(हमीरपुर बुलेटिन) बुन्देलखंडः हमीरपुर में पुरुषों को गांव से भगाने के बाद महिलायें खेलती है होली

1- बुन्देलखंडः हमीरपुर में पुरुषों को गांव से भगाने के बाद महिलायें खेलती है होली
-रामजानकी मंदिर से महिलायें ढोल मजीरे के साथ निकालती है होली की फाग
– सैकड़ों साल पुरानी परम्परा में घूंघट वाली महिलायें भी उड़ाती है रंग, गुलाल
वीरभूमि बुन्देलखंड के हमीरपुर जिले में होली पर्व पर सभी जगहों पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में रंग, अबीर व गुलाल उड़ाकर होली खेलने की परम्परा है लेकिन यहां क्षेत्र में एक ऐसा गांव है जहां पूरे गांव की सैकड़ों महिलाओं की होली फाग निकालकर होती है। यह अनोखी परम्परा पिछले सैकड़ों सालों से चली आ रही है। हर साल की तरह इस बार भी पूरे गांव की महिलायें ढोल मजीरे के साथ होली गाते हुये गांव के गली कूचों में फाग निकालकर होली खेलेगी।

बुन्देलखण्ड के हर इलाके में कोई भी एक ऐसा गांव नहीं है जहां महिलायें अलग अंदाज से फाग निकालकर होली का पर्व मनाती हो बल्कि घरों में ही रहकर आने जाने वाले लोगों के साथ होली की मस्ती उठाती है मगर हमीरपुर जिले में कुंडौरा ऐसा गांव है जहां पर महिलाओं की टोली फाग निकालकर पूरे गांव में भ्रमण करती है। कुंडौैरा से जुड़े दरियापुर गांव की भी महिलायें बड़ी संख्या में होली की फाग में शामिल होती है। बताया जाता है कि महिलाओं की फाग जिस समय गांव में निकलती है तब कोई भी पुरुष उन्हें देख नहीं सकता है। पुरुषों को या तो घरों में कैद रहना पड़ता है या फिर खेतों की ओर जाने का फरमान सुनाया जाता है। इस परम्परा का आगाज होली पर्व को होगा।
गांव की देवरती कुशवाहा ने गुरुवार को बताया कि पूरे बुन्देलखंड क्षेत्र में यहीं गांव है जहां होली त्यौैहार में गांव की महिलाओं को सामूहिक रूप से होली खेलने का मौका मिलता है। ये परम्परा बदलते दौर में आज भी कायम है। इस वृद्ध महिला का कहना है कि शहरों और महानगरों में त्यौहारों की रौनक दिखायी ही नहीं देती है लेकिन यहां होली पर्व की रंगत देखते ही बनती है। गांव के बीएल कुशवाहा ने बताया कि आपसी मतभेद के बावजूद भी कुंडौरा गांव महिलाओं की अनोखी होली के लिये मिसाल बना हुआ है। महिलाओं के फरमान पर सभी गांव के बड़े और और जवान महिलाओं की फाग होली कार्यक्रम से पहले गांव से बाहर निकल जाते है। गांव के सभी लोग इस परम्परा को मिलकर आगे बढ़ाते है।
अनोखी होली शुरू होने से पहले गांव से बाहर होते है पुरुष 
गांव के सरपंच अवधेश कुमार यादव एडवोकेट ने बताया कि यह प्रथा सैकड़ों साल पूर्व पूर्वजों ने शुरू की थी जो आज भी कायम है। उन्होंने बताया कि जिस समय महिलाओं की फाग गांव में भ्रमण करती है उस समय गांव के पुरुष गांव की गलियों से हटकर या तो घरों में कैद हो जाते है या फिर खेतों की ओर चले जाते है। गांव में पुरुषों का तभी आना होता है जब महिलाओं की फाग होली सम्पन्न हो जाती है। प्रधान ने बताया कि महिलाओं की फाग निकालने की कोई भी फोटो कैमरे से नहीं ले सकता है। इस पर भी प्रतिबंध है। यदि इस परम्परा का चोरीछिपे फोटो लेते कोई पकड़ा गया तो उस पर तगड़ा जुर्माना बोला जाता है। गांव के पुरुष और लड़के कार्यक्रम से पहले ही घरों में कैद हो जाते है अथवा गांव छोड़ बाहर खेतों की ओर चले जाते है।
घूंघट वाली महिलायें भी बनती है परंपरा का हिस्सा 
कुंडौैरा गांव में महिलाओं की अनोखी होली का अहम हिस्सा बनने वाली श्रीमती कमलेश कुमारी सिंह, पूर्व प्रधान उपदेश कुमारी, बसंती विश्वकर्मा, गीता वर्मा, शकुन्तला सिंह, श्यामा पंडित, गौरा गुप्ता, सुदामा सिंह, संध्या सिंह, रश्मि सिंह, देवरती कुशवाहा, शिवदेवी आदि महिलाओं ने बताया कि उनको यह तो मालूम नहीं है कि इस गांव में महिलाओं की फाग क्यों निकाली जाती है लेकिन जब से वह बाबुल का घर छोड़ पिया के घर आयी है तभी से इस होली की परम्परा का हिस्सा बनी है। साठ से अस्सी साल की उम्र की वृद्धायें भी अनोखी होली खेलती है। पूरे गांव की महिलाओं के होली खेलने की परम्परा अपने आप में निराली है। हर साल धूमधाम के साथ होली की फाग में गांव की बुजुर्ग और नवयुवतियां भी हिस्सा लेती है।
रामजानकी मंदिर से होली की फाग का होता है शुभारंभ 
गांव की वयोवृद्ध है देवरती कुशवाहा ने बताया कि होली पर्व पर फाग का शुभारंभ गांव के रामजानकी मंदिर से होता है। मंदिर में फाग गाने के बाद रंग और गुलाल उड़ाते हुयी महिलायें गांव के गली कूचों में घूमती है फिर इसके बाद खेरापति बाबा के मंदिर प्रांगण में फाग का समापन होता है। महिलायें ढोल और मजीरा भी बजाती है। इस फाग होली में कुंडौरा से जुड़े दरियापुर गांव की महिलायें भी शामिल होती है। गांव में महिलाओं की अनोखी होली के रंग शाम तक चलता है। सामूहिक रूप से सभी महिलायें एक दूसरे को रंग अबीर लगाकर नाच भी करती है। बड़ी संख्या में घूंघट वाली महिलायें भी परम्परा का हिस्सा बनती है और होली की मस्ती में डूब जाती है। होली की फाग सम्पन्न होने के बाद ही  सभी महिलायें होली के गीत गाती है।
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2- हमीरपुर- धैर्य के साथ आपदा से करना चाहिये मुकाबलाः एनडीआरएफ

-आपदा प्रबंधन की कार्यशाला में बचाव और राहत कार्यों का टीम कमांडर ने किया प्रदर्शन
हमीरपुर नगर के सरदार बालिका पटेल इण्टरकालेज में गुरुवार को एनडीआरएफ टीम ने आपदा प्रबंधन को लेकर बच्चों को प्रशिक्षण देते बताया कि आपदा के दौरान सभी को हिम्मत से काम लेना चाहिये। बिना सोचे मौके पर मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करते हुये अपना बचाव करने के साथ ही राहत कार्य में जुटना चाहिये।
फेमेक्स के लिये वाराणसी से आयी 11 वीं एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) टीम कमांडर अमोल कुमार ने छात्र, छात्राओं और विद्यालय के शिक्षकों को आपदा से बचाव के तरीके बताये। भूकंप के दौरान अपनाये जाने वाले उपाय और आग से बचाव करने के लिये प्रशिक्षण दिया।
टीम कमांडर ने बताया कि आपदा के समय मौके पर जो सामान और संसाधन उपलब्ध हो तो  उससे स्ट्रेचर, तैरनी वाली सामग्री बनाकर लोगों की जान बचायी जा सकती है। आपदा से कभी डरना नही चाहिये बल्कि आपदा का डटकर मुकाबला करते हुये बचाव और राहत के तरीके अपनाने चाहिये। टीम कमांडर व टु.आई.सी.मुकेश चौहान, रेस्क्यूअर राजेन्द्र नेगी, धनंजय गुप्ता, नाथु, अमित दुबे व अरविन्द ने कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन की कार्यवाही का प्रदर्शन भी किया। एनडीआरएफ
टीम कमांडर अमोल कुमार ने बताया कि जनपद में ग्यारह दिवसीय आपदा प्रबंधन की कार्यशाला आयोजित कर आम लोगों को आपदा से निपटने के लिये प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही बाढ़ से प्रभावित होने वाले सभी इलाकों का निरीक्षण कर तटवर्ती ग्रामीणों को भी महत्वपूर्ण टिप्स दिये गये है।
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3- खनन घोटालाः सीबीआई ने अखिलेश यादव के विधि सलाहकार से की पूछताछ 

-हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर मौरंग खनन के पट्टे स्वीकृत करने पर किये गये सवाल
-पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पिता और दो रिश्तेदार समेत छह कारोबारियों ने दिये बयान
अवैध खनन घोटाले की फाइनल जांच कर रही सीबीआई टीम ने गुरुवार को यहां हमीरपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को तलब कर दो घंटे तक पूछताछ की। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के पिता और दो चाचा समेत छह लोगों से भी अवैध खनन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ की गयी है। सूत्रों की माने तो विधि सलाहकार से अहम जानकारी जुटाने के बाद अब सीबीआई अखिलेश यादव के यहां पूछताछ के लिये दस्तक दे सकती है।
बता दे कि सीबीआई की दो सदस्यीय टीम पिछले चार दिनों से हमीरपुर स्थित मौदहा बांध निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में कैम्प कर खनन घोटाले की परतें खोलने में जुटी है। अखिलेश यादव की सरकार में महोबा जिले के सूपा निवासी मनोज त्रिवेदी विधि सलाहकार थे। हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुये 14 मौरंग के पट्टों को मंजूरी दी थी। इसके बाद खनन मंत्रालय गायत्री प्रजापति के हाथ में आने के बाद 49 मौरंग के पट्टे जारी किये गये थे। इन सभी मौरंग के पट्टे जारी करने में नियमों और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ताक पर रखा गया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर अगस्त 2016 से सीबीआई अवैध खनन की लगातार जांच कर रही है। गुरुवार को सीबीआई के अधिकारियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी को कैम्प आफिस में तलब कर उनसे पूछताछ की है। सूत्र बताते है कि सीबीआई ने उनसे सवाल किया कि मौरंग के पट्टे स्वीकृत होने में विधि सलाह दी गयी कि नहीं। पूछताछ के बाद इनके भी हस्ताक्षर कराये गये है।
 सीबीआई की नोटिस पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के पिता सत्यदेव दीक्षित, उनके चाचा राकेश दीक्षित व देव नारायण दीक्षित भी कैम्प आफिस तलब हुये और करीब दो घंटे तक इन सभी से लम्बी पूछताछ की गयी है। बयान लेने के बाद इन सभी से साइन लिये गये है। इसके अलावा एक महिला और दो अन्य कारोबारियों से भी पूछताछ की गयी है। कैम्प आफिस से बाहर निकलते ही मौरंग कारोबारी बेचौन नजर आये।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई की एफआईआर में यहां की तत्कालीन आईएएस बी.चन्द्रकला, खान अधिकारी मुईनुद्दीन, एमएलसी रमेश मिश्रा, दिनेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, उनके पिता सत्यदेव दीक्षित, रिटायर्ड खनिज लिपिक रामआसरे प्रजापति व लोनिवि का रिटायर्ड बाबू रामऔतार समेत ग्यारह लोग आरोपित है। इन सभी के खिलाफ ईडी को भी लिखा जा चुका है।
अखिलेश यादव अब आये सीबीआई के रडार पर
याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब सीबीआई के रडार पर आ चुके है क्योंकि उन तक पहुंचने के लिये विधि सलाहकार मनोज त्रिवेदी से पूछताछ कर सीबीआई अहम जानकारी जुटा ली है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर 16 अक्टूबर 2015 को जारी मौरंग के 49 पट्टे निरस्त कर जांच कमेटी बनाकर जिम्मेदार अधिकारियों व पट्टा धारकों के खिलाफ कार्यवाही भी करने के आदेश दिये गये थे। पूर्व में चौदह पट्टे भी निरस्त हुये थे। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अब यहां अवैध खनन की जांच करने के साथ ही अखिलेश सरकार में तैनात रहे प्रशासन व खनिज विभाग के अधिकारियों का ब्यौरा भी अपने हाथ में ले लिया है।
माफियाओं की साजिश से याचिकाकर्ता ने मांगी सुरक्षा
याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपनी जान का खतरा बताते हुये सुरक्षा मांगी है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन की सीबीआई जांच अंतिम दौर पर है। ऐसे में खनन माफिया उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश कर रहे है।
 परिवार समेत जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। हाल में ही जजी परिसर में चौम्बर के सामने दो बार खनन माफियाओं ने हमला किया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी जांच में फंसने वाले आरोपित सपा और बसपा सरकार के राजनेता है जो उनकी हत्या करा सकते है। आये दिन धमकी भी दी जा रही है। याचिकाकर्ता ने उच्च सुरक्षा की मांग करते हुये गृह सचिव और सीबीआई को पत्र दिया है।
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4- महिला कर्मी की हत्या कर लूटपाट करने के मामले तीन आरोपितों को कठोर उम्रकैद की सजा

-करीब तीन साल पहले हमीरपुर में हाइवे के पास महिला स्वास्थ्य कर्मी की हत्या कर हुई थी लूटपाट
हमीरपुर शहर के रानी लक्ष्मीबाई तिराहे के पास कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 के निकट दिनदहाड़े घर में घुसकर महिला स्वास्थ्य कर्मचारी की गला घोटकर हत्या कर लूटपाट करने के मामले में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अनिल शुक्ल ने दोष साबित होने पर तीन आरोपितों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर साढ़े छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता शैलेश स्वरूप चौरसिया व अशोक कुमार शुक्ल ने बताया कि पिछले 4 अप्रैल 2017 की दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रमोद कुमार सोनी विद्यालय से घर लौटा और चाची शांती को आवाज दी। मगर दरवाजा न खुलने पर यूपी 100 को सूचना दी थी। पुलिस के आने पर जब घर के अंदर जाकर देखा तो महिला स्वास्थ्य कर्मी शांती का शरीर किचन व आंगन के बीच पड़ा था। उसके गले में कपड़ा कसा होने के साथ ही मुंह में भी कपड़ा घुसा था। करीब जाने पर पता चला कि शांती की मौत हो चुकी है। घर का सामान भी अस्त-व्यस्त पड़ा था। जिस पर प्रमोद कुमार सोनी ने चाची की हत्या व लूट की तहरीर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ दी।
पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच शुरू कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले व गवाहों के बयान के अनुसार करिया उर्फ सलीम पुत्र बोसा, असलम उर्फ स्पाइडरमैन पुत्र समर व हरी वर्मा उर्