(हमीरपुर बुलेटिन) दुनिया के तमाम देशों में भी मौदहा की चांदी की मछली ने मचाई धूम, पढ़े दिनभर की पूरी खबरें

 दुनिया के तमाम देशों में भी मौदहा की चांदी की मछली ने मचाई धूम

– तत्कालीन मुख्यमंत्री बीपी सिंह ने भी स्वर्णकार को किया था सम्मानित
– चांदी की मछली देख महारानी विक्टोरिया ने भी दिया था तांबे का मेडल
हमीरपुर । हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे की बनी चांदी की मछली देश ही नहीं खाड़ी देशों में भी लोकप्रिय है। चांदी की मछली का आविष्कार करीब 151 साल पहले मौदहा कस्बे के एक स्वर्णकार ने किया था जिस पर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने स्वर्णकार को सम्मानित भी किया था। महारानी विक्टोरिया ने भी चांदी की बेहतरीन मछली बनाने पर स्वर्णकार को तांबे का मेडल देकर सम्मानित किया था। धनतेरस पर्व को लेकर अब स्वर्णकारों ने बड़ी मात्रा में चांदी की मछली बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। दिन रात दुकानों में मछलियां बनाने का काम चल रहा है। साथ ही चांदी के दीये और श्रीगणेश लक्ष्मी की मूर्तियां भी पूजन के लिये अबकी बार बनायी जा रही हैं।
151 साल पूर्व शुरू हुआ था मछली बनाने का उद्योग
चांदी की मछली का आविष्कार करीब 151 साल पूर्व हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में जागेश्वर प्रसाद सोनी ने किया था। इतिहासकार अब्दुल फजल जब यहां आये थे तो उन्होंने आइने अरुबरी में लिखा था कि यहां के लोगों में ईश्वरी साधन उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश के सिर्फ मौदहा कस्बे में एक ही स्वर्णकार परिवार के पास चांदी की मछली बनाने की कला है। अब यहां की चांदी की मछली भारत और विदेशों में भी लोकप्रिय हो गयी है। खाड़ी देशों में भी यहां चांदी से बनी मछलियों ने धूम मचाई है। मछली निर्माण में विख्यात होने पर जागेश्वर प्रसाद सोनी को, वर्ष 1981 में पूर्व मुख्यमंत्री वीपी सिंह ने सम्मानित किया था। चांदी से छोटी बड़ी आकर्षक मछलियों को देख महारानी विक्टोरिया ने भी इस स्वर्णकार को तांबे का मैडल देकर सम्मानित किया था।
मंगल कार्यों के लिये खरीदी जाती है चांदी की मछली
मछली को लोग शुभ मानते हैं, इसलिये इसे ड्राइंग रूम में सजाकर घर की शोभा बढ़ाते हैं। वीआईपी लोगों में भी इसकी डिमांड होती है। देश के अन्य स्थानों में नाना प्रकार की कला कृतियां विख्यात हैं लेकिन चांदी की निर्मित मछली आज भारत वर्ष में विख्यात हो गई है। विश्व विख्यात चांदी की मछली का निर्माण उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के मौदहा तहसील मुख्यालय में उपरौंस मुहाल में हो रहा है। युगल काल में इस कला के प्रति लगाव जगजाहिर है। यहां के प्राचीन भवनों व दरवाजों तथा बर्तनों में खुदी कलाकृतियां इसकी गवाह है। भारतीय परम्परा में आस्था व विश्वास के आधार पर खास दिवसों व पर्वों पर चांदी की मछली रखना शुभ माना जाता है। प्राचीन काल में व्यापारी भी भोर के समय सबसे पहले मछली देखना पसंद करते थे। इसका उल्लेख भी तमाम पुस्तकों तक में आया है।
अब तीसरी पीढ़ी बना रही है चांदी की मछली
जागेश्वर प्रसाद सोनी के निधन के बाद अब उनके नाती और पौत्र राजेन्द्र सोनी, ओमप्रकाश सोनी व रामप्रकाश सोनी मछली बनाते हैं। उत्तर प्रदेश व अन्य किसी भी राज्य में चांदी की मछली बनाने का काम नहीं होता है मगर हमीरपुर में यह कलाकृति बड़े उद्योग की शक्ल ले चुका है। राजेन्द्र सोनी ने बताया कि चांदी की मछली इतनी आकर्षक होती है कि हर कोई इसे लेकर बड़े लोगों को गिफ्ट देते हैं। प्रदेश के हर कोई बड़े वीआईपी और आईएएस तक के कई अफसरों को यहां की चांदी की मछलियां देकर सम्मानित किया जा चुका है। स्वर्णकारों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में अब चांदी की बनी मछलियां घरों की शोभा बढ़ाने के लिये सिर्फ बड़े लोग ही खरीदते हैं और तो और यहां की बनी चांदी की मछली छत्तीसगढ़, एमपी व खाड़ी देशों में भी बेची गयी है। बाहर के लोग हाथों हाथ इसे खरीदते हैं।
बनावट की वजह से पानी में तैरती है चांदी की मछली
स्वर्णकार राजेन्द्र सोनी का कहना है कि जैसे पानी के बाहर मछली शरीर को लोच देती है ठीक वैसे इस मछली में भी लोच देखी जा सकती है। पानी में डालने पर ऐसी प्रतीत होता है कि चांदी की मछली जैसे तैर रही हो। मछली बनाने की जानकारी देते हुये स्वर्णकार ने बताया कि सबसे पहले मछली की पूंछ बनायी जाती है। फिर पत्ती काट छल्लेदार टुकड़े होते हैं। जीरा कटान पत्ती को छल्लेदार टुकड़े बनाते हुये कसा जाता है। इसके बाद सिर, मुंह, पंख व अंत में इसमें लाल नग लगा दिया जाता है। चांदी की मछली बनाने में कई घंटे का समय लगता है मगर सरकारी तौर पर कोई मदद न मिलने से अब यह कला दम तोड़ रही है। स्वर्णकार का कहना है कि चांदी की मछली की डिमाण्ड सिर्फ हमीरपुर जिले में कभी कभार आने वाले वीआईपी लोगों के आने पर होती है। इसके बाद कोई चांदी की मछली के बारे में पूछने नहीं आता है। दीपावली पर्व पर चांदी की छोटी मछलियों की डिमाण्ड बढ़ जाती है।
2 – हमीरपुर में 50 टीमों ने चलाया अभियान, खतरनाक टीबी के 28 मरीज मिले 
-मरीजों का इलाज शुरू, हर माह मरीज को मिलेंगे पांच सौ रुपये
हमीरपुर । जिले में टीबी रोग खोज अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने टीबी के 28 खतरनाक रोगियों की खोज की हैं। इनमें एक मरीज को टीबी की पुष्टि एक्सरे से की गयी हैं। सभी का इलाज भी शुरू कर दिया गया हैं। साथ ही हर माह मरीजों को शासन की योजना के तहत पांच सौ रुपये मिलेंगे।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. महेश चन्द्रा ने मंगलवार को बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी के रोगियों को पांच सौ रुपये दिये जाने की औपचारिकतायें पूरी कर दी गयी हैं। केंद्र सरकार सन् 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रति तीन माह में सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) चलाया जाता है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संदिग्ध टीबी रोगियों को खोजती हैं। मौके पर ऐसे मरीजों के बलगम की जांच के नमूने लिए जाते हैं। जांच में टीबी की पुष्टि के बाद उपचार शुरू किया जाता है। मरीजों को संबंधित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से घर पर ही टीबी की दवा मुहैया कराई जाती है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.महेशचंद्रा ने बताया कि इस बार 1.25 लाख की आबादी में टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चलाया गया था। इसके कुल 50 टीमें और 13 सुपरवाइजर लगाए गए थे, जिन्होंने 25 हजार 100 घरों में दस्तक दी और संदिग्ध टीबी रोगियों के बलगम के नमूने लिए। उन्होंने बताया कि कुल 533 बलगम के नमूने लिए गए थे। जिसमें 27 टीबी रोगी मिले। एक रोगी को टीबी की पुष्टि एक्सरे के माध्यम से हुई है। दस दिनों तक चले अभियान में कुल 28 नए टीबी के रोगी खोजे गए हैं। जिनका उपचार भी शुरू करा दिया गया है।  इस बार सर्वाधिक 8 टीबी रोगी राठ में मिले। दूसरे नंबर सरीला रहा, जहां 7 मरीज खोजे गए। इसके अलावा मौदहा-हमीरपुर में 4-4, मुस्करा में 3 और सुमेरपुर में 2 टीबी रोगी खोजे गए हैं। प्रत्येक मरीज को शासन द्वारा अनुमन्य 500 रुपए निक्षय पोषण योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रतिमाह ट्रांसफर होंगे।
3 – इग्नू में संचालित पाठ्यक्रम में कैरियर के उन्नयन की हैं संजीवनीः डा. रीना
-मानवाधिकार, जीएसटी व योगा पाठ्यक्रम भी इग्नू से होते हैं प्रारम्भ 
हमीरपुर । इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय की सहायक निदेशक डा.रीना कुमारी ने मंगलवार को यहां राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हमीरपुर में संचालित इग्नू अध्ययन केन्द्र में आयोजित सत्र में बताया कि इग्नू में संचालित पाठ्यक्रम छात्रों के कैरियर के उन्नयन में संजीवनी का कार्य करते हैं। यह पाठ्यक्रम उन छात्रों के लिये अधिक महत्वपूर्ण होते हैं जो विभिन्न व्यवसायों से जुड़े होते हैं। ऐसे छात्र भी पाठ्यक्रम में पंजीकृत होकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि बढ़ा सकते हैं।
सहायक निदेशक डा. रीना कुमारी यहां इग्नू अध्ययन केन्द्र में परिचय सत्र में छात्रों को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने बताया कि इग्नू दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी हैं जिसमें लाखों की तादात में छात्र पंजीकृत हैं। इस यूनिवर्सिटी में विभिन्न रोजगार परक पाठयक्रम प्रमाण पत्र पीजी डिप्लोमा, डिग्री, परस्नातक स्तर के पाठयक्रम संचालित है। जैसे आपदा प्रबंधन, जल संचयन, मानवाधिकार, ग्रामीण विकास, न्यूट्रीशन, बीए, बीकाम, एमए के विभिन्न विषयो के पाठयक्रम संचालित है। जिनके प्रवेश वर्ष में जानकारी तथा जून माह में किये जाते है। जिनकी पाठय सामाग्री पंजीकृत छात्र, छात्राओं को उनके पते पर उपलब्ध करायी जाती है तथा उनकी परीक्षायें वर्ष में दो बार अध्ययन केन्द्र में ही सम्पन्न करायी जाती है। डा. रीना कुमारी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र/छात्राओं के स्नातक स्तर तक के पाठयक्रमो में निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। उन्होने बताया कि वर्तमान से जुडे समस्याओं जैसे मानवाधिकार, जल प्रबंधन, जीएसटी तथा योगा पाठयक्रम इग्नू से प्रारम्भ किये जाते है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सत्येन्द्र सिंह ने अपने कहा कि छात्र/छात्रायें नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त इग्नू में संचालित पाठयक्रमो में इग्नू में प्रवेश लेकर अपनी अतिरिक्त शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त कर सकते है। कार्यक्रम सम्पन्न कराने केन्द्र के समन्वयक डा.स्वामी प्रसाद, सह समन्वयक डा. शक्ति गुप्ता, डा. बंदना कुमारी सहित महाविद्यालय के प्रध्यापको ने अहम भूमिका का निर्वहन किया। परिचय सूत्र में इग्नू के पंजीकृत छात्र/छात्राओं के अतिरिक्त महाविद्यालय के छात्र/छात्रायें उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन इग्नू अध्ययन केन्द्र के डा. स्वामी प्रसाद ने किया।

4 – उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने इन्श्योरेंस कंपनी पर लगाया 15 हजार रुपये का जुर्माना

हमीरपुर । जिला उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने क्षतिग्रस्त वाहन की बीमा क्लेम न करने पर ओरियन्टल इन्श्योरेन्स कम्पनी के शाखा प्रबंधक पर मंगलवार को 15 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
फोरम कोर्ट के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि हमीरपुर नगर के रमेड़ी मुहाल निवासी भुवन प्रताप सिंह व रुद्र प्रताप सिंह पुत्रगण अमर सिंह ने शाखा प्रबंधक ओरियन्टल इन्श्योरेन्स कम्पनी कुरारा के खिलाफ एक वाद दायर किया था। इसमें परिवादी का डम्फर ट्रक हरदोई की डस्ट खाली करते समय पलट गया था और हेल्पर संतोष कुमार दब गया था। इसकी मौत भी हो गयी थी। डम्फर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। डम्फर ट्रक के क्षतिग्रस्त से सम्बन्धित क्लेम के सर्वेयर के माध्यम से कम्पनी को फाइल भेजी गयी थी लेकिन आज तक परिवादी को बीमा क्लेम की धनराशि नहीं दी गयी।
इस मामले की सुनवाई फोरम कोर्ट के अध्यक्ष राम कैलाश व उमेश कुमार की पीठ ने करते हुये ओरियन्टल इन्श्योरेन्स कम्पनी को आदेश दिये हैं कि परिवादी को साढ़े दस हजार रुपये की धनराशि का भुगतान मय ब्याज सहित करें। कोर्ट ने कम्पनी को एक माह की मोहलत देते हुये उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
5 – हमीरपुर में छापेमारी कर कानपुर पुलिस ने देशी बम समेत महिला को किया गिरफ्तार

कानपुर समेत कई जिलों में फैला था विस्फोटक सामग्री का अवैध कारोबार
हमीरपुर । कानपुर नगर के बिधनू थाना पुलिस ने मंगलवार को हमीरपुर जिले देशी बम बनाने व विस्फोटक सामग्री की धरपकड़ के लिये छापेमारी की। स्थानीय पुलिस के बिधनू थानाध्यक्ष ने सुमेरपुर कस्बे में ईदगाह के पीछे छापेमारी कर एक मकान से निर्मित व अर्ध निर्मित देशी सुतली बम और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान अवैध कारोबारी मौके से भाग निकला, लेकिन पुलिस ने कारोबारी की पत्नी को हिरासत में ले लिया है
गौरतलब है कि सोमवार की देर शाम कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र के द्विवेदी नगर में देशी सुतली बम के विस्फोट हो जाने से सागर (24) की मौके पर मौत हो गयी थी,  वहीं प्रखर साहू (25) गंभीर रूप से घायल हो गया था। बिधनू थानाध्यक्ष सुखराम रावत ने बताया कि देशी सुतली बम प्रखर साहू सुमेरपुर कस्बे के शाहरुख खान के से लेकर गया था। गाड़ी से पड़ोसी सागर की मदद से देशी सुतली बम व अन्य पटाखे उतारकर वह घर के अन्दर रख रहा था, तभी अचानक बोरी हाथ से छूट जाने से विस्फोट हो गया। हादसे में सागर की मौत हो गयी जबकि प्रखर साहू घायल हो गया। मंगलवार को घायल प्रखर की निशानदेही पर बिधनू थानाध्यक्ष ने सुमेरपुर थानाध्यक्ष गिरेन्द्र पाल सिंह के साथ कस्बे के ईदगाह के पीछे मस्जिद के बगल में बने मकान में छापा मारा। मौके से करीब 1200 तैयार देशी सुतली बम, 800 अधबने देशी सुतली बम दो बोरी में बरामद किये। इसके अलावा पुलिस ने 20 किलो तैयार एवं अलग-अलग बारूद भी बरामद किया हैं। मौके से पुलिस ने करीब 1000 फूलझड़ी (पटाखे) व सुतली आदि बरामद किया हैं। मकान में पुलिस को मकसूद खान की पत्नी परवीन बानो मिली जिसे हिरासत में ले लिया गया हैं। थानाध्यक्ष गिरेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि स्थानीय थाने के साथ बिधनू थाने में मुकदमा दर्ज किया जा रहा हैं। बरामद विस्फोटक सामग्री के नमूने लेने के बाद इसे नष्ट कर दिया गया हैं।
6 – 47 में से महज 8 पंचायतो ने कराया आडिट, टीम वापस लौटी

– पंचायतो की गले की फांस बन गया अन्ना गौवंश के भूसे का आडिट
हमीरपुर । जिले में मंगलवार को बेसहारा अन्ना गौवंश के भूसे चारे के लिये मुहैया करायी गयी धनराशि का आडिट कराने में ग्राम पंचायते खरी नही उतर सकी। वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में सुमेरपुर ब्लाक की 47 ग्राम पंचायतो को मुहैया करायी गयी 22.83 लाख की धनराशि के खर्च का ब्योरा दो दिन में आडिट टीम के सामने महज 8 ग्राम पंचायतो उपलब्ध कराया है।
आडिट टीम ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात कही है। ग्राम पंचायतो द्वारा आडिट से दूर भागने पर संदेह की आशंका जतायी जाने लगी है। लगता है कि भूसे चारे के लिये आयी धनराशि को अन्ना गौवंश के रखरखाव में खर्च करने के बजाय खुद खर्च कर लिया है। प्रधान संघ के संरक्षक ने सारा ठीकरा पशुपालन विभाग के ऊपर फोडते हुये कहा कि गत वर्ष का रिकार्ड पशुपालन विभाग को दिया गया है। हमारे पास अभिलेख नही है। शासने से बेसहारा अन्ना गौवंश को भूसे चारे के लिये गत वित्तीय वर्ष एवं चालू वित्तीय वर्ष में मुहैया करायी गयी धनराशि का आडिट कराने का निर्णय करते हुये ब्लाकवार तिथियों का निर्धारण करके आडिट टीम भेजी है। विकास खण्ड की 57 में 47 पंचायतो को दोनेा वित्तीय वर्ष में 22.83 लाख की धनराशि दी गयी है। यहां पर 21 व 22 अक्टूबर को आडिट होना था। दो दिन में आडिट टीम को महज 8 ग्राम पंचायतो ने आय व्यय का ब्योरा दिया है। इनमें इंगोहटा ग्राम पंचायत ने पिछले वर्ष का आडिट नही कराया है।
आडिट टीम के सदस्य राजेश कुमार सहायक लेखा परीक्षाधिकारी ने बताया कि अतरैया, सुरौली बुजुर्ग, पंधरी, इंगोहटा, बिरखेरा, उजनेडी, पारा रैपुरा एवं चंदपुरवा बुजुर्ग के सचिवो ने अपना आय व्यय का ब्योरा दिया है। शेष पंचायतो के सचिव आडिट कराने नही आये है। कुछ न कुछ गडबढ किया गया है। आडिट टीम ने कहा कि वह रिर्पोट प्रशासन को भेजकर हकीकत से रूबरू करा देंगे। बुधवार से कुरारा विकास खण्ड में आडिट होना है। उधर प्रधान संघ के ब्लाक संरक्षण अरूण कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधानो को आडिट के नाम पर बेवजह परेशान किया जा रहा है। गत वर्ष का सारा रिकार्ड पशु पालन विभाग को मुहैया करा दिया गया है। अब पशु पालन विभाग रिकार्ड नही दे रहा है। इसमें आडिट में परेशानी हो रही है।
पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर पंकज सचान ने बताया कि प्रधान संघ के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सभी आरोप निराधार है। पंचायतो को प्रत्येक बैठको में रिकार्ड बनाकर रखने की बात बतायी गयी थी। साथ ही कहा गया था कि आयी हुयी धनराशि का आडिट जरूर होगा। परंतु पंचायतो ने किसी बात को गंभीरता से नही लिया। अब आडिट शिकंजा कसने पर बहाने बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूसे की खरीद आदि में धांधली नही हुयी है। रिकार्ड न बनाने से दिक्कते आ रही है।
7 – कई जनपदों तक फैला था देशी सुतली बम सप्लाई का नेटवर्क, 10 दिन में दो मरे

हमीरपुर। जिले के सुमेरपुर कस्बे में तैयार होने वाला देशी सुतली बम दशहरे से लेकर अब तक दो युवकों की जान ले चुका है। वहीं आधा दर्जन से अधिक युवक गंभीर रूप से घायल भी हुये हैं। इसके बाद भी पुलिस ने अवैध कारोबार पर शिकंजा नहीं कस सकी। कस्बे में तैयार होने वाले देशी बम की सप्लाई कई जनपदों में होती हैं। कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र में हुयी घटना से जनपद के इस अवैध कारोबार का खुलासा मंगलवार को हुई छापेमारी में सामने आया है।
नवरात्रि से लेकर दीपावली पर्व तक देशी सुतली बम की मांग शहर से लेकर कस्बों और ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त रहती हैं। कठोर जमीन में पटकने के बाद इसमें तेज धमाका होता हैं। इस देशी सुतली बम की यहीं धमक युवाओं को आकर्षित करती हैं। इसे प्रत्येक युवक फोडऩा चाहता हैं। युवाओं के मध्य यह सुतली देशी बम जबरदस्त लोकप्रिय होने के कारण कस्बे में तैयार होने वाले इस देशी बम की आपूर्ति बांदा, महोबा, जालौन, कानपुर नगर व फतेहपुर आदि जनपदों में चोरी छिपे करायी जाती हैं।
सोमवार को बिधनू थाने के द्विवेदी नगर निवासी प्रखर साहू दो बोरी सुतली बम सुमेरपुर कस्बा निवासी शाहरुख खान के यहां से लेकर अपने घर पहुंचा था। गाड़ी से उतारते समय धमाके में प्रखर का पड़ोसी सागर की मौत हो गयी थी और वह स्वयं भी घायल हो गया था। इस घटना से पूर्व सुमेरपुर थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव निवासी शिवाकांत (16) की मौत इसी देशी सुतली बम के धमाके से हो गयी थी जबकि ओमप्रकाश, रामकिशन, रोहित व शिवम घायल हो गये थे। इसी तरह से बिलहड़ी गांव में इसी बम की चपेट में आकर दीपक एवं राहुल घायल हो गये थे। इन दोनों युवकों का इलाज अभी भी चल रहा हैं। सुमेरपुर थाना क्षेत्र में हुयी इन घटनाओं के बाद भी पुलिस ने सख्ती नहीं बरती और देशी सुतली बम बनाने वाले रात दिन इस कारोबार को फैलाते रहे।
मौके पर पकड़ी गयी अवैध कारोबारी की पत्नी परवीन बानो ने बताया कि पति इस धंधे के खिलाफ हैं और उसने हमसे किनारा भी कर लिया हैं। उसने बताया कि वह अपने पुत्र शाहरुख खान के साथ मिलकर इस कारोबार को चला रही थी। उसने पुलिस के सामने बताया कि सोमवार को कानपुर में देशी सुतली बम पुत्र ने बेचे थे। पुलिस ने हिरासत में ली गयी परवीन बानो के बयान रिकार्ड भी किया हैं। इस अवैध कारोबार का खुलासा होते ही अब पुलिस ने अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली हैं। पिता मकसूद खान, मां परवीन बानो को भी मुल्जिम बनाने की तैयारी की जा रही हैं।

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