जम्मू-कश्मीर के बहादुर बच्चों ने कहा- घाटी में हालात सामान्य

नई दिल्ली। भारतीय बाल कल्याण परिषद् द्वारा घोषित राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कारों में दो बच्चे जम्मू और कश्मीर के भी शामिल हैं। 16 वर्षीय सरताज मोहीदीन मुगल और मुदासिर अशरफ को वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है।
मंगलवार को दोनों ने बताया कि अब घाटी में हालात सामान्य हैं और इंटरनेट और फोन सेवाएं भी सुचारू रूप से बहाल कर दिए गए हैं। हालांकि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सवाल पर दोनों ने चुप्पी साध ली। कश्मीर के दोनों बच्चों ने बताया कि इस बार घाटी में बहुत अच्छी बर्फ पड़ी है जिससे कश्मीर की खूबसूरती चार गुणा बढ़ गई है। इसलिए लोगों को बड़ी संख्या में वहां जाना चाहिए।
मुदासिर अशरफ ने बड़गाम में दुर्घटनाग्रस्त एमआई-17 हेलीकॉप्टर के चपेट में आए किफायत हुसैन को बचाने की कोशिश की व बचाव दल के साथ चालकदल के सदस्यों की लाशों को निकाला।
मुदासिर बताते हैं कि जब यह हादसा हुआ तब उन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना उसके चपेट में आए गांव वालों को बचाने की कोशिश की। हालांकि वह उसे नहीं बचा पाया लेकिन हेलीकॉप्टर के चालक दल को खोजने में बचाव दल की मदद की।
मुदासिर कहते हैं कि कश्मीर में पर्यटन के क्षेत्र में बहुत संभावनाए हैं, इसलिए लोगों को वहां घाटी की खूबसूरती को देखने पहुंचना चाहिए।
सरताज बताते हैं कि उनका गांव पाकिस्तान के करीब है, अक्सर उन्हें गोला बारूद की आवाजों से दो चार होना पड़ता है। खतरा होते हुए भी वह देश के सभी लोगों को कश्मीर आने के बारे में कहते हैं। सरताज कहते हैं कि कश्मीर में अब हालात सामान्य हो चुके हैं, इसलिए पर्यटकों बर्फ की चादर से लिपटी हुई घाटी को देखने आना चाहिए।

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