(हमीरपुर बुलेटिन) तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल में मारी टक्कर, मामा और मासूम भांजे की मौत , पढ़े दिनभर की खबर

1 – तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल में मारी टक्कर, मामा और मासूम भांजे की मौत

-जीजा और बहन भी घायल

हमीरपुर ब्यूरो। यमुना पुल पार कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 में जवाहर नाले के पास बुधवार को तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी जिससे एक मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गयी वहीं एक दम्पति भी घायल हो गये। घायलों को इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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कानपुर के नर्वल थाना क्षेत्र के नसेरी गांव निवासी रवीन्द्र अपनी ससुरालसजेती थाना क्षेत्र के लहुरीमऊ गांव आया था। सोमवार को उसका पुत्र अर्जुन (छह माह) ठंड की चपेट में आ गया। वह बुधवार को मोटरसाइकिल से अपनी पत्नी, बच्चे और साला विशाल (19) पुत्र राजन बाल्मीकि को साथ लेकर हमीरपुर सदर अस्पताल आ रहा था। जैसे ही मोटरसाइकिल यमुना पुल से पूर्व जवाहर नाले के पास पहुंची तो कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे विशाल व मासूम अर्जुन की मौके पर मौत हो गयी वहीं रवीन्द्र और उसकी पत्नी रोशनी (20) घायल हो गयी।

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घटना के बाद चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया। घायलों को इलाज के लिये राहगीरों की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मासूम पुत्र व भाई की मौत से रोशनी बदहवाश हो गयी।

इस घटना की सूचना पाते ही परिजन भी सदर अस्पताल आ गये है। यहां दो लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।

2 – हमीरपुर: मजदूर महिला ने बीहड़ में लहलहाई अरमानों की फसल

-वैज्ञानिकों की सलाह से जैविक विधि से सब्जी की खेती कर महिलाओं को दिखा रही आइना

-आर्थिक रूप से खुशहाल होने के बाद भी इस महिला का पति आज भी करता है मजदूरी
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हमीरपुर ब्यूरो। हमीरपुर जिले में घर-घर मजदूरी करने वाली एक महिला ने बीहड़ में मचान विधि से खेती कर अपनी घर की माली हालत सुधारी बल्कि आर्थिक रूप से तरक्की कर वह गांव की गरीब महिलाओं के लिये आज प्रेरणा बन चुकी है। उसने ऊबड़ खाबड़ तीन बीघे खेत में वैज्ञानिकों की सलाह पर सब्जी की फसल बोयी तो उसके अच्छे दिन शुरू हो गये। सब्जी की फसल से उसकी जिन्दगी खुशियों से भर गयी।

जिले केे कुरारा विकास खंड क्षेत्र के खरौंज गांव में श्रीमती रानी कुछ दशक पहले शादी के बाद ससुराल पहुंची तो घर में खाने के लाले पड़े थे। पेट भरने के लिये उसने घूंघट हटाते हुये कुछ कर गुजरने के लिये बड़ा फैसला लेते हुये उसने अपने पति शिव लाल के साथ कंधा मिलाकर मजदूरी की। हाथों में फावड़े लेकर उसने पसीना बहाया इसके बाद भी जिन्दगी में उसे खुशियां नसीब नहीं हो सकी। वक्त गुजरने के साथ ही श्रीमती रानी एक पुत्र व एक बेटी की मां बनी। बताते है कि शिव लाल के पास तीन बीघा जमीन है लेकिन दैवीय आपदा के कारण कोई उपज नहीं होती थी। श्रीमती रानी ने जैसे तैसे गुजारा करते हुये आखिर में सब्जी की पैदावार करने के लिये कमर कसी। और तीन बीघे खेत में सब्जी की फसल की बोआई कर डाली। सब्जी की अच्छी पैदावार के लिये उसने समर्थ फाउन्डेशन के सचिव देवेन्द्र गांधी की मदद ली।

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संस्था के सचिव ने कृषि वैज्ञानिकों को बुलवाया। इस गरीब महिला ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जी की खेती का निरीक्षण किया और सलाह दी कि मचान विधि से सब्जी की फसल करे। गांव के मर्दों की परवाह किये बगैर रानी ने बांस तार और बीज आदि की व्यवस्था करने के बाद मचान विधि से सब्जी की खेती शुरू की तो उसे पहली मर्तबा ही अधिक मुनाफा हुआ। उसने एक साथ तीन-तीन फसलें लेनी शुरू कर दी। गर्मी के मौसम में यह महिला मचान लगाकर सब्जी की पैदावार करती है। हालांकि इस महिला को अभी तक सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिला है। जैविक तरीके से सब्जी की खेती कर आज श्रीमती रानी अपने गांव और आसपास के ग्रामों की महिलाओं के लिये प्रेरणा बन चुकी है। उसने बताया कि रसायनिक खाद का प्रयोग किये बिना जैविक विधि से सब्जी की खेती की जा रही है जिसमें कई बार मदद मांगने के  बाद भी उद्यान व कृषि विभाग के अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल सका।

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इधर समर्थ फाउन्डेशन के सचिव देवेन्द्र गांधी ने सोमवार को बताया कि उनकी संस्था गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिये ही धरातल पर काम कर रही है। रानी एक ऐसी महिला है जिसने गरीबी से जंग लड़ते हुये सफलता के नये आयाम स्थापित किये है जबकि इसका पति अभी भी मजदूरी करता है। यहां के कृषि वैज्ञानिक डा.एसपी सोनकर ने बुधवार को बताया कि इस महिला ने अपनी लगन और मेहनत के कारण वैज्ञानिक सलाह से मचान विधि से सब्जी की फसल कर पूरे परिवार को खुशहाल किया है। इस विधि से सब्जी की फसल करने से निश्चित ही आर्थिक रूप
से किसान मजबूत हो सकता है। उन्होंने बताया कि  इस महिला को देख अब और लोग भी इस पद्धति से फसल करने के लिये आगे आये है।

3- रेलवे अब 30 जनवरी तक चलायेगा स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन
-मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

सुमेरपुर हमीरपुर। वर्ष 2020 के आगाज होते ही रेलवे ने जबलपुर से हरिद्वार के मध्य दो दिन चलने वाली स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन को अब एक माह के लिये और बढ़ा दिया है। अब यह ट्रेन तीस जनवरी तक चलेगी। इससे मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को सीधे तौर पर लाभ
मिलेगा।

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छह माह पूर्व रेलवे ने जबलपुर से हरिद्वार तक स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन शुरू किया था। सप्ताह में दो दिन चलने वाली इस साप्ताहिक ट्रेन संख्या-01701 को प्रत्येक बुधवार को जबलपुर तथा प्रत्येक गुरुवार को हरिद्वार से चलाया जा रहा है। 30 दिसम्बर तक चलने वाली इस ट्रेन को अब रेलवे ने एक माह और बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह ट्रेन 30 जनवरी तक चलेगी। बुधवार को यह स्पेशल सुुपरफास्ट ट्रेन जबलपुर से हरिद्वार के लिये रवाना हुयी। भरुआ सुमेरपुर रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन के रुकते ही तमाम यात्री इसमें सवार हुये। यह ट्रेन मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के लोगों को सुविधा दे रही है। इस ट्रेन का लाभ सीधे तौर पर तीनों राज्यों के लोगों को मिल रहा है। सुमेरपुर रेलवे स्टेशन के मास्टर एसके शुक्ला ने बताया कि इस ट्रेन को एक माह तक और चलाने की सूचना मिली है। अगर रिस्पांस अच्छा रहा तो भविष्य में इसकी अवधि और बढ़ायी जा सकती है। फिलहाल इसके चलने से क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिल रही है। अगर यह ट्रेन चलती रही तो यहां के लोगों के लिये ये स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन
मील का पत्थर साबित होगी।

4- आंकाक्षा समिति की अध्यक्ष ने 16 नवजात बेटियों को दिया उपहार
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हमीरपुर ब्यूरो। जिला प्रोबेशन अधिकारी हमीरपुर अभय कुमार सागर ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के अनुपालन में बेटी बचाओं बेटी पढाओं के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु आज जनपद हमीरपुर में अध्यक्ष आंकाक्षा समिति हमीरपुर की अध्यक्षता में आज जिला महिला चिकित्सालय हमीरपुर में बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 16 नवजात बेटियों को  उपहार स्वरूप बेबी किट, गरम कपड़े, टोपा सहित व बेबी क्लैंकेट भेंट किये गये तथा नवजात बेटियों के माता पिता श्रीमती सुशीला पत्नी सुशील कुमार, पूजा पत्नी चन्द्रप्रकाश, गायत्री पत्नी पंकज, शशी पत्नी रज्जन, रजिया पत्नी इमरान, संगीता पत्नी राजेश, मीनू द्विवेदी पत्नी प्रमोद कुमार, इन्द्रकुमारी पत्नी विजयपाल, जूली पत्नी प्रमोद कुमार सहित आदि को मिष्ठान व सम्मान प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

5- गोशालाओं में फिर ठंड से बीस गौवंश मरे
-प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद गोशलाओं में ठंड से बचाव के नहीं हो
रहे पुख्ता इंतजाम

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सुमेरपुर हमीरपुर।  बुधवार को अस्थायी गोशालाओं में फिर 20 गायों की ठंड
लगने से मौत हो गयी। इसके अलावा भीषण ठंड की चपेट में आकर एक दर्जन से
अधिक पालतू मवेशियों की भी मौत हो गयी। वर्ष 2019 का आखिरी दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा। बुधवार को भूख और ठंड की चपेट में आकर ग्राम पंचायतों में बने गोशालाओं में 20 गौवंश की मौत हो गयी। इन्हें ग्राम प्रधानों ने आननफानन गोशालाओं से बाहर फिंकवा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि सुमेरपुर क्षेत्र के बंडा व पलरा गांव में पांच-पांच गौवंश की ठंड लगने से मौत हुयी है वहीं बांकी में दो गौवंश ने दम तोड़ दिया है। इन्हें आननफानन गोशालाओं से बाहर फिंकवा दिया गया है। इसी तरह से क्षेत्र के इंगोहटा गांव के निकट अंसारी फार्म हाउस गांधी मार्ग पर 8 गौवंश के शव फेंके जाने से लोग आक्रोशित है।

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ये सभी गौवंश किस ग्राम पंचायत के है यह जानकारी अभी तक नहीं हो सकी। वहीं इंगोहटा के किसान भगवानदीन, जयकिशोर दीक्षित, कल्लू कुटार, राजेश साहू, रज्जू तिवारी, कामता साहू, रमेश साहू आदि ने बताया कि गौवंश की इस तरह की दुर्दशा इससे पहले कभी नहीं देखी गयी है। किसानों को आशंका है कि फेंके गये गौवंश गांव के ही गोशालाओं के है। बता दे कि प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी अभी तक गोशालाओं में बंद गौवंश को ठंड से बचाने के लिये कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किये गये है। इसके अलावा इंगोहटा व विदोखर गांव में ठंड के कारण एक दर्जन पालतू गौवंश मर गये है। इनके शव सड़क किनारे जगह-जगह पड़े दिखायी दे रहे है। ग्राम प्रधान और सचिव गौवंश के मरने की खबर को सिरे से खारिज कर रहे है। मौदहा में भी दो दर्जन से अधिक जानवरों की मौत मौदहा: गौ संरक्षण केन्द्रों में उचित देखरेख न होने से बड़ी संख्या में मवेशियों के मरने का सिलसिला जारी है अरतरा गांव में बीते तीन दिन के अन्दर भूख व ठण्ड से दो दर्जन से अधिक जानवरों की मौत हो गयी, और बस्ती के निकट ही इन्हे फेंके जाने से यहां गौ वशं का कब्रिस्तान बन गया। जिससे इसी के निकट लगी बस्ती के लोगों का जीना दुस्वार है। वहीं तार बाड़ी तोड़ कर बीती रात दर्जनों मवेशियेां के बाहर निकल जाने से कई किसानों की खड़ी फसल भी चट कर गये।

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गांव निवासी देवी दयाल व रामकृपाल तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने बताया कि,वह बारह बजे रात तक अपने खेतों की रखवाली करने के बाद घर आ गया। सुबह जब वह खेत पहुंचा तो उसने देखा कि उसका तीन बीघा खेत गौ संरक्षण केन्द्र से निकले मवेशियों ने चट कर दिया है। गांव निवासी कृषक रघुनाथ ने बताया कि गौशाला में मवेशियेां को पेट भर खाना न मिलने से वह तार बाड़ी तोड़ कर उसकी फसल चट कर गये। उसने यह भी बताया कि बीती रात ठण्ड और भूख से एक दर्जन से अधिक जानवर मरे हैं। और प्रतिदिन यहां कई कई जानवर मर रहे हैं। जिन्हे यहां खुले में फेंका जाता है जिसकी दुर्गन्ध से यहां की बस्ती का जीना दुस्वार है। गांव निवासी उदयगिरी ने बताया कि रात में गौ संरक्षण केन्द्र से निकले मवेशी उसकी दो बीघे की फसल चट कर गये, उसने यह भी कहा कि मवेशियों के रख रखाव की उचित व्यवस्था न होने से वह तारबाडी तोड़कर भाग
रहे है और उनकी मौते भी हो रही हैं। यहीं के मुन्नालाल ने बताया कि रात में गौशाला में चौकीदार ही नहीं रहता है, जिससे मवेशी निकल जाते हैं। और निकट के कृषकों की फसल चट कर जाते हैं। भूसे के नाम पर नाममात्र का पुआल डाला जाता है जब कि यहां पांच सौ से अधिक अन्ना मवेशी बन्द हैं।

