(हमीरपुर बुलेटिन) कोरोना संकट काल में मजदूरों का फिर पलायन शुरू, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- तेज रफ्तार कार पलटने से युवक की मौत, सगा भाई घायल

हमीरपुर । बिंवार थाना क्षेत्र के निवादा गांव के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार एक कार के पलट जाने से एक युवक की मौत हो गयी, वहीं उसका सगा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पाते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
राठ कोतवाली क्षेत्र के निवासी सौरभ कुमार सक्सेना (27) अपने सगे भाई कपिल कुमार सक्सेना (24) के साथ कार यूपी.91क्यू-3892 से हमीरपुर गया था। ये दोनों वापस राठ जा रहे थे तभी थाना क्षेत्र के निवादा गांव से पूर्व करनसिंह के नलकूप के पास कार का एक पहिया चलती कार से निकल गया जिससे तेज रफ्तार कार सड़क किनार पलट गयी। इससे कार में सवार दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गये।
राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी जिस पर थाने के एसआई अरविन्द पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को किसी तरह कार से बाहर निकालकर एम्बुलेंस की मदद से सुमेरपुर कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा। यहां इलाज के दौरान कपिल कुमार सक्सेना की मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। एसआई अरविन्द पाल ने बताया कि हादसा कार का पहिया निकलने से हुआ है जिसमें कपिल सक्सेना की अस्पताल में मौत हो गयी है। उसका बड़ा भाई सौरभ सक्सेना का इलाज जारी है

2- नागपंचमी का दंगल कोरोना की भेंट चढ़ा, अब सिर्फ होगी रस्म अदायगी

हमीरपुर। एतिहासिक पतालेश्वर मंदिर में नागपंचमी को होने वाला दंगल कोरोना वायरस महामारी के कारण रद्द कर दिया गया है।
हमीरपुर शहर के यमुना नदी किनारे पतालेश्वर मंदिर स्थित है। ये मंदिर कम से कम एक हजार साल पुराना है। नागपंचमी के दिन मंदिर परिसर में पिछले पचास सालों से दंगल का आयोजन हो रहा था। इसमें स्थानीय और बाहरी पहलवान दांवपेंच दिखाते रहे है। दंगल देखने के लिये भी लोगों की भारी भीड़ भी जुटती थी लेकिन इस बार नागपंचमी का दंगल कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया है।
 दंगल कमेटी के आयोजक युगांक मिश्रा एवं संरक्षक सत्यप्रकाश मिश्रा ने शुक्रवार को शाम बताया कि हमीरपुर शहर में इन दिनों कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे है। शहर के कई इलाके कंटेनमेंट जोन के दायरे में आ गये है जिससे नागपंचमी को शाम होने वाला दंगल रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दंगल देखने के लिये भारी भीड़ एकत्र होती है इसलिये कोरोना के कारण अब दंगल नहीं होगा लेकिन दंगल स्थल पर परम्परा के अनुसार सिर्फ पांच लोग ही पूजा करेंगे।

3- कोरोना संकट काल में मजदूरों का फिर पलायन शुरू

-गैर प्रांतों से लाँक डाउन में आये प्रवासियों के सामने रोजगार के पड़े लाले
-बुन्देलखंड क्रांति दल ने प्रवासियों के पलायन करने की मजबूरी पर जताई चिंता
हमीरपुर । जनपद में कोरोना काल में रोजगार न मिलने से अब मजदूरों के पलायन करने का सिलसिला शुरू हो गया है। लाँक डाउन के दौरान गैर राज्यों से लौटकर आये प्रवासियों के सामने अब रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांव में उनके मन मुताबिक कोई काम न मिलने से गांव के गांव खाली होने लगे है। बुन्देलखंड क्रांति दल ने शुक्रवार को प्रवासियों के पलायन करने की मजबूरी पर चिंता जतायी है।
जनपद में कुरारा, सुमेरपुर व मुस्करा क्षेत्र के कई गांवों के हजारों लोग सूरत, मुम्बई, दिल्ली और हरियाणा में फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। बीस से पच्चीस हजार की पगार कमाने वाले प्रवासियों का जीवन खुशहाली से चल रहा था लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण फैक्ट्री बंद हो गयी।
लाँक डाउन के दौरान सभी मजदूर अपने परिवार के साथ वापस गांव लौट आये थे लेकिन गांव में भी प्रवासियों को काम नहीं मिल रहा है। जो प्रवासी पांच सौ से छह से सौ रुपये की दिहाड़ी महानगरों में कमाते थे उन्हें दो सौ रुपये की दिहाड़ी में दिन भर फावड़े चलाने पड़े। गर्मी के मौसम में फावड़े न चलाने वाले प्रवासियों ने कुछ दिनों तक परिवार के भरण पोषण के लिये फावड़े चलाये लेकिन अब प्रवासी घर बैठ गये है। फावड़े चलाने पर उनके हाथ में छाले भी पड़ गये है। देश में अनलाक होने पर अब गांवों के मजदूरों ने महानगरों की ओर से पलायन करना शुरू किया है।
 कुरारा क्षेत्र के झलोखर गांव में ही कई दर्जन मजदूर पलायन कर गये है। बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र अग्रवाल ने शुक्रवार को शाम बताया कि मजदूरों के पलायन की मजबूरी चिंताजनक है। घर-घर जाकर मजदूरों का दुख दर्द सुना गया तो ज्यादातर मजदूरों ने यहीं कहा कि गांव में उनके हिसाब से कोई रोजगार नहीं है। ऐसे में परिवार के भरण पोषण का कोई दूसरा रास्ता भी नहीं दिख रहा है। इसीलिये प्रवासी मजदूर परिवार समेत घर से महानगर की ओर चल पड़े है।
बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष  ने  बताया कि बुन्देलखंड से लोगों के पलायन को रोकने के लिये अब उन्हें बुंदेलखंड पृथक राज्य अभियान से जोड़ा जायेगा। इस अभियान में युवकों की टीम बनायी जा रही है। जो प्रवासियों को पृथक राज्य के निर्माण की मांग के लिये तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जब तक पृथक बुन्देलखंड राज्य के निर्माण का सपना साकार नहीं करती तब तक इस पूरे भूभाग की तस्वीर नहीं बदलेगी।
 पृथक राज्य बनने से बुन्देलखंड में रोजगार के अवसर सुलभ होंगे जिससे लोगों का पलायन रुकेगा। इस मौके पर उनके साथ बुंदेलखंड क्रांति दल के जिला महासचिव  अभिनव  तिवारी जिला उपाध्यक्ष राजेश माथुर के साथ गांव वापस लौटे युवा मिथिलेश प्रजापति अमित कुमार शिवमंगल अखिलेश कुमार रविंद्र कुमार रामबहादुर राम किशन प्रजापति दीपू  अहिरवार संतोष विश्वकर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

4- बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिये हमीरपुर आया प्रदेश में तीसरे पायदान 

कोरोना संक्रमण काल में भी स्वास्थ्य सेवाओं में नहीं आने पाई कोई कमी
 सीएमओ और डीपीएम एनएचएम ने पूरी टीम को दिया उपलब्धि का श्रेय 
हमीरपुर । कोरोना संक्रमण काल में भी स्वास्थ्य कर्मियों के जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य कर्मी कोरोना मरीजों को चंगा करने में जुटे हुए हैं तो अन्य मरीजों का भी इलाज पूरी शिद्दत से किया जा रहा है।
 इसी का परिणाम रहा कि हमीरपुर जनपद की रैंकिंग में सुधार हुआ है। जनपद का स्वास्थ्य महकमा स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। बीते मंगलवार को पोर्टल के जरिए जब जून माह की रैंकिंग जारी हुई तो स्वास्थ्य विभाग की बांछें खिल गई। कोरोना के संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों के चेहरे भी खिल गए।
भारत सरकार द्वारा संचालित एचएमआईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम) और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यूपीएचएमआईएस पोर्टल के जरिए प्रतिमाह सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग की रैंकिंग जारी की जाती है। जिसमें 14 सूचकांक गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण प्रसव पूर्व जांच, हीमोग्लोबिन की जांच, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव, प्रसव पश्चात देखभाल, परिवार कल्याण की योजनाएं, संपूर्ण टीकाकरण, टीबी की जांच, गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच, विभिन्न कार्यक्रमों में आशा कार्यकर्ताओं को प्राप्त मानदेय तथा आंकड़ों की गुणवत्ता की उपलब्धियों को आधार मानते हुए सभी जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। पोर्टल पर जारी रैंकिंग मंे यूपी हेल्थ डैशबोर्ड पर हमीरपुर को तीसरा स्थान मिला है, जो इस वक्त जनपद के लिए बड़ी उपलब्धि है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरके सचान ने शुक्रवार को बताया कि स्वास्थ्य कर्मी आज कोरोना संक्रमण जैसे विपरीत हालातों में भी जबरदस्त तरीके से काम कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आज जनपद को प्रदेश में तीसरी रैंक मिली है। इसके लिए उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। एनएचएम के जिला प्रबंधक सुरेंद्र साहू ने बताया कि इससे पूर्व अप्रैल माह में जनपद की इसी पोर्टल में 61वीं रैंक थी। मई में चौथी और जून में तीसरी रैंक मिली है। अब आगे उनकी टीम की कोशिश होगी कि इस रैंक में भी सुधार किया जाए।

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