(हमीरपुर बुलेटिन) आयरन की गोली से एक मासूम छात्र की मौत पर प्रधानाध्यापक व अध्यापक निलम्बित – पढ़ें दिनभर की खबरें

6 – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बनीं 14 सड़कों की होगी जांच

जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने गुरुवार को शाम विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनायी गयी 14 सड़कों की जांच के आदेश दिये हैं।

विकास भवन के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी को जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुये कहा कि आगे से जब भी बैठक में आये तो पूरी तैयारी के साथ आये वर्ना कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने 30 नवम्बर तक किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का शत प्रतिशत आधार सीडिंग पूरी करने के निर्देश दिये। नहरों के सिल्ट की सफाई तथा संस्थागत प्रसव, टीकाकरण के भी शत प्रतिशत कार्य पूरे करने के निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों में प्रकाश आदि के  लिये लाइट का कार्य नेडा से कराने के निर्देश दिये साथ ही सभी पाइप पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने के साथ ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि नकली खाद बिकने के मामले संज्ञान में आये तो उसे लेकर तुरंत सख्त कार्यवाही की जाये।

5 – राशन की दुकान के चुनाव में धांधली, ग्रामीणों ने की नारेबाजी

 जिले में एक ग्राम पंचायत में गुरुवार को पर्यवेक्षक की मौजूदगी में राशन की दुकान (कोटा) आवंटन के लिये मतदान कराया गया। इसके बाद मतगणना में अवधेश को विजेता घोषित करते ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव में धांधली गयी है।

जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत पारा रैपुरा में पर्यवेक्षक जिला पूर्ति अधिकारी रामजतन यादव एवं पुलिस की मौजूदगी में निर्धारित समय से मतदान शुरू कराकर एक बजे मतदान सम्पन्न कराया गया। मतदान के पूर्व गांव में डुग्गी के माध्यम से ग्रामीणों को जानकारी दी गयी थी। पर्यवेक्षक ने बताया कि मतदान के बाद मतगणना करायी गयी जिसमें अरविन्द को 199 मत मिले वहीं मान ङ्क्षसह को 61, मनोज कुमार को 53, संतोष कुमार को 49, कमलेश को 23, नाजित परवीन को 7, महेश कुमार को 5, दिनेश कुमार को 1 मत एवं ब्रज बिहारी को जीरो मत मिला। अवधेश को विजेता घोषित किया गया हैं। इस मौके पर पूर्ति निरीक्षक नवल किशोर, कानूनगो दीन मुहम्मद, पशुधन प्रसार अधिकारी आरके शुक्ला, एसआई रोहित कुमार, ग्राम प्रधान बिहारी लाल प्रजापति, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अरविन्द पाल एवं रोजगार सेवक मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाते हुये नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि निर्धारित समय से पहले ही मुख्य गेट बंद कर ताला लगाकर लोगों को मतदान से वंचित करके अपने चहेतों से अंदर मतदान कराया गया हैं। पर्यवेक्षक ने बताया कि राशन की दुकान के चुनाव में पूरी पारदर्शिता बरती गयी हैं।

4 – आयरन की गोली से एक मासूम छात्र की मौत पर प्रधानाध्यापक व अध्यापक निलम्बित

– विद्यालय में सप्ताह में एक बार बच्चों को खिलायी जानी थी सिर्फ एक गोली
– पन्द्रह गोलियों का पत्ता बच्चों को देकर प्रधानाध्यापक ने बड़ी की लापरवाही
जिले में आयरन की गोलियां खाने से कक्षा सातवीं के एक छात्र की मौत होने और आठ बच्चों की हालत गंभीर होने के मामले में गुरुवार को शाम विद्यालय के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को निलम्बित कर दिया गया है। प्रधानाध्यापक पर पन्द्रह गोलियों का पत्ता बच्चों को देकर बड़ी लापरवाही बरतने के आरोप हैं। इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। बच्चों को घर ले जाने के लिये दी गयी गोलियों का पत्ता भी मंगवाकर जलवाया दिया गया है।

