सरकार ने रखा मछली निर्यात को दुगना करने का लक्ष्‍य

देश की ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए मत्स्य पालन के क्षेत्र में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसकी देखरेख एक अलग मंत्रालय के हाथ में है। गुरुवार को लॉन्‍च की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना इसी नीली क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनुमान है कि इस योजना के लागू होने से अगले दो से तीन वर्षों में मछली का निर्यात दुगना हो जाएगा। और सरकार का लक्ष्‍य भी यही है।

वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए गुरुवार को देश के 21 राज्यों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का शुभारंभ करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले 4-5 वर्षों में इस पर 20 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे इसमें से आज 1700 करोड़ रुपए का काम शुरु हो रहा है।

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झक्कास खबर
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मत्स्य संपदा योजना से मछली उत्पादकों को मिलेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर

• बिहार के पटना, पूर्णियां, सीतामढ़ी, मधेपुरा, किशनगंज और समस्तीपुर में अनेक सुविधाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इससे मछली उत्पादकों को नया इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, आधुनिक उपकरण मिलेंगे, नया मार्केट भी मिलेगा।

पहली बार देश में इतनी बड़ी मत्स्य संपदा योजना बनाई गई

• देश के हर हिस्से में,समंदर और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में मछली के व्यापार-कारोबार को, ध्यान में रखते हुए, पहली बार देश में इतनी बड़ी योजना बनाई गई है। आज़ादी के बाद इस पर जितना निवेश हुआ, उससे भी कई गुना ज्यादा निवेश प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर किया जा रहा है।

कोशिश ये है कि योजनाएं गांवों को और समृद्ध करें, सशक्त करें

• कोशिश ये है कि अब इस सदी में Blue Revolution यानि मछली पालन से जुड़े काम, White Revolution यानि डेयरी से जुड़े काम, Sweet Revolution यानि शहद उत्पादन, हमारे गांवों को और समृद्ध करे, सशक्त करे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

योजनाओं के पीछे की सोच गांव 21वीं सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें

• आज जितनी भी ये योजनाएं शुरू हुई हैं उनके पीछे की सोच ही यही है कि हमारे गांव 21वीं सदी के भारत, आत्मनिर्भर भारत की ताकत बनें, ऊर्जा बनें।

पीएम किसान सम्मान निधि से 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधा पैसा पहुंचाया गया

• पीएम किसान सम्मान निधि से भी देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधा पैसा पहुंचाया गया है। इसमें करीब 75 लाख किसान बिहार के भी हैं। अब तक करीब 6 हज़ार करोड़ रुपए बिहार के किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। जोर दिया जा रहा है कि मुफ्त राशन, गरीब कल्याण अभियान का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचे।

• इस बात पर बहुत जोर दिया जा रहा है कि मुफ्त राशन की योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोज़गार अभियान का लाभ बिहार के हर जरूरतमंद साथी तक पहुंचे, बाहर से गांव लौटे हर श्रमिक परिवार तक पहुंचे।

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पशुओं की अच्छी नस्ल के लिए ई-गोपाला’app की शुरुआत

• पशुओं की अच्छी नस्ल के साथ ही उनकी देखरेख और उसको लेकर सही वैज्ञानिक जानकारी भी उतनी ही ज़रूरी होती है इसके लिए भी बीते सालों से निरंतर टेक्नॉलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज ‘ई-गोपाला’ app शुरु किया गया है।

ई- गोपाला app से पशुपालकों को उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी

• ई- गोपाला app एक ऐसा digital माध्यम होगा जिससे पशुपालकों को उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी, उनको बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। ये app पशुपालकों को उत्पादकता से लेकर उसके स्वास्थ्य और आहार से जुड़ी तमाम जानकारियां देगा।

गांव के पास क्लस्टर बनेंगे जहां फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग लगेंगे

• अब भारत उस स्थिति की तरफ बढ़ रहा है जब गांव के पास ही ऐसे क्लस्टर बनेंगे जहां फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग भी लगेंगे और पास ही उससे जुड़े रिसर्च सेंटर भी होंगे। यानि एक तरह से हम कह सकते हैं- जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान।

लोकल के लिए जितना वोकल होंगे, उतना ही बिहार आत्मनिर्भर बनेगा

• यहां के फल, चाहे वो लीची हो, जर्दालू आम हो, आंवला हो, मखाना हो, या फिर मधुबनी पेंटिंग्स हो,ऐसे अनेक प्रोडक्ट बिहार के जिले-जिले में हैं। हमें इन लोकल प्रोडक्ट्स के लिए और ज्यादा वोकल होना है। हम लोकल के लिए जितना वोकल होंगे, उतना ही बिहार आत्मनिर्भर बनेगा।

उत्साही युवाओं के लिए, बहनों के लिए केंद्र सरकार ने बनाया है विशेष फंड

• पूर्णिया जिले में मक्का के व्यापार से जुड़ा ‘अरण्यक FPO’ और कोसी क्षेत्र में महिला डेयरी किसानों की ‘कौशिकी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी’, ऐसे अनेक समूह प्रशंसनीय काम कर रहे हैं। अब तो हमारे ऐसे उत्साही युवाओं के लिए, बहनों के लिए केंद्र सरकार ने विशेष फंड भी बनाया है।

 

 

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