(हमीरपुर बुलेटिन) परम्पराः गायों के पैरों तले रौंदाया जाता है सूअर, वध होते ही खेली जाती है लट्ठमार दीपावली, पढ़े दिनभर की खबरें

परम्पराः गायों के पैरों तले रौंदाया जाता है सूअर, वध होते ही खेली जाती है लट्ठमार दीपावली

 

हमीरपुर । हमीरपुर समेत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सूअर वध के साथ लट्ठमार दिवाली खेलने की परम्परा कायम हैं। क्षेत्र के हर जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में परेवा के दिन इस परम्परा की दिवाली की धूम मचती हैं। इसके लिये दिवाली खेलने वालों ने तैयारी शुरू कर दी हैं।
दीपावली के पर्व को जहां प्रकाश पर्व के रूप में मनाये जाने की परम्परा हैं वहीं वीरभूमि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जनपदों में दिवाली के अगले दिन परेवा को सूअर वध के साथ दिवाली खेलने की प्रथा कायम हैं। ये परम्परा हजारों साल पुरानी हैं जिसमें तमाम इलाकों में सूअर को रस्सी से बांधकर गायों के पैरों तले फेंका जाता हैं। गायें दिवाली के ढोल बजने पर सूअर को सींग से मारते हुये मैदान से निकलने की कोशिश करती हैं मगर गायें भी रस्सी से बांधकर दिवाली नृत्य स्थल पर लायी जाती हैं। इस तरह की परम्परा की दिवाली देखने के लिये लोगों की भारी भीड़ भी उमड़ती हैं। शहरी इलाकों में इस तरह की दिवाली दोपहर के समय होती हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में दिवाली नृत्य की टोलियां शाम को सूअर वध के साथ लट्ठमार दिवाली खेलते हैं। दीनदयाल ने बताया कि सूअर वध गाये अपनी सींग से करती हैं। ये खेल तब तक चलता है जब तक सूअर का काम तमाम नहीं हो जाता हैं। यदि दिवाली के दौरान गायों के रौंदने के बाद भी सूअर बच जाता हैं तो उसे बाद में छोड़ दिया जाता हैं। सूअर वध के साथ दिवाली खेलने वाले पूरी रात ढोल बजाते हुये नगर का भ्रमण भी करते हैं। हमीरपुर जिले के मौदहा, सुमेरपुर के अलावा पड़ोसी जनपद के बीबीपुर गांव में भी इस तरह की परम्परा की दिवाली की धूम मचेगी। इसके लिये तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं।
2 – रवीन्द्र जायसवाल ने सरकारी अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण

हमीरपुर । योगी सरकार के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने शुक्रवार को यहां हमीरपुर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। आउटसोर्सिंग स्टाफ को हटाए जाने की जानकारी होने पर मंत्री ने इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था देख संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टरों की कमी को लेकर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया।

राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल हमीरपुर जनपद के प्रभारी मंत्री भी हैं। उन्होंने हमीरपुर आकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सबसे पहले जिला संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड, औषधि कक्ष व जन औषधि केन्द्र का निरीक्षण करने के बाद अन्य वार्डों का भी मंत्री ने जायजा लिया। सीएमएस डॉ पीके गोयल ने मंत्री को बताया कि यहां साल भर से ऑर्थाेपैडिक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा हैं साथ ही कई डॉक्टरों के पद भी रिक्त हैं। प्राइवेट कम्पनी लगे 29 एएनएम व स्टाफ को भी मिशन निदेशक एनएचआरएम के आदेश पर हटा दिया गया हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन निदेशक के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनेगी और उनकी संस्तुति पर इस मामले में कार्रवाई होगी। फिलहाल पत्रावली सीएमओ को भेजी जा चुकी हैं। जिला पुरुष अस्पताल के बाद मंत्री ने महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। अस्पताल की व्यवस्थाएं और वार्ड की साज-सज्जा देख मंत्री ने अधिकारियों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, सदर विधायक युवराज सिंह, सीडीओ आरके सिंह, सीएमओ डॉ. एमके बल्लभ, सीएमएस डॉ पीके गोयल, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ पीके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीके गोयल ने बताया कि जनपद प्रभारी मंत्री को निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों के रिक्त चल रहे पदों के बारे में जानकारी दी गई है। आउटसोर्सिंग से रखे गए एएनएम को हटाए जाने के बाद आ रही दिक्कतों के बारे में मंत्री को बताया गया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी के बाद भी अस्पताल को बेहतर ढंग से चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऑर्थोपैडिक चिकित्सक न होने के बाद भी वैकल्पिक व्यवस्था से मरीजों को सेवाएं दी जा रही थी लेकिन इसे बंद कर दिया गया है। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।

