(हमीरपुर बुलेटिन) पति ने साले के साथ मिलकर पत्नी को उतारा मौत के घाट, पढ़े दिनभर की पूरी खबरें

हमीरपुर:पति ने साले के साथ मिलकर पत्नी को उतारा मौत के घाट
-पुलिस ने आरोपितों को किया गिरफ्तार, सम्पत्ति विवाद में घटना को दिया अंजाम

सुमेरपुर-हमीरपुर। शुक्रवार को किराये के मकान में अकेली रह रही महिला को उसी के पति और सगे भाई ने गला दबाकर मार डाला। घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भाग रहे दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया हैं। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ हैं।  मृतका की मां ने सम्पत्ति विवाद का हवाला देकर पति और अपने बेटे समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हैं। घटना की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना, सीओ सदर अनुराग सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया हैं।
जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के शिवनी गांव निवासी श्रीमती सोनी सिंह (35) पत्नी जय नारायण सिंह पिछले तीन सालों से दो बच्चों के साथ सुमेरपुर कस्बे में इन्दिरा मुहाल स्थित किराये के मकान में रहकर बच्चों को पढ़ा लिखा रही थी।  दोनों बच्चे स्कूल गये थे। कुछ ही घंटे बाद मौका देख पति जयनारायण सिंह अपने साले कंचन सिंह के साथ सोनी सिंह के कमरे में दाखिल हुआ और कमरे में जमीन पर बैठकर पूजा कर रही पत्नी सोनी सिंह को गला दबाकर मार डाला। शोरशराबा सुनकर मकान मालिक अशोक कुमार निषाद की पत्नी ने घटना की जानकारी घर में दी जिस पर इस मामले की जानकारी मकान मालिक ने कस्बा इंचार्ज सतीश कुमार यादव को देकर मदद की गुहार लगाई। घटना की सूचना पाते ही कस्बा इंचार्ज, एसआई शिवदान सिंह, रोहित कुमार के साथ मौके पर पहुंचे तब तक सोनी सिंह की मौत हो चुकी थी।
घटना कर मौके से भाग रहे पति जयनारायण सिंह एवं मृतका के भाई कंचन सिंह को पुलिस ने दबोच लिया। हत्या की वारदात की सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक गिरेन्द्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे और घटना से पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को अवगत कराया।
पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह व सीओ सदर के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतका की मां व मकान मालिक से जानकारी की। मृतका की मां कृष्णा देवी सिंह ने दामाद और पुत्र के अलावा पुत्र के दो सालों को नामजद कराते हुये सम्पत्ति विवाद में पुत्री की हत्या करने का
आरोप लगाया हैं। उसने बताया कि घटना से पूर्व पुत्री उनके घर रहती थी जहां पुत्र को यह शक था कि कहीं सम्पत्ति पुत्री को न मिल जाये। आरोपित पति ने हत्या से कुछ ही दिन पहले शिवनी गांव जाकर सोनी सिंह के साथ मारपीट की थी। इस घटना से मृतका के दोनों मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। यहां के अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि घटना से
पूर्व मृतका अपने मायके में थी जहां आपसी विवाद घर में हुआ था। इसके बाद वह अपने बच्चों के साथ सुमेरपुर आ गयी थी। उन्होंने बताया कि पति सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करायी जा रही हैं।
2- सामूहिक हत्याकांडः सजायाफ्ता शराब कारोबारी को सुप्रीमकोर्ट से मिला झटका
-मेडिकल ग्राउन्ड पर दाखिल की गयी जमानत अर्जी डबल बेंच ने की खारिज
-कानपुर मेडिकल कालेज ने कोर्ट में दी थी आठ डाक्टरों के पैनल की रिपोर्ट
हमीरपुर ब्यूरो। सामूहिक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे शराब
कारोबारी रघुवीर सिंह को शुक्रवार के दिन सुप्रीमकोर्ट से बड़ा झटका लगा हैं। उनका जमानत अर्जी सुप्रीमकोर्ट की डबल बेंच ने खारिज कर दी हैं। आखिरी उम्मीद भी खत्म होने के बाद अब शराब कारोबारी को जेल में ही बाकी जिन्दगी बितानी होगी।
उल्लेखनीय हैं कि हमीरपुर नगर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 की देर शाम भाजपा नेता राजीव शुक्ला के भाई राकेश शुक्ला, राजेश शुक्ला, भतीजा गुड्डा समेत पांच लोगों को गोलियों से भून डाला गया था। गोलीबारी में राजीव शुक्ला सहित दो लोग घायल हुये थे। मामले में पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल, शराब कारोबारी रघुवीर सिंह, डब्बू सिंह पुत्र रघुवीर सिंह समेत कई लोग को नामजद किये गये थे। सामूहिक हत्याकांड में इस वर्ष 19 अप्रैल को हाईकोर्ट इलाहाबाद की डबल बेंच ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिस समय हाईकोर्ट से फैसला आया था तब अशोक सिंह चंदेल हमीरपुर सदर से
भाजपा के विधायक थे। अशोक सिंह चंदेल समेत सभी आरोपी इस समय जेल में निरुद्ध हैं। इधर सजायाफ्ता रघुवीर ङ्क्षसह को जेल प्रशासन ने कुछ माह पूर्व इलाज के लिये कानपुर के उर्सला अस्पताल भिजवाया था जहां अभी वह अस्पताल में भर्ती हैं। सामूहिक हत्याकांड के वादी राजीव शुक्ला एडवोकेट ने बताया कि बीमारी का हवाला देते हुये रघुवीर सिंह के अधिवक्ता सिद्धार्थ दबे एवं एसपीएस राघव ने सुप्रीमकोर्ट में कोर्ट-12 में जमानत अर्जी दाखिल की थी जिसकी सुनवाई करते हुये जस्टिस मोहन एम शान्तनुगोदर एवं जस्टिस कृष्णा मुरारी की बेंच ने जमानत अर्जी खारिज कर दी हैं।
इससे पहले डबल बेंच ने कानपुर मेडिकल कालेज के आठ डाक्टरों के पैनल से सजायाफ्ता रघुवीर सिंह की रिपोर्ट मांगी थी जिसमें डाक्टरों के पैनल ने मुजरिम को कोई गंभीर बीमारी नहीं होने की रिपोर्ट कोर्ट को दी हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी हैं। सुप्रीमकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने से यहां उनके परिजनों में मायूसी छा गयी हैं।
सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित पक्ष की ओर से सुप्रीमकोर्ट में सीनियर वकील मीनाक्षी अरोड़ा, उदय प्रकाश व रामजी पाण्डेय पैरवी कर रहे हैं। इधर हमीरपुर जेल के डिप्टी जेलर आर. यादव ने बताया कि सामूहिक हत्याकांड के मुजरिम रघुवीर सिंह कानपुर के उर्सला अस्पताल में अभी भी भर्ती हैं।
गुलाबी गैंग की कमाण्डर ने थाने में काटा हंगामा

3- दरोगा से भिड़ी कमाण्डर, तीन दिन में कार्यवाही न होने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

सुमेरपुर-हमीरपुर। तीन माह पूर्व अगवा हुयी महिला को लेकर कोई कार्यवाही न किये जाने पर शुक्रवार को थाने पहुंची गुलाबी गैंग की कमाण्डर सम्पत पाल से एक दरोगा ने अभद्रता कर दी जिससे कमाण्डर ने गुस्से में आकर थाने में जमकर हंगामा काटा और पुलिस को चेतावनी देती हुयी कहा कि यदि तीन दिन में मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही नहीं की गयी तो थाने के सामने हाइवे जाम कर आन्दोलन किया जायेगा।
जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सुरौली बुजुर्ग गांव निवासी शिवप्यारी साहू पत्नी बाबूलाल साहू 20 जुलाई को घर से अचानक लापता हो गयी हैं।
लापता महिला की मां जितिया पत्नी रामशरण साहू ने सुमेरपुर थाने में तहरीर देकर पति बाबूलाल, जेठ टोढ़ेलाल, जेठानी शिवप्यारी, रजोला पुत्री लल्लू पर आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की और वृद्ध महिला को थाने से टकरा दिया गया। थक हार कर वृद्धा ने गुलाबी गैंग कमाण्डर सम्प्त पाल से न्याय की गुहार लगाई थी। वृद्धा को न्याय दिलाने सुमेरपुर थाने पहुंची गुलाबी गैंग कमाण्डर से थाने के एक दरोगा ने बदसलूकी कर दी इससे गुलाबी गैंग कमाण्डर गुस्से से भड़क गयी और पुलिस को खरीखोटी सुनाते हुये थाने में जमकर हंगामा मचाया। मामला बढ़ता देख दरोगा
मौके से खिसक गया। हंगामा बढऩे पर थाने के क्राइम इंस्पेक्टर मुहम्मद फहीम अख्तर ने गुलाबी गैंग कमाण्डर को समझाकर शांत कराते हुये सख्त कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। गुलाबी गैंग कमाण्डर ने पुलिस को तीन दिन की मोहलत देती हुये कहा कि अगर तीन दिन में लापता महिला को खोजकर नहीं लाया गया तो थाने के सामने कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 जाम करने के साथ ही पुलिस के खिलाफ बड़ा आन्दोलन किया जायेगा।
4- नवरात्रि पर्व में मां कात्यायनी की पूजा से पूरी होती है मुरादें

-देवी मंदिरों व पंडालों में पूजा के लिये महिलाओं की जुटी भीड़

हमीरपुर ब्यूरो। हमीरपुर जिले में शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने देवी मंदिर में जाकर मां कात्यायनी की विधि विधान से पूजा अर्चना की। सुबह से ही
मंदिरों और पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हैं। देवी पंडालों में मां कात्यायनी की सामूहिक आरती का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में देवी भक्त शामिल हुये। मां कात्यायनी के जयकारा से मंदिर और देवी पंडाल गूंज उठे।
नवरात्रि पर्व के छठवें दिन हमीरपुर नगर के अधिकांश देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें देखी जा रही हैं। मंदिरों में दुर्गा मां की स्वरूप कात्यायनी माता की विधि विधान से महिलायें पूजा अर्चना कर रही
हैं। शीतला देवी मंदिर में नगर के कई मुहल्लों की महिलाओं ने पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया है वहीं पतालेश्वर मंदिर, दुर्गा माता मंदिर तथा चौरादेवी मंदिर में भी महिलाओं की भीड़ पूजा और अर्चना के लिये उमड़ी हैं।
अभी तक इन मंदिरों में सात सौ से अधिक श्रद्धालु मां कात्यायनी की पूजा कर चुके हैं। देवी मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं और बच्चियों की पूजा अर्चना के लिये होड़ लगी हैं। जबकि हमीरपुर नगर के तमाम स्थानों पर सजे देवी पंडालों में भी महिलाओं ने मां कात्यायनी की पूजा की। पंडालों में सामूहिक आरती में भी भक्तों की भारी देखी गयी। खासकर पटकाना, देवदास
मंदिर व पीड्ब्यूडी परिसर में स्थापित नयनाभिराम देवी पंडालों में पूजा अर्चना के बाद दिव्य तरीके से आरती की गयी। देवी भक्तों ने उत्साह और
भक्ति में नृत्य भी किया और माता के जयकारे लगाये। नन्ने मुन्ने बच्चे भी पूजा पंडाल में जमकर नाचे। महिला थाने के गेट पर भी सजाये गये देवी पंडाल
में आयोजित आरती में महिला पुलिस कर्मियों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
गोहांड व सरीला क्षेत्र में भी देवी पंडाल भक्ति गीतों से गूंज रहे है। सुमेरपुर और झलोखर में मां कात्यायनी की पूजा के लिये देवी मंदिरों में भारी भीड़ जुटी हैं। यहां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल की तैनाती की गयी हैं। जरिया और जलालपुर थाना क्षेत्र के कई गांवों में एतिहासिक देवी मंदिरों में तो सुबह से से ही पूजा अर्चना का दौर चल रहा हैं।
मां भुवनेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं के जयघोष करने से गूंज उठा हैं। यहां इन मंदिरों में देर शाम तक मां कात्यायनी की पूजा की धूम मचेगी। सरीला कस्बे के समाजसेवी महेन्द्र कुमार राजपूत ने बताया कि नवरात्रि पर्व पर मां
भुवनेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तीन से पांच हजार तक श्रद्धालु पूजा अर्चना करते हैं लेकिन नवरात्रि के आखिरी दिन इस मंदिर में लाखों की भीड़ जुटती हैं। ये मंदिर पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विख्यात हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से नवरात्रि में पूजा अर्चना करने से मन की मुरादें अवश्य पूरी होती है इसीलिये कानपुर, फतेहपुर, जालौन, बांदा, और मध्यप्रदेश के कई जिलों से लोग मां भुवनेश्वरी मंदिर में माथा टेकने आते हैं।
हमीरपुर के पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से मन की इच्छायें पूरी होती है। उपवास रखने वाले भक्तों को बड़े ही सावधानी से मां कात्यायनी की आराधना करनी चाहिये। मां कात्यायनी का जाप भी मन को शांति देता है और घर में खुशहाली आती हैं। घर में यदि बेटियों की शादी में कोई अड़चन है तो नवरात्रि पर्व पर मां कात्यायनी की पूजा और साधना से ये अड़चनें खत्म हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि मां कात्यायनी माता रानी दुर्गा की ही स्वरूप हैं जिनकी नवरात्रि के छठवे दिन पूजा के साथ ही अनुष्ठान किये जाने से शुभ फल की प्राप्ति होती हैं।

 

5- बाढग़्रस्त ग्रामों में मलेरिया फैला, 20 टीमें तैनात
-35 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर बांटी दवायें

हमीरपुर ब्यूरो।  जिले में यमुना और बेतवा नदियों की बाढ़ और बारिश से अब दर्जनों गांवों में मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारी ने दस्तक दे दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से निपटने के लिये 20 टीमें बाढग़्रस्त इलाकों में तैनात कर दी हैं। 30 से अधिक मरीज मलेरिया के पाये गये हैं वहीं दर्जनों गांवों में बुखार से ग्रामीण तप रहे हैं। चिकित्सकों ने घर-घर खून की जांच कर दवायें बांटी हैं। साथ ही मलेरिया विभाग की टीम ने भी दवा का छिड़काव शुरू कर दिया हैं। पीने के पानी को साफ करने के लिये क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।
हमीरपुर में हाल में ही यमुना और बेतवा नदियों ने भारी तबाही मचायी हैं। सैकड़ों मकान बाढ़ से गिर गये वहीं हजारों बीघे की फसल भी चौपट हो चुकी हैं। बाढ़ के बाद लगातार हुयी बारिश ने रही सही कसर भी पूरी कर दी हैं। जनपद आधा दर्जन छोटी बड़ी नदियों से घिरा हैं। जिसमें यमुना और बेतवा जैसी बड़ी नदियों में दो बार बाढ़ आने से तटीय इलाकों की स्थिति नाजुक हुयी हैं।

बाढ़ और बारिश के कारण जलभराव से मलेरिया व संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ गया हैं। यहां के जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव ने शुक्रवार को बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। अब तक 35 गांवों को कवर किया जा चुका है। छिड़काव के लिए 20 टीमें लगाई गई है। ओआरएस पाउडर और क्लोरीन की दवाएं बांटी जा रही है। अब तक बाढ़ग्रस्त इलाकों में कैंपों के जरिए ढाई हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि करीब पांच हजार से अधिक बुखारग्रस्त मरीजों की स्लाइडें बनाई गई है, जिनमें 30 मरीजों को मलेरिया निकला है। जिन्हें दवाएं दी गई है। उन्होंने बाढ़ग्रस्त और जलजमाव वाले इलाके के लोगों को इस मौसम में साफ पानी पीने और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहा है। साफ पानी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लोरीन की
दवाएं मुफ्त में बांटी जा रही है। इसके अलावा लोगों से भी अपेक्षा की है कि कहीं भी अगर संक्रामक रोगों के फैलने की सूचना मिलती है तो आशा कार्यकर्ता या प्राथमिक व सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र के जरिये तत्काल विभाग को अवगत कराएं।
6- अवैध असलहा का तस्कर चढ़ा पुलिस के हत्थे, 10 असलहे बरामद

मौदहा(हमीरपुर) | कोतवाली क्षेत्र के परछा गांव निवासी एक युवक को नाटकीय ढंग बाहरीय जनपद की पुलिस ने दस तमंचे सहित गिरफ्तार कर बुलैरो गाड़ी में ले गये। जिस समय युवक ले जाया गया तो उसके साथ गये दो अन्य साथियों ने समझा की उसका अपहरण हो गया और यह चर्चा आम होने पर इस गांव के दर्जनों लोग कोतवाली पहुंच गये। आपहरण की सूचना पर मौदहा कोतवाली पुलिस ने भी भाग दौड़ शुरू की। देर रात यह पता चला कि युवक को पकड़ने वाली बिधनू पुलिस थी। इस पर ग्रामीणो का गुस्सा ठण्डा हुआ और तरह तरह की चर्चायें भी शुरू हो गयी। गुरूवार के शाम परछा गांव निवासी जुम्मू जो ज्यादातर समय मौदहा कस्बे में रहकर बिताता था। उक्त युवक के सम्बंध में यह भी चर्चा है कि वह अवैध रूप से तमंचां का ब्यापार करता था और उसने कुछ तमंचे बिधनू थाना क्षेत्र में भी बेचे थे। पुलिस ने वहां तमंचा बरामद करने के साथ ही इसके आपूर्ति कर्ता का पता लगाया जो परछा निवासी जुम्मू का नाम उजागर हुआ।
बिधनू पुलिस ने इसे नाटकीय ढ़ंग से पकड़ने के लिए थोक में तमंचा खरीदने के लिए दो युवको को भेजा और कट्टे के साथ कस्बे से 1 किलोमीटर दूर नेशनल मार्ग स्थित दलेल शहीद बाबा उसे रूपया देने के लिए ले आया। जुम्मू अपने साथ दो लोगों को ले गया था जो दूर खड़े रहे और पुलिस के लोग जो गाड़ी दूर खड़ी किये थे । इनमें कुछ सादे कपड़े में थे उसे पकड़ लिया और गाड़ी में बैठाकर ले गये। यह देख जुम्मू के साथियां ने समझा कि तमंचां के रुपयां की वजह से उसका अपहरण कर लिया गया। वह लोग काफी दूर तक उस बुलेरो गाड़ी का पता लगाते रहे देर शाम तक जब उसका पता नहीं लगा तब इस बात की चर्चा आम हो गयी कि जुम्मू का अपहरण हो गया। तभी दर्जनों लोग मौदहा कोतवाली पहुंच गये और पुलिस को उसके अपहरण की तहरीर दी। यहां तक की इस तहरीर में दो युवकां को नामित भी किया गया। क्षेत्राधिकारी व कोतवाल सहित पुलिस ने इस बड़ी घटना की जानकारी होते ही भाग दौड़ शुरू कर दी लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। तब पुलिस ने अपने स्तर से अलग से इसकी खोज बीन शुरू की और बताया कि युवक का अपहरण नहीं हुआ बल्कि अवैध तमंचां के मामले में बिधनू पुलिस उसे पकड़ ले गयी थी। खास बात यह है कि बिधनू पुलिस से सम्पर्क करने पर उन्होने बताया कि वह मौदहा ही नहीं गये और परछा निवासी एक युवक को अपने थाना क्षेत्र में ही एक तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। कुछ भी हो लेकिन बिधनू पुलिस के जुम्मू को यहां से ले जाने की सूचना पहले कोतवाली पुलिस को
क्यां नहीं दी गयी है। यदि लोग पुलिस को अपहरण कर्ता समझकर ही मारपीट शुरू कर देते तो मामला गम्भीर बन जाता। कोतवाल विक्रमाजीत सिंह ने बताया कि बिधनू पुलिस ही परछा निवासी जुम्मू को ही ले गयी है किस मामले में ले गयी है क्या बरामदी की है यह मालूम नहीं है। वहीं जुम्मू के परिजनां ने बताया कि उसके पास कोई तमंचा नहीं था उसे धोखा देकर फंसाया गया।
7- वन्य जीवन सप्ताहः चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित
सुमेरपुर-हमीरपुर। वन्य जीव सप्ताह के अन्तर्गत कस्बे के ज्योतिराव पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करके प्रतिभाग करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।
वन्य जीवन सप्ताह के तहत वन विभाग ने कस्बे के ज्योतिराव पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। गत प्रतियोगिता में सफल हुये प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरूस्कृत किया गया। चित्रकला में कक्षा 8 की छात्रा अम्बिका को प्रथम, द्वितीय खुशी वर्मा, तृतीय स्थान रोशनी को प्राप्त हुआ। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चन्द्रपाल प्रजापति, वन दरोगा बच्चीलाल, सुनील कुमार, रामगोपाल, भगवानदीन, आनंद कुमार, कुं. संध्या, गीता, शिवप्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram