श्रीराम मंदिर पर जारी हुए डाक टिकिट की बिक्री ने तोडा रिकॉर्ड, लाखों के टिकिट बिक गए हाथों हाथ

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन संपन्न हो चुका है. उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ऐतिहासिक भाषण सबने सुना, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के लिए वर्षों चले संघर्ष के बारे में बात करते हुए, इसे बहुत बड़ी जीत बताया. तो वहीँ उस दिन प्रधानमंत्रीजी ने राम मंदिर पर एक डाक टिकिट भी जारी किया था.

उस डाक टिकिट पर भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को दिखाया गया है, और उनमे से एक डाक टिकिट 25 रुपये का है. इस डाक टिकिट की पूरी शीट में कुल 12 बारह टिकिट हैं, और इसकी कीमत 300 रुपये है.

जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से वह डाक टिकिट जारी हुआ, उसकी डिमांड बहुत तेज़ी से बढ़ गई. और देखते हे देखते अगले चार दिनों में 16 लाख 50 हज़ार रुपये के 66 हज़ार डाक टिकिट बिक गए. इन डाक टिकिटों की डिमांड केवल भारत से ही नहीं विदेशों से भी आ रही है. लोग इसे राम मंदिर के शिलान्यास से जुड़ी याद के रूप में अपने पास सम्हालकर रखना चाहते हैं. ताकि आने वाले समय में अपनी अगली पीढ़ियों वो टिकिट दिखा सकें.

डाक टिकिट जारी होने के बाद डाक विभाग के पास इसकी सिर्फ 60 हाजार प्रतियाँ ही उपलब्ध थीं. जिसमें से 5 हजार टिकिट तो अयोध्या शोध संस्थान ने ही खरीद लिए. जिसके लिए डाक विभाग को 12 लाख रुपये अदा किये गए. ये सभी टिकिट लखनऊ और अयोध्या के डाक विभाग कार्यालय से खरीदे गए हैं.

पोस्टल सर्विसेज मुख्यालय में लखनऊ क्षेत्र के डायरेक्टर के के यादव की तरफ से जानकारी मिली है कि, देश विदेश से लगातार इन डाक टिकिट्स के लिए फ़ोन आ रहे हैं.

उन्होंने ये भी बताया कि, डाक टिकिट्स तीन तरह के होते हैं. पहला डाक टिकिट सामान्य होता है, जो पोस्टल सर्विसेज में नियमित इस्तेमाल किये जाते हैं. और काउंटर से खरीदे जाते हैं, ये टिकिट्स हज़ारों बार छापे जाते हैं. दूसरी तरह के डाक टिकिट्स स्मारक होते हैं, जो किसी की याद में या किसी व्यक्ति या संस्थान के नाम से जारी किये जाते हैं. ये डिमांड के हिसाब से छापे जाते हैं. और तीसरे डाक टिकिट्स कॉर्पोरेट टिकिट्स होते हैं, जैसे राम मंदिर जुड़े हुए टिकिट्स हैं. इसकी बहुत लिमिटेड प्रतियां छापी जातीं हैं. क्योंकि ये ऐतिहासिक होते हैं, और टिकिट्स को यादगार बनाने के लिए ऐसा किया जाता है.

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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