जिले के कुरारा ब्लाक क्षेत्र के ददरी गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयरन की गोलियां बांटी गयी थी। प्रधानाध्यापक ने गोली स्वयं न खाकर क्लास के सभी बच्चों को एक-एक गोली आयरन की खिलवा दी साथ ही 15 गोलियों का एक-एक पत्ता सभी बच्चों को घर ले जाने के लिये दे दिया गया था। घर पहुंचते ही कक्षा सातवीं के छात्र कुलदीप ने पूरी गोलियां खा ली। कई और बच्चों ने भी गोलियां खा ली थी। गोलियां खाते ही बच्चों की हालत बिगड़ गयी। कानपुर ले जाते समय कुलदीप की मौत हो गयी और आठ बच्चों का इलाज अभी जारी है। एक बच्चे का इलाज घाटमपुर कानपुर में कराया जा रहा हैं। इस घटना को लेकर एसडीएम, सीओ और बीएसए ने मौके पर जाकर मामले की जांच की।
जांच में पाया गया कि प्रधानाध्यापक खलील खान स्वास्थ्य विभाग के प्राड्ढवधान की अनदेखी कर बच्चों को गोलियों का पत्ता दे दिया था जबकि सप्ताह में एक-एक गोली ही बच्चों को स्कूल में खिलवायी जानी थी। इतना ही नहीं घटना के बाद बच्चों के घरों से गोलियां मंगवाकर उसे नष्ट भी करा दिया गया। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गयी। इधर सीएमओ डा.एमके बल्लभ ने पूरे मामले की जांच करायी। जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने गुरुवार को शाम बताया कि स्कूल में सप्ताह में एक ही गोली बच्चों को खिलायी जानी चाहिये था लेकिन प्रधानाध्यापक ने बच्चों को 15 गोलियों का पत्ता घर ले जाने को दे दिया गया जिसके कारण बच्चों ने आपस में प्रतिस्पर्धा के चक्कर में सारी गोलियां खा ली जिससे ओवर डोज के कारण ये घटना हो गयी। सीएमओ ने बताया कि इस मामले में विद्यालय के शिक्षक की ही गलती हैं।
इधर बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापक खलील खान को एक ही गोली देने के आदेश थे लेकिन बच्चों को आयरन की गोलियों का पत्ता दे दिया गया। इतना ही नहीं बाद में घर से गोलियों का पत्ता मंगवाकर उसे जलवा दिया गया। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक श्याम बाबू के खिलाफ कार्रवाई करते हुये दोनों को निलम्बित कर दिया गया है।
3 – नाबालिग लड़की ने लगाई फांसी 

कुरारा थानाक्षेत्र में एक नाबालिग लड़की ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में पुलिस जांच कर रही है।

कुरारा थाना क्षेत्र के मिश्रीपुर ग्राम पंचायत के मजरा सिमरा गांव निवासी जगदीश निषाद की बेटी कपूरी (16) ने गुरुवार को फांसी लगा ली। घटना के वक्त माता—पिता काम करने खेत गये हुउ थे। दोपहर बाद जैसे ही परिजन घर लौटे तो बेटी का शव फंदे से लटकता देख उनके होश उड़ गये। घटना की जानकारी पर ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। उपनिरीक्षक भारत यादव घटना की जानकारी पर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरु कर दी।
2 – अयोध्या प्रकरण को लेकर अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक
 
-फील्ड लेवल के अधिकारियों को डीएम ने दी अफवाहों पर खंडन करने की जिम्मेदारी
अयोध्या प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के प्रस्तावित फैसले को लेकर गुरुवार के दिन जिलाधिकारी डा.ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने भी अधिकारियों के जिला मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगायी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को फील्ड लेवल पर सक्रिय रहकर सूचनायें आदान प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही कहा कि किसी भी प्रकार की कोई अफवाह की सूचना मिलने पर तत्काल अपने फील्ड अधिकारी के माध्यम से उसका खंडन कराया जाये।

जिलाधिकारी हमीरपुर स्थित कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाये रखने के मद्देनजर सभी विभागों के अधिकारियों व समन्वय समिति की बैठक की। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में अनुमति लेने के बाद ही अधिकारी मुख्यालय छोड़ेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालयों में जाकर प्रधानाचार्यों, प्रबंधक तथा विद्यार्थियों के साथ बैठक कर उनसे इस मामले में बात की जाये। लोगों को सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न देने के लिये जागरूक किया जाये।
सभी ग्राम प्रधानों, ग्राम सचिव, लेखपालों, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, ग्राम चौकीदार तथा विभिन्न लाभार्थीपरख योजनाओं के लाभार्थी, शिक्षामित्रों आदि के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। सभी एंबुलेंस को क्रियाशील रखा जाए तथा सभी विभागों द्वारा अपनी सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद व दुरुस्त रखा जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि ग्राउंड लेवल के कर्मचारियों के माध्यम से लोगों में आपसी सौहार्द व भाईचारा कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाए। एसएचओ द्वारा ग्राम सुरक्षा समिति का गठन कर लिया जाए। सभी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर वहां के लोगों पर नजर रखे तथा उनसे बात कर ली जाए। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड सैनिकों के माध्यम से भी लोगों से संवाद स्थापित किया जाए। कहीं पर भी ईट, पत्थर तथा अन्य अराजक सामग्री इकट्ठा ना होने पाए इसके लिए ड्रोन इत्यादि के माध्यम से निगरानी रखी जाए। होटल, सराय, धार्मिक स्थलों पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी फील्ड अफसरों के माध्यम से यह प्रचारित किया जाए कि फैसला किसी भी पक्ष में आए उसका स्वागत किया जाए, कोई अफवाह ना फैलाई जाए। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, सीएमओ डा.एमके बल्लभ, बीएसए सतीश कुमार सहित अन्य सभी अधिकारी मौजूद रहें।

 

1 – आयरन की गोलियां खाने से मासूम छात्र की मौत, कई बच्चे बीमार

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक विद्यालय में आयरन की गोलियां खाने से आधा दर्जन से अधिक बच्चों की हालत बिगड़ गयी। आनन-फानन बच्चों को अस्पताल भेजा गया जहां एक बच्चे की मौत हो गयी। कई बच्चे गंभीर हालत में कानपुर भेजे गये हैं। इस घटना से गांव में आक्रोश गहरा गया हैं। घटना की सूचना पाते ही गुरुवार को एसडीएम, सीओ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी हैं। बीएसए ने भी गांव स्कूल पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

जिले के कुरारा क्षेत्र के ददरी गांव निवासी अमर सिंह का पुत्र कुलदीप (13) गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सातवीं क्लास में पढ़ता था। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची थी जहां टीम ने सभी बच्चों को आयरन की गोलियां खाने को दी। स्कूल में ही कुलदीप ने आयरन की गोलियां जैसे ही खायी तो वह उल्टी करने लगा। उसे देखकर क्लास में संदीप (12) पुत्र हरिश्चन्द्र, परेश (13) पुत्र रामपाल, ममता (12) पुत्री सूबेदार, आराधना (14) पुत्री अवधेश, शिल्पी (13) पुत्री प्रहलाद, काजल (13) पुत्री जयप्रकाश, खुशबू (14) पुत्री भूप सिंह व काजल (14) पुत्री राकेश सहित अन्य बच्चे भी उल्टी करने लगे। बच्चों की हालत बिगडऩे पर शिक्षकों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी परिजनों को दी गयी जिस परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और अपने-अपने बच्चों को साथ लेकर सरकारी अस्पताल को भागे।

कुरारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कुलदीप की हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने उसे बुधवार को सदर अस्पताल के लिये रेफर कर दिया था लेकिन यहां से भी डाक्टरों ने कुलदीप को कानपुर रेफर कर दिया था। कानपुर ले जाते समय इस छात्र की मौत हो गयी। परेश को कानपुर के घाटमपुर में अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं जहां उसका इलाज अभी जारी हैं। गुरुवार को बच्चे की मौत से पूरे गांव में आक्रोश गहरा गया। घटना की सूचना पाते ही एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया, सीओ सदर अनुराग सिंह व कुरारा थानाध्यक्ष एके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी होते ही बीएसए सतीश कुमार भी ए.बीएसए के साथ गांव पहुंचकर प्रकरण की जांच शुरू कर दी हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा हैं। एसडीएम, सीओ और बीएसए ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक खलील खान ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल में एक-एक आयरन की गोलियां बच्चों को खिलायी गयी थी और एक-एक पत्ता (टेबलेट) घर ले जाने को दिया गया था। घर में कुलदीप नाम के बच्चे ने पूरी दवायें खा ली जिससे उसकी हालत नाजुक हो गयी। बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि बच्चों ने आयरन की गोली खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी करने की शिकायत की थी। जिस पर इलाज के लिये अस्पताल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच करायी जा रही हैं। आयरन की गोलियां भी अधिकारियों ने जांच के लिये कब्जे में ले ली हैं।
आयरन की गोलियां खाने से नहीं हो सकती मौतः सीएमओ

हमीरपुर के सीएमओ डा. एमके बल्लभ ने बताया कि आयरन की गोलियां खाने से एक बच्चे की मौत होने की सूचना गुरुवार को मिली हैं जिसे गंभीरता से लेकर पूरे मामले की जांच के लिये बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार के नेतृत्व में एक टीम भेजी गयी हैं। टीम ने गांव पहुंचकर प्रकरण की जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि आयरन की गोलियां खाने से किसी की भी मौत नहीं हो सकती है। यदि आयरन की गोलियां एक्सपायरी डेट की भी कोई खा ले तो इससे जान को खतरा नहीं रहता है। सिर्फ गोली की पोटेंशियल कम हो जाती है। सीएमओ ने एक सवाल के जवाब में बताया कि यदि बच्चा एक से अधिक भी गोलियां खा भी ले तो उसकी कोई जान को कोई खतरा नहीं है। ददरी गांव में कुलदीप नाम के बच्चे की मौत की कोई और वजह हो सकती है जिसकी जांच करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल में आयरन की गोलियां सबसे पहले शिक्षक को खानी चाहिये लेकिन ददरी गांव के स्कूल में एक ऐसे बच्चे को गोली खिला दी गयी जो उल्टी करने लगा। उसे देख क्लास में मौजूद अन्य बच्चे भी उल्टी करने लगे।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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