भारत में क्या है फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

राजस्थान में ऑडियो टेप वायरल होने का मामला खूब चर्चा में है. ये टेप विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है. इसे देखते हुए गहलोत सरकार ने केस दर्ज कराया था.

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

जानते हैं कि भारत में फोन टैपिंग के क्या नियम हैं, किस व्यक्त‍ि का फोन किस आधार पर टैप हो सकता है, इसके लिए किससे इजाजत लेनी होती है. एक्सपर्ट से जानिए.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

सर्वि‍लांस पर गहरी पकड़ रखने वाले नोएडा के DSP (ACP) STF विनोद सिंह सिरोही बताते हैं कि फोन टैपिंग के लिए पुलिस प्रशासन को गृह मंत्रालय से इजाजत लेनी पड़ती है. किसी की भी फोन टैपिंग इतना आसान नहीं है, इसके लिए कई प्रावधान हैं.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

उनका कहना है कि आंतरिक सुरक्षा या देश की सुरक्षा के मामलों में जब कानून व्यवस्था के लिए अन्य उपाय प्रभावी नहीं होते तब ही सबसे बाद में फोन टैपिंग का विकल्प लिया जाता है. इससे पहले ट्रेसिंग के सभी तरीकों को अपनाया जाता है. फिर फोन टैपिंग सबसे बाद में आख‍िरी विकल्प होता है.

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

पुलिस कार्यवाही के दौरान जब आंतरिक सुरक्षा के मामलों में तत्काल किसी को सर्विलांस में लेकर उसके फोन टैपिंग की जरूरत होती है तो प्रत्याशा के अंतर्गत सात दिनों की परमिशन मिल सकती है. ये परमिशन आईजी स्तर के अध‍िकारी से मिलती है लेकिन इस दौरान ही शासन से भी परमिशन लेना अनिवार्य होता है.

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

देश के मामले में ये इजाजत गृह मंत्रालय और प्रदेश के मामले में भी सरकार ने स्टेट को पॉवर दे रखी है. यहां भी गृह सचिव राज्य स्तर के अपराध या आंतरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामलों में फोन टैपिंग की परमिशन देने का पॉवर रखता है.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

बता दें कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को भारतीय टेलीग्राफिक अधिनियम, 1885 की धारा 5 (2) के तहत लोगों के फोन टैप करने का अधिकार है. फोन टैप उसी शर्त पर होते हैं जब जांच की आवश्यकता होती है. ऐसे में न्यायिक प्रक्र‍िया के प्राधिकरण या एजेंसी उस व्यक्ति की बातचीत रिकॉर्ड करती है जो संदेह के दायरे में है. नियम के अनुसार राजनीतिक नेताओं की टेलीफोनिक बातचीत को आधिकारिक तौर पर टैप नहीं किया जा सकता है.

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

पिछले एक दशक में फोन टैपिंग कई ऐसे मामले आ चुके हैं जो पूरी तरह राजनीतिक एजेंडा बन गया. विरोधी पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए. यह आरोप लगाया गया कि सत्ताधारी पार्टी के आदेश पर सरकार द्वारा फोन टैप किए गए थे. इन मामलों को देखते हुए पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज [PUCL] ने सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करके इलेक्ट्रॉनिक टैपिंग और इंटरसेप्शन के प्वाइंट पर कानून को स्पष्ट करने का अनुरोध किया.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

क्या हैं भारत में फोन टैपिंग के नियम, किसकी इजाजत से टेप हो सकता है फोन?

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फोन टैपिंग को अभ‍िव्य‍क्त‍ि की स्वतंत्रता और निजता के अध‍िकार का हनन माना, लेकिन इस कानून को पूरी तरह खत्म करने के बजाय इसमें संशोधन के लिए हाई पावर कमेटी बना दी थी. जिसके बाद केंद्र सरकार ने भारतीय टेलीग्राफिक कानून, 1951 में कुछ संशोधन करते हुए इसमें नियम 491-ए भी शामिल किया. लेकिन, इस संशोधन से भी स्थिति में बहुत बदलाव नहीं आया. अब एक बार फिर राजस्थान का मामला सामने है.

 

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram