जींस में बदलाव कर ऐसे बच्चे पैदा करवा रहा था जिन्हें कभी एड्स नहीं होता, अब सज़ा हो गई

चीन के एक कोर्ट ने 30 दिसंबर के दिन एक मेडिकल रिसर्चर को तीन साल की सजा सुनाई. साथ ही 3 मिलियन युआन यानी करीब 3 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया.

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रिसर्चर का नाम डॉक्टर ही ज़ियान्कुई है. कोर्ट ने डॉक्टर को ‘जेनेटिकली एडिटेड’ बच्चे पैदा करवाने की वजह से ये सजा सुनाई. डॉक्टर के साथ उनके दो साथियों को भी सजा सुनाई गई है.

क्या है पूरा मामला?

साल 2018 में ही ज़ियान्कुई ने भयंकर सुर्खियां बटोरी थीं. दावा किया था कि उन्होंने जीन एडिटिंग तकनीक CRISPR का इस्तेमाल करते हुए ‘जेनेटिकली एडिटेड’ बच्चे पैदा करवाए हैं.

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मामला कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने पाया कि प्रोजेक्ट में शामिल ही ज़ियान्कुई और उनके दो साथी डॉक्टर्स के तौर पर इस तरह के काम करने के लिए क्वालिफाइड नहीं हैं. ये भी पाया कि ज़ियान्कुई और उनके साथियों ने देश के नियमों और नैतिकता का उल्लंघन किया है. अदालत के मुताबिक, तीनों डॉक्टरों ने ये काम ‘अपनी प्रसिद्धि और फायदे के लिए’ किया था और ऐसा करके तीनों ने मेडिकल के नियमों को भी तोड़ा है.

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पिछले साल ज़ियान्कुई ने दावा किया था कि उन्होंने भ्रूण के जीन्स में बदलाव किए, जिससे जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ. इस तरह के बदलाव करने के पीछे कारण बताया था कि जिस कपल के ये बच्चे हैं, उनमें से एक को HIV था. बच्चों को इस वायरस से बचाने के लिए भ्रूण के जीन्स में बदलाव किए गए थे. ये दावा किया था कि इन बच्चों को कभी HIV इन्फ्केशन नहीं होगा.

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ही ज़ियान्कुई के ऐलान के बाद मेडिकल कम्युनिटी में उनकी जमकर आलोचना हुई. उन पर नैतिकता का उल्लंघन करने का आरोप लगा. ये बात भी सामने आई कि ज़ियान्कुई ने CRISPR तकनीक का इस्तेमाल करते हुए केवल दो जुड़वा बच्चियों का जन्म नहीं करवाया, बल्कि एक तीसरे बच्चे के साथ भी ऐसा किया था. कोर्ट के आदेश में तीसरे बच्चे वाली रिपोर्ट कन्फर्म हुई है.

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