(हमीरपुर बुलेटिन) कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, 13 नये संक्रमित मरीज मिले, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- हमीरपुर : युवक का बाड़े में मिला शव, हत्या का आरोप

हमीरपुर । कुरारा थाना क्षेत्र के पतारा गांव में रहने वाले एक मानसिक रोगी का शव रविवार को बाड़े में (जानवरों का घर) मिला है। उसके गले में अंगोछा लिपटा था। परिजनों ने गांव के ही चौकीदार और उसके दो पुत्रों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। 

कुरारा क्षेत्र के पतारा गांव निवासी अनुराग कुमार (27) ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद घर में ही रहता था। परिजनों के मुताबिक, वह मानसिक बीमार था, जिसका आगरा में इलाज चल रहा था।

 
अनुराग मकान के पास बने जानवर के बाड़े में सोने जाता था। शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह बाड़े में सोने चला गया। ​रविवार की सुबह करीब नौ बजे जब अनुराग घर नहीं पहुंचा तब उसे बुलाने उसका भाई आदित्य बाड़े पहुंचा तो अनुराग को जमीन पर मृत देख वह चिल्ला पड़ा। उसके गले में अंगोछा लिपटा था। 

घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष एके सिंह, सीओ सदर अनुराग सिंह फॉरेसिंक टीम व डॉग स्क्वायड को लेकर घटनास्थल पहुंचे। इसी बीच घटनास्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने भी मौका मुआयाना किया। फॉरे​सिंक टीम ने जांच कर साक्ष्य को जुटाया। 

इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि इस घटना में मृतक के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इसके आधार पर पुलिस ने गांव के चौकीदार शिव प्रसाद व उसके दो पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 

2- कश्मीरियों ने बनवाया था बागेश्वर मंदिर, सोमवार को होगी विशेष पूजा

 

हमीरपुर । जनपद के सायर गांव में बागेश्वर मंदिर में सावन मास के आखिरी सोमवार को सामाजिक दूरी के बीच श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। हालांकि कोरोना महामारी के कारण यहां धार्मिक कार्यक्रमों की धूम नहीं मचेगी। इस मंदिर में शंकर जी का विशेष शिवलिंग स्थित है, जो अद्भुत होने के साथ ही कसौंधन समाज के लिये एक बड़ा तीर्थ स्थल भी है।
जिले के मौदहा कस्बे से करीब 10 किमी दूर सायर गांव में स्थित बागेश्वर मंदिर का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। मौदहा क्षेत्र के अम्बिका प्रसाद का कहना है कि ये शिव लिंग विशेष प्रकार का है, जिसे देखने से ही मन को बहुत शांति पहुंचती है। मंदिर का अद्भुत नजारा देखकर पहली आये श्रद्धालु भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं।
बताते है कि बरगद के पेड़ की डाली और जड़ों के बीच एक मंदिर का रूप ये स्थान लिये है। इसी में भगवान भोले नाथ का विशेष शिव लिंग स्थापित है। ग्रामीणों ने बताया कि यह एक ऐसा अद्भुत मंदिर है जहां समाज के ही मंदिर की देखरेख करते है।
गांव में समाज के अलावा दूरदराज से श्रद्धालु मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं। महा शिवरात्रि पर्व पर कश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान व अन्य महानगरों से कसौंधन समाज के लोग बागेश्वर मंदिर आकर विधि विधान से अनुष्ठान करते हैं लेकिन इस बार सावन मास में कोरोना के कारण यह एतिहासिक मंदिर में सन्नाटा पसरा है।
कश्मीर से बैल गाडिय़ों से लाया गया था शिवलिंग
कसौंधन समाज के लोगों ने बताया कि सायर गांव में ये मंदिर तीर्थ स्थल से कम नहीं है। सैकड़ों साल पूर्व समाज के पूर्व कसौंधन समाज की बिरादरी को कश्मीर से पलायन करना पड़ा था। उनका एक बड़ा समूह उस जमाने में पलायन किया था। बैल गाडिय़ों से होता हुआ समाज का एक बड़ा समूह सायर गांव में रुका था। बैल गाडिय़ों से शिवलिंग को भी लाया गया था। अगले ही दिन समूह को आगे रवाना होना था लेकिन गांव में जिस स्थान पर शिवलिंग को रखा गया था वह उठाने से भी नहीं उठा था। तभी से शिव लिंग को स्थापित कर एक भव्य मंदिर बनाया गया जहां कसौंधन समाज के लोग कश्मीर से आकर पूजा करते है।
संघर्ष के बाद मंदिर और तालाब का हुआ सुन्दरीकरण 
वरिष्ठ समाजसेवी सलाउद्दीन ने बताया कि बागेश्वर मंदिर के सुन्दरीकरण को लेकर आपसी संघर्ष हुये हैं। मौदहा कस्बे के अम्बिका प्रसाद ने मंदिर और तालाब के सुन्दरीकरण कराने के लिये लगातार प्रयास किये हैं। पूर्व मंत्री बादशाह सिंह ने यहां मंदिर तक पहुंचने के लिये सड़क बनवाई है। वहीं जिला पंचायत सदस्य अजीत कोरी ने भी टीनशेड बनवाया है। मंदिर से लगे तालाब में भी सुन्दरीकरण के तमाम कार्य कराये गये हैं। बाद में आपसी कलह बढ़ने पर समाज के कई लोग पीछे हट गये थे। उन्होंने बताया कि बागेश्वर मंदिर के प्रति समाज और आसपास के कई इलाकों के लोगों की आस्था है।
कोरोना के कारण बाहरी राज्यों से नहीं आ रहे श्रद्धालु
सावन मास में बागेश्वर मंदिर में गांव के लोग ही सामाजिक दूरी के बीच पूजा अर्चना करते हैं लेकिन यहां कोरोना के कारण सामूहिक रूप से भजन कीर्तन का आयोजन नहीं किया जा रहा है। लोकतंत्र सेनानी देवी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि सायर गांव में बागेश्वर मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। इसमें स्थापित शिवलिंग भी अद्भुत है। पूरे उत्तर भारत में इस तरह का शिव लिंग देखने को नहीं मिलेगा। खासकर कसौंधन समाज के लोग हर साल मंदिर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित कराते हैं। मेले की भी धूम मचती है लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों पर ग्रहण लगा है।

3- अवैध असलहे लेकर डांस करने का वीडियो वायरल होने पर दो युवक गिरफ्तार

 

हमीरपुर ।  सुमेरपुर थाना क्षेत्र में अवैध असलहा लेकर डांस करने का वीडियो रविवार को वारयरल होने के बाद यहां पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुये दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपितों के कब्जे से असलहे भी बरामद किये गये है।
सुमेरपुर क्षेत्र के पचखुरा गांव निवासी राजेश उर्फ कल्लू पुत्र जगराम व चांद थोक सुमेरपुर निवासी शुभम पुत्र शिव मोहन के अवैध असलहे के साथ डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पुलिस को छानबीन कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। सुमेरपुर पुलिस ने इस मामले में टीमें बनाकर कुछ ही घंटे में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
 पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपित युवकों को गिरफ्तार कराया गया है। कब्जे से वहीं अवैध तमंचे बरामद किये गये है जिन्हें लेकर ये दोनों डांस कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेजा जा रहा है।

4- छात्रा ने सल्फास की गोलियां खायी, मौत

हमीरपुर । मौदहा कस्बे के कजियाना मुहाल में शनिवार को कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा ने जहर खा लिया जिससे मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
मौदहा कस्बे के कजियाना मुहाल निवासी सानिया (16) पुत्री मुजीब अहमद ने पिछले माह हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया था। पारिवारिक कलह से परेशान इस छात्रा ने सल्फास की गोलियां खा ली। हालत गंभीर होने पर उसे नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे सदर अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। बताते है कि सदर अस्पताल के डाक्टरों ने भी छात्रा को हालत चिंताजनक होने पर कानपुर मेडिकल कालेज के लिये रेफर कर दिया। जहां रास्ते में इसकी मौत हो गयी। मृतका दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटी थी। पुलिस शव कब्जे में लेने के बाद मामले की जांच कर रही है।

5- डा.प्रफुल्ल राय अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ी थी लड़ाई

हमीरपुर । हमीरपुर शहर में रविवार को यहां जिला विज्ञान क्लब के तत्वाधान में सामाजिक दूरी के बीच, भारतीय वैज्ञानिक डा.प्रफुल्ल चन्द्र राय का जन्मदिन मनाया गया।
जिला विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक डा.जीके द्विवेदी वैज्ञानिक डा.राय के चित्र पर माल्यार्पण करते हुये बताया कि 2 अगस्त 1861 को बंगाल के रुडौली गांव में इनका जन्म हुआ था। इनके पिता गांव के जमींदार थे। प्रारम्भिक शिक्षा कलकत्ता के हेयर स्कूल से ली। वह वैज्ञानिकों, महा पुरुषों, न्यूटन, गैलिलियों, बेजामिन फ्रेकलिन और लिंकन आदि के जीवन चरित्र से बहुत प्रभावित हुये थे।
वैज्ञानिक प्रयोगों के तरफ इनका बचपन से ही लगाव था। उन्होने बताया कि अक्टूबर 1882 मे प्रफुल्ल ने एडिनवरा विश्वविद्यालय मे प्रवेश लिया। एडिनवरा विश्वविद्यालय उन दिनो संसार भर के विश्वविद्यालयों मे विज्ञान की पढ़ाई के लिये बहुत प्रसिद्ध था। उन दिनों विज्ञान सम्बन्धी अधिकांश पुस्तकें जर्मन भाषा मे थीं। प्रफुल्ल चन्द्र ने जर्मन भाषा का अध्ययन किया। इसके बाद बी.एस.सीं की परीक्षा पास की और वहीं से इन्होने पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की।
 1887 मे वे एडिनवरा विश्वविद्यालय की रसायन सोसायटी के उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त वे कलकत्ता वापस लौटे और नौकरी पाने के लिये प्रयत्न करने लगे। कुछ दिनों बाद प्रेसीडेन्सी कालेज कलकत्ता मे उन्हे सहायक प्राध्यापक की नौकरी मिली। डॉ0 राय रसायन विज्ञान के ज्ञाता थे। वे जानते थे कि मनुष्य के जीवन के लिये रसायन विज्ञान कितना महत्वपूर्ण है। उन्होने अनेक जीवनदायिनी दवाओं का आविष्कार भी किया। डॉ0 राय केवल वैज्ञानिक ही नहीं थे, वरन महान देशभक्त भी थे।
 उन्होने अनेक स्वदेशी उद्योग-धन्धों को स्थापित करवाने मे योगदान दिया। उन्होने सौदेपुर नामक स्थान पर गंधक का तेजाब बनाने का कारखाना लगाया। सन 1901 मे कलकत्ता पोटरी वर्क्स के नाम से चीनी मिट्टी बनाने का कारखाना स्थापित किया। 1905 मे बंगाल स्टीम नैवीगेशन कं. के नाम से एक जहाजरानी कम्पनी की स्थापना की। सन 1921 मे बंगाल इनैमल वर्क्स के नाम से ताम चीनी की चीजें बनाने का कारखाना स्थापना किया।
डॉ0 द्विवेदी ने बताया कि डॉ0 राय ने भारतीय रसायन विज्ञान की एक पुस्तक ‘‘हिन्दू रसायन विज्ञान का इतिहास’’ नाम से अंग्रेजी मे लिखी। उन्होने ‘‘बंगाल केमिकल्स एण्ड फार्मास्युटिकल वर्क्स’’ की भी स्थापना की। डॉ0 राय ने भारतीय युवा-रसायन शास्त्रियों को अपनी प्रयोगशाला मे कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करते थे। और सदैव उन्हे आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते थे। डॉ0 राय को प्रायः देश के विभिन्न भागों मे भाषणों तथा सभाओं की अध्यक्षता के लिये बुलाया जाता था। उनके भाषण बहुत ही ज्ञानवर्धक प्रभावशाली एवं उपयोगी होते थे।
 14 जून 1944 को 83 वर्ष की आयु मे महान वैज्ञानिक डॉ0 प्रफुल्ल चन्द्र राय की मृत्यु हो गयी। डॉ0 राय अपने जीवन मे अन्याय, अत्याचार और अज्ञान के विरूद्ध लड़ते रहे और मानव समाज को पराधीनता और निर्धनता से मुक्ति दिलाने के लिये प्रयत्नशील रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस के अखिलेश शुक्ला, डिजिटल एवं तकनीकी ज्ञान केन्द्र के रमाकान्त, सियादीप प्रशिक्षण शिक्षा संस्थान के प्रबन्धक प्रमोद कुमार शुक्ल विज्ञान क्लब के कार्यकर्ता अर्पित त्रिपाठी उपस्थित रहे।

6- बारिश से हजारों बीघे में बोई तिल की फसल हुई बर्बाद

हमीरपुर । बिवांर क्षेत्र में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से तिल की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है। जिससे किसान परेशान हैं। ज्यादातर किसानों ने तिल की फसलें बो रखी हैं। जो खेतों लहलहा रही है।
बिवांर कस्बा व आसपास के गांवों निवादा, बांधुर, भरखरी, उमरी में किसानों की हजारों बीघा की तिल की फसल खेतों में पानी भरा है। कई किसानों के तो बलकट में जमीन लेकर तिल फसल बोई है। इसकी बुवाई के लिए दो बार खेत की जुताई कर फिर खेत तैयार होने पर तीसरी बार बुवाई की जाती है। फसल की लागत भी नहीं निकल पाएगी। जिससे किसान मायूस हैं। एक ओर किसान को घर के खर्चों और दूसरी ओर रबी की फसल की लागत के लिए इस फसल से बड़ी उम्मीद रहती है। लेकिन उनकी सारी उम्मीदों में पानी फिर गया है।
20 बीघे में दोबारा बोई
बिवांर कस्बा निवासी किसान हरवंश सिंह ने रविवार को बताया कि उसने तीस बीघा खुद की व तीस बीघे बलकट की जमीन लेकर तिल बोई है। जो बारिश के पानी सड़ रही है। बताया कि उसने बीस बीघे में दोबारा बोई थी वह भी बेकार हो गई।
पानी निकासी की गुजाड़ नहीं
किसान राजकुमार तिवारी उर्फ जापानी के तिल में अगर दो दिन भी पानी टिका रहा तो वह पूरी तरह सड़ जाती है। कहा कि खेतों में भरे पानी को निकालने की कोई गुंजाइश नहीं है। उसकी बीस बीघे की फसल पूरी तरह से चौपट हो रही है।
मुआवजे की मांग की
कस्बे के बंधी मोहल्ला निवासी रमेश सिंह ने कहा सत्तर बीघे की तिल पानी से खराब हो रही है। बताया कि 40 बीघा बलकट लेकर बोई है। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने व नवीनीकरण के साथ ही फसल बीमा के नाम पर पैसा तो काट लिया जाता है। लेकिन फसल बर्बादी पर कोई लाभ नहीं मिलता।

7- कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, 13 नये संक्रमित मरीज मिले

हमीरपुर । जनपद में रविवार को कोरोना वायरस के संक्रमण के 13 नये मामले के साथ अब संक्रमित मरीजों की संख्या यहां 346 पार हो गयी है। संक्रमित रोडवेज कर्मी और मासूम समेत तेरह मरीजों को कोविड-19 के अस्पताल भेजा गया है। अकेले सुमेरपुर कस्बे में ही एचडीएफसी बैंक समेत सात से अधिक नये संक्रमण के मामले सामने आये है। दमकल गाड़ी और नगर पालिका की टीम ने कोरोना के संक्रमण इलाकों को सैनिटाइज किया है।
जिले में कोरोना से तीन दिनों में भाजपा नेता, आढ़ती व एक्सियन की मौत कोरोना से हो चुकी है। जिससे प्रशासनिक अधिकारियों सहित क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जनपद में अब तक कोरोना से दस लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को रोडवेज के कर्मचारी व नगर पालिका के अतिरिक्त एसडीएम व प्रभारी नगर पालिका के ईओ ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराई है।
 जांच में रोडवेज के एक स्टोर कीपर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं भिलांवा मोहल्ला निवासी आशा कार्यकर्ता का नौ वर्षीय भतीजे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 72 वर्षीय एक वृद्धा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सुमेरपुर  कस्बे के 37 लोगों की जांच की गई है। जिसमें सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमित कस्बा के ऊंछा थोक, गुरगुज थोक के निवासी हैं। वहीं इंगोहटा गांव की एक महिला के पॉजिटिव आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है।
 सीएमओ डा.आरके सचान ने बताया कि कस्बा में आए संक्रमितों के क्षेत्र के सैनिटाइज कराकर कंटेनमेंट जोन में घोषित कर दिया है। साथ ही सभी संक्रमितों को सुमेरपुर के पॉलिटेक्निक में संचालित एलवन हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। ग्राम प्रधान शीतल प्रसाद कोरी ने पूरे मोहल्ले में सैनिटाइज व मास्क का वितरण कर महामारी से बचाव किए जाने के निर्देश दिए हैं। राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी एक सफाई कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं नौरंगा के खड़ाखर गांव में 52 वर्षीय मजदूर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
सीएमओ ने कहा कि संक्रमित सफाई कर्मचारी 24 जुलाई को अपनी ससुराल कानपुर गया था। वहां से वापस आने पर उसकी जांच 26 जुलाई को हुई थी। वहीं जराखर गांव निवासी 25 वर्षीय युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

 

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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