3 – धनतेरस में सजा बाजार, खरीददार न आने से सन्नाटे में दुकानदार
– मिट्टी से बनी लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां भी बाजार में आयी, किराने की दुकानें भी सजी
हमीरपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में  धनतेरस को लेकर बाजार में रौनक बढ़ गयी हैं। जगह-जगह लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां तथा किराने की दुकानों में लाई गट्टा सज गये हैं। वही सोने चांदी की दुकानों में सिल्वर के सिक्के और लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां खरीददारों के लिये रखी गयी हैं लेकिन महंगाई के चलते बाजार में अभी सन्नाटा देखा जा रहा हैं।
धनतेरस के दिन सभी लोग विविध रंगों से रंगोली सजाते हैं। इस दिन पूरे भारत के साथ-साथ देश के बाहर भी कई स्थानों पर ये पर्व मनाया जाता हैं। धनतेरस की पूजा के साथ ही दीपावली पर्व का आगाज भी होता हैं। यह रोशनी की कतार या प्रकाश का पर्व कहा जाता हैं। यह सम्पूर्ण विश्व में मुख्यतया हिन्दुओं और जैन लोग मनाते हैं। इस दिन बहुत से देशों जैसे तोबागो, सिंगापुर, सुरीनम, नेपाल, मारीशस, गुयाना, त्रिनद, श्रीलंका, म्यामर, मलेशिया एवं फिजी में राष्ट्रीय अवकाश रहता हैं। दीपावली का पर्व पांच दिनों तक होता हैं। जैसे धनतेरस, नरक चतुर्दशी, आमवश्या, कार्तिक सुधा पधमी, यम द्वितीया है। यह त्योहार बहुत ही खुशी से घरो को सजाकर बहुत सारी लाइटो, दियो, मोमबत्तियों, आरती पढ़कर, उपहार बांटकर, मिठाइयां खाकर तथा एक दूसरे के गले मिलकर मनाया जाता है।
किराना एसोसिएशन अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पिछली वर्ष की तुलना में इस वर्ष महंगाई ज्यादा बढ़ गयी है और जीएसटी के चलते दुकानो में ज्यादातर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। उन्होने बताया कि पिछली वर्ष लाई 40-50 रुपये किलो थी इस वर्ष 50-60 रुपये किलो बिक रही है। खिलौना, गट्टा पिछली वर्ष 60 रुपये किलो था इस वर्ष 80 रुपये किलो है। मैदा पिछले वर्ष 20 रुपये था इस वर्ष 26 रुपये किलो है। बेसन पिछली वर्ष 70 मे था इस वर्ष 85 में है। चीनी पिछली वर्ष 35 में थी इस वर्ष 40 में है। रिफाइण्ड पिछली वर्ष की तुलना में 10 रुपये महंगा हुआ है। पिछली वर्ष की तुलना में इस वर्ष दाले सस्ती हुई है। मुकेश कुमार ने बताया कि दीपावली का त्योहार महंगाई व जीएसटी की भेंट चढ़ गया है।

4 – धन्वंतरि जयंती पर आयुर्वेद चिकित्सक किये गये सम्मानित

हमीरपुर । जिले में आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि की पूजा शुक्रवार को बड़ेे ही विधि विधान से की गयी। नगर के आयुर्वेदिक औषधालय में धन्वंतरि की पूजा करने के बाद आधा दर्जन आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया।
हमीरपुर नगर के सुभाष बाजार में आशाराम गुप्ता आयुर्वेदिक औषधालय में धन्वन्तरि के चित्र को पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद विधि विधान से पूजन अर्चन कर हवन किया गया। हवन में आयुर्वेद चिकित्सकों ने आहुतियां डालने के बाद भगवान धन्वन्तरि की आरती के साथ समूल समाज के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गयी। धन्वन्तरि की पूजा भागीरथ ने बड़े ही विधि विधान से सम्पन्न करायी। इस मौके पर औषधालय संचालक मनोज गुप्ता ने कहा कि भगवान धन्वन्तरि के सामाजिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समुद्र मंथन के समय आज के ही दिन प्रकट होकर भगवान धन्वन्तरि ने आयुर्वेद का उपहार देकर समाज का कल्याण किया था जिससे भारत भूमि का मान विश्व पटल पर ऊंचा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जन-जन की आज आवश्यकता हैं लिहाजा घरों में सभी को औषधीय पौैधे रोपित करने चाहिये। डा. दिलीप कुमार त्रिपाठी वैद्य ने कहा कि भगवान धन्वन्तरि ने भारत भूमि के लोगों के कल्याण के लिये बहुत बड़ा उपकार किया हैं। उन्हीं की प्रेरणा से आज औषधालयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार भी औषधीय चिकित्सा को बढ़ावा दिया हैं। कार्यक्रम में डा. दिलीप कुमार त्रिपाठी, बृजकिशोर तिवारी, कालीचरण, शिवलाल, लखनलाल व मनोज को आयुर्वेद उपहारों से सम्मानित किया गया। इस मौके पर सब्बल अवस्थी, व्यापार मंडल के नेता सूर्य कुमार तिवारी, प्रवीण गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जिले के मौदहा, राठ व मुस्करा समेत अन्य इलाकों में भी धन्वन्तरि की पूजा की गयी।
5 – सब सेंटरों में भी मिलेंगी परिवार नियोजन की सुविधाएं

परिवार नियोजन से संबंधित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
हमीरपुर । जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं हिन्दुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लानिंग प्रमोशन ट्रस्ट (एचएलएफपीपीटी) के सहयोग से जिला महिला अस्पताल में चल रही परिवार नियोजन से संबंधित एएनएम एवं स्टाफ नर्स के पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ नर्स और एएनएम को प्रमाण पत्र बांटे गए। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में परिवार नियोजन से जुड़े कार्यक्रमों को गंभीरता से करने की नसीहत दी गई।
प्रशिक्षण के आखिरी दिन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमके वल्लभ ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी स्टाफ नर्स और एएनएम को प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ ही स्टाफ नर्स और एएनएम को परिवार नियोजन की अस्थाई विधियों के बारे में जागरूक किया। डॉ.वल्लभ ने कहा कि आज समय की मांग है कि परिवारों का आकार छोटा हो। इसके लिए स्टाफ नर्स और एएनएम अपने-अपने क्षेत्र में परिवार नियोजन से जुड़े कार्यक्रमों में गंभीरता के साथ काम करें। लाभार्थियों की समय-समय पर काउंसलिंग भी कराएं ताकि उनकी शंकाओं का समाधान होते रहे। अब सब सेंटरों में भी परिवार नियोजन से जुड़ी सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर डॉ. अनीता राज और स्टाफ नर्स राधा ने संयुक्त रूप से कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि परिवार नियोजन की अस्थाई विधियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके। डॉ. अनीता राज ने बताया कि परिवार नियोजन की अस्थाई व स्थाई विधियों के बारे में काउंसलिंग व फालोअप करना जरूरी है। उन्होंने आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को कैसे लगाना है, इसके विषय में विस्तार से जानकारी दी।
परिवार नियोजन विशेषज्ञ रवि प्रजापति ने भी स्टाफ नर्सों और एएनएम को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। अंतरा-छाया को  लेकर स्टाफ नर्सों और एएनएम के सवालों के जवाब भी दिए। कहा कि जिसे भी अंतरा-छाया जैसे गर्भनिरोधक साधनों से जोड़ा जाए उसका रजिस्ट्रेशन टोल फ्री नंबर पर अवश्य कराएं ताकि समय-समय पर लाभार्थियों का फालोअप होते रहे।
एचएलएफपीपीटी के क्षेत्रीय समन्वयक और संचार अधिकारी नरेंद्र दुबे ने बताया कि उनकी संस्था प्रदेश के सभी जिलों में परिवार नियोजन के अस्थाई विधियों पर एएनएम एवं स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण करा रही है। जिससे गुणवत्ता में सुधार हो सके। समापन अवसर पर एनएचएम के जिला प्रबंधक सुरेंद्र साहू भी मौजूद रहे।
6 – बेटी के जन्म पर गाने चाहिये बधाई गीतः जायसवाल

-प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री सुमंगला योजना में 15 बालिकाओं को बांटे प्रमाणपत्र 
हमीरपुर । हमीरपुर में शुक्रवार को प्रदेश सरकार के स्टांप, न्यायालय शुल्क, पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई लिखाई एवं शादी तक का खर्चा उठा ही हैं। इसलिये अब बेटी के जन्म पर बधाई गीत गाने चाहिये।
राजकीय महिला महाविद्यालय हमीरपुर के सभागार में आयोजित समारोह में मंत्री ने कहा कि भारत की बेटियां पढ़ाई लिखाई के साथ खेलकूद तक में अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल कर रही हैं। इस मौके पर उन्होंने कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्राप्त करने वाली 15 बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित किये। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार व सीडीओ आर.के. सिंह ने प्रभारी मंत्री को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के मकसद पर प्रकाश डालते हुये कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की भ्रूण हत्या रोकना, बाल विवाह एवं लैंगिक असमानता को रोकना हैं। कन्या सुमंगला योजना के तहत जिले में 1302 बालिकाओं का पंजीयन अभी तक हो चुका हैं। बालिका के जन्म लेने पर मां के खाते में दो हजार रुपये भेजे जायेंगे। एक साल तक सम्पूर्ण टीके लगने के बाद एक हजार रुपये भी मिलेंगे। चार पांच वर्ष की उम्र होने पर बालिका जब कक्षा एक में दाखिला लेगी तब दो हजार रुपये, पांचवीं श्रेणी में कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर तीन हजार रुपये, कक्षा दस या बारहवीं में उत्तीर्ण करके स्नातक या दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश करने पर पांच हजार रुपये की धनराशि दी जायेगी। इस मौके पर सदर विधायक युवराज सिंह, राठ की विधायक मनीषा अनुरागी व अन्य लोग मौजूद रहे।
7 – अवैध असलहा लिये अपनी फोटो फेसबुक में पोस्ट करने पर युवक गिरफ्तार
हमीरपुर । जिले में शुक्रवार को पुलिस ने फेसबुक पर अवैध असलहा लिये अपनी फोटो अपलोड करने पर एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके कब्जे से एक अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किया गया है।
जिले के राठ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि बसेला राठ निवासी हेमेन्द्र उर्फ हथियार भाई पुत्र मुन्ना ने अवैध असलहा लेकर अपनी फोटो फेसबुक में पोस्ट की थी। सोशल मीडिया में निगरानी करने वाली पुलिस टीम ने मामले की छानबीन कर फेसबुक में अवैध तमंचा लिये फोटो पोस्ट करने वाले हेमेन्द्र की पहचान की। इसे गांव से ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके कब्जे से एक तमंचा तीन सौ पन्द्रह बोर व कारतूस बरामद किया गया हैं।

8 – धनतेरसः महंगाई के बावजूद गर्म रहा सर्राफा बाजार

– स्टील के बर्तन और गिफ्ट खरीदने के लिये रात तक लगा रहा लोगों का मेला
– सोने-चांदी के सिक्कों की खूब हुई बिक्री, मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां भी बिकी
हमीरपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में धनतेरस की धूम तो मची मगर इस पर्व पर महंगाई भारी पड़ी। बाजारों में धनतेरस के दिन स्टील के बर्तनों की जमकर खरीददारी देखी गयी जबकि सर्राफा बाजार भी गर्म रहा। धनतेरस की धूम को देखते हुये स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से तगड़े प्रबन्ध किये थे।
हमीरपुर नगर में धन्वतरी की जयन्ती के साथ ही नगर की प्रमुख बाजार में धनतेरस की धूम भी शुरू हो गयी जो देर रात तक ख्ररीददारों का दुकानों में मेला लगा रहा। सुभाष बाजार में धनतेरस में भीड़ उमडऩे से अव्यवस्था का बोलबाला कायम रहा। बाजार में स्टील के बर्तन और लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की खरीददारी के लिये लोगों में खासी होड़ लगी रही। ज्यादातर लोगों ने मिट्टी से बने गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदी। इन मूर्तियों को लेने वाली महिलाओं का कहना है कि दीपावली पर्व पर मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां शुभ होती है। धनतेरस के दिन बाजार में सबसे ज्यादा स्टील और पीतल के बर्तनों की बिक्री हुयी। महंगाई का आगाज भी देखिये कि जो छोटा चम्मच 7 रुपये कीमत का था वह धनतेरस पर दूने दामों में बिका। आम लोग रश्मि अदायगी के लिये चम्मच लेने को मजबूर हुये मगर शहर की जनता में महँगाई के बावजूद बर्तनों की खरीददारी में ज्यादा उत्साह देखा गया। सर्राफा बाजार भी गर्म रहा। सोने-चांदी के सिक्के खरीदने के लिये लोगों का तांता लगा रहा। उधर जिले के सुमेरपुर, मौदहा, कुरारा और राठ में भी धनतेरस की धूम मची रही। धनतेरस को देखते हुये बाजार में अव्यवस्था का बोलबाला रहा। प्रमुख सड़क पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर दुकानें सजा रखी थी जिससे खरीददारों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने कड़े प्रबन्धक किये थे इसके बावजूद मनचले लोगों की धनतेरस की बाजार में पौ बारह रही।
बाजार में उमडी भीड से हाइवे में पूरे दिन रहा जाम का झाम
धनतेरस पर्व पर बाजार से गुजरे हाइवे में दिनभर जाम का झाम बना रहा और दिन में हाइवे में वाहन रेंगते नजर आये। धनतेरस पर्व पर सुमेरपुर बाजार में बस स्टाप से लेकर पशु बाजार तक हाइवे में पूरे दिन जाम का झाम बना रहा है। कई बार स्थिति यहां तक बन गयी कि लोग बाइक तक नहीं निकाल सके। पुलिस पूरी तरह से नदारत रही। बाजार से पुलिस के गायब होने के कारण खरीददारी करने आये लोग ने हाइवे में उल्टा सीधा वाहनो के खडा कर देने से भी समस्या उत्पन्न हुई। किसी तरह से लोग पूरे दिन बीच बचाव करके आते जाते रहे।
ई रिक्शा, टैम्पो, ट्रैक्टर ट्राली बनी मुसीबत
बाजार में जाम की मुख्य वजह से कस्बे में चलने वाले ई रिक्शा, टैम्पो एवं ग्रामीण क्षेत्रो से आने वाले ट्रैक्टर ट्राली रहे। कस्बे के हाइवे में सबसे व्यस्तम चौराहा सब्जी मण्डी में लकडी से लदे ट्रैक्टर की ट्राली का टायर अचानक फट जाने से भी जाम का कारण मुख्य वजह बना रहा। साथ ही सब्जी मण्डी चौराहा से पुलिस के नदारत होने से यहां पर खड़े होने वाले टैम्पो भी जाम में अहम रोल निभाते रहे। इससे दिन भर यहां गुजरने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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