गुरु गोबिंद सिंह की 5 खास चीजें, आज भी इस गुरुद्वारे में हैं मौजूद

आज गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती है. सिख धर्म के लोग गुरु गोबिंद सिंह जयंती को बहुत धूम-धाम से मनाते हैं. इस दिन घरों और गुरुद्वारों में कीर्तन होता है. खालसा पंत की झांकियां निकाली जाती हैं. इस दिन खासतौर पर लंगर का आयोजन किया जाता है.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के 10वें गुरु थे. उनका जन्म पटना साहिब में हुआ था. साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है. गुरु गोबिंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. गुरु गोबिंद सिंह का उदाहरण और शिक्षाएं आज भी लोगों को प्रेरित करता है.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

गुरु गोविंद सिंह ने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें पंच ककार कहा जाता है. सिखों में इन पांच चीजों का अनिवार्य माना जाता है. ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा.

पटना साहिब में उमड़ती है भीड़

बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा में संगतों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस गुरुद्वारें में वो सभी चीजें मौजूद हैं जो जिसका इस्तेमाल गुरु गोविंद सिंह जी करते थे. यहां गुरु गोविंद की छोटी कृपाण भी मौजूद है जिसे वो हमेशा अपने पास रखते थे. इसके अलावा यहां गुरु गोंविद जी की खड़ाऊ और कंघा भी रखा हुआ है. यहां वो कुआं भी अब तक मौजूद है जिसका इस्तेमाल गुरु गोविंद सिंह जी की मां पानी भरने के लिए करती थीं.
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।
इन्होंने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें ‘पंच ककार’ के नाम से जाना जाता है।  आज सिखों के 10वें गुरु, गुुरु गोबिंद सिंह की जयंती के मौके पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पटना और देशभर में अन्य जगहों पर हजारों सिख श्रद्धालु मत्था टेकने और प्रार्थना करने के लिए गुरुद्वारों में जाते हैं। गुरु गोविंद सिंह के संदेश के अनुसार ही खालसा सिखों में पांच चीजों को अनिवार्य माना जाता है। ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा।
यहां पढ़ें उनके ये प्रेरणादायक विचार: 
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

बचन करकै पालना: अगर आपने किसी को वचन दिया है तो उसे हर कीमत में निभाना होगा।

किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना : किसी की चुगली व निंदा करने से हमें हमेशा बचना चाहिए और किसी से ईर्ष्या करने के बजाय परिश्रम करने में फायदा है।

 कम करन विच दरीदार नहीं करना : काम में खूब मेहनत करें और काम को लेकर कोताही न बरतें।

गुरुबानी कंठ करनी : गुरुबानी को कंठस्थ कर लें।

दसवंड देना : अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दे दें।

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram