(हमीरपुर बुलेटिन) बुन्देलखंडः जिला पंचायतों को शासन ने अवमुक्त की 4683 लाख की धनराशि, पढ़े दिनभर की खबर

1- बुन्देलखंडः जिला पंचायतों को शासन ने अवमुक्त की 4683 लाख की धनराशि
-उखड़ी सड़कों के साथ ग्रामीण इलाकों में कराये जायेंगे विकास कार्य

बुन्देलखंड के सातों जिला पंचायतों को अब शासन ने चतुर्थ वित्त आयोग से 46 करोड़ 83 लाख 41 हजार 532 रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी है। यह धनराशि विकास कार्यों में खर्च होगी। ग्रामीण इलाकों में सड़कों की मरम्मत के साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं के निर्माण भी कराये जायेंगे।

हमीरपुर जिला पंचायत के कार्य अधिकारी दुर्गेश कुमार शर्मा ने सोमवार को शाम बताया कि बजट मिलते ही विकास कार्यों को गति दी जायेगी। जिला पंचायतें ग्रामीण स्तर पर विकास कार्याे में मद खर्च करती हैं। जिसमें यह कार्यदाई संस्था मुख्य रूप से सड़कें बनाती है। जिले में जिला
पंचायत से बनी सड़कों का फिलहाल बुरा हाल है। ज्यादातर मार्ग उखड़े पड़े हैं। बजट मिलने पर उखड़े मार्गाे की मरम्मत में सहुलियत रहेगी।

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शासन ने जारी किए बजट में विकास कार्यों के साथ मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल,
स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज, बाढ़ के पानी की निकासी, सामुदायिक संपत्तियों का रख-रखाव, सड़कों का रख-रखाव, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, कब्रिस्तान, शमशान, भूमि एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के निर्माण एवं रख-रखाव पर किया जाएगा। जिला पंचायत हमीरपुर को 5 करोड़ 94 लाख 40 हजार 836 रुपये जारी किए हैं। वहीं जिला पंचायत महोबा को 5 करोड़ 66 लाख 82 हजार 897 रुपये, जिला पंचायत चित्रकूट को 6 करोड़ 39 लाख 40 हजार 631
रुपये, जिला पंचायत बांदा को 7 करोड़ 58 लाख 43 हजार 319 रुपये, जिला पंचायत झांसी को 7 करोड़ 57 लाख 70 हजार 736 रुपये, जिला पंचायत ललितपुर को 6 करोड़ 87 लाख 30 हजार 735 रुपये, जिला पंचायत जालौन को 6 करोड़ 79 लाख 32 हजार 384 रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। जिला पंचायत हमीरपुर के कार्याधिकारी दुर्गेश कुमार शर्मा ने बताया कि शासन से जैसे ही बजट मिलते ही कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्य प्राथमिकता से कराये जायेंगे।

2- बुन्देलखंड के सभी जिलों में गठित होंगे पास्को एक्ट के 15 न्यायालय
– न्यायालयों में नए स्टाफ के साथ एक अपर सत्र एवं न्यायाधीश की होगी नियुक्ति

शासन ने लैंगिक आपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 (पाक्सो एक्ट) के अधीन न्यायालयों में प्रचलित बलात्कार से संबंधित अपराधों के वादों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की तैयारी की है।

इसके लिए बुंदेलखंड में 15 न्यायालय गठित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इन न्यायालयों में नए स्टाफ के साथ एक अपर सत्र एवं न्यायाधीश की नियुक्ति की जाएगी। आदेश में कहा है कि जब तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होती है। तब तक शासन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य लेने के भी आदेश दिए हैं।

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नाबालिगों से आए दिन हो रहे बाल अपराधों, बलात्कार की घटनाओं में त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शासन ने प्रत्येक जिले में लैंगिक आपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 (पाक्सो एक्ट) के तहत अलग से न्यायालय गठित करने के आदेश दिए हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पाक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में त्वरित निस्तारण के लिए बुंदेलखंड के हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, बांदा, झांसी, जालौन, ललितपुर में एक-एक न्यायालय गठित करने को कहा है। वहीं दुष्कर्म के साथ पाक्सो के अपराधों के ट्रायल को जिले में दो न्यायालय गठित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी तरह महोबा, चित्रकूट, बॉदा, झॉसी, जालौन, ललितपुर में दो-दो न्यायालय गठित किए जाएंगे। शासन के प्रमुख सचिव जेपी
सिंह ने भेजे पत्र में कहा है कि प्रत्येक न्यायालय में एक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एक आशुलिपिक, एक मुंसरिम रीडर, एक सीनियर र्क्लक की नियुक्ति की जाएगी। जबकि आउट सोर्सिंग के माध्यम से प्रत्येक न्यायालय में एक जूनियर असिस्टेंट कापिस्ट, एक अर्दली, एक प्यून, एक दफ्तरी की भी नियुक्ति होगी। यही नहीं शासन ने जब तक इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो जाती
तब तक सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों को तैनात कर उनसे कार्य लेने के भी आदेश दिए हैं। जनपद में अलग से पास्को एक्ट के न्यायालय गठित हो जाने से पीड़ित लोगों में जल्द न्याय की आस जगी है और शासन के इस निर्णय की जनपद के संभ्रांत नागरिकों, बुद्धिजीवियों ने सराहना की है।

3- प्रेमी युगल को बंधक बनाकर दिये करेंट के झटके
-बेहोशी हालत में मृत समझकर हमलावर भागे
-पैर से लंगड़ाते एसपी के यहां आया प्रेमी युगल

हमीरपुर ब्यूरो। जिले में दूसरी जगह शादी करने की बात से भड़की युवती घर से भागकर अपने प्रेमी के यहां पहुंची तो परिजनों ने दोनों को बंधक बनाकर नलकूप में डाल दिया और वहां बिजली के करेंट के झटके दिये गये। करेंट के झटके से प्रेमी युगल बेहोश हो गया। दोनों के पैरों में घाव भी है। घायल प्रेमी युगल किसी तरह सोमवार को हमीरपुर आया और घटना की पुलिस अधीक्षक से
शिकायत की। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस को दे दिये है।

जिले के चिकासी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने बताया कि एक युवती से प्रेम करता है। जल्दी ही शादी करनी थी लेकिन युवती के परिजन भड़क गये। दूसरी जगह शादी करने से प्रेमिका ने इंकार कर दिया तो उसे पीटा गया जिससे परेशान होकर प्रेमिका उसके यहां भागकर आ गयी। प्रेमी ने बताया कि तीन दिन पूर्व रात में बम्हौरी गांव निवासी शोधन पुत्र छिद्दू, गुढ़ा गांव निवासी धर्मेन्द्र पुत्र शिवराम, बसोवा गांव निवासी नितिन व गुढ़ा गांव निवासी लक्ष्मण पुत्र शिवराम ने घर में धावा बोल दिया और दोनों को पकड़ कर रैपुरा कला गांव ले गये। इन दबंगों ने मझलवारा व सूपा गांव के बीच स्थित एक नलकूप में बंधक बनाकर प्रेमी और प्रेमिका को जान से मारने की नियत से
बिजली के करेंट के झटके दिये। करेंट के झटके से दोनों बेहोश हो गये।

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प्रेमी और प्रेमिका को मृत देख सभी हमलावर मौके से भाग गये। होश आने पर दोनों लंगड़ाते हुये सोमवार को यहां हमीरपुर आये और पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी। पीड़ित प्रेमी ने बताया कि पहले इस घटना की शिकायत चिकासी  थाने में की गयी थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गयी इसीलिये पुलिस अधीक्षक से फरियाद की गयी है। खबर दिये जाने तक दोनों प्रेमी युगल
अधिवक्ता के चौम्बर पर मौजूद है। इधर चिकासी थानाध्यक्ष आरके पटेल ने बताया कि घटनास्थल महोबा जिले में है लिहाजा कार्यवाही वहां से होगी।

4-हमीरपुर – मधुमक्खी पालन से किसानों के अब आयेंगे अच्छे दिन
-पहली बार किसानों ने मधुमक्खी पालन को मौन बाक्स लगाकर उत्पादित किया शहद

जिले में मधुमक्खी पालन से अब किसानों के अब अच्छे दिन आयेंगे। इसके लिये उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी योजना के तहत इस वर्ष पांच मधुमक्खी पालन इकाई (ढाई सौ मौन बाक्स) के लक्ष्य को लेकर दो ब्लाकों में किसानों ने शहद उत्पादन कर अपनी आय दोगुनी की है। मधुमक्खी
पालन से उत्पादित शहद लेकर किसान सोमवार को हमीरपुर आये और जिलाधिकारी को
शहद देकर इसका उत्पादन और बढ़ाये जाने की मांग की।

जिला उद्यान अधिकारी उमेश चन्द्र उत्तम ने सोमवार को बताया कि पहली बार उद्यान विभाग ने एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम का आगाज किया है। इसमें पांच मधुमक्खी पालन इकाई के लक्ष्य को लेकर हमीरपुर जिले के राठ ब्लाक में चार व गोहांड ब्लाक में एक किसान ने पचास-पचास मौन बाक्स से मधमक्खी पालन शुरू किया है। किसान रघुवीर सिंह इस कार्यक्रम से उत्पादित शहद लेकर हमीरपुर आया और वैज्ञानिक डा.चंचल सिंह
एवं प्रगतिशील किसान बलराम दादी की मौजूदगी में जिलाधिकारी को शहद देकर इसका उत्पादन बढ़ाने और मार्केटिंग कराये जाने की मांग की। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों का एफपीअओ गठित कर ब्राडिंग करके शहद उचित रेट पर विक्रय कराया जायेगा।

उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन में प्रति पचास बाक्स की मौन इकाई की स्थापना करने में
2.20 लाख की लागत आती है। एकीकृत बागवानी मिशन योजना से चालीस प्रतिशत अनुदान किसानों को मिलेगा। एक मौन बाक्स से हर साल 25 से 30 किलोग्राम शहद मिलता है। इसका बाजारी मूल्य दो सौ रुपये किलोग्राम है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि पचास बाक्स पर 2.20 लाख रुपये खर्च करने पर एक किसान कम से कम तीन लाख रुपये की आमदनी हर साल कर सकता है। मधुमक्खी पालन के लिये मौन बाक्स पर लागत केवल एक बार ही किसान को लगानी पड़ती है। इधर जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में मधुमक्खी पालन
कार्यक्रम को औैर बढ़ावा दिया जायेगा। जिससे अधिक से अधिक किसान इसका लाभ
उठा सके।

5- हमीरपुर में वकील दे रहा कैंसर को तारीख पर तारीख
-चार सालों से चल रही है कैंसर से जद्दोजहद

हमीरपुर नगर में चार साल पहले ब्रेन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का पता चलने के बाद एक वकील (अधिवक्ता) ने इससे लडऩे की ठानी है।
इस वकील ने अपने हौसले से कैंसर को भी पस्त कर दिया है। मुम्बई के टाटा कैंसर हास्पिटल में वकील का इलाज हुआ। अभी भी कैंसर से पूरी तरह से उन्हें मुक्ति नहीं मिली है लेकिन इस वकील के हौसले ने कैंसर के मरीजों को बीमारी से लडऩे की प्रेरणा जरूर दी है। वकील का पिता भी ब्लड कैंसर की बीमारी की जद में है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर होने के बावजूद उनमें भी इस
बीमारी से लडऩे का गजब का जज्बा है।

हमीरपुर नगर के रमेड़ी मुहाल निवासी शैलेन्द्र पेशे से वकील है। शैलेन्द्र ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2015 में उन्हें सिर में दर्द की शिकायत हुई। चेकअप में ब्रेन ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। मुंबई इलाज कराने पहुंचे जहां ऑपरेशन भी हुआ। उसी के बाद पता चला कि ब्रेन ट्यूमर नहीं बल्कि
उन्हें ब्रेन कैंसर है। इस खतरनाक बीमारी का पता चलने के बाद से शैलेंद्र ने इससे लड़ने की ठानी और तब से उनकी कैंसर से लड़ाई जारी है। शैलेंद्र बताते हैं कि उनके 82 साल के पिता मेवालाल सचान को तीन साल पूर्व ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। उनका भी इलाज जारी है। दो बच्चों के पिता शैलेंद्र नियमित तौर पर वकालत करते हैं। हालांकि बीमारी का पता उनको फर्स्ट स्टेज पर ही हो गया था। लगातार इलाज की वजह से स्थिति सुधर रही है। मगर अभी भी पूरी तरह से कैंसर खत्म नहीं हुआ है। हर दो-तीन माह में वह मुंबई चेकअप कराने जाते हैं। शैलेंद्र कैंसर रोगियों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

कैंसर के मरीजों की खोज को शुरू हुई स्क्रीनिंग
गैरसंचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. महेशचंद्रा ने बताया कि पांच तरह के गैरसंचारी रोगों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। उनमें तीन प्रकार का कैंसर सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल शामिल भी है। एएनएम के माध्यम से गांव-गांव स्क्रीनिंग भी शुरू हुई है। इससे होगा यह कि समय रहते किसी मरीज में कैंसर के लक्षण अगर मिलते हैं तो उसका समय से उपचार हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि कैंसर से बचने के लिए लाइफ स्टाइल में भी बदलाव लाना होता है। धीरे-धीरे कैंसर आम बीमारी की तरह होता जा रहा है। लोगों को इससे बचने के लिए जागरूक होना होगा। बुंदेलखण्ड रीजन में ज्यादातर मामले ओरल कैंसर के आते है। वह भी धूम्रपान और शराब की वजह से होता है। अगर लोग नशे से दूर हो जाएं तो कैंसर से बच सकते हैं।
इतने प्रकार का होता है कैंसर फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट ग्लैंड) कैंसर,
स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, अण्डाशयी कैंसर, ब्लड कैंसर

कैंसर से कैसे बचें
– नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम, जिस रूप में आप कर सकें, अवश्य करें।
वसायुक्त भोजन कम मात्रा में लें।
– धूम्रपान संभव हो तो न करें। शराब के सेवन से भी बचें।
– महिलाएं 50 वर्ष की उम्र के पश्चात गर्भाशय-ग्रीवा का नियमित परीक्षण
किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से 3-5 वर्ष में अवश्य कराएं।
– महिलाएं सर्वाइकल, स्तन तथा अंडाशयी कैंसर से बचाव के लिए कम से कम दो
साल तक स्तनपान अवश्य कराएं। जो महिलाएं दो सालों तक स्तनपान कराती हैं,
उनमें स्तन कैंसर की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
– अधिक पानी पिया करें। जिससे मूत्राशय के कैंसर की संभावना कम हो जाती
है। कम से कम दो लीटर पानी रोज पीना चाहिए।
कैंसर दिवस आज
हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके पीछे
कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य रहता है। कैंसर के
प्रति व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्धता करने के लिए वर्ष 2019 से वर्ष 2021
तक इसकी थीम मैं हूँ और मैं करूंगा रखी गयी है।

6- हमीरपुर -पाइप पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

हमीरपुर ब्यूरो। क्रिटिकल गैप्स के अंतर्गत जनपद की पाइप पेयजल योजनाओं
की समीक्षा बैठक  जिलाधिकारी  डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की सभी पाइप पेयजल योजनाओं को पूर्ण
क्षमता पर क्रियान्वित  किया जाए। उन्होंने कहा कि पचखुरा बुजुर्ग पेयजल योजना, छानी बांध पेयजल योजना सहित अन्य ऐसी पेयजल योजनाएं, जिनमें क्रिटिकल गैप्स के अंतर्गत  धनराशि दी गई है ,उनमें पेयजल योजनाओं का कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर लिया जाए, इसमें कोई लापरवाही न बरती जाए ।

उन्होंने कहा कि कार्य समय से ना करने पर संबंधित कार्यदाई संस्था द्वारा धनराशि वापस की जाए । उन्होंने कहा कि कार्यदाई संस्थाओं/ विभाग द्वारा जो धनराशि पेयजल योजनाओं के कार्यों में खर्च की जा रही है उसके सापेक्ष कार्य भी अनिवार्य रूप से पूर्ण होना चाहिए । उन्होंने कहा कि
क्रिटिकल गैप्स के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का क्रॉस चेक कराया जाए।
पेयजल योजनाओं को संचालित/ क्रियान्वित कर उनके जल शुल्क की वसूली का
कार्य भी किया जाए। जल शुल्क की वसूली में कोई भी लापरवाही न बरती जाए ।
उन्होंने कहा कि मौदहा , गोहांड, सरीला क्षेत्र में पेयजल की समस्या ना
हो, इस पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि
क्रिटिकल गैप्स के अंतर्गत नलकूपों में नए पंपिंग सेट की स्थापना का
कार्य भी समय से पूर्ण कर लिया जाए । इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी
आरके सिंह ,अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ,जिला विकास अधिकारी
विकास, डिप्टी कलेक्टर संजीव शाक्य, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी वृंदावन
अहिरवार, जल संस्थान व जल निगम के अभियंता मौजूद रहे।

7- दो गांवों में प्रधान पदों के उपचुनाव में 56 से 65 फीसद पड़े वोट
-5 फरवरी को उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला

राठ हमीरपुर। सरीला क्षेत्र के पुरैनी व उमरिया गांव में प्रधान पद का उपचुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। पुरैनी में 56.24 व उमरिया में 65.09 फ़ीसदी मतदान हुआ है। मतगणना पांच फरवरी को होगी।
पुरैनी व उमरिया के ग्राम प्रधानों की आकस्मिक मौत हो जाने के बाद सोमवार को यहां उपचुनाव कराया गया। दोनों ग्राम पंचायतों का उपचुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। पुरैनी में पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह की पत्नी अर्चना देवी सहित चार प्रत्याशी मैदान में थे। उमरिया में भी पूर्व प्रधान अशोक
कुमार के पुत्र पवन सहित तीन प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया है।

एसडीएम जुबेर बेग ने बताया कि पुरैनी में 56.24 फिसदी मतदान हुआ है। यहां 3327 मतदाताओं के सापेक्ष 1877 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जबकि उमरिया में 65.09 फीसदी मतदान हुआ है। यहाँ 2223 मतदाताओं के सापेक्ष 1447 मतदाताओं ने वोट डाला है। मतदान शुरू होते ही दोपहर तक मतदान सुस्त रहा ।लेकिन इसके बाद तेजी आई। चुनाव की मतगणना पांच फरवरी को उमरिया की गोहांड व पुरैनी की सरीला विकासखंड में होगी।

8- राठ हमीरपुर- अमर शहीद कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत

जलियांवाला बाग में शहीदों के सहादत के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वधान में चित्रकूट से चलकर राठ होते हुए झांसी जा रहा अमर शहीद कलश यात्रा रथ सोमवार को कस्बा पहुंचा। जहां शहीद सैनिकों की याद में सभा हुई। मां शारदा बालिका विद्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने शहीदों की याद में विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत
किए ।

कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में निकल रहे अमर शहीद कलश यात्रा रथ गत 1 फरवरी से चित्रकूट से शुरू हुआ था। जो सोमवार को कस्बे में पहुंचा और मुख्य मार्ग होते हुए जालौन जनपद के लिए निकल गया। इस दौरान अमर शहीद कलश यात्रा रथ का स्वागत जगह-जगह किया गया। इस मौके पर तरूण बाजपेई, प्रवीण,
मयंक, जयप्रकाश साहू, सुरेश अवस्थी, हरेन्द श्रीवास्तव, दीपक पाठक, आशीष निगम आदि रथ के साथ रहे।

9- सुमेरपुर हमीरपुर- जेसीबी से हो रही तालाब की खुदाई, बेंची जा रही मिट्टी

विकास खंड सुमेरपुर के ग्राम पलरा मे ग्राम प्रधान व सचिव मिलकर तालाब की खुदाई मजदूरों से न कराकर जेसीबी से करायी जा रही है । इसके बाद मिट्टी ट्रेक्टरों के माध्यम से लोगो को बेंची जा रही है। इस तरह से वहां पर शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है मगर
उन्हे रोकने वाला कोई नहीं है। एक ग्रामीण ने विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दी तो प्रधान की ओर उल्टे उसे ही पुलिस ने बैठा रक्खा है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम प्रधान रामलखन प्रजापति व सचिव ने पलरा गांव
में तालाब खुदाई  का कार्य शुरू कराया है। मनरेगा से कराए जा रहे इस
कार्य को मजदूरों से खुदाई करायी जानी चाहिए मगर तालाब जेसीबी मशीन से
खुदवाया जा रहा है। इसके बाद वहां चार ट्रैक्टर लगा रक्खे गए हैं जो
मिट्टी को टैक्टर ट्राली द्वारा ले जाकर गांव वालों को बेची जा रही है।
यह देख़कर गांव के गरीब व्यक्ति श्री राम प्रजापति ने इसका विरोध किया तो
उसे धमकी दी गयी। उसने इसकी सूचना 112 नंबर को दी तो गांव में पहुंचकर
पुलिस ने उलटे उसी को पकड़कर थाना ले आई। श्रीराम प्रजापति ने बताया कि
ग्राम पंचायत पलरा में ग्राम प्रधान द्वारा तालाब की खुदाई का काम मनरेगा
से कराया जा रहा है। यह काम श्रमिकों से न कराकर  मशीनों से आनन फानन में
खुदाई करायी जा रही है। उसने बताया कि इतना ही नहीं तालाब से निकलने वाली
मिट्टी को जेसीबी मशीन से ट्रेक्टर ट्राली में भरकर गांव में बेंची  जा
रही है। इस तरह से तालाब खुदाई के नाम पर वहां लूट खसोट जारी है मगर
विभागीय अधिकारी इस अवैध काम के प्रति जरा भी संवेदनशील नहीं है। ग्रामीण
लोगों ने तालाब खुदाई का कार्य बंद कराकर आवश्यक कार्य वाही करने की मांग
अधिकारियों से की है।

10-मौदहा हमीरपुर- करोड़ों की धनराशि खर्च के बाद भी 7 गांवों को नहीं मिला पीने के पानी
-ढाई करोड़ की लागत से अब एकल पेयजल योजना के संचालन में लगा ग्रहण

सत्रह साल पहले मौदहा क्षेत्र की सबसे बड़ी आबादी वाले गांव में पानी के संकट को लेकर बनायी गयी करोड़ों की लागत की पेयजल योजना के धड़ाम होने के बाद कई गांवों के लोग पीने के पानी का संकट से जूझ रहे है। जलनिगम ने अब एकल पेयजल योजना का निर्माण कराया है लेकिन इसका भी तकनीकी कारणों ेके कारण संचालन नहीं हो पा रहा है। ढाई करोड़ की लागत से
तैयार एकल पेयजल योजना में जलनिगम बांदा के तकनीकी विभाग को कुछ कार्य
कराने है।
मौदहा तहसील क्षेत्र में इचौली, नायक पूरवा, रतवा, गुसयारी, कपसा, बक्छा पेयजल से समस्या ग्रस्त गांव है। और सभी गांव में समूह योजना के विफल होने पर एकल ग्राम पेयजल योजनाये शुरू की गई है। जिसमे छः माह पूर्व से किये जा रहे प्रयासों के बावजूद कपसा गांव की योजना पूरी नहीं हो सकी।
यही हाल बक्छा गांव का है। जबकि भैसमरी में पूर्व की बनी योजना पूरी तरह विफल होने के बाद अब एकल योजना के तहत ढाई करोड रुपये से अधिक लागत से दो नलकूप स्थापित किये जाने के साथ ही जल निगम हमीरपुर ने गांव के अंदर पाइप लाइन को डालने का कार्य भी पूरा कर लिया है। जलनिगम के अवर अभियंता रामरतन ने सोमवार को बताया कि नलकूप संचालित करने का कार्य जलनिगम बाँदा के तकनीकी विभाग का है। वह बिजली का कनेक्शन करा के जैसे ही इन्हे
संचालित करते है। तभी इस गांव को इसी माह के अंत तक पेयजल की आपूर्ति प्रारम्भ कर देगे वही कपसा के लिए नए नलकूपों के स्थापित करने कि योजना तैयार की जा रही है।

11- हमीरपुर- फोरम में एक वाद निपटा, पीड़ित को मिली 55900 रुपये की चेक

जिला उपभोक्ता फोरम ने एक मामले में पीड़ित पक्ष को सोमवार के दिन 55900 रुपये का मुआवजा विद्युत विभाग से दिलाया है। फोरम के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र के वहदीना टीकापुर निवासी धर्मराम पुत्र चेतराम ने अधिशाषी अभियंता विद्युत
खंड हमीरपुर के खिलाफ एक मामला दायर किया था। इसमें उसने बिजली के करेंट
से भैंसों की मौत हो गयी थी। इस मामले को लेकर फोरम ने वादी की भैंसों की
करेंट से मौत के लिये बतौर 52000 रुपये का मुआवजा दिये जाने का आदेश दिया
था। लेकिन इस आदेश का पालन नहीं किया गया। इस पर फोरम में अवमानना का
मामला चलाया गया जिसमें अधिशाषी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर
स्पष्टीकरण मांगा गया था। फिर भी विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। फोरम के
अध्यक्ष राम कैलाश व उमेश कुमार की पीठ ने जिलाधिकारी को आदेश दिया कि वह
अधिशाषी अभियंता विद्युत हमीरपुर की चल अचल सम्पत्ति से 55900 रुपये की
वसूली भू राजस्व की तरह करके जमा कराये। रीडर ने बताया कि वसूली से बचने
के लिये अधिशाषी अभियंता सुमित व्यास जरिये फोरम के नाम एकाउन्ट पेयी चेक
55900 रुपये जमा कराये। इस चेक को वादी धर्मराज को अधिवक्ता कृष्ण विहारी
पाण्डेय की शिनाख्त पर दे दी गयी है।

 

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