(हमीरपुर बुलेटिन) ठेकेदार पर गोली चलाने वाला ठेकेदार गिरफ्तार, पढ़े दिनभर की पूरी खबरें

1 – विश्व आयोडीन अल्पता दिवस सोमवार को, सैकड़ों आंगनबाड़ी केन्द्रों में होंगे कार्यक्रम
– बुद्धि के विकास के साथ घेंघा बीमारी से भी मिलती है निजात
हमीरपुर । जिले में सोमवार को विश्व आयोडीन अल्पता दिवस को लेकर जिला कार्यक्रम विभाग ने तैयारी पूरी कर ली हैं। जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में आईडीडी दिवस पर कार्यक्रमों की धूम मचेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत सिंह ने रविवार को बताया कि आयोडीन की कमी से गर्भस्थ शिशु में जन्मजात बीमारियों के होने का खतरा रहता है। आयोडीन की कमी से विकार (आयोडीन डेफिशिएंसी डिसआर्डर, आईडीडी पूरे विश्व में प्रमुख पोषण सम्बन्धी विकारों में से एक माना गया है जिसकी रोकथाम के लिये हर साल 21 अक्टूबर को विश्व आयोडीन अल्पता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों में आयोडीन के पर्याप्त उपयोग के बारे में जागरुकता लाना और आयोडीन की कमी के परिणामों को उजागर करना हैं। आयोडीन एक दुर्लभ तत्व हैं जो थोड़ा बहुत प्याज में पाया जाता हैं। इसकी कमी से घेंघा बीमारी की चपेट में व्यक्ति आ जाता हैं। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक शोध के अनुसार भारत में 91 प्रतिशत घरों में आयोडीन युक्त नमक की पहुंच हैं, जिसमें 71 प्रतिशत परिवार पर्याप्त मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करते हैं। 
इसके अलावा इस शोध के अनुसार भारत की मिट्टी में आयोडीन न होने के कारण लगभग 35 करोड़ लोग आयोडीन की कमी से ग्रसित हैं। वही हर साल लगभग 90 लाख गर्भवती महिलाओं एवं 80 लाख नवजात बच्चों को आयोडीन अल्पता विकार का खतरा होता हैं। इसी को ध्यान में रखते हुये भारत दुनिया भर के देशों में से पहला एक ऐसा देश हैं, जिसने आयोडीन युक्त नमक द्वारा आयोडीन की कमी से उत्पन्न विकारों को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया, ताकि आयोडीन की कमी से होने वाले विकारो से लोगों को बचाया जा सकें। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) के अनुसार जिले में अभी भी लगभग 10.3 प्रतिशत ऐसे परिवार है जो आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल नहीं करते है, जिसके लिए लोगों में जागरुकता लाना बहुत जरूरी हैं, जिससे उन्हें आयोडीन की कमी से होने वाली समस्याओं से बचाया जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आयोडीन युक्त नमक के अभाव में गर्भस्थ शिशु में जन्मजात बीमारियाँ होने का खतरा होता है। मुख्य रूप से आयोडीन की कमी से मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। आयोडीन एक दुर्लभ तत्व है। जो प्राकृतिक रूप से थोड़ा बहुत प्याज में पाया जाता है। आयोडीन समुद्री शैवाल से निकाला जाता है। इसकी कमी से घेंघा रोग, मानसिक विकार हो जाता है। कमजोरी भी महसूस होती है और सिर के बाल भी रूखे हो जाते है। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आईडीडी दिवस पर कार्यक्रम होंगे।
क्या है आयोडीन और इसकी कमी के आम लक्षण
आयोडीन एक माइक्रोपोषक तत्व है जिसकी शरीर के विकास के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती हैं। आयोडीन थायराइड प्रक्रिया के लिए भी बहुत ज़रूरी है। थायराइड ग्रंथि गर्दन के सामने होती है और यह उन हार्माेन्स का उत्पादन करती है जो शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करते हैं। यह मेटाबॉलिक स्तर खाने को पचाने, भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने तथा सोने के चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।
त्वचा का सूखापन, नाखूनों और बालों का टूटना, कब्ज़ व भारी आवाज़। आयोडीन की कमी से वज़न बढ़ने रक्त में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ने और ठण्ड बर्दाश्त न होने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
आयोडीन नमक रोजाना प्रयोग करने से लाभ- 
– गर्भवती महिलाओं द्वारा आयोडीन नमक के इस्तेमाल करने से गर्भपात की समस्या भी नहीं होती है और स्वस्थ बच्चे का जन्म होता हैं। इसके अलावा गर्भ में शिशु का शारीरिक व मानसिक रूप से पूर्ण विकास भी होता हैं।

2 – वृन्दावन की तर्ज पर श्रीकृष्ण के दीवानों की मौन साधना 28 से 

– चौदह सालों के अनुष्ठान का बीड़ा हर साल उठाते हैं श्रीकृष्ण के सैकड़ों भक्त
– कठिन साधना से कभी पीछे भी नहीं हटते भक्त, गांव-गांव होती हैं मौन साधना 
हमीरपुर । वीरभूमि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में दीपावली त्यौहार में चारों और दीये जलने के बाद परेवा को वृन्दावन की तर्ज पर यहां श्रीकृष्ण की याद में भक्तों की मौन साधना करने की परम्परा उसकी आस्था और विश्वास के साथ कायम हैं। मौन साधना अबकी बार 28 अक्टूबर से शुरू होगी जो एकादशी की रात तक चलेगी। इसके लिये बड़ी संख्या में मौन साधकों ने तैयारी शुरू कर दी है।
हमीरपुर समेत समूचे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मौन पंख व दिवाली नृत्य के साथ ही गांव-गांव में यह विशेष अनुष्ठान श्रीकृष्ण भक्त करते हैं। ये परम्परा हजारों साल पुरानी हैं जो आज भी कायम हैं। अबकी बार मौन साधना 28 अक्टूबर परेवा से शुरू होगी। पंडित दिनेश दुबे ने रविवार को बताया कि मौन साधना एक तरह से कठिन व्रत हैं जिसे बड़े ही सावधानी से करना होता हैं। दीपावली पर्व की शान मौन साधक हैं जिनके साधना शुरू करते ही पूरे क्षेत्र में दीपावली की धूम मच जाती हैं। ये मौन साधना एकादशी तक चलेगी। यहां के बुजुर्गों ने बताया कि यह अनुष्ठान सहज नहीं हैं इसलिये लोगों को कई धार्मिक और सामाजिक नियमों से बंधना होता हैं। जो भी भक्त मौन साधना करते हैं उसे लगातार चौदह सालों तक मांस मदिरा से दूर रहना होता हैं। यदि कोई नियम तोड़ता है तो अनुष्ठान का पुण्य व्यर्थ चला जाता है। मौन साधना के एक दिन पूर्व अमावस्या (दीपावली) को किसी नदी में समूह के साथ पवित्रता के लिये स्नान दान करना भी जरूरी होता है।
बिना मोर पंख के साधना करने की मनाही रहती है। कृष्ण भक्त को मौन साधना के दिन नये वस्त्र पहनने पड़ते है। गायों के एक दिन के आहार के लिये दान देना होता है। पूरे दिन मौन रहना होता है। व्रत रखना होता है। जूते चप्पल के बिना उसे जंगल-जंगल भ्रमण भी करना पड़ता है। तड़के गो पूजा करने के बाद शाम को गोधूलि की बेला में जंगलों से वापस लौटकर दोबारा गो पूजा कर मौन तोडऩा होता है। यदि इस बीच कोई भूल वश मौन तोड़ देता है तो अन्य मौन साधक मोर पंखों से उसकी हल्की पिटाई करते है साथ ही उसे गोमूत्र ग्रहण करने को बाध्य किया जाता है। मौन साधकों को इच्छानुसार सभी धार्मिक स्थलों एवं समाज के लोगों को यथा सामर्थ्य प्रसाद वितरित करना पड़ता है। 13 वर्ष की मौन साधना पैतृक गांव में करने के बाद 14 वें वर्ष उसे चित्रकूट या वृन्दावन जाकर यह अनुष्ठान करना होता है तब कही भी कृष्ण की कठिन साधना का अनुष्ठान पूर्ण होता है। और उसे पुण्य प्राप्त होता है। इतनी कठिन साधना होने के बाद भी बुन्देलखण्ड के गांव-गांव में मौन साधकों में कोई कमी नजर आ रही है। विदोखर गांव के बुजुर्ग मौन साधक बाबूलाल यादव ने बताया कि हर साल जितने मौन साधकों का अनुष्ठान पूरा होता है उतने या उससे अधिक लोग नये तैयार हो जाते है जिससे यह अनुष्ठान पूर्ण आस्था के साथ पूर्व की तरह आज भी जारी है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की यह कठोर साधना व्यर्थ नहीं जाती है लेकिन साधना कठिन है सबके बस की बात भी नही है।
मौन साधक अमावस्या को करेंगे यमुना में स्नान 
दीपावली के दिन हजारों कृष्ण भक्त, समूह के साथ विभिन्न वाहनों के माध्यम से यमुना नदी में के तट पर पहुंचकर स्नान करेंगे। मोर पंखों को नदी में धोयेंगे और दिवाली नृत्य के साथ घरों की ओर मौन साधक वापस जायेंगे। जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के मौन साधक ट्रैक्टर, बस, मोटरसाइकिल व बैलगाड़ी के माध्यम से यमुना नदी पहुंचकर सुबह से शाम तक डेरा डालेंगे और नदी में पवित्र स्नान कर पतालेश्वर मंदिर परिसर पर श्रीकृष्ण भक्त दिवाली भी खेलेंगे। सड़कों और गांवों के रास्ते में कृष्ण भक्तों की चहलपहल दिन भर रहेगी।
3 – ठेकेदार पर गोली चलाने वाला ठेकेदार गिरफ्तार
जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के धुंधपुर गांव निवासी विजय राणा एवं जयप्रकाश मजदूरों को बाहर भेजना का कार्य करते हैं। इन दोनों की पहचान गांव में ठेकेदार के रूप में हैं। शनिवार को किसी बात को लेकर खुन्नस खाये ठेकेदार विजय राणा ने जयप्रकाश ठेकेदार के ऊपर तमंचे से फायर कर दिया था। इससे गांव में सनसनी फैल गयी थी। ग्रामीणों के ललकारने पर विजय राणा तमंचे के साथ मौके से भाग गया था। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पीआरबी यूपी-100 पुलिस ने घटनास्थल से आरोपित ठेकेदार की मोटर साइकिल बरामद कर थाने में खड़ी करायी थी। ठेकेदार जयप्रकाश ने आरोपी विजय राणा के खिलाफ तहरीर थाने में दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
रविवार को गांव से ही ठेकेदार विजय राणा को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपित ठेकेदार दबंग किस्म का हैं और आये दिन शराब पीकर गांव में लोगों के साथ गाली गलौच करता है।
4 – विद्युत अभियंताओं से मारपीट करने में भाजपा नेता गिरफ्तार

हमीरपुर । जिले में चेकिंग के दौरान विद्युत अभियंताओं और कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने की घटना में नामजद भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष को रविवार के दिन पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा हैं। इस कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ता हतप्रभ रह गये हैं।
जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र के स्वासा खुर्द गांव में दो दिन पूर्व बकायेदारी को लेकर विद्युत कनेक्शन काटते समय भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष सचिन सेंगर सहित तमाम लोगों ने विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) राहुल सिंह, अवर अभियंता अभिषेक साहू व कई कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुये मारपीट की थी। विद्युत टीम के अभियंताओं व कर्मियों ने भागकर अपनी जान बचायी थी। पावरहाउस पौथियां के अवर अभियंता अभिषेक साहू ने भाजपा नेता समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद तथा दर्जनों अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर हमीरपुर नगर में विद्युत कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर पुलिस को रविवार तक की मोहलत दी थी।
ललपुरा पुलिस ने विद्युत कर्मियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष सचिन सेेंगर को गिरफ्तार करके डाक्टरी परीक्षण के बाद जेल भेज दिया हैं। पुलिस ने अन्य आरोपितों की तलाश के लिये छापेमारी कर रही हैं। थानाध्यक्ष बांके बिहारी ने बताया कि इस घटना में भाजपा नेता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया हैं साथ ही अन्य फरार आरोपितों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा। पुलिस की टीमें लगातार कार्यवाही कर रही हैं।
5 – पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने में शिवसेना के प्रांतीय नेता पर मुकदमा दर्ज

हमीरपुर । जिले में कानून व्यवस्था को लेकर तहसील परिसर में प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने पर रविवार को पुलिस ने शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख महंत रतन ब्रह्मचारी समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। पुलिस ने शिवसेना नेता से कोतवाली में दो घंटे तक पूछताछ कर सरकार का पुतला फूंकने के मामले की जांच भी की।
उल्लेखनीय है कि जिले के मौदहा कस्बे के तहसील परिसर पर शिवसेना के प्रदेश उप प्रमुख महंत रतन ब्रह्मचारी ने शनिवार को तमाम शिवसैनिकों के साथ प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर नारेबाजी की थी। उन्होंने कमलेश तिवारी हत्याकांड और प्रदेश में आये दिन हो रही हत्यायें, बलात्कार की घटनाओं को लेकर कानून व्यवस्था पर भी तीखे सवाल उठाये थे। इस घटना को लेकर मौदहा कोतवाल ने शिव सेना के प्रदेश उप प्रमुख को कोतवाली बुलवाकर दो घंटे तक पूछताछ की और फिर उन्हें जाने दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर शिव सेना के प्रदेश उप प्रमुख ने बताया कि प्रजातांत्रिक तरीके से सरकार की ध्वस्त कानून व्यवस्था का विरोध कर पुतला फूंककर तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया था। इसी से नाराज होकर उन्हें कोतवाली बुलवाकर दो घंटे तक हिरासत में रखा गया। निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ा गया हैं।उन्होंने बताया कि सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल न उठाकर मुंह बंद रखने के लिये अब ऐसे कदम उठाये जा रहे हैं। इधर मौदहा कोतवाल विक्रमाजीत सिंह ने बताया कि तहसील परिसर पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन करने में शिव सेना के प्रदेश उप प्रमुख समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हैं। मामले की जांच जारी हैं।

6 – समिति में तीन दिन से लटक रहा ताला, खाद वितरण ठप

हमीरपुर । जिले में पिछले तीन दिन से इंगोहटा सहकारी समिति में खाद वितरण ठप होने से किसान परेश्ज्ञान है। किसानो को मजबूर होकर बाजार से खाद खरीदकर खेतो की बुवाई करने के लिये मजबूर होना पड रहा है।
इंगोहटा क्षेत्रीय सहकारी समिति से इंगोहटा, बिदोखर पुरई, बिदोखर मेंदनी, पलरा, बांकी, बांक, बिलहडी, धरमपुर, नदेहरा, बण्डा, मवईजार, कलकपुरवा, चंदोलीजार के किसानो को खाद बीज मुहैया होता है। गत 18 अक्टूबर को खाद वितरण के दौरान जिला सहकारी बैंक के संचालक बीडी प्रजापति एवं समिति के सचिव अनिल कुमार गुप्ता के मध्य खाद वितरण में भेदभाव को लेकर विवाद हो गया था। उसी दिन से सचिव समिति में ताला डालकर गायब है। और खाद वितरण ठप है। समिति से जुडे गांवो के किसान प्रतिदिन सुबह से आकर समिति में बैठकर इंतजार करने के बाद शाम को वापस घरो को चले जाते है। खाद न मिलने से किसान बेहद परेशान है। किसानो ने बताया कि इस समय मटर, मसूर, चना, सरसो, अलसी की बुवाई पूरे क्षेत्र में चरम पर है। रबी की फसलो में दलहन एवं तिलहन की बवुाई के लिये डीएपी एवं एनपीके खाद की जरूरत है।लेकिन समिति में खाद होने के बाद भी वितरण नही हो रहा है। इससे किसान परेशान है। किसानो को मजबूर होकर महंगे दामो में बाजार से खाद खरीदकर बुवाई करने को मजबूर होना पड रहा है। बण्डा के पूर्व प्रधान किसान संजय सिंह, बिदोखर के पूर्व प्रधान राधेश्याम सिंह, मानसिंह, सीताराम सिंह, राजकुमार द्विवेदी आदि तमाम किसानो ने पुलिस अभिरक्षा में खाद वितरित कराने की मांग की है।

7 – मौसम का मिजाज बदला किसान चिंतित
हमीरपुर । जिले में रविवार को मौसम का बदला मिजाज देखकर किसान सहम गया है। पूरे दिन आसमान में घने बादलो का डेरा जमा रहा और सूर्य देव के दर्शन तक नही हुये।रविवार को मौसम ने अचानक पलटी मारी। इससे जुताई बुवाई में जुटा किसान सहम गया है। किसानो मुताबिक इस समय बारिश की जरूरत नही है। अगर बारिश हो जायेगी तो नुकसान के सिवा कुछ भी हाथ नही लगना है। अभी चंद दिनो पूर्व ही पूरे क्षेत्र में किसानो ने जहां तहां मटर, मसूर, चना, सरसो, अलसी आदि रबी की फसले बोयी है। बोया गया बीज अभी तक अंकुरित होकर बाहर नही आया है। अगर बारिश हो गयी तो बीज सडने की संभावना बन जायेगी।

रविवार को मौसम का दूसरा रूप देखकर किसान सहम गया है। किसान राधेश्याम सिंह, सुरेश यादव, ज्ञानसिंह, प्रदीप गुप्ता, कैलाश यादव, रामेश्वर वर्मा, पप्पू शर्मा, रामश्वरूप श्रीवास, सत्यनारायण श्रीवास आादि तमाम किसानो ने बताया कि अगर किसी तरह की दैवीय आपदा घटित हुयी तो किसान बुरी तरह से प्रभावित होगा। साथ ही रबी की जुताई बुवाई में ब्रेक लग जायेगा।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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