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परियोजना निदेशक/ प्रभारी बीडिओ चित्रसेन सिंह इस सूचना पर अरतरा गावं के गौ संरक्षण केन्द्र पहुंचे, उन्हेाने बताया कि गौशाला के बाहर कुछ मवेशी मरे अवश्य पडे हैं इनमें से कुछ के टैग भी लगे हैं हालां कि यहां कुछ निजी पशु पालक भी अपने मवेशी फेंक देते हैं, उन्होने एक रात में 23 जानवरों की मौत होने को नकारा और बताया कि कल 2 और आज भी देा मवेशी मरे हुये देखे,
बीमार थे जिनका वह इलाज करा रहे हैं। उन्होने यह भी स्वीकारा की मवेशी स्वयं निकल जाते है और फसलों का नुकसान कर रहे हैं। गांव प्रधान श्रद्धा देवी के प्रतिनिधी श्यामबाबू ने बताया कि वह खाने पीने का इन्तेजाम कर रहे है कल व आज में चार मवेशी की मौत हुयी है, खास बात यह है
कि यदि मवेशी पशु पालकों के है तो किनके है और यहां ही क्यों फेंकते है और टैग लगे मवेशियों को क्यों फेंका जा रहा है दफनाया क्यों न नहीं जा रहा, इनको दफनाये न जाने से यहां दुर्गन्ध उठ रही है जिससे पूरा गांव परेशान है।

6- पारा फिर 5 डिग्री सेल्सियस पर आया, जनजीवन अस्तव्यस्त
-ठंड के कारण फिर एक महिला की मौत, कई बीमार

हमीरपुर ब्यूरो। हमीरपुर में बुधवार को पारा फिर 5 डिग्री सेल्सियस पर आ जाने से लोग कांप उठे। हालांकि दोपहर में धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की लेकिन कुछ ही घंटे बाद फिर शीत लहर चलने से लोग घरों में दुब गये। ठंड से फिर एक महिला की मौत हो गयी वहीं तमाम लोगों को ठंड से बीमार होने पर सदर अस्पताल लाया गया। ठंड के कारण कक्षा एक से आठ तक सभी विद्यालय बंद रखे गये है।

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पिछले दो हफ्ते से जनपद में ठंड का सितम जारी है। बुधवार को यहां का न्यूनतम पारा फिर 5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जिससे लोग ठंड से कंपकंपा उठे। दोपहर बाद धूप खिली लेकिन सूरज में तपिश न होने के कारण लोग अलाव के पास बैठने को मजबूर रहे। शाम होने से पहले ही शीत लहर शुरू हो गयी जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग घरों में ही दुबके रहे। जिले के सुमेरपुर कस्बे के गुटखा फैक्ट्री स्थित नयी बस्ती मुहाल निवासी महादेव गुप्ता की पत्नी बैदही (60) ठंड की चपेट में आ गयी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर में इस महिला की मौत भी हो गयी। इधर हमीरपुर और सुमेरपुर क्षेत्र में दर्जनों लोग ठंड से बीमार हो गये जिन्हें इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया है। जिले के मौदहा, राठ, सरीला और मुस्करा क्षेत्र में भी ठंड के कारण जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इधर हमीरपुर तहसील में मौसम पर नजर रखने वाले कर्मी भवानी प्रसाद ने बताया कि आसमान में बादलों के छाये रहने के कारण अधिकतम पारा 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है वहीं न्यूनतम
पारा 5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में पारा और नीचे लुढ़केगा और शीत लहर भी मुसीबत बढ़ायेगी। बता दे कि ठंड के सीजन में अभी तक जिले में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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7- हल्की बूंदाबांदी से हुआ नववर्ष का आगाज

सुमेरपुर हमीरपुर। नववर्ष का आगाज हल्की बूंदाबांदी से हुआ । इसके बाद निकली हल्की धूप ने लोगों को राहत प्रदान की। बूंदाबांदी से किसानों की धड़कने तेज हो गई। लेकिन जैसे ही बूंदाबांदी बंद होकर धूप निकल आई तो किसानों ने भी राहत महसूस की।

नववर्ष का आगाज सुबह बूंदाबांदी से हुआ । पूरे क्षेत्र में सुबह शुरू हुई बूंदाबांदी से लोग सहम गए। लेकिन बूंदाबांदी का क्रम ज्यादा देर तक नहीं चल सका इससे लोगों ने राहत की सांस ली । बूंदाबांदी से किसान काफी परेशान नजर आया । लेकिन थोड़ी देर बाद जैसे बूंदाबांदी खत्म हुई तो किसानों ने राहत महसूस की। किसानों का मानना है कि मौजूदा समय में फसलों को पानी नहीं बल्कि धूप की जरूरत है । अगर मौसम साफ होकर प्रकृति धूप खिला दे तो यह फसलों के लिए रामबाण साबित होगी । बूंदाबांदी एवं हवाओं में हो रहे बदलाव से फसलों में विपरीत असर पड़ा है । कोहरा और ठंड से मसूर, मटर, सरसों ,अरहर की फसलों में इसका प्रभाव भी दिखने लगा है । फिलहाल बूंदाबांदी के बाद हल्की धूप से किसानों ने राहत महसूस की है।
8- पालिका के निर्माण कार्यों की एसडीएम ने टीम के साथ शुरू की जांच

मौदहा (हमीरपुर) नगर पालिका परिषद के निर्माण कार्यो की जंाच उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिले से बनी जांच समिति ने आज कई कार्यो की जाच की, इससे पूर्व भी विस्तृत रुप से जांच की जा चुकी है, लेकिन जांच का अभी तक कोइ परिणाम नही निकला, जिससे आम लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर पालिका परिषद ने करोडों रुपये से निर्माण कार्य शुरु कराया थे, जिसमें मानक के अनुरूप कार्य न होने पर जिलाधिकारी ने इसकी जांच शुरु करायी थी, जंाच के लिये उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी ने जांच समिति का गठन किया था। जिसने विस्तार से जांच की थी ।कुछ कार्य जाच में छूट जाने की वजह से आज इनकी जाच पुनः कर पूरी की गयी। इन कार्यो मे
इंटरलाकिग या कब्रिस्तान की नवनिर्मित चहार दिवारी थी। जिसकी जांच आज पूरी की गयी।

9- नववर्षःयुवक-युवतियों ने नववर्ष का जमकर उठाया लुफ्त

सुमेरपुर हमीरपुर। कस्बे में नववर्ष का स्वागत भव्य तरीके से हुआ । बस स्टैंड व बाजार में लोगों ने स्टाल लगाकर राहगीरों को निशुल्क जलपान के साथ गर्म चाय वितरित की । वहीं कस्बे के प्रमुख धार्मिक स्थल गायत्री तपोभूमि एवं विरक्त आश्रम में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही । गायत्री कुंज
पार्क में युवक-युवतियों ने नववर्ष का जमकर लुफ्त उठाया।  कस्बे के बस स्टैंड में अवतार मार्केट के मालिक रामचंद्र शिवहरे ने स्टाल लगाकर राहगीरों के साथ कस्बा वासियों को जलपान कराया । यहां पर पूरे दिन भीड़भाड़ बनी रही। इसी तरह बाजार में सोनू शिवहरे ने लोगों को नववर्ष के उपलक्ष में गर्म चाय वितरित की। इसी तरह अन्य जगहों पर भी लोगों ने स्टाल लगाकर लोगों को शुभकामनाएं प्रदान की । कस्बे के प्रमुख धार्मिक स्थल गायत्री तपोभूमि एवं विरक्त आश्रम में लोगों का दिनभर तांता लगा रहा । युवक-युवतियों ने पार्क गायत्री कुंज में दिनभर भ्रमण करके नववर्ष का जमकर लुफ्त उठाया। कस्बे में दिन भर अच्छी खासी गहमागहमी रही । बाजार भी पूरे दिन गुलजार रहे। इस मौके पर रेस्टोरेंटों के साथ फूलों की दुकानों में अच्छी खासी भीड़ नजर आई । ताजे गुलाब का एक फूल बीस से पचास रुपए तक बिका। लोग एक दूसरे को बधाई देते नजर आए।

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