(हमीरपुर बुलेटिन) अलाव ताप रही महिलाओं को कार ने रौंदा, एक की मौत , पढ़े दिनभर की खबर

1- हमीरपुर में दो इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
 हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने दो इंस्पेक्टरों को लाइन हाजिर करते हुये नौ इंस्पेक्टरों को इधर से उधर कर दिया है। मंगलवार को लाइन हाजिर इंस्पेक्टरों ने पुलिस लाइन में आमद भी करा दी है।
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने यह कार्रवाई सोमवार की देर रात की। उन्होंने बताया कि सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर (प्रभारी निरीक्षक) केपी सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं पीआरओ श्याम प्रताप पटेल को सदर कोतवाली का चार्ज दिया गया है। मझगवां थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश चन्द्र त्रिपाठी को मौदहा कोतवाली, तथा जरिया थाने के प्रभारी निरीक्षक रामजीत गौड़ को मझगवां थाना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार को स्वाट टीम का प्रभारी बनाया गया है।
जलालपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र प्रताप सिंह को भी लाइन हाजिर करते हुये पुलिस लाइन में आमद करायी गयी है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार राय को पुलिस लाइन से जलालपुर थाने का प्रभारी निरीक्षक के पद पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा स्वाट टीम प्रभारी केके पाण्डेय को पुलिस अधीक्षक का पीआरओ बनाया गया है। बता दें कि जलालपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ शासन और प्रशासन में कुछ पत्रकारों ने शिकायत कर एक पत्रकार के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पत्रकार के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करते हुये उसे विधानसभा के उपचुनाव से पहले छह माह के जिला बदर भी किया गया था। इतना ही नहीं जलालपुर थाना क्षेत्र के वीरेन्द्र प्रताप सिंह के रहते अवैध खनन पर भी शिकंजा नहीं कसा जा सका।

2- बागवानी के साथ ही फालतू भूमि पर सत्तावर की खेती से लहलहाई उम्मीद की फसल

हमीरपुर जिले में सूखे का कहर होने के बावजूद एक किसान ने औषधीय खेती करके न सिर्फ आर्थिक रूप से अपने पूरे परिवार को सम्पन्नता केे मुहाने खड़ा किया है बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिये वह उदाहरण बन गया है। एक हेक्टेयर में बागवानी करने के बाद बाग में पेड़ों के बीच खाली पड़ी फालतू जमीन पर औषधीय फसल सत्तावर के पौधे रोपित किये हैं।
जिले के राठ क्षेत्र के औड़ेरा गांव में कौशल किशोर पिछले काफी समय से औषधीय खेती करने में जुटे हैं। उसने बताया कि लेमन ग्रासस सर्पगंधा, अश्वगंधा, सत्तावर, सूरन व हल्दी की खेती करने पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर किसान बाग लगाकर खाली पड़ी जमीन छोड़ देते हैं जिससे कोई लाभ भी नही मिलता है लेकिन किसान यदि चाहे तो खाली पड़ी जमीन पर औषधीय खेती कर भारी लाभ उठा सकता है।
कौशल किशोर ने एक हेक्टेयर जमीन पर बागवानी की है जिसमें अमरूद व नींबू के पेड़ लगाये गये हैं। बाग में पेड़ों के बीच खाली पड़ी फालतू जमीन पर नेपाली पीवी सत्तावर ढाई से तीन फीट की दूरी पर रोपित किये गये हैं जिसकी बेल पेड़ों पर चढ़ जाती है। डेढ़ साल में ही सत्तावर तैयार हो जाती है। किसान कौशल किशोर का कहना है कि एक बीघे में सत्तावर साठ से अस्सी कुंतल तक पैदा होता है जिसे बाजार में दो से तीन सौ रुपये किलो में आराम से बेचा जा सकता है। इस किसान ने बताया कि सूखी सत्तावर बेचने के लिये यहां कोई मार्केट नहीं है लिहाजा झांसी के बरुआ सागर कस्बे में इसे बेचा जाता है। बताते चले कि सत्तावर बल वर्धक होता है। ताकत बढ़ाने के साथ दुधारू मवेशियों के दूध बढ़ाने के लिये इसे खिलाया जाता है। इस साल इस किसान ने 20 हजार सत्तावर के पौधे तैयार किये है। यह किसान क्षेत्र के साथी किसानों को भी अश्वगंधा, सत्तावर व अन्य औषधीय खेती को अपनाने के लिये जागरूक कर रहा है। उन्होंने बताया कि कम पानी में अश्वगंधा की फसल अच्छा उत्पादन देती है। बुआई के 150 से 170 दिन में ही फसल तैयार हो जाती है। इसमें प्रति एकड़ ढाई से तीन हजार रुपये की लागत ही आती है जबकि इस फसल से 15 से 20 हजार रुपये तक मुनाफा होता है।

इधर कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सोनकर ने मंगलवार को बताया कि कौशल जैसे किसान से जिले के अन्य किसान भी प्रेरणा लेकर अब औषधीय खेती की ओर रुख किया है। उन्होंने बताया कि किसान औैषधीय खेती के साथ बागवानी कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकता है। कौशल किसान अन्य किसानों के लिये अब रोल आफ माडल बन गया है। डॉ. सोनकर ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पानी की कमी के साथ दैवीय आपदायें लगातार आने से किसान आर्थिक दृष्टि से काफी पिछड़ चुका है। ऐसे में कम पानी में औषधीय खेती अपनाने से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकता है।

3- हमीरपुर में अलाव ताप रही महिलाओं को कार ने रौंदा, एक की मौत

-आक्रोशित ग्रामीणों ने कार सवार एक युवक को पकड़कर की धुनाई
जिले में मंगलवार को शाम तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर सड़क किनारे अलाव ताप रही महिलाओं को रौंद दिया। जिससे एक महिला की मौके पर मौत हो गयी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गयी। इस घटना में दो महिलाएं बाल-बाल बच गईं। घटना से गुस्साये ग्रामीणों ने भाग रहे कार सवारों में एक युवक को दबोच लिया और उसे जमकर पीटा। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी और आरोपित युवक को हिरासत में ले लिया। घायल महिला का इलाज कराया जा रहा है।
हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के कुछेछा गांव निवासी सुज्जी (38) पत्नी तुलसीराम व चंदा देवी (37) पत्नी सत्य कुमार ने ठंड से बचने के लिये घर के बाहर अलाव जलाया था। ये दोनों महिला अलाव ताप रही थीं। साथ ही घर और पड़ोस की भी कुछ महिलायें अलाव के पास बैठी थीं। इसी बीच कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 से तेज रफ्तार कार कुछेछा से अमिरता रोड पर मुड़ गयी और अलाव ताप रही महिलाओं को रौंद दिया। घटना में  सुज्जी की मौके पर मौत हो गयी, वहीं चंदा देवी गंभीर रूप से घायल हो गयी। कार में चार लोग सवार थे। जिसमें तीन लोग मौके से भाग निकले जबकि रमेड़ी हमीरपुर निवासी जितेन्द्र कुमार पुत्र बलराम शंखवार को ग्रामीणों ने घेरकर पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने उसकी धुनाई शुरू कर दी तभी कुछेछा चौकी इंचार्ज पंकज तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये और जितेन्द्र को दबोच लिया। घायल महिला को इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिजनों ने बताया कि अलाव के पास घर और पड़ोस की कई महिलायें बैठी थीं लेकिन ये सभी बाल-बाल बच गयीं। परिजनों के मुताबिक कार चालक नशे में धुत्त होकर गाड़ी चला कर रहा था।

सदर कोतवाल एसपी पटेल ने बताया कि घटना में कार सवारों में एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव कब्जे में लेकर मर्चरी हाउस भेजा गया है।

4- महिला से दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी
जिले में मंगलवार को, एक महिला के साथ घर में घुसकर बलात्कार करने का मामला पुलिस ने दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला अपने बच्चों के साथ घर में सो रही थी तभी गांव के सुशील शंखवार घर में घुस गया और उसके साथ मारपीट करते हुये दुष्कर्म किया। घटना की लिखित तहरीर पीड़ित महिला ने थाने में दी जिस पर मंगलवार को पुलिस ने धारा-376, 452, 506 आईपीसी के तहत दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित महिला को मेडिकल परीक्षण के लिये अस्पताल भेजा गया है। पीड़ित महिला ने बताया कि पति परिवार के भरण पोषण के लिये बाहर मजदूरी करता है। वह अपने बच्चों और ससुर के साथ घर में थी तभी सुशील घर में घुस आया और मारपीट कर दुष्कर्म किया।

5- एक किमी की दौड़ में शोभित ने मारी बाजी
– सात दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज
 सूर्या फाउन्डेशन आदर्श ग्राम योजना के तहत मंगलवार को जिले में सात दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आगाज किया गया जिसमें एक किमी की दौड़ में शोभित सिंह ने बाजी मारी।
सात दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज जिले के कुरारा ब्लाक के जखेला गांव में हुआ। कानपुर क्षेत्र प्रमुख नरोत्तम सिंह ने बताया कि फाउन्डेशन के चेयरमैन जयप्रकाश अग्रवाल की प्रेरणा से भारत के 18 राज्यों में इस तरह की खेलकूद प्रतियोगितायें करायी जा रही है। इसमें देश के एक लाख युवाओं को खेल के माध्यम से जोड़ने का लक्ष्य लिया गया है। इसके तहत सूर्या यूथ क्लब तथा आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से गांव के बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि खेल के माध्यम से बच्चे अपने आपको बहुत आगे ले जा सकते है। सात दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में 100 मीटर की जूनियर बालक वर्ग की दौड़ में सरमन कुमार ने बाजी मारी वहीं सीनियर बालक वर्ग में एक किमी की दौड़ में शोभित सिंह ने पहला स्थान हासिल किया। सूर्य नमस्कार में अंकुश ने बाजी मारी वहीं कबड्डी में अर्जुन ग्रुप जखेला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। क्रिकेट प्रतियोगिता में लक्ष्मीनारायण क्रिकेट क्लब टीम ने बाजी मारी। माहेश्वरीदीन, अवधेश व राजू सिंह ने विजयी खिलाडिय़ों को शील्ड, मैडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
6- हमीरपुर में पारा फिर 3 डिग्री, 20 साल के रिकार्ड टूटे
-हमीरपुर में ठंड से फिर दो लोगों की मौत

हमीरपुर में मंगलवार को पारा फिर 3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जिससे यहां जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। ठंड के कारण जिले में फिर दो लोगों की मौत हो गयी। वहीं ठंड के कारण सदर अस्पताल में कई लोग भर्ती कराये गये है। ठंड के कहर से सर्वाधिक दो जून की रोटी कमाने वाले मजदूरों और फुटपाथ पर बैठे दुकानदार परेशान है। जिले में अभी तक ठंड के कारण बीस से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। धूप न खिलने से अधिकतम पारा फिर 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
ठंड के कारण गांव के लोग रजाई और कम्बल ओढ़कर यहां जिलाधिकारी को समस्या बताने आये थे। ठंड के कारण ग्रामीण अधिकारी के सामने ही कांपने लगे।
जिले में पिछले दस दिनों से ठंड का कहर बरप रहा है। वहीं पिछले कुछ दिनों से लगातार न्यूनतम पारा सामान्य से भी कई डिग्री नीचे लुढ़क रहा है। इससे आम लोग बेहाल है। जिले के बिंवार कस्बा निवासी बच्चा खां (24) पुत्र सैय्यद खां की ठंड लगने से मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहरा मच गया है। इसका बड़ा भाई शौकत बाहर रहकर मजदूरी करता है। ठंड के कारण राठ क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत हो गयी। जबकि इससे पहले हमीरपुर क्षेत्र के कनौटा गांव निवासी चिंटू (60) की ठंड लगने से मौत हो गयी। चिंटू गोशाला में चौकीदारी करता था। मंगलवार को दिन भर ठंड के कारण सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद धूप खिली लेकिन दस मिनट में ही सूरज बादलों में छिप गया।  शाम होते ही फिर कोहरे की धुंध के साथ गलन भरी ठंड का कहर शुरू हो गया।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।
ठंड के कारण बाजार में शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। राजकिशोर पूर्व अमीन के बड़े भाई की ठंड से हालत बिगड़ गयी जिसे आननफानन इलाज के लिये सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में अभी तक एक दर्जन लोगों को ठंड से पीड़ित होने पर भर्ती कराया जा चुका है। ठंड के कारण गांव के लोग रजाई और कम्बल ओढ़कर यहां जिलाधिकारी को समस्या बताने आये थे। ठंड के कारण ग्रामीण अधिकारी के सामने ही कांपने लगे। हमीरपुर तहसील में तैनात मौसम की जानकारी देते हुये कर्मी भवानी प्रसाद ने बताया कि अधिकतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पिछले कई दिनों से पारा नीचे लुढ़कने से ठंड का सितम जारी है। उन्होंने बताया कि पारा अभी आने वाले दिनों में और नीचे लुढ़केगा। उसका मानना है कि अबकी बार ठंड ने बीस सालों के रिकार्ड ही तोड़ दिये है। इस सीजन का आखिरी दिन सबसे अधिक ठंड रहा।7 – मेडिकल कॉलेज का स्वप्न दिखा गया बीता साल

– राजनीति, कृषि, शिक्षा, रोजगार,, व्यापार तथा दुर्घटनाओं के नाम पर आशा और निराशा के बीच झूलता रहा साल 2019
हमीरपुर में बीता साल 2019 राजनीति, कृषि, शिक्षा, रोजगार,, व्यापार तथा दुर्घटनाओं के नाम पर आशा और निराशा के बीच झूलता रहा। किसी को गम तो किसी को खुशी देने के साथ किसानों की पीड़ा को कम नहीं कर सका। मेडिकल कॉलेज के नाम पर स्वप्न दिखाकर साल गुजर गया।
सन 2019 राजनीति के नाम पर भाजपा के लिए संतोषजनक रहा। जहां एक ओर भाजपा के पूर्व विधायक अशोक चंदेल को सभी साथियों के साथ हाईकोर्ट से सजा मिली तो उन्हे जेल जाना पड़ा। विधानसभा से सदस्यता समाप्त हुई। उपचुनाव कराए गए तो भाजपा नेता व पूर्व विधायक युवराज सिंह को विधायक बनने का अवसर मिला। भाजपा जिलाध्यक्ष संत विलास शिवहरे के स्थान पर ब्रजकिशोर गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनने का अवसर मिला। सपा, बसपा व कांग्रेस के लिए बीता साल जैसा का तैसा ही रहा। कृषि के क्षेत्र में बीता साल किसानो की पीड़ा को कम नहीं कर सका। अन्ना गोवंश के नाम पर किसान साल भर कराहता ही रहा। शासन के निर्देश पर गांव गांव गोशालाएं बनाकर अन्ना गोवंश को प्रतिबंधित कर किसानो की फसल को सुरक्षा प्रदान करने का काम शुरू तो हुआ मगर जहां जितनी ईमानदारी से काम हुआ वहां के किसानो को उतनी ही राहत महसूस हुई। फिर अधिकांश गांवों में गोवंश को बंद करने का काम गैर मन से हुआ तो किसानो को लाभ मिलना तो दूर फसल का नुकसान लगातार होता रहा। किसानो को भीषण ठंड के दौरान रात में खेतों में रहने पर विवश होना पड़ा। भूख प्यास व ठंड से गो वंश की मौत का शिलशिला भी चलता रहा। फसल के नाम पर किसानो को आशा के अनुरूप लाभ नहीं मिल सका। कर्ज से परेशान किसान आत्महत्या करने पर विवश रहे। कई किसानो की जान ऋण न अदा कर पाने के सदमे में चली गयी। बैंकों के दवाब में किसान आहत बना रहा। शिक्षा के नाम पर कोई नए अवसर हासिल नहीं हो सके।
कस्बा सुमेरपुर में केंद्रीय विद्यालय खुलने की पहल जोरदारी के साथ हुई फिर भी यह विद्यालय खुलते खुलते रह गया। आई टी आई कालेज बनकर तैयार हो जाने के बाद भी बीते साल उसका शुभारंभ नहीं हो सका। स्वास्थ्य सुविधा के लिए जनपद मे मेडिकल कॉलेज की सौगात तो मिली किन्तु सुमेरपुर या हमीरपुर में इसके खुलने की चर्चाए होती रही बाद में मेडिकल कॉलेज स्वप्न की तरह ओझल हो गया। अब मेडिकल कॉलेज कब बनेगा कहाँ बनेगा किसी को कुछ भी पता नहीं है। बेरोजगारी के नाम पर बीते साल स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। रोजगार के लिए कोई नई पहल नहीं हो सकीं। लोगों को विवश होकर पूर्व की भांति शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। मजदूरों को पेट पालने के लिए ईंट के भटठों में जाना पड़ा। स्थानीय आधार पर उन्हे रोजगार व काम के अवसर नसीब नहीं हो सके।
दुर्घटनाओं के लिए बीता साल अन्य वर्षों की अपेक्षा कम नहीं रहा साल भर घटनाओं की झड़ी सी लगी रही। हाइवे में दुर्घटनाओं का क्रम बना ही रहा न जाने कितने बेकसूरों की जानें चली गई। आत्महत्याओं का शिलशिला भी जारी रहा। एक दर्जन से अधिक हत्याकांड प्रकाश में आए लेकिन सर्वाधिक चर्चा में ग्राम पंधरी का खुशबू कांड रहा जिसमे एस पी, डी एम के अलावा डीआईजी तक को मौके पर आना पड़ा और पहल करने के बाद भी मामले का खुलासा पुलिस द्वारा संभव नहीं हो सका। सन 2019 मे घटी घटना का खुलासा 2020 मे कब तक हो पाता है या नहीं कुछ भी कह पाना मुश्किल है। बीते साल पटाखा व्यवसायी व सपा नेता मकसूद खान के घर पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में सुतली बम दैमार पटाखे व बारूद बरामद होने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बीते साल पेयजल, सिंचाई, विद्युत आदि व्यवस्था के नाम पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही।

आवागमन के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों मे मामूली सुधार ही संभव हो सका। सुमेरपुर क्षेत्र की दर्जनों जर्जर सड़के जर्जर ही बनी रहीं। रेल सुविधाओं के नाम पर बीता साल कुछ संतोष जनक रहा। कानपुर से मानिकपुर तक रेल लाइन का विद्युतीकरण हुआ तो बिजली के इंजन दौड़ने लगे वहीं जबलपुर से हरिद्वार तक के लिए सीधे सफर करने की सुविधा भी प्राप्त हुई। इस तरह से बीता साल आम जनमानस के लिए मिला जुला रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram