हमीरपुर : जब मंदिर आन्दोलन में उमा भारती ने मुड़वाये थे अपने सिर के बाल – पढ़ें दिनभर की खबरें

5 – हमीरपुर : नाले में पानी में उतराता मिला अज्ञात साधु का शव
 जिले में शनिवार को शाम सड़क किनारे नाले में एक अज्ञात साधु का शव पानी में उतराता मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया हैं। घटना की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर घटना की जांच शुरू कर दी हैं। पुलिस ने मौके से एक मोपेड भी बरामद की हैं। मृतक साधु की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी।
जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में मुंडेरा-सिसोलर मार्ग पर मुंडेरा गांव के आगे बहने वाले नाले पर एक सन्यासी का शव पानी में उतराता पाया गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जिस पर सुमेरपुर थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नाले से बाहर निकलवाया। मृतक की उम्र करीब 56 वर्ष की बतायी जा रही हैं। मृतक संत के सिर पर हेलमेट से ढका था। नाले के किनारे संत की मोपेड भी पड़ी थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया हैं। मोपेड में यूपी.78 ईएफ-6825 नम्बर दर्ज हैं। मोपेड ग्राम कुलसेड़ा घाटमपुर कानपुर निवासी इन्द्रपाल के नाम पंजीकृत हैं। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि मृतक संत वेशधारी हैं। जिसका शव गांव के बाहर सिसोलर मार्ग में एक पुलिया के नीचे भरे पानी में उतराता मिली हैं। इसके किसी वाहन से टकराकर नाले में गिरने की संभावना हैं। शिनाख्त लायक मौैके पर कुछ भी नहीं मिला हैं। शव कब्जे में लेकर मर्चरी हाउस भेजा गया हैं। उन्होंने बताया कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी हैं।

 

4 – सुप्रीमकोर्ट ने सर्वमान्य संवैधानिक निर्णय देकर धर्म निरपेक्ष के स्वरूप को रखा बरकरारः कांग्रेस

अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के फैसले का यहां कांग्रेस पार्टी ने स्वागत करते हुये कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने सर्वमान्य संवैधानिक निर्णय देकर राष्ट्र के धर्म निरपेक्ष स्वरूप को बरकरार रखा हैं। ये फैसला काबिले तारीफ हैं।

जिला कांग्रेस कमेटी के जिला प्रवक्ता लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने शनिवार को शाम अयोध्या प्रकरण में सुप्रीमकोर्ट के फैसले को एतिहासिक बताते हुये कहा कि इस फैसले ने सम्प्रदायिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार को ट्रस्ट बनाकर तीन माह के अंदर फैसले का क्रियान्वयन करने के निर्देश देकर सर्वाेच्च न्यायालय ने इस प्रकरण की राजनीति करने वाले दलों, अखाड़ों को सबक सिखाया हैं। इधर शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख महंत रतन ब्रह्मचारी ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुये कहा कि इस फैसले से अयोध्या में अब भगवान श्रीराम के मंदिर के बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया हैं। उन्होंने कहा कि सर्वाेच्च अदालत ने दूसरे पक्ष को मस्जिद बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन देने का निर्णय दिया हैं वह स्वागत करने के योग्य हैं लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार से अपेक्षा हैं कि बाबर के नाम की मस्जिद कहीं नही बननी चाहिये। शिवसेना के प्रांतीय उपप्रमुख ने बताया कि इस प्रकरण को शिवसेना शुरू से ही उठाती रही हैं और आज कारसेवकों और शिवसैनिकों का सपना सुप्रीमकोर्ट के इस एतिहासिक फैसले से साकार हो गया हैं। इतने बड़े मुद्दे का निपटारा किसी भी सरकार में नहीं हो सका लेकिन मोदी जी की सरकार में ये पुराना मामला खत्म हो गया हैं।

 

3  …जब मंदिर आन्दोलन में उमा भारती ने मुड़वाये थे अपने सिर के बाल

– हमीरपुर और बांदा के कारसेवकों में अयोध्या जाने के लिए भरा था जोश 
– आन्दोलन के दौरान सैकड़ों लोग गिरफ्तार कर भेजे गये थे जेल
हमीरपुर जिले के सैकड़ों कारसेवक भी सन 92 में कारसेवा करने के किये अयोध्या गये थे लेकिन उन्हें जिले की सीमा में घुसने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय कारसेवकों का नेतृत्व पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती कर रही थीं। फायर ब्राण्ड नेता उमा भारती ने सिर के बाल मुंडवाकर बुन्देलखंड में हमीरपुर और बांदा के कारसेवकों में जोश भी भरा था।
विश्व हिन्दू परिषद हमीरपुर के पूर्व जिला महामंत्री एवं आर्यसमाज के प्रधान राम बिहारी शुक्ला ने शनिवार को बताया कि वर्ष 1990 के नवम्बर महीने के आखिरी सप्ताह में फायर ब्राण्ड नेता उमा भारती ने बुन्देलखंड के हमीरपुर महोबा, बांदा सहित पूरे इलाकों का दौरा किया था। उन्होंने कारसेवकों में अयोध्या जाने के लिये जोश भी भरा था। वह बांदा होते हुये जब हमीरपुर जब आई थीं, तब खुफिया तंत्र से बचने के लिये उमा भारती ने अपने सिर के बाल मुड़वा लिये थे। भेष बदलकर आईं उमा भारती ने कारसेवकों में जोश भरा था जिसके बादसरस्वती शरण द्विवेदी, विजय पाण्डेय, घनश्याम भदौरिया, चन्द्रभान सिंह भदौरिया, वंशीधर सिंह सेंगर, राम बिहारी शुक्ला, श्याम सिंह, कुंवर बहादुर भौली, राधा किशन, श्रीमती अशोका पालीवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या के लिये कूच किया था।
आर्यसमाज के प्रधान ने बताया कि हमीरपुर के अलावा बांदा से भी बड़ी संख्या में कारसेवक अयोध्या के लिये रवाना हुये थे। अयोध्या से पहले सभी कारसेवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सभी को हमीरपुर वापस भेजा गया था। लोकतंत्र सेनानी देवी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1990 में अक्टूबर महीने में रामजन्म भूमि को लेकर आन्दोलन किया गया था जिसमें उन्हें भी सैकड़ों लोगों के साथ गिरफ्तार कर हमीरपुर जेल में बंद किया गया था। उमा भारती भी बांदा में गिरफ्तार हुई थी और कल्याण सिंह भी इलाहाबाद के पास गिरफ्तार किये गये थे। लोकतंत्र सेनानी ने बताया कि इस आन्दोलन को लेकर हर जिले में विद्यालयों को अस्थायी जेल बनाया गया था जहां महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के कार्यकर्ताओं को रखा गया था। उन्होंने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के फैसला आने के बाद पुराने आन्दोलन और कारसेवा की यादें ताजा हो गई हैं।

 

2 – हमीरपुर : अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिमों ने बांटी मिठाई

– हमीरपुर और बांदा के कारसेवकों में अयोध्या जाने के लिए भरा था जोश 
– आन्दोलन के दौरान सैकड़ों लोग गिरफ्तार कर भेजे गये थे जेल
हमीरपुर जिले के सैकड़ों कारसेवक भी सन 92 में कारसेवा करने के किये अयोध्या गये थे लेकिन उन्हें जिले की सीमा में घुसने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उस समय कारसेवकों का नेतृत्व पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती कर रही थीं। फायर ब्राण्ड नेता उमा भारती ने सिर के बाल मुंडवाकर बुन्देलखंड में हमीरपुर और बांदा के कारसेवकों में जोश भी भरा था। 

विश्व हिन्दू परिषद हमीरपुर के पूर्व जिला महामंत्री एवं आर्यसमाज के प्रधान राम बिहारी शुक्ला ने शनिवार को बताया कि वर्ष 1990 के नवम्बर महीने के आखिरी सप्ताह में फायर ब्राण्ड नेता उमा भारती ने बुन्देलखंड के हमीरपुर महोबा, बांदा सहित पूरे इलाकों का दौरा किया था। उन्होंने कारसेवकों में अयोध्या जाने के लिये जोश भी भरा था। वह बांदा होते हुये जब हमीरपुर जब आई थीं, तब खुफिया तंत्र से बचने के लिये उमा भारती ने अपने सिर के बाल मुड़वा लिये थे। भेष बदलकर आईं उमा भारती ने कारसेवकों में जोश भरा था जिसके बादसरस्वती शरण द्विवेदी, विजय पाण्डेय, घनश्याम भदौरिया, चन्द्रभान सिंह भदौरिया, वंशीधर सिंह सेंगर, राम बिहारी शुक्ला, श्याम सिंह, कुंवर बहादुर भौली, राधा किशन, श्रीमती अशोका पालीवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कारसेवकों ने अयोध्या के लिये कूच किया था। 

आर्यसमाज के प्रधान ने बताया कि हमीरपुर के अलावा बांदा से भी बड़ी संख्या में कारसेवक अयोध्या के लिये रवाना हुये थे। अयोध्या से पहले सभी कारसेवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सभी को हमीरपुर वापस भेजा गया था। लोकतंत्र सेनानी देवी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1990 में अक्टूबर महीने में रामजन्म भूमि को लेकर आन्दोलन किया गया था जिसमें उन्हें भी सैकड़ों लोगों के साथ गिरफ्तार कर हमीरपुर जेल में बंद किया गया था। उमा भारती भी बांदा में गिरफ्तार हुई थी और कल्याण सिंह भी इलाहाबाद के पास गिरफ्तार किये गये थे। लोकतंत्र सेनानी ने बताया कि इस आन्दोलन को लेकर हर जिले में विद्यालयों को अस्थायी जेल बनाया गया था जहां महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के कार्यकर्ताओं को रखा गया था। उन्होंने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के फैसला आने के बाद पुराने आन्दोलन और कारसेवा की यादें ताजा हो गई हैं। 

 

1 – अपर पुलिस अधीक्षक व अपर जिलाधिकारी ने भी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में डेरा डाला

 अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी कन्ट्रोल रूम से हर स्थिति की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बल व पीएसी को भी मुस्तैद किया गया हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य हैं। इधर जिले में थाना प्रभारियों ने अधिकारियों के साथ शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील करते हुये लगातार क्षेत्र में गश्त तेज कर दी हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हमीरपुर नगर में इस्लामियां इण्टर कॉलेज को अस्थायी जेल बनाया गया हैं वहीं मौदहा में नेशनल इण्टर कॉलेज, सरीला में शल्लेश्वर इण्टर कॉलेज व राठ में बीआरबी इण्टर कॉलेज को अस्थायी जेल बनाया गया हैं। जरूरत पडऩे पर अस्थायी जेल को अधिग्रहण कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव के साथ मौदहा क्षेत्र में भ्रमण किया जा रहा हैं। स्थिति सामान्य हैं। यहां के लोग समझदार हैं। कोतवाल मौदहा विक्रमाजीत सिंह ने बताया कि सभी धार्मिक स्थलों के बाहर सुरक्षा बल मुस्तैद हैं और लगातार पुलिस बल भ्रमण कर रहा हैं। लोगों से सौहार्द बनाये रखने की अपील भी की जा चुकी हैं।
अराजकता फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम
हमीरपुर के जिलाधिकारी डा. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अयोध्या मामले में आखिरी फैसले को लेकर आम जनता से अपील की हैं कि देश हित में सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझे और उसका निर्वहन भी करें। उन्होंने कहा कि फैसले के बाद लोग सोशल मीडिया का उपयोग सोच समझकर करें। ऐसा कोई भी मैसेज पोस्ट या शेयर न करें, जिससे किसी भी पक्ष की भावनायें आहत होती हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी के उकसाने में न आये। कोई भी अपरिचित या संदिग्ध व्यक्ति इस तरह के कार्य करें तो उसका खंडन करें और जिला पुलिस और प्रशासन को तुरंत सूचित करें। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिये कई टीमें निगरानी में लगी हैं। आम लोगों की सुरक्षा के लिये प्रशासन पूरी तरह से कटिबद्ध हैं। उन्होंने कड़ी हिदायत देते कहा कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  की जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram