(हमीरपुर बुलेटिन) तीन महिलाओं सहित 14 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 691, पढ़ें दिनभर की खबरें

1-  हमीरपुर –ड्यूटी से नदारद तीन अवर अभियंताओं समेत छह कर्मियों पर कार्रवाई, सीडीओ ने रोकी पगार

हमीरपुर । सीडीओ ने मंगलवार को अधिशाषी अभियंता नलकूप खंड हमीरपुर अचानक पहुंचकर विकास कार्यों की समीक्षा की। उपस्थिति पंजिका में ड्यूटी से नदारद तीन अवर अभियंताओं और तीन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुये अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के आदेश दिये गये है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कमलेश कुमार वैश्य ने लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर शिकंजा कसने की मुहिम शुरू की है। आज वह अचानक अधिशाषी अभियंता नलकूप खंड पहुंच गये। उन्होंने उपस्थिति पंजिका में तमाम कर्मियों और अवर अभियंताओं के गैर हाजिर रहने पर नाराजगी जतायी। सीडीओ ने बताया कि निरीक्षण में अधिशाषी अभियंता उदय शंकर सिंह कार्यालय में उपस्थित मिले है लेकिन वरिष्ठ सहायक रमजान, कनिष्क सहायक उपेन्द्र सिंह व मेट अखिलेश कुमार ड्यूटी से नदारद मिले हैं।
अधिशाषी अभियंता ने सीडीओ को बताया कि कोविड-19 के कारण कर्मियों की उपस्थिति का रोस्टर बनाया गया है। इसके बावजूद ये तीनों कर्मचारी गैर हाजिर पाये गये। सीडीओ ने तीनों कर्मियों के वेतन रोकने के आदेश दिये है। सीडीओ ने बताया कि इस नलकूप खंड में पांच सहायक अभियंताओं में भानु प्रताप सिंह का कार्य क्षेत्र वर्कशाप में है वहीं रामसेवक मौदहा, उमाशंकर यादव राठ, शुभम पाण्डेय एवं कौशल किशोर का कार्य क्षेत्र मुख्यालय है। इसके अलावा तीन अवर अभियंता कार्यरत हैं जिसमें अरविन्द कुमार दिवाकर, शिवानंद पाण्डेय व शिव किशोर सिंह है। ये तीनों अवर अभियंता निरीक्षण में नदारद मिले हैं। इन सभी के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुये वेतन रोकने के आदेश दिये गये हैं।
सीडीओ ने बताया कि अवर अभियंताओं, सहायक अभियंताओं के क्षेत्र भ्रमण सम्बन्धी पंजिका का रखरखाव भी नहीं पाया गया। इसके बाद सीडीओ ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की जिसमें पाया गया कि जनपद में 149 नलकूप चालक तैनात हैं तथा 78 नये नलकूप चालकों की भी तैनाती की गयी है जिसमें 63 नलकूप चालकों ने कार्य भार ग्रहण कर लिया है। इन्हें एक माह के प्रशिक्षण जिलेदारों से दिलाये जाने के आदेश दिये गये हैं।
इन चालकों को सहायक व अवर अभियंताओं से भी प्रशिक्षण दिलाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। जिले में 578 राजकीय नलकूप है जिनमें 11 नलकूप यांत्रिक दोष से तथा चार विद्युत दोष से खराब है। इसके अलावा 40 नलकूप जलस्तर नीचे गिरने से अस्थायी रूप से खराब है। सीडीओ ने खराब नलकूपों को सही कराकर चालू कराये जाने और जलस्तर गिरने से बंद नलकूपों का सर्वे कराकर उन्हें ठीक कराये जाने के  निर्देश दिये हैं।

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2-  हमीरपुर – रामजन्मभूमि अयोध्या के महानायक ने दुनिया को कहा अलविदा

हमीरपुर । भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होकर जनपद का राम रोशन करने वाले रामशरण श्रीवास्तव का मंगलवार के दिन अचानक निधन हो जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है। ये रामजन्मभूमि विवाद के असली महानायक थे जिन्होंने रिटायर्ड होने के बाद रामजन्मभूमि विवाद पर एक दृष्टिकोण नामक पुस्तक प्रकाशित की थी। जिसके तीन संस्करण प्रकाशित हुये थे। इस पुस्तक में यह साबित किया गया है कि विवादित ढांचा पूर्व में निर्मित मंदिर को तोड़कर ही बनाया गया है। यह पुस्तक उच्चन्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में चल रहे वादों में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गयी थी।
कुरारा क्षेत्र के रहने वाले रामशरण श्रीवास्तव के निधन की खबर से आज पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है। लोगों ने आकस्मिक हुई इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके कुरारा स्थित आवास पर संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे पता चला कि उनका पार्थिव शरीर कानपुर स्थित आवास पर है। तो लोग कानपुर के लिए दौड़ पड़े तथा अपने परिवार मिलनसार अधिकारी के अंतिम दर्शन की लालसा आंखों में आंसू लिए करने को आतुर दिखे बताते चलें कि कुरारा क्षेत्र के बीहड़ी ग्राम पारा में जन्मे श्री राम शरण श्रीवास्तव की प्रारंभिक शिक्षा द्वारा ग्राम में ही हुई। जूनियर हाई स्कूल उन्होंने बेरी से उत्तीर्ण किया।
हाई स्कूल उन्होंने राजकीय विद्यालय हमीरपुर से इंटर बीएनएसडी कॉलेज कानपुर से बी काम डीएवी कॉलेज कानपुर से उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। तथा एमकॉम डीएवी कॉलेज कानपुर से 1957 में विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। तथा कैरियर की शुरूआत उन्होंने किशोरी शरण परास्नातक कालेज में प्रवक्ता के रूप में प्रारंभ किया था।
 वर्ष 1960 में प्रथम प्रयास में ही प्रादेशिक प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ। जहां सब डिविजनल मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट तथा उप निरीक्षक चकबंदी अतिरिक्त श्रम आयुक्त आदि विभिन्न पदों पर कार्य किया प्रादेशिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति होने पर जिलाधिकारी हरदोई फैजाबाद एवं कानपुर नगर जिला अधिकारी फैजाबाद की नियुक्ति राम जन्मभूमि विवाद के कारण बड़ी ही चुनौतीपूर्ण रही परंतु हर परिस्थिति में सफल रहे।
 जिलाधिकारी के अतिरिक्त विशेष सचिव शिक्षा समाज कल्याण निदेशक राज्य संपत्ति विभाग के पदों पर रहे उत्तर प्रदेश शासन से दिनांक 31 अप्रैल 1994 को सेवानिवृत्त हुए थे। समाज सेवा के क्षेत्र में उन्होंने अपने ग्राम पारा कंडोर में श्रीराम कंचन लाल स्कूल इंटर कॉलेज तथा कस्बा कुरारा में श्रीरामकृष्ण परास्नातक महाविद्यालय श्री कंचन लाल सगुना इंटर कॉलेज तथा के.आई.एस. चित्रांश इंटरनेशनल स्कूलो की स्थापना की भारत विकास परिषद जो एक अग्रणी संस्था है के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस ऑफ इंटेलेक्चुअल के अध्यक्ष तथा कई सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के संरक्षक भी रहे।
 कई संस्थानों द्वारा उत्तर प्रदेश रत्न सेवा रत्न साहित्य सेवा रत्न गुण गौरव व कानपुर गौरव से सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद पर एक दृष्टिकोण नामक पुस्तक प्रकाशित की जिसकी जनमानस में ग्राहकों के कारण तीन संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। इस पुस्तक में यह सिद्ध किया गया है कि विवादित भवन का निर्माण एवं पूर्व निर्मित मंदिर को तोड़कर ही बनाया गया है। यह पुस्तक माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में चल रहे वादों में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गई थी  तथा श्रीवास्तव को साक्षी के रुप में आमंत्रित किया गया था।
 जहां इनसे विभिन्न पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा 17 दिवसों तक जिरह की गई थी यह बड़े ही गर्व और गौरव की बात रही जो निष्कर्ष इस पुस्तक में निकाले गए थे। उसी प्रकार का निर्णय माननीय उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने दिया है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध संबंधित पक्षों में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के समक्ष अपनी अपनी-अपनी प्रस्तुत की है जो कि विचाराधीन है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय होते ही। श्रीवास्तव इस पुस्तक के चौथे संस्करण के प्रकाशन की तैयारी कर रहे थे।
 जिससे जनमानस में और अधिक विस्तृत जानकारी इस विवाद के संबंध में हो सके जो भ्रांतियां हैं। उसे दूर कर सकें साहित्य सर्जन में सफलता की कुंजी रामचरित मानस में सद्भावना आतंकवाद कारण निवारण विकास में सबसे बड़ी बाधा भ्रष्टाचार राष्ट्रीय वंदे मातरम पर राजनीति क्यों राम के देश में राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह कानपुर नगर को आदर्श नगर बनाने में नगर निगम व प्रशासन की भूमिका आदि ऐसे कई लेख उन्होंने लिखें। पर्यावरण संबंधी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर एक विस्तृत आख्या भी तैयार कर शासन को प्रेषित की जो बड़ी ही उपयोगी एवं सृजनात्मक है। फैजाबाद अयोध्या का जिला अधिकारी होने के कारण राम जन्म भूम से संबंधित विभाग की जानकारी प्राप्त करने की दृष्टि से उन्हें चेशायर लंदन विंसफोर्ड व बरनिंघम आदि स्थानों के भारतीय मूल के निवासियों द्वारा आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
उन्होंने रोटरी क्लब मैनचेस्टर की बैठक में भी भाग लिया। जहां भारतीय विवाह पद्धति पर उद्बोधन किया तथा अन्य विवाह पद्धतियों की तुलना में उसे सर्व श्रेष्ठ सिद्ध किया स्थानीय निकाय चेशायर में भी इन्हें सम्मान किया गया आज श्रीवास्तव के ना होने से समाज को जो अपूरणीय क्षति हुई है। उसकी भरपाई तो नहीं हो सकती इस दुखद घटना में समूचे क्षेत्र में दुख की लहर है। उनके परिवार में दो बेटियां थी जिनका विवाह हो चुका है। उनके अनुज कृष्ण शरणश्रीवास्तव व पूरा परिवार इस दुख की घड़ी में स्तब्ध है।
3-  हमीरपुर –जेल की चाहरदीवारी में किलकारियां मार छह वर्ष के हुए कृष्णा
हमीरपुर । हमीरपुर जेल की चाहरदीवारी में पांच माह के मासूम बच्चे की किलकारियों से उसका बचपन अच्छे से बीता। इनदिनों जेल प्रशासन ने बच्चे की परवरिश के साथ उसकी देखभाल भी की और उसका नामकरण कर कृष्णा उर्फ किशन नाम रखा। इतना ही नहीं जब कृष्णा चार वर्ष के हो गए तब जेल प्रशासन ने उसका शहर के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश करा अच्छी शिक्षा दी। जेल मैनुअल के मुताबिक छह वर्ष आयु से अधिक बच्चा जेल में नहीं रह सकता। इस पर पूरी अभिलेखीय कार्रवाई के बाद मंगलवार को कृष्णा को उसके नाना के सुपुर्द कर दिया गया। जो उसकी अब आगे शिक्षा दीक्षा व परवरिश करेंगे।
शहर कोतवाली के हेलापुर निवासी दंपति गुडिया व उसके पति नरेंद्र पर देवरानी संगीता की हत्या का आरोप था। इस पर पुलिस ने पिछले 16 जनवरी 2016 को दोनों को गिरफ्तार का जिला कारागार में निरुद्घ कराया था। तब पांच माह का दुधमुंहा बच्चा भी इन दोनों के साथ जेल लाया गया था। इस मामले में 7 अप्रैल 2018 को विशेष न्यायाधीश (ई.सी.एक्ट) ने आरोप सिद्ध होने पर दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बच्चा जब चार वर्ष का हुआ तब जेल प्रशासन ने उसका कृष्णा उर्फ किशन नाम रखा।
जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कि पिछले दो वर्ष पूर्व कृष्णा का शहर स्थित अंग्रेजी मीडियम सरदार पटेल में इसका प्रवेश कराया था। सुबह स्कूल की बस कृष्णा को लेने और छोड़ने आती थी। जेल के गेट पर पहुंचते ही दरवाजे खुल जाते थे और कृष्णा अपनी मां व पिता की बैरक में पहुंच जाता। जेलर के मुताबिक कृष्णा होनहार और पढ़ने में तेज है। उन्होंने बताया कि जेल नियमों के मुताबिक कृष्णा छह वर्ष का हो चुका है। जिस पर उसे अब जेल में नहीं रख सकते।
बताया कि पूरी अभिलेखीय कार्रवाई होने के बाद मंगलवार को कृष्णा को उसके नाना कल्लू पुत्र मुन्नीलाल निवासी रामपुर जसपुरा थाना जसपुरा बांदा को सुपुर्द कर दिया गया। सहमति पत्र में हस्ताक्षर भी हुए। जिसमे कहा गया कि वह कृष्णा की ठीक ढंग से परवरिश करेगा। सहमति पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि कृष्णा किसी कारणवश बीमार होता है या कोई विषम परिस्थित पैदा होती है तो उसे जिला कारागार अधीक्षक को सूचना देनी होगी। जेल से विदा लेते समय कृष्णा ने अपने होनहार का परिचय देकर पूरे स्टाफ का सम्मान किया और चला गया।
4-  हमीरपुर – पिकप गाड़ी ने मोटरसाइकिल सवारों को रौंदा, एक की मौत
हमीरपुर । राठ कोतवाली क्षेत्र के कुछेछा मार्ग पर बिहर व कुर्रा गांव के बीच मंगलवार को साढ़ूू भाई की तबियत खराब होने पर दोस्त के साथ देखने जा रहे मोटरसाइकिल सवार को अनियंत्रित पिकप गाड़ी ने रौंद डाला, जिससे उसकी मौत हो गयी। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
महोबा जनपद के छिकारा गांव निवासी गंगाचरण (35) पुत्र मुन्ना राजपूत का साढ़ूू भाई अनिल मझगवां थाने के गोहानी गांव में रहता है। अनिल के भाई की पिछले काफी दिनों से तबियत खराब चल रही थी। जिसे देखने के लिए गंगाचरन अपने साथी भानसिंह पुत्र भागीरथ कुशवाहा के साथ बाइक से गौहानी के लिए निकला। मंगलवार को राठ कुछैछा मार्ग पर बिहर और कुर्रा गांव के बीच सामने से आ रहे एक अनियंत्रित पिकअप ने बाइक सवार को रौंद दिया। बाइक के सड़क पर गिरते ही पिकअप चालक भागने लगा लोगों ने दौड़कर पकड़ उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
मौके पर ही गंगाचरन की मौत हो गई। जबकि उसका साथी भान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने घायल को सीएचसी पहुंचाया। मृतक गंगाचरन के बडे भाई जयप्रकाश ने बताया कि उसका भाई खेती कर परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक अपने पीछे एक पुत्र 6 वर्षीय नीतेंद्र और एक 3 वर्षीय पुत्री आराधना को छोड़ गया है।
5-  हमीरपुर – बुढ़वा मंगलः बिना राम रघुनंदन जग में कोऊ नहिंया रे…
हमीरपुर । सुमेरपुर क्षेत्र के इटरा सुप्रसिद्ध हनुमान जी के मंदिर में आज बुढ़वा मंगल पर दिन भर भक्ति संगीत की धूम मची रही। सामाजिक दूरी के बीच श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की पताली मूर्ति पर माथा भी टेका।
गौरतलब है कि यहां पाताली हनुमान मूर्ति होने से यह पावन स्थल दूर दूर तक जाना जाता है। जहां प्रति मंगलवार व शनिवार को हनुमान भक्तों की भीड़ होती है। बुढवा मंगल के अवसर पर  मंदिर परिसर में मंदिर कमेटी के कार्यकर्ताओं द्वारा कीर्तन,भजन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। बिना राम रघुनंदन जग में अपनो कोऊ नहिंया रे।
जनपद जालौन से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी रामानंद जी ने इस भजन के माध्यम से श्रोताओं को आनंदित  कर दिया। उन्होने कहा कि भगवान की भक्ति करके देख लिया जाय तो जीवन में आनंद ही आनंद छा जाएगा। भक्ति ही ऐसा माध्यम है जिससे भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। भक्ति के बिना जीवन निरर्थक है।
कार्यक्रमों की कड़ी में इंगोहटा के चर्चित हास्य कलाकार परशुराम द्विवेदी ने सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं लगे कुटिया भी महल जैसी मेरे सरकार आए हैं आदि गीत संगीत एवं अपनी अमृतमय वाणी से श्रोताओं के समक्ष रामभजन प्रस्तुत कर भावविभोर कर दिया। जिससे चारों ओर भगवन राम एवं भक्त हनुमान के जयकारों की गूंज से पूरा मंदिर गूंज उठा राममय हो गया। चंदपुरवा निवासी लालता प्रसाद ने लगन तुमसे लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा, तुम्हें अपना बना बैठे जो होगा देखा जाएगा। आदि गीत,संगीत,भजन के माध्यम से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
इस अवसर पर मंदिर के महंत संत बलरामदास जी ने सभी कलाकारों व भक्तो को साधुवाद दिया। रामलखन मिश्रा, रामबली सिंह, उपेन्द्र दास व्यास, ऋषभ द्विवेदी, अनिल शास्त्री, रजत अग्निहोत्री, देवेन्द्र सिंह ,जगमोहन सिंह, बबली सिंह राघवेंद्र सिंह,अंकुश सविता,रज्जन सविता, अजय विश्वकर्मा नालवादक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
6-  हमीरपुर – तीन महिलाओं सहित 14 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 691
हमीरपुर । जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैै। जिसमें शहर व कुरारा एक-एक, मुस्करा में तीन तथा राठ एक में संक्रमित पाए गए हैं। जिले में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 691 संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें 490 निगेटिव हो चुके हैं।
शहर के गौरादेवी मोहल्ला निवासी एक युवक की रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आई है। कुरारा कस्बा निवासी एक युवक संक्रमित पाया गया है। आरटीपीसीआर के जांच में क्योटरा मोहल्ला गहरौली निवासी 27 वर्षीय महिला संक्रमित निकली है। वहीं मुस्करा में रैपिड एंटीजेन किट से 140 व आरटीपीआर से 50 लोगों की जांच कराई गई। जिसमें कस्बा निवासी दो महिलाएं संक्रमित पाई गईं। राठ के गल्हिया गांव में बीते एक माह से डेंगू का प्रकोप फैला है।
मंगलवार को बुखार की शिकायत पर गल्हिया गांव निवासी एक युवक डेंगू की जांच कराने सीएचसी पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने कोरोना जांच में उसे पॉजिटिव पाया। पत्योरा में सुमेरपुर की टीम ने 50 से अधिक लोगों के सैंपल लिए। टीम प्रभारी डा.दिलीप श्रीवास्तव के साथ स्टाप नर्स माहिनूरबानो, सीएचओ रेनू व लैब असिस्टेंट अनुज कुमार ,फार्मासिस्ट श्रीप्रकाश, एएनएम उमाकांती सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
सीएमओ डा. आरके सचान ने बताया कि सभी संक्रमितों को इलाज के लिए सुमेरपुर स्थित पॉलिटेक्निक कालेज में संचालित एलवन हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच कराई जा रही है।

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