शक्तिशाली, साहसी और शौर्य शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की महागौरवगाथा

एक नजर मै शिवाजी महाराज का इतिहास – Shivaji Maharaj History in Hindi

1) उनका जन्म पुणे के किले में 7 अप्रैल 1627 को हुआ था। (उनकी जन्मतिथि को लेकर आज भी मतभेद चल रहे है)

2) शिवाजी महाराज ने अपना पहला आक्रमण तोरणा किले पर किया, 16-17 वर्ष की आयु में ही लोगों (मावळावो) को संगठित करके अपने आस-पास के किलों पर हमले प्रारंभ किए और इस प्रकार एक-एक करके अनेक किले जीत लिये, जिनमें सिंहगढ़, जावली कोकण, राजगढ़, औरंगाबाद और सुरत के किले प्रसिध्द है।

3) शिवाजी राजे की बढती ताकत को देखते हुए मुग़ल साम्राज्य के शासक औरंगजेब ने जय सिंह को शिवाजी महाराज को रोकने के लिये भेजा। और उन्होंने शिवाजी को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। समझौते के अनुसार उन्हें मुघल शासक को 24 किले देने थे।

इसी इरादे से औरंगजेब ने शिवाजी राजे को आमंत्रित भी किया। और बाद में शिवाजी राजे को औरंगजेब ने अपनी हिरासत में ले लिया था, कैद से आज़ाद होने के बाद, छत्रपति ने जो किले पुरंदर समझौते में खोये थे उन्हें पुनः हासिल कर लिया। और उसी समय उन्हें “छत्रपति” का शीर्षक भी दिया गया।

4) उन्होंने मराठाओ की एक विशाल सेना तैयार की थी। उन्होंने गुरिल्ला के युद्ध प्रयोग का भी प्रचलन शुरू किया। उन्होंने सशक्त नौसेना भी तैयार कर रखी थी। भारतीय नौसेना का उन्हें जनक कहा जाता है।

5) जून, 1674 में उन्हें मराठा राज्य का संस्थापक घोषीत करके सिंहासन पर बैठाया गया।

6) शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 12 दिन बाद उनकी माता का देहांत हो गया।

7) उनको ‘छत्रपती’ की उपाधि दी गयी। उन्होंने अपना शासन हिन्दू-पध्दती के अनुसार चलाया। शिवाजी महाराज के साहसी चरित्र और नैतिक बल के लिये उस समय के महान संत तुकाराम, समर्थ रामदास स्वामी तथा उनकी माता जिजाबाई का अत्याधिक प्रभाव था।

8) एक स्वतंत्र शासक की तरह उन्होंने अपने नाम का सिक्का चलवाया।

9) मृत्यु – अप्रैल, 1680 में शिवाजी महाराज का देहांत हुवा। शिवाजी महाराज की गनिमी कावा को विलोभनियतासे और आदरसहित याद किया जाता है।

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शिवाजी महाराज राजमुद्रा – Shivaji Maharaj Rajmudra

Shivaji Maharaj Rajmudra

6 जून “इ.स. 1674” को शिवाजी महाराज का रायगड पर राज्याभिषेक हुवा। और तभी उन्होंने खुदकी राजमुद्रा तयार की। और ये राजमुद्रा संस्कृत भाषा में थी।

संस्कृत: “प्रतिपच्चंद्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववंदिता शाहसुनोः शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते”

इंग्रजी: The glory of this Mudra of Shahaji’s son Shivaji (Maharaj) will grow like the first day moon. It will be worshiped by the world & it will shine only for well being of people.

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छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी अहम बातें – Facts about Shivaji Maharaj    

  • छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक है जिन्होनें पूरे देश में मराठा लहर को हवा दी थी।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने औंरगजेब के सैनिकों को हराकर मुगलों के आधीन सूरत को दो बार लूटा।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को लेकर कहा जाता है कि मुगलों ने देश के सभी ब्राह्मणों को डराया था जिस पर छत्रपित शिवाजी महाराज ने कसम खाई थी कि वो अपना राज्यभिषेक मुगल शासित राज्य के ब्राह्मण से ही करवाएँगे। जिसके बाद काशी के ब्राह्मणों दारा शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक किया गया था। जो उस समय मुगलों के आधीन था।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने शासन के दौरान 8 अद्भुत किलों का निर्माण कराया जिनमें से रायगढ़, सिंधुदुर्ग का किला, सुवर्णदुर्ग का किला (गोल्डन फोर्ट), पुरंदर का किला प्रमुख है।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने ही गुरिल्ला वार को नया रुप दिया था। और इसे देश में प्रचलित किया था। माना जाता है कि शिवाजी महाराज ने शिवनेरी किले पास मौजूद गुफाओँ में गुरिल्ला वार ट्रेनिंग ली थी।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 12 दिन बाद उनकी माता जिजाबाई का देहांत हो गया था।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठा और संस्कृत भाषाओं को दोबारा देश में महत्व दिलाया।
  • छत्रपति शिवाजी महाराज की याद में अरब सागर के एक द्वीप पर उनके अब तक के सबसे बड़े स्मारक की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में रखी थी। रिपोर्टस के अनुसार ये स्मारक तैयार होने के बाद विश्व का सबसे बड़ा स्मारक कहलाएगा।
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