(हमीरपुर बुलेटिन) नौकर के साथ ट्रैक्टर चालक ने वृद्धा की थी हत्या, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- हमीरपुर- ककोरी कांड में बिस्मिल की मदद करने पर प्रेम कृष्ण खन्ना को मिली सजा

-चोरा चोरी कांड का आन्दोलन वापस लेने पर खन्ना ने गांधी जी का छोड़ा था साध 
-क्रांतिकारी खन्ना की पुण्यतिथि में साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि
हमीरपु। सुमेरपुर कस्बे में जिनका देश ऋणी है कार्यक्रम के तहत वर्णिता संस्था के तत्वाधान में साहित्यकारों ने देश के महान क्रांतिकारी प्रेम कृष्ण खन्ना की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देकर उन्हें याद किया है।
वर्णिता संस्था के अध्यक्ष डा.भवानीदीन ने सामाजिक दूरी के बीच कार्यक्रम में कहा कि खन्ना भले ही एक नामचीन परिवार में पैदा हुए हो किंतु वे एक सच्चे देशभक्त थे। खन्ना का जन्म पश्चिमी पंजाब में 2 फरवरी 1894 को रामकृष्ण खन्ना के घर हुआ था। इनके पिता रेलवे विभाग में चीफ इंजीनियर थे, पिता ने प्रेमकृष्ण खन्ना को रेलवे विभाग में ठेकेदारी का काम दिला दिया था। साथ ही सुरक्षा के लिए इनको ब्रिटिश सरकार से एक रिवाल्वर निर्गत करा दिया था। खन्ना का पढ़ाई में मन नहीं लगता था।
 यह बचपन से ही क्रांतिकारियों और विभिन्न आंदोलनों से जुड़े समाचारों और उनकी जीवनी पढ़ा करते थे। साथ ही खन्ना का महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल से संपर्क हो गया था। बिस्मिल ने 1917 में इन्हें शाहजहांपुर सेवा समिति में शामिल कर लिया था। खन्ना बिस्मिल के व्यक्तित्व से इतने प्रभावित हो गए कि उनके आदर्शों एवं आदेशों के पूरे अनुयायीक्ष हो गए। बिस्मिल को आजादी के संघर्ष के लिए शस्त्रों के लिए कारतूसो की आवश्यकता पड़ती थी।
बिस्मिल खन्ना के शस्त्र लाइसेंस से कारतूस खरीद लेते थे। खन्ना की बिस्मिल से पक्की मित्रता हो गई थी। खन्ना कि 1918 में दिल्ली कांग्रेस मे पहली प्रतिभागिता हुई। कान्ग्रेस के अधिवेशन में अमरीका कैसे स्वाधीन हुआ नामक पुस्तक की अनेक प्रतियाँ चिल्ला चिल्ला कर बाटी थीं। अब खन्ना को इन्द्रप्रस्थ सेवा समिति का दायित्व दिया गया। असहयोग आंदोलन मे खन्ना की सक्रिय सहभागिता रही। 1922 के चोरा चोरी कांड के बाद गांधी जी ने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया।
बिस्मिल निराश होकर कान्ग्रेस से अलग हो गए। ,खन्ना बिस्मिल के साथ हो गए। क्रांतिकारी दल के गठन में खन्ना की अहम भूमिका रही,ये। हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे, पार्टी के लिए धन और शस्त्र जुटाने मे पूरा योगदान रहता था। 9 अगस्त 1925 काकोरी कांड मे बिस्मिल को सहयोग दिए जाने के कारण खन्ना को कुल मिलाकर सात वर्ष की सजा मिली,ये आजन्म अविवाहित रहे।
बाद में 40 साल तक कांग्रेस से जुड़े रहे। दो बार विधानसभा और दो बार लोकसभा सदस्य  रहे,काकोरी के शहीदों की स्मृति मे छ शिक्षण संस्थान स्थापित कराए,जीवन भर शहीदों और उनके आस्रितो की मदद करते रहे। देश के प्रति इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कार्यक्रम में राजकुमार सोनी सरार्फ ,कल्लू चौरसिया, पिन्कू सिह,लल्लन गुप्ता और प्रांशु सोनी आदि उपस्थित रहे।

2- हमीरपुर- नौकर के साथ ट्रैक्टर चालक ने वृद्धा की थी हत्या

-पुलिस अधीक्षक ने घटना का किया खुलासा, गहने और खून से सने कपड़े बरामद
हमीरपुर । करीब अठारह दिन पूर्व मझगवां थानाक्षेत्र के ग्राम कोठा में विधवा की हुई हत्या का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड में पुलिस ने मृतका के नौकर व ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार किया है। घटना के पीछे चालक ने नौकर की मदद से बेवा के घर में चोरी करने की योजना बनाई। लेकिन चोरी करते समय बेवा नींद खुल जाने व पहचानने के डर से दोनों ने कुल्हाड़ी से उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पीली धातु के झुमकी, खून से सने कपड़े और आलाकत्ल बरामद किया है।
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में घटना का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि पिछले 17 जुलाई की सुबह थानाक्षेत्र के कोठा गांव निवासी बृजेश कुमार पुत्र स्व. मनमोहन सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसकी बेवा मां राममूर्ति (63) की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
बताया कि घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस, स्वाट टीम समेत तीन टीमें लगाई गई थी। बताया कि मामले में करीब एक सैकड़ा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच व साक्ष्य संकलन के दौरान पाया गया कि गांव निवासी जमुना पुत्र जगत अहिरवार जो मृतका राममूर्ति का ट्रैक्टर चालक है। जिससे उसकी ज्यादा आमदनी नहीं थी वह राममूर्ति से बतौर कुछ लिए थारर्ज लि बकाया थे। इसके साथ ही जमुना अपने घर का निर्माण कार्य भी करा रहा था।
 जिस पर उसे पैसों की जरूरत थी। इस पर जमुना ने राममूर्ति के नौकर विनोद उर्फ बुक्का के साथ मिलकर राममूर्ति के घर चोरी करने की योजना बनाई। बताया कि 16 जुलाई की रात जमुना और विनोद राममूर्ति के घर चोरी कर रहे थे। तभी राममूर्ति की नींद खुल गई। कहीं राममूर्ति पहचान न ले इस पर पास में पड़ी कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। बगल के कमरे में रखे झुमको का चुरा लिया। इसके बाद दोनों लोग वहा से भागकर अपने घर के पास एक तालाब के पास अलग अलग हो गए और किसी को खबर न लगे इस पर दोनों अपने अपने घरों में जाकर सो गए।
 एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। दोनों के कब्जे से पीली धातु के झुमके, खून से सने कपड़े और कुल्हाड़ी बरामद की गई है। घटना का खुलासा करने वाले थानाध्यक्ष मझगवां रामजीत गौड़, एसआई योगेंद्र बहादुर सिंह, मनीष कुमार, स्वाट टीम प्रभारी बृजेश चंद्र यादव व उनकी टीम को पुरुष्कृत किया है।

3- हमीरपुर –  938 वर्ष पुरानी परम्पराओं के सूत्र में बंधा हमीरपुर

कोरोना के कारण रक्षाबंधन की मची धूम
-मास्क लगाकर बहनों से भाईयों ने बंधवाई राखी
हमीरपुर । जनपद में कोरोना महामारी के बीच यहां रक्षा बंधन के त्यौहार की धूम मची है। 838 साल पुरानी परम्पराओं के सूत्र में कजली उत्सव बंधा हुआ है हालांकि पहली बार भाईयों ने मास्क लगाकर बहनों से सामाजिक दूरी के बीच राखी बंधवायी है।
बुन्देलखंड क्षेत्र में रक्षाबंधन को कजली उत्सव के रूप में भी मनाये जाने की परम्परा है। 1182 में वीरभूमि महोबा के राजा परमाल की पुत्री चन्द्रावलि अपनी हजारों सहेलियों के साथ कीरत सागर में कजरियां विसर्जित करने जा रही थी तभी पृथ्वीराज चौहान के सेनापति चमुन्द्रा राय ने चन्द्रवलि को घेर लिया था। यहां कीरत सागर के पास राजा परमाल की ओर से आल्हा उदल व पृथ्वीराज की सेना के बीच भीषण युद्ध हुआ था। जिसमें राजा परमाल की विजय हुयी थी। रक्षाबंधन के अगले दिन विजय मिलने के कारण बुन्देलखंड में रक्षा बंधन त्यौहार को कजली उत्सव के रूप में मनाये जाने की परम्परा पड़ी।
 रक्षाबंधन को हमीरपुर जनपद के ग्रामीण इलाकों में विजय श्री के रूप में मनाया जाता है। किसी समय हमीरपुर जनपद में महोबा शामिल था लेकिन महोबा का विभाजन होने के बाद भी यहां इस परम्परा को आज भी बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। सुमेरपुर क्षेत्र के विदोखर, इंगोहटा समेत दर्जनों गांवों में आज रक्षाबंधन त्यौहार की धूम मची हुयी है।
सैकड़ों साल पुरानी परम्परा हालांकि कोरोना के कारण टूट गयी है लेकिन घरों और मंदिरों में इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने कजरियों को लेकर मंगल गीत गाये है। वहीं कहीं-कहीं सामाजिक दूरी के बीच आल्हा गायन के भी कार्यक्रम कराये जा रहे है।
 एतिहासिक परम्परा के मुताबिक आज के दिन पंधरी गांव में सावन मास के आखिरी दिन बैलगाड़ी दौड़ तथा आल्हा गायन और अन्य धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे लेकिन अबकी बार कोरोना महामारी के कारण ये कार्यक्रम नहीं हो रहे है। सिर्फ रस्म अदायगी के लिये ही कहीं-कहीं समिति स्तर में आयोजन हो रहे है। बिंवार कस्बे में सावन मास के समापन पर पाथा देवी मंदिर में भजन कीर्तन गायन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिव मंदिर में पिछले एक माह से लगातार ओम नमरू शिवाय का जाप चल रहा था। साथ ही मंदिर में अखंड रामायण का पाठ का भी समापन हो गया।
हाथी दरवाजे में कोरोना के कारण दंगल और मेला रद्द
हमीरपुर शहर के हाथी दरवाजे पर महावीरन मंदिर प्रांगण में पिछले सौ सालों से रक्षाबंधन त्यौहार के दिन मेला और दंगल का आयोजन होता था जिसमें आसपास के इलाकों के नामीगिरामी पहलवानों की कुश्तियां होती थी लेकिन कोरोना के कारण ये कार्यक्रम रद्द कर दिये गये। इस मेले में सैकड़ों गरीब दुकानदारों और कुम्हार बिरादरी के लोग मिट्टी के खिलौने और चूडिय़ों के अलावा अन्य सामान बेचते थे लेकिन इस बार मेला रद्द हो जाने से उनमें मायूसी देखी जा रही है। जनपद में आज ही सुमेरपुर और कुरारा क्षेत्र के अलावा तमाम इलाकों में रक्षाबंधन पर्व को शाम दंगल मेले की धूम मचती रही है मगर अबकी बार कोरोना महामारी ने सांस्कृतिक परम्पराओं के रंग में भंग कर दिया है।

4- हमीरपुर – शिवालयों में सावन मास के आखिरी सोमवार की मची धूम

-सामाजिक दूरी के बीच रिमझिम बारिश में श्रद्धालुओं ने की विशेष प्रकार से पूजा
-फिल्मी कलाकार ने भी एतिहासिक शिवमंदिर में पूजा कर देश की खुशहाली को की प्रार्थना
हमीरपुुर ।  सावन मास के आखिरी सोमवार को यहां शिव मंदिरों में श्रद्धालु सामाजिक दूरी के बीच विधि विधान से पूजा अर्चना कर रहे है। हालांकि रिमझिम बारिश के कारण तमाम इलाकों में शिव मंदिरों में सन्नाटा भी पसरा है। बालीवुड के युवा कलाकार सोमेन्द्र कुमार ने भी एतिहासिक शिव मंदिर में पहुंचकर भगवान भोले नाथ की पूजा की और बेल पत्र अर्पित कर देश की खुशहाली के लिये कामना की।
जनपद में रविवार की रात करीब ढाई बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुयी जो आज तड़के तक जारी रही। इसके बाद पिछले कुछ घंटे से यहां रिमझिम बारिश हो रही है। बारिश की फुहारों के बीच सावन मास के आखिरी सोमवार को अनोखा संयोग बनने पर श्रद्धालु कम संख्या में घर से निकलकर शिवालय पहुंचे और जलाभिषेक कर भगवान भोले नाथ की पूजा की।
शहर के पतालेश्वर मंदिर, संगमेश्वर मंदिर, नर्वदेश्वर मंदिर तथा यमुना नदी के तट पर प्राचीन दो शिव मंदिरों में महिलाओं ने विधि विधान से पूजा की है। कोरोना के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या नगण्य देखी जा रही है। बेतवा नदी पार सिमनौड़ी गांव में जंगल में स्थित मनेश्वर बाबा के मंदिर में पूजा करने वालों ने आज पताली शिवलिंग की विशेष प्रकार से पूजा की। ये मंदिर सैकड़ों साल पुराना है।
 ग्रामीण श्रद्धालुओं ने गाय के दूध से शिव लिंग का जलाभिषेक किया है। गुप्तकालीन शिव मंदिर में भी लोगों ने सामाजिक दूरी के बीच भगवान भोले नाथ की पूजा की है। जबकि सरीला में शल्लेश्वर तथा चौपेश्वर मंदिर में भी लोगों ने सावन मास के आखिरी सोमवार को विधि विधान से पूजा कर विदाई दी।यहां पिछले कई दिनों से सामाजिक दूरी का पालन करते हुये ओम नम:शिवाय का जाप भी चल रहा है। मिट्टी के शिव लिंग बनाकर भी आज विधि विधान से पूजा अर्चना का दौर जारी है।
 मनकीखुर्द गांव में बालीवुड के युवा कलाकार सोमेन्द्र कुमार ने पांच सौ साल पुराने शिव मंदिर में पहुंचकर माथा टेका। इन्होंने शिव लिंग का जलाभिषेक किया फिर बेल पत्र चढ़ाकर देश की खुशहाली के लिये प्रार्थना की। यमुना नदी पार रामपुर में भी शिवमंदिर में पूजा अर्चना की दौर जारी है वहीं बिहारेश्वर बाबा तथा गौरीशंकर बाबा मंदिर में भी सावन मास के आखिरी सोमवार की धूम सामाजिक दूरी के बीच देखी जा रही है। कांवरियों ने भी एतिहासिक शिवालयों में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की है।
 यहां के ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि सावन मास के आखिरी सोमवार के दिन दुर्लभ संयोग बन रहा है। लिहाजा श्रद्धालुओं को सुबह नौ बजे से शाम तक पूजा अर्चना करनी चाहिये। यदि आज के दिन शिवालयों में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करने के बाद श्रद्धालु शिव लिंग में राखी अर्पित करते है तो उनके जीवन में खुशहाली जरूर आयेगी।

5- हमीरपुुर -गरीबों को मिलेगा केरोसिन, मंडल के सभी जिलों को 564 केएल लिटर केरोसिन आवंटित

हमीरपुर । शासन द्वारा आगामी त्योहारों के मद्देनजर गरीब परिवारों को केरोसिन तेल वितरित करने के लिए 564 किलोलीटर तेल का आवंटन चित्रकूट मण्डल के चारों जनपदों हमीरपुर, बांदा, महोबा, चित्रकूट को उपलब्ध करा दिया गया है।
जिसमें इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) द्वारा 300 केएल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचएसपीसीएल) द्वारा 12 केएल एवं भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लि.(बीपीसीएल) द्वारा 252 केएल तेल आवंटित करेगी। केरोसिन तेल का वितरण पात्र गृहस्थी को एक लीटर प्रति कार्ड एवं अन्त्योदय कार्ड धारको तीन लीटर प्रतिकार्ड किया जाएगा। परन्तु जिनके पास गैस एवं विद्युत कनेक्शन दोनों हैं उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अधिनियम 2013 के अन्तर्गत दो प्रकार के लाभान्वित परिवारों की श्रेणी अर्थात पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय का चयन किया गया है। शासन से निर्देश दिये गये हैं सर्वे में एलपीजी गैस एवं विद्युत कनेक्शन दोनों का उपभोग करते पाए गए राशन कार्ड धारकों पीडीएस मिट्टी तेल आवंटित नहीं किया जाएगा। शासन ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि द्वितीय त्रैमास जुलाई, अगस्त व सितम्बर 2020 के लिए आवंटित मिट्टी तेल के उठान वितरण व सत्यापन की कार्यवाही समय से पूर्ण करायें।
शासन के निर्देश पर आईओसीएल 72 केएल, बीपीसीएल 36 केएल कुल 108 केएल केरोसिन तेल जनपद हमीरपुर को उपलब्ध कराये गयी। इसी प्रकार जनपद बांदा को आईओसीएल 144 केएल, बीपीसीएल 84 केएल कुल 228 केएल केरोसिन तेल, जनपद महोबा को एचएसपीएल 12 केएल, बीपीसीएल 84 केएल कुल 96 केएल केरोसिन तेल एवं जनपद चित्रकूट को आईओसीएल 84 केएल, बीपीसीएल 48 केएल कुल 132 केएल केरोसिन तेल कुल 564 केएल केरोसिन का आवंटन चित्रकूट मण्डल को प्राप्त हुआ है।
जिला पूर्ति अधिकारी राम जतन यादव ने सोमवार की शाम बताया कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक केरोसिन मिलेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में गरीब उपभोक्ताओं को केरोसिन वितरित कराया जा चुका है और अब अगस्त माह में केरोसिन का आवंटन होते ही वितरण कराया जायेगा।

6- हमीरपुर – बहनों ने भाई की कलाई में बांधे प्यार के धागे

-देर शाम तक घरों में मची रक्षाबंधन के पर्व की धूम 
हमीरपुर । भाई बहन के प्रेम व विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कोरोना को लेकर बहनों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भाइयों की कलाई में राखी बांधी। बहनों ने पूजन कर रक्षाबंधन की थाल सजाकर भाई के माथे पर तिलक लगाकर राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा करने का संकल्प किया।
सोमवार को जिले में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जगह जगह मिठाई की दुकानों में बहन व भाई मिठाई खरीदते नजर आए। बहनों ने थाली में दीपक, मिठाई व राखी लेकर भाइयों की पूजा व मिठाई खिलाकर राखी बांधी। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा करने का संकल्प किया। जिला कारागार में बंदी रक्षक भाइयों को बहनों ने राखी बैंक के माध्यम से राखी भेजी। कोरोना काल को लेकर जेल प्रशासन ने राखी बैंक में आई राखियों को सैनिटाइज कर बंदी रक्षकों को भेजा। जहां बंदी रक्षक भाइयों ने कलाई में अपनी बहनों की राखी बांध उन्हे आर्शीवाद दिया।
त्योहार को लेकर रोड़वेज में उमड़ी भीड़
रक्षाबंधन त्योहार को लेकर हमीरपुर रोडवेज परिसर में आने जाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर महिलाओं व युवतियों को रोडवेज में फ्री सेवा का तोहफा दिया। जिससे बहनें अपने भाइयों के पास जाकर उन्हे राखी बांध सके। जिसको लेकर सोमवार को बसों में भारी भीड़ देखने को मिली।

7- हमीरपुर – कोरोंना योद्धाओं को रक्षा सूत्र बाँध कर संघ ने मनाया रक्षा बंधन

हमीरपुर । सुमेरपुर कस्बा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रक्षा बंधन का पर्व समाज की सेवा में लगे कोरोंना योद्धाओं के हाथ में रक्षा सूत्र बाँध कर मनाया।
 नगर पंचायत के सभी सफाई कर्मियों को इस अवसर पर रक्षा सूत्र बाँधने के साथ उन्हे मिठाई खिलाई गयी। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ तरुण पाल सहित अन्य कर्मियों के हाँथ पर रक्षा सूत्र बांधे गए। थाना सुमेरपुर मे थानाध्यक्ष के अलावा अन्य पुलिस कर्मियों के हाथों में रक्षा सूत्र बाँध कर कोरोंना संक्रमण के दौर में की जा रही समाज सेवा के लिए उन्हे धन्यवाद दिया गया।
 इस अवसर पर संघ के खंड संघ चालक कैलाश द्विवेदी, खंड कार्यवाह ओमेश सिंह, खंड सेवा प्रमुख संजीव कुमार व विकास यादव, तथा जिला कुटुंब प्रबोधन प्रमुख मिथलेश द्विवेदी आदि संघ के दायित्वधारी लोग मौजूद रहे। इधर हमीरपुर, मौदहा व मुस्करा क्षेत्र में संघ के कार्यकर्ताओं ने गरीबों को राखी बांधकर रक्षाबंधन त्यौहार मनाया।

8- हमीरपुर – रामजानकी मंदिर में झूला महोत्सव को दी गई विदाई, महिलाओं ने गाये मंगलगीत

हमीरपुर । जनपद के सुमेरपुर क्षेत्र के विदोखर गांव में सोमवार को शाम रामजानकी मंदिर में झूला महोत्सव का समापन हो गया। महिलाओं ने मंगलगीत गाकर श्रीकृष्ण को झूला झुलाया। सामाजिक दूरी का पालन करते हुये यहां अनेक कार्यक्रमों के साथ साल भर के लिये विदाई लेते हुये झूला महोत्सव लोगों को सजग रहने का संदेश दे गया। संगीत के कार्यक्रम के साथ श्रीकृष्ण की प्रतिमा को राधा की प्रतिमा के साथ झूला भी झुलाया गया।
सुमेरपुर क्षेत्र के विदोखर गांव में रामजानकी मंदिर सैकड़ों साल पुराना है। यहां सावनी झूला महोत्सव ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था व समाज में प्रेम और एकता बनाये रखने के उद्देश्य को लेकर आयोजित किया जाता है। श्रावण की पूर्णिमा को विविध कार्यक्रमों के साथ दस दिवसीय झूला महोत्सव सम्पन्न हो गया। रामजानकी मंदिर के महंत हरे रामदास ने बताया कि इस साल भी देवी गीत, कबीरी भजन, ख्याल गायन, सुगम संगीत, शास्त्रीय संगीत, आल्हा, कजली, सावन व झूला गीतों की धूम दस दिवसीय झूला महोत्सव में रही।
 स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर महोत्सव को नये आयाम दिये है। आयोजन में संतोष सिंह, प्रत्यूष त्रिपाठी, अमर, सहित दूरदराज से लोग मौजूद रहे। महोत्सव के आखिरी दिन गांव कीं महिलाओं ने सावन गीत गाते हुये भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को राधा की प्रतिमा के साथ झूला झुलाया। सावन में घर-घर छा गयो मोरो छोटो सो कन्हैया।
 अजहुं न आये बालमा, सावन बीता जाये। मेरे नैना सावन भादौ फिर भी मेरा मन प्यासा। ऐसे कई विरह-समर्पण युक्त गीतों के साथ बिदोखर का झूला महोत्सव वर्ष भर की विदाई के साथ सम्पन्न हो गया। अंतिम दिन कलाकारों के साथ श्रोताओं की अच्छी भीड़ उपस्थित रही। झूला महोत्सव के समापन पर गायक रामलखन ने श्रीकृष्ण की महिला के गीत प्रस्तुत किये। गजराज सिंह ने कृष्ण से जुड़े विरह के गीत अजहुं न आये बालमा, सावन गीता जाये। मोरे नैना सावन भादौं फिर भी मेरामन प्यासा। गीत प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा गाये गये लोक गीत सावन से घर-घर छा गयो मोरो छोटो सो कन्हैया। आदि गीत छाये रहे। स्थानीय व बाहरी कलाकारों ने क्रमशः अपनी कला का प्रदर्शन किया। समापन पर श्रीकृष्ण की आरती गायी गयी। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। कार्यक्रम का संचालन डा. अमर सिंह ने किया। मंदिर के व्यवस्था हरे रामदास ने झूला महोत्सव मंे सहभागी कलाकार व जन समूह के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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