिज करण, चंद्रमा कन्या राशि में (दिन-रात)।

इस दिन का सम्बन्ध स्नान और सौंदर्य से किस प्रकार है?

– इस दिन प्रातःकाल या सायंकाल चन्द्रमा की रौशनी में जल से स्नान करना चाहिए

– इस दिन विशेष चीज़ का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए

– जल गर्म न हो ताजा या शीतल जल होना चाहिए

– ऐसा करने से न केवल अद्भुत सौन्दर्य और रूप की प्राप्ति होती है

– बल्कि स्वास्थ्य की तमाम समस्याएँ भी दूर होती हैं

– इस दिन स्नान करने के बाद दीपदान भी अवश्य करना चाहिए

नरक चतुर्दशी पर दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

– नरक चतुर्दशी पर मुख्य दीपक लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जलता है

– इसको यमदेवता के लिए दीपदान कहते हैं

– घर के मुख्य द्वार के बाएं ओर अनाज की ढेरी रखें

– इस पर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं

– दीपक का मुख दक्षिण दिशा ओर होना चाहिए

– अब वहां पुष्प और जल चढ़ाकर लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें

नरक चतुर्दशी पर कर्ज मुक्ति के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

– रात्रि में हनुमान जी के सामने घी का एकमुखी दीपक जलाएं

– इसके बाद हनुमान जी को उतने लड्डू का भोग लगायें जितनी आपकी उम्र है

– फिर हनुमान जी के समक्ष बैठकर 9 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें

– अगले दिन सुबह सारा प्रसाद बच्चों में बाँट दें , या गाय को खिला दें

नरक चतुर्दशी पर हर प्रकार के बाधा नाश के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

– शाम के समय भगवान कृष्ण के समक्ष घी का एक चौमुखी दीपक जलाएं

– इसके बाद उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं

– “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” का कम से कम 3 माला जाप करें

– इसके बाद जिस भी तरह की बाधा जीवन में आ रही हो , उसके नाश की प्रार्थना करें

– तीन बार शंख बजाएं और पंचामृत ग्रहण करें

नरक चतुर्दशी पर क्या सावधानियां रखें?

– मुख्य द्वार पर एक ही बड़ा सा सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं

– इस दिन के पहले ही घर की साफ सफाई कर लें

– अगर ज्यादा पूजा उपासना नहीं कर सकते तो कम से कम हनुमान चालीसा जरूर पढ़ें

– जो भी भोजन बनाएं. उसमें प्याज लहसुन का प्रयोग न करें

नरक चतुर्दशी पर करें कर्ज मुक्ति के उपाय

– नरक चतुर्दशी पर रात्रि को एक विशेष प्रयोग करें

– हनुमान जी के सामने एक शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाएं

– इसके बाद “ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हूँ फट” का यथाशक्ति जप करें

– जप के बाद हनुमान जी से कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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