जनता कर्फ्यू के दौरान शाहीन बाग में धरनास्थल पर फेंका कैमिकल-पेट्रोल बम

‘जनता कर्फ्यू’ के बीच भी शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में प्रदर्शन जारी है. इस बीच धरना स्थल से थोड़ी ही दूर पर पुलिस बैरिकेड्स के पास अज्ञात लोगों ने कैमिकल जैसी कोई चीज फेंकी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि असमाजिक तत्वों ने धरना स्थल के पास पेट्रोल बम फेंककर आग लगाने की कोशिश की है. हालांकि उनकी कोशिश नाकाम हो गई और सबकुछ समय रहते कंट्रोल कर लिया गया.

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वहीं पुलिस का कहना है कि कोई गली से आया था और वह बैरिकेड्स के पास कैमिकल जैसी कोई चीज फेंककर भाग गया. डीसीपी साउथ ईस्ट ने बताया कि वो मामले की जांच कर रहे हैं.

डीसीपी साउथ ईस्ट ने बताया कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कहा है, ‘एक बाइक सवार केमिकल फेंक कर भागा है, हम सीसीटीवी देख रहे हैं आसपास के लोगों के बयान को वेरीफाई कर रहे हैं.’ पुलिस के मुताबिक दो जगहों पर यह हमला हुआ है. एक शाहीनबाग प्रोटेस्ट साइट पर, दूसरा जामिया गेट नंबर सात पर.

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इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इंडिया इस्लामिक सेंटर में शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर बैठक की थी. यहां दिल्ली पुलिस ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए लोगों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील की. इस बैठक में डीसीपी साउथ ईस्ट समेत दिल्ली पुलिस के कई सीनियर ऑफिसर भी मौजूद थे.

वहीं प्रदर्शनकारियों की तरफ से इंडिया इस्लामिक सेंटर के प्रेसिडेंट सिराजुद्दीन, सेक्रेटरी बदरुद्दीन और शाहीनबाग में प्रदर्शन करने वाले 7 प्रदर्शनकारियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनाकारियों से अपील की थी कि पूरे देश में कोरोना वायरस फैल रहा है, इसलिए वो प्रदर्शन बंद कर दें. कम से कम जनता कर्फ्यू वाले दिन प्रदर्शन नहीं करें. इंडिया इस्लामिक सेंटर के सदस्यों ने भी पुलिस का समर्थन किया.

जिसपर बैठक में मौजूद शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वो मौके पर जाएंगे और वहां मौजूद लोगों के सामने अपनी बात रखेंगे. उसके बाद ही शाहीनबाग प्रदर्शन को लेकर फैसला लेंगे. हालांकि इस बीच मौजूद लोग दो गुटों में बंटे नजर आए थे.

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फिलहाल शाहीनबाग में प्रोटेस्ट तो चल रहा है, लेकिन वहां सिर्फ पांच लोगों को ही धरने पर बैठने की इजाजत मिली है. इसमें दादी और नानियां शामिल हैं. सभी के जूते-चप्पल अलग रखे गए हैं. महिलाओं से हमजत सूट पहनने को कहा गया है. हमजत सूट में बॉडी पूरी तरह ढकी रहती है.

एंट्री और एग्जिट गेट सामान्य प्रदर्शनकारियों के लिए बंद कर दिया गया है. एंट्री गेट पर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर जांच की जा रही है. शरीर का तापमान सामान्य होने पर ही अंदर जाने की इजाजत दी जा रही है.

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