वीडियो : जामिया में नागरिकता संशोधन क़ानून के नाम पर बड़ी साजिश, छात्रों ने लगाए हिंदुओं से आजादी के नारे

जामिया में नागरिकता संशोधन क़ानून के नाम पर बड़ी साजिश। छात्रों ने लगाए हिंदुओं से आजादी के नारे। इसके साथ ही प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी आजादी के नारे लगे।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में शुरू हुआ बवाल सोमवार तड़के करीब तीन बजे खत्म हो गया। पुलिस ने 50 लोगों को हिरासत में लिया था, इन सभी को आज तड़के रिहा कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो के 15 स्टेशनों को बंद कर दिया गया था, उनका परिचालन भी अब सामान्य हो गया है, लेकिन दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में तनाव बरकरार है।

दिल्ली सरकार ने ऐतिहातन उन इलाकों में स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे, जहां सीएए को लेकर बवाल होने की आशंका है। साथ ही विरोध के चलते दिल्ली मेट्रो के 15 स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। पुलिस ने 50 लोगों को हिरासत में ले लिया था। इस बीच उपद्रवियों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्च कर भीड़ को खदेड़ा। उपद्रवियों ने एनएफसी वेस्ट सोसायटी और एक अस्पताल में भी घुसने का प्रयास किया, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा।

लेकिन सोमवार की सुबह दिल्ली के जामिया कैंपस में बवाल पर छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया है। रविवार की देर रात 50 छात्रों की रिहाई के बाद पुलिस मुख्यालय पर भी प्रदर्शन खत्म हो गया। पुलिस ने देर रात दिल्ली के कालकाजी पुलिस स्टेशन से 35 छात्रों को छोड़ा, जबकि फ्रेंड्स कॉलोनी से 15 छात्रों को रिहा किया गया है।

जामिया हिंसा पर बोला सुप्रीम कोर्ट- छात्र होने पर उपद्रव का अधिकार नहीं मिल जाता

जामिया हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि आप स्टूडेंट हैं, इसलिए आपको हिंसा करने का अधिकार नहीं मिल जाता है. अब इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी, लेकिन हम चेतावनी देते हैं कि अगर प्रदर्शन, हिंसा और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता है तो हम सुनवाई नहीं करेंगे. याचिकाकर्ता ने रिटायर जजों की जांच कमेटी बनाने की मांग की है, ताकि पुलिस कोई कार्रवाई न करे. इस पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा.

चीफ जस्टिस ने कहा, हम वीडियो (कोर्ट को एक वकील ने जामिया हिंसा के वीडियो की जानकारी दी) नहीं देखना चाहते. अगर हिंसा जारी रहेगी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता रहेगा तो हम सुनवाई नहीं करेंगे. चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा, हम अधिकार सुनिश्चित करेंगे लेकिन हिंसा के माहौल में नहीं. यह सब कुछ थमने दीजिए उसके बाद स्वतः संज्ञान लिया जाएगा. हम अधिकारों और शांतिपूर्प प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं.

बता दें, रविवार को दक्षिण दिल्ली में नाराज भीड़ ने पुलिसकर्मियों, आम नागरिकों व मीडिया को निशाना बनाया था. नाराज भीड़ ने दक्षिणी दिल्ली को कब्जे में ले लिया. प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने व पुलिस के साथ झड़प के पांच घंटे बाद पुलिस ने जामिया नगर में फ्लैग मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे. हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों की बड़ी टुकड़ी से संघर्ष किया और मीडिया पर भी पथराव किया.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

 

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