(हमीरपुर बुलेटिन) आईजीआरएस में हमीरपुर प्रदेश में पहले पायदान पर, पढ़े दिनभर की खबर

1- आईजीआरएस में हमीरपुर प्रदेश में पहले पायदान पर
-शिकायतों के निस्तारण में बुन्देलखंड के तीन जनपद रहे फिसड्डी

हमीरपुर ब्यूरो। आईजीआरएस में हमीरपुर जनपद ने प्रदेश स्तर पर दोबाराबाजी मारी है। शिकायतों का निस्तारण किये जाने पर जनपद को शत प्रतिशत अंक हासिल हुये है।

हमीरपुर के ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर चक्रेश कुमार त्रिवेदी ने शनिवार को बताया कि जिले को शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश स्तर पर शत प्रतिशत अंक मिले है। उन्होंने बताया कि बुन्देलखंड के बांदा जनपद को आईआरजीएस में 85.26 फीसद अंक मिले है वहीं चित्रकूट को 95.79, जालौन को 100, ललितपुर को 100 व महोबा को 100 तथा झांसी जनपद को 98.95 फीसद अंक मिले है।

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जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने आईजीआरएस टीम एवं जिले के सभी अधिकारियों को प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर खुशी जताते हुये कहा कि इसी तरह से शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाये जिससे हमीरपुर जनपद प्रदेश में पहले पायदान पर आगे भी बना रहे।

उन्होंने बताया कि समस्त अधिकारियों ने जनता दर्शन एवं तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को लेकर अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव व सीडीओ आरके सिंह लगाकर समीक्षा करते है। शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक भी लिया जाता है।

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2 – हमीरपुर – एनीमिया जन स्वास्थ्य समस्या, इसे हराएंगेः सीएमओ
– एनीमिया मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने को लेकर हुआ कार्यशाला का आयोजन

हमीरपुर ब्यूरो।एनीमिया मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को टीबी सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें उपस्थित एबीएसए, सीडीपीओ, बीपीएम और स्कूलों के प्रधानाचार्यों को एनीमिया के खिलाफ भारत सरकार द्वारा शुरू की गई मुहिम को सफल बनाने के टिप्स दिए गए।

कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी  (सीएमओ) डॉ.राजकुमार सचान ने कहा कि एनीमिया एक जन स्वास्थ्य समस्या है। हर दूसरी महिला और बच्चा इससे ग्रसित है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था (10-19 वर्ष) एनीमिया को दूर करने के लिए दूसरा महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवस्था में शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से होता है। पोषक तत्वों की आवश्यकता अधिक होती है। किशोर-किशोरियां नई जानकारियों के प्रति जागरूक एवं स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहते है।

उन्होंने कहा कि सभी स्कूल-कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों में रजिस्टर्ड बच्चों को एनीमिया की समस्या से मुक्त करना है। इसलिए इन सभी संस्थाओं की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।

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प्रत्येक सोमवार को स्कूलों में बच्चों को आयरन की गोलियां मिड डे मील के एक घंटे बाद बच्चों देनी है। और इसकी जानकारी रजिस्टर में लिखना है। गोलियां खाने के बाद आधे घंटे के लिए बच्चों को खेल से जुड़ी किसी गतिविधि में शामिल करें। अभियान के दौरान बच्चों की खेलकूद और अन्य गतिविधियों की प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। एएमबी के नोडल डॉ.रामअवतार ने बताया कि दवा खाने के बाद किसी को कोई दिक्कत हो जैसे पेट फूला हुआ महसूस होना, मितली आना आदि सामान्य प्रभाव माने जाते हैं, जो आधे से एक घंटे तक रह सकते हैं। एक घंटे बाद भी अगर किसी को समस्या हो रही है तो उसे हवादार और रोशनीदार जगह पर अलग से
बैठाएं।

कार्यशाला में एसीएमओ डॉ.आरके यादव, डीटीओ डॉ.महेशचंद्रा, डीपीएम सुरेंद्र साहू, डॉ.आरपी वर्मा, डीईआईसी मैनेजर गौरीशराज पाल, डीसीपीएम मंजरी गुप्ता सहित एबीएसए, सीडीपीओ, एमओआईसी और बीपीएम भी मौजूद रहे।

बीमारियों का घर है आयरन की कमी महिला अस्ताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.आशा सचान ने बताया कि किशोरावस्था में शारीरिक विकास तेजी से होता है। खासकर किशोरियों में माहवारी की शुरुआत होती है। जिसकी वजह से हर माह कुछ मात्रा में खून शरीर से निकल जाता है। इन कारणों से किशोरावस्था में सामान्य से अधिक आयरन की आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति न हो पाने पर आयरन की कमी हो जाती है। आयरन की कमी से व्यक्ति थकान महसूस करता है। सुस्ती बनी रहती है और सांस फूलने के साथ ही किशोर-किशोरियों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। बार-बार बीमारी का घेर लाना भी आयरन की कमी से होता है।
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क्या कहते हैं आंकड़ें एनएफएचएस-4 के हिसाब से जिले में 15 से 49 वर्ष तक 51.8 प्रतिशत महिलाएं एनेमिक हैं। इसी उम्र के 30.2 प्रतिशत पुरुष एनेमिक हैं। वहीं अगर बात बच्चों की करी जाए तो 6 माह से 59 माह तक 55.5 प्रतिशत बच्चे एनेमिया के शिकार हैं।

3- कुरारा हमीरपुर- भूमिहीन महिला को नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास, झोपड़ी में गुजार रही जीवन

कुरारा हमीरपुर। एक विधवा महिला सरकारी योजनाओं से महरूम है। गांव के बाहर खेत के किनारे झोपड़ी में ये महिला ठंड से ठिठुर रही है। कुरारा ब्लाक के मजरा लल्ली का डेरा गांव निवासी विधवा रामबेटी निषाद पत्नी स्व.रामविलाश भूमिहीन है। इसके पास अन्त्योदय कार्ड है लेकिन कच्ची झोपड़ी से उसे निजात नहीं मिल सकी। झोपड़ी की दीवाल भी गिरी पड़ी है जिससे ठंड के मौसम में ये ठिठुरकर किसी तरह रात काटने को मजबूर है। ये गरीब महिला पेट पालने के लिये मजदूरी करती है।

इसने रविवार को बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव से कई बार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास मांगा गया लेकिन कोई भी उसकी समस्या नहीं सुन रहा है। कच्ची झोपड़ी में टप्पर डालकर किसी तरह गुजर बसर किया जा रहा है। उसने बताया कि गांव के सम्पन्न लोगों को इस योजना का लाभ दिया गया है लेकिन गरीब और भूमिहीनों को इस योजना से वंचित रखा गया है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी राम सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि जो इस योजना के लिये पात्र होंगे उन्हीं को लाभ मिलेगा।

4- हमीरपुर में ठंड लगने से फिर पांच लोगों की मौत
-ठंड के कारण खेतों की रखवाली करने से पीछे हटे किसान

सुमेरपुर हमीरपुर। फिर ठंड की चपेट में आकर तीन महिलायें समेत पांच लोगों की मौत हो गयी। इस घटना से अब गांवों के लोग सकते में आ गये है। जिले में अभी तक तीन दर्जन लोगों की ठंड के सीजन में मौत हो चुकी है। ठंड के सितम में अब किसान अपने खेतों की रखवाली करने से भी पीछे हट गये है।

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सुमेरपुर कस्बे के मौलवी अब्दुल गनी (70) ठंड की चपेट में आ गये। इनका इलाज कराया जा रहा था। अचानक इनकी तबियत फिर बिगड़ गयी और घर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौलवी उर्दू, एवं अरबी के विद्धान थे। इनके पढ़ाये हुये सैकड़ों शिष्य उर्दू टीचर की नौकरी कर रहे है। इसके साथ ही दीनी तालमी देने में इनका कोई जोड़ नहीं था। शनिवार को इन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया।

सुमेरपुर थाना क्षेत्र के विदोखर पुरई गांव निवासी अमर सिंहपहलवान की पत्नी रन्नों सिंह (52), विदोखर मेंदनी गांव निवासी रवीन्द्रसिंह की पत्नी गीता देवी (45) की ठंड लगने से मौत हो गयी। वहीं इंगोहटा गांव निवासी गोमती (40) पत्नी भइयालाल वर्मा व कल्लू कुशवाहा (69) की ठंड लगने से मौत हो गयी। अचानक ठंड से हुयी इन मौतों से परिजनों में कोहरा मच गया। इधर हमीरपुर

मौैसम विभाग के कर्मी भवानी प्रसाद ने बताया कि अधिकतम पारा 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो सामान्य से कई डिग्री कम है। दिन भर आसमान में बादल छाये रहे। धूप न खिलने से लोग घरों में ही दुबके रहे। सार्वजनिक स्थानों पर तो ठंड के कारण सन्नाटा पसरा रहा।

5- हमीरपुर- हाईकोर्ट के आदेश से फिर प्रधान को मिले वित्तीय अधिकार

सुमेरपुर हमीरपुर। एक ग्राम पंचायत के प्रधान के जिलाधिकारी के आदेश पर
सीज किये गये वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को
बहाल कर दिये गये है।

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सुमेरपुर ब्लाक के इंगोहटा गांव में विकास कार्याे में धांधली पाए जाने
पर गत माह जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने इंगोहटा प्रधान शीतल प्रसाद
कोरी इंगोहटा के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर तीन सदस्य संचालन
समिति का गठन कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने आदेश वापस
करते हुए प्रधान के अधिकार बहाल करने का आदेश खंड विकास अधिकारी सहित
अन्य संबंधित को दिए हैं। अधिकार वापस होने पर ग्राम प्रधान के खेमे में
हर्ष की लहर है । वहीं दूसरे खेमे में इस आदेश से बड़ा झटका लगा है ।

6- हमीरपुर -डीएम ने सड़कों की टीम से जांच कराने के दिये आदेश
-सड़कों की मरम्मत न कराने पर ठेकेेदार के खिलाफ एआईआर दर्ज कराने के भी आदेश

हमीरपुर ब्यूरो। शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार
कक्ष में सम्पन्न हुई।

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बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सभी सड़को की टीम बनाकर जाँच कर ली जाय,इन सड़कों का यदि समय समय पर मेंटीनेंस नही कराया गया तो सिक्योरिटी राशि जब्त कर ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराई जाय।उन्होंने कहा कि कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत सभी आवेदन पत्रों की जांच कर अधिक से अधिक पात्र कन्याओं को चिन्हित कर योजना से आच्छादित किया जाय।इसके लिए न्यूनतम 500 पात्रों को चिन्हित करें।

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मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में सभी विभाग अपनी योजनाओं से पात्रों को शत प्रतिशत आच्छादित करें। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत लक्ष्य के अनुसार पात्र जोड़ो का चिन्हांकन कर बड़ा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करें, ज्ञात हो कि इस योजना के अंतर्गत लक्ष्य के अनुसार 89 जोड़ो का सामूहिक विवाह किया जाना
शेष है। सभी आगनवाड़ी केंद्रों पर विद्युत कनेक्शन किए जाय। पूर्वदशम व दशमोत्तर के छात्रों को छात्रवृत्ति देने हेतु अपने स्तर की सभी कार्यवाही पूर्ण कर ली जाय। सभी प्रकार की पेंशन प्रकरणों में लाभार्थियों को समय से पेंशन क़िस्त भेजी जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त व 14 वें वित्त आयोग के तहत आवंटित
धनराशि को डंप न रखी जाए। उस धनराशि से नियमानुसार नाली ,खड़ंजा, विद्यालय की बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य तथा पेयजल सम्बन्धी कार्य कराए जाएं। चिकित्सा विभाग द्वारा १००त्न संस्थागत प्रसव कराया जाय। मिशन इंद्रधनुष के तहत शत प्रतिशत टीकाकरण कर लिया जाय आशा,ए०एन०एम० का समय से भुगतान किया जाय। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाय ,निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी से
जांच कराई जाय इसमे किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

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आंगनवाड़ी के निर्माण कार्य को समय से पूर्ण कर लिया जाय।  सभी पाइप पेयजल योजनाओं को
पूर्ण क्षमता पर क्रियान्वित किया जाय । सड़को को गड्डामुक्त किया जाय। कृषको की खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय, नकली खाद पर कार्यवाही की जाय। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी व ग्रामीण में जो किश्त अवमुक्त की जा रही है उसी के अनुसार भौतिक प्रगति प्राप्त की जाय।ओ०डी०ओ०पी० योजना के अंतर्गत व्यवसायी को ऋण स्वीकृत कराया जाय ,इसमे लापरवाही न बरती जाए।नेडा से ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगवाई जाय। गौ आश्रय स्थल
में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाए।एन०आर०एल०एम० के अंतर्गत लक्ष्य के अनुसार समूह गठित कर लिया जाय। मनरेगा के अंतर्गत अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित किये जाय। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर०के सिंह, सी०एम०ओ० आर०के ० सचान ,पी०डी० चित्रसेन सिंह, डी०डी०ओ० विकास,डी०सी०एन०आर०एल०एम० कमलेश कुमार सहित अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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7- माइनर से किसानों की 50 बीघा फसल जलमग्न, डीएम ने जांच कर मांगी रिपोर्ट

सुमेरपुर हमीरपुर। पत्यौरा पंप केनाल की सुरौली बुजुर्ग माइनर में खांदी होने से किसानों की पचास बीघे की फसल जलमग्न हो गयी। जिससे किसानों में हाहाकार मच गया है। शनिवार को शिकायत पर जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने लेखपाल से स्थलीय जांच रिपोर्ट तलब की है।


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सुमेरपुर कस्बे के सुरौली माइनर में खांदी होने के कारण सुरौली बुजुर्ग के एक दर्जन किसानों की लहलहाती फसल जलमग्न हो गई है। जिसमे किसान रतुवा, गयाप्रसाद, दयाराम, किशन, जागेश्वर,राजकरन,रामबरन दुर्गी, शिवबरदानी, अनीता, भगवानदीन आदि की 50 बीघा फसल शामिल है। किसानों ने समाधान दिवस में जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी से न्याय की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने लेखपाल से स्थलीय रिपोर्ट तलब की है। किसानों का आरोप है कि नहर में गत एक माह से खांदी है जिसे बंद कराने के लिए नहर के अवर अभियंता से कहा गया। परंतु वह अनदेखी कर रहे है। इससे उनकी गेहूं, मटर ,सरसों की फसल में पानी भर जाने से नष्ट हो रही है। अवर अभियंता राहुल प्रकाश ने बताया कि यह सभी किसान टेल किनारे  के हैं। नहर में खांदी नही है। बल्कि बारिश का पानी खेतों में भरा है । नहर पूरी तरह से बंद पड़ी है।

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8- गौवंश ने की आधा दर्जन से अधिक किसानों की 43 बीघे की फसल चौपट

सुमेरपुर हमीरपुर। आवारा गौवंश ने फिर आधा दर्जन से अधिक किसानों की
गेहूं और मटर की फसलें चौपट कर दी है। इससे किसानों में हाहाकार मच गया
है। इससे पहले 82 बीघे की फसल गौवंश चट कर गये थे।

सुमेरपुर कस्बे के इंगोहटा ग्राम पंचायत में करीब चार सौ अन्ना गौवंश चारों तरफ घूम रहा है । इसलिए किसानों की नाक में दम कर रखा है । किसान फसलें रखाने के लिए रात भर खुले आसमान के नीचे खेतों की मेड़ में बैठने को मजबूर है। इसके बाद भी अन्ना गोवंश मौका पाते ही फसल चटकर जाता है । इससे किसान परेशान हैं । बीती रात अन्ना गोवंश ने गांव के किसान जीवन यादव का 10 बीघा मटर, देवीदीन यादव का 5 बीघा मटर, रामस्वरूप कुटार का 3 बीघा
गेहूं , गंगा साहू का 10 बीघा का गेहूं , लल्लू साहू का 5 बीघे का गेहूं, चेतराम साहू का 5 बीघा गेहूं एवं महेश साहू का 5 बीघा गेहूं चट कर दिया है । सुबह फसलों की बर्बादी देखकर किसानों के होश उड़ गए।

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किसानों ने बताया कि अन्ना गोवंश संरक्षण की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। अभी तक
सैकड़ों बीघे की फसलों को अन्ना गौवंश चट कर चुका है । प्रशासन की हीलाहवाली से यहां के किसानों को जरा भी राहत नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।

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