गोवा राज्य का इतिहास और जानकारी – Goa History Information

गोवा का नाम आते ही दिल को छु जाने वाला समुद्र तट और आसमान को छुते हुए नारियल के पेड़ हमारे आँखों के सामने आ जाता हैं। गोवा भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। पर्यटकों की यह पसंदीदा जगह है और दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं।

राज्य में भारतीय और पुर्तगाली संस्कृति का अद्भुत मिश्रण दिखाई देता है और यहाँ की वास्तुकला यात्रियों को आकर्षित करती है। विविध संस्कृति और समुदाय के लोग यहाँ घुमने के लिए आते है।

गोवा राज्य का इतिहास और जानकारी – Goa History Information

1510 में पुर्तगालियो ने स्थानिक मित्र, तिमय्या की सहायता से सत्तारुढ़ बीजापुर के सुल्तान यूसुफ़ आदिल शाह को पराजित किया। इसके बाद प्राचीन गोवा में उन्होंने स्थायी राज्य की नीव रखी। गोवा में यह पुर्तगाली शासन की शुरुवात थी और यह 1961 के राज्य-हरण तक तक़रीबन 4.5 शताब्दी तक चला।

1843 में पुर्तगाली प्राचीन गोवा से निकलकर पणजी चले गये। 18 वी शताब्दि के बीच में पुर्तगाली गोवा वर्तमान राज्य की सीमा तक विकसित हो चूका था। साथ ही भारत में जबतक उनकी सीमा स्थिर होती तबतक वे भारत के दुसरे स्थानों से अपने अधिकारों को खो चुके थे और पुर्तगाली भारतीय राज्य की स्थापना की गयी, जिसमे से गोवा विशालतम प्रान्त था।

1947 को भारत जब ब्रिटिशो की गुलामी से आज़ाद हुआ तो भारत ने पुर्तगाली प्रांतो से भारतीय उपमहाद्वीप को भारत को सौपने की मांग की। पुर्तगाल ने भी अपने भारतीय परिक्षेत्रो की संप्रभुता पर बातचीत करने से इंकार कर दिया। 19 दिसंबर 1961 को विजय के नेतृत्व में भारतीय सेना ने आक्रमण किया गोवा और दमन एवं द्वीप को भारतीय संघ में शामिल कर दिया।

दमन एवं द्वीप के साथ गोवा को भारतीय संघ के केंद्रशासित प्रदेश में शामिल कर लिया गया। 30 मई 1987 को केंद्र शासित प्रदेश को विभाजित कर दिया और गोवा को भारत का 25 वा राज्य बनाया गया। जबकि दमन एवं द्वीप आप भी भारत के केंद्रशासित प्रदेश में शामिल है।

गोवा राज्य की भाषा – Language of Goa state

गोवा बहुभाषी राज्य है भारत और विदेशों में गोवा में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों, जातीय जातियों और धर्मों के लोग होने के नाते, उनकी भाषा भी तदनुसार प्रभावित हुई। इसलिए, गोवा में इस्तेमाल की जाने वाली भाषाओं की कुल संख्या अंग्रेजी, मराठी, पुर्तगाली, हिंदी और कोंकणी है। कोंकणी, हालांकि, गोवा की आधिकारिक भाषा है कोंकणी देवनागरी लिपि में लिखी गई है राज्य में बोली जाने वाली अन्य प्रमुख भाषाएं मराठी, कन्नड़ और उर्दू हैं। गुजराती और हिंदी भी राज्य में काफी संख्या में बोलते हैं। स्कूलों में मराठी भी व्यापक रूप से पढ़ाया जाता है।

गोवा राज्य की संस्कृति – Culture of Goa State

गोवा की संस्कृति विशेषतः हिन्दू और कैथोलिक जनसँख्या में विभाजित है। लोग दोनों ही संस्कृतियों का सम्मान करते है। हवाई और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ होने के कारण, यहाँ पडोसी राज्य के लोग भी आते है। भारत के दुसरे राज्यों से आए हुए नये लोग भी यहाँ रहने लगे है।

गोवा के कैथोलिक धर्म के लोग हिन्दू संस्कृति का सम्मान करते है और साथ ही हिन्दू रीती-रिवाजो को भी अपनाते है। दोनों ही धर्म के लोगो के बीच का प्यार यहाँ देखा जा सकता है। राज्य में बहुत सी जगहों पर हिन्दू धर्म के मंदिर भी बने हुए है, जहाँ हिन्दू धर्म के देवताओ की मूर्तियाँ भी स्थापित की गयी है।

गोवा राज्य का विशेष खाद्य – Goa State’s special food

चावल और फिश करी गोवा का मुख्य आहार है। गोवा के व्यंजन विविध प्रकार की मछलियों और मसालेदार स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। गोवा के खाद्य पदार्थो में काली मिर्च, मसाले और विनेगर के सात-साथ ज्यादातर नारियल और नारियल के तेल का उपयोग किया जाता है।

गोवा शराब की संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है।

गोवा में त्यौहार – Festival in Goa

गोवा में मेले और त्यौहार वास्तव में शहर के रहने वालों के साथ-साथ मनोरंजक समुद्र तट शहर के आगंतुकों के लिए एक ताज़ा अनुभव है। गोवा में विभिन्न त्योहारों और घटनाओं को सभी धूमधाम और शो के साथ मनाया जाता है।

सबसे लोकप्रिय मेले और त्योहारों की लंबी सूची में मानसून महोत्सव गोवा, गोवा में क्रिसमस और नए साल का समारोह और तीन राजा पर्व के महोत्सव शामिल हैं। गोवा क्रिसमस समारोह और नए साल की समारोह दुनिया के प्रसिद्ध हैं और दुनिया भर के लोग आते हैं और इन यादगार क्षणों का आनंद उठाते हैं। सबसे अधिक प्रतीक्षित गोवा कार्निवल फेस्टिवल होता हैं।

गोवा विश्व प्रसिद्ध कार्यक्रमों का कार्निवल भी है। रंग-बिरंगी मास्क और नाव, ड्रम और प्रतिवर्ती संगीत और नृत्य प्रदर्शनों के साथ यहाँ बहुत से कार्यक्रमों का आयोजन वैश्विक स्तर पर किया जाता है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति गोवा को कुछ ऐसा ही अलग, लेकिन अदभुत स्वरूप प्रदान करती है।

यह स्थान शांतिप्रिय पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को बहुत भाता है। गोवा एक छोटा-सा राज्य है। यहां छोटे-बड़े लगभग 40 समुद्री तट है। इनमें से कुछ समुद्र तट अंर्तराष्ट्रीय स्तर के हैं। इसी कारण गोवा की विश्व पर्यटन मानचित्र के पटल पर अपनी एक अलग पहचान है।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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