महाराष्ट्र : लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है जव्हार

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से करीब 140 किमी दूर स्थित जव्हार एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, जो पालघर जिले के अंतर्गत आता है। यह स्थल कभी जव्हार रियासत की राजधानी हुआ करता था। पश्चिमी घाट के मध्य स्थित यह पर्यटन स्थल प्राकृतिक और ऐतिहासिक रूप से काफी ज्यादा महत्व रखता है। यह राज्य के कुछ शेष जनजातीय क्षेत्रों में से एक जो अपनी वर्ली चित्रकला के लिए जाना जाता है। 1918 में स्थापित जव्हार राज्य के सबसे पुरानी नगरपालिका परिषदों में से एक है।
इस क्षेत्र का इतिहास बताता है कि इसकी स्थापना राजा जायबा मुकणे ने 1343 में की थी। औपनिवेशिक काल के दौरान यह बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा था। पर्यटन के लिहाज यह एक शानदार स्थल है, जहां आप कई खूबसूरत प्राचीन और प्राकृतिक आकर्षणों को देख सकते हैं। सूर्योदय प्वाइंट जव्हार स्थल की यात्रा कई मायनों में की जा सकती है, यहां देखने योग्य बहुत से स्थल मौजूद हैं। आप यहां सैलानियों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले सनसेट प्वाइंट पर आ सकते हैं। आप यहां ढलते सूरज के साथ आसपास के शानदार प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यह प्वाइंट यहां के अनिवार्य स्थलों में गिना जाता है, जहां सैलानी ज्यादा आना पसंद करते हैं। शाम के दौरान यहां का माहौल काफी शांत हो जाता है, इस दौरान आप यहां सुकून भरा समय बिता सकते हैं। भिन्न दिशाओं के आती ठंडी हवाएं इस सनसेट व्वाइंट को और भी खास बना देती हैं। सनसेट प्वाइंट के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध जय विलास महल की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह महल यहां के लोकप्रिय ऐतिहासिक आकर्षण में गिना जाता है, जिसे देखना सैलानियों को बहुत ही ज्यादा पसंद है। इस किले का निर्माण राजा यशवंत राव मुकणे ने नव क्लासिकल शैली में करवाया था। यह महल राजा मुकणे का शाही निवास था, जिसे राज बरी के नाम से भी संबोधित किया जाता है। पहाड़ी पर बने इस किले के निर्माण में भारतीय और पश्चिमी वास्तुकला का मिश्रण साफ देखा जा सकता है। महल का आंतरिक भाग जनजातीय राजा मुकणे की जीवनशैली और यहां की प्राचीन सांस्कृतिक विशेषता को भली भांति प्रदर्शित करता है। हनुमान प्वाइंट, जव्हार का एक और प्राकृतिक पर्यटन आकर्षण है।

J Whar

पौराणिक किवदंती के अनुसार, भगवान हनुमान ने इसी स्थल पर कुछ देर आराम किया था, जब प्रभु श्रीराम के भाई भरत से मिलने के लिए गए थे। इस पौराणिक घटना की वजह से इस स्थल का नाम हनुमान प्वाइंट रखा गया है। इस स्थल से आप पहाड़ी घाटी के शानदार दृश्यों को आराम से देख सकते हैं। यहां से जय विलास पैलेस साफ दिखाई देता है। यह जव्हार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। हरा-भरा यहां का माहौल पर्यटकों को काफी ज्यादा पसंद आता है। मांडवी झरना जव्हार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में आप यहां के लोकप्रिय जलप्रपातों में कल मांडवी झरना देख सकते हैं। लगभग 100 मीटर की ऊंचाई के साथ मांडवी राज्य के बड़े झरनों में गिना जाता है, खासकर मॉनसून के दौरान यहां के दृश्य देखने लायक होते हैं। तेज गिरत पानी की आवाज दूर से ही सुनी जा सकती है। मुख्य शहर से यह झरना बस कुछ ही दूरी पर स्थित है। आप यहां शहर भ्रमण के दौरान आ सकते हैं। कुछ अलग अनुभव करने के लिए यह एक आदर्श स्थल है। भोपतगढ़ का किला उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के भोपतगढ़ फोर्ट को देक सकते हैं। यह किला ज्व्हार के प्रसिद्ध पर्यटन आकर्षणों में गिना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण किला है, क्योंकि इसका निर्माण छत्रपति शिवाजी द्वारा किया गया था, हालांकि यह शिवाजी द्वारा बनवाए गए बाकी किलों से अपेक्षाकृत छोटा है। यह किला भी मराठा साम्राज्य की शक्ति को भली भांति प्रदर्शित करता है। जानकारी के अनुसार इस किले में छत्रपति शिवाजी की आधिकारिक और व्यक्तिगत बैठकें लगा करती थीं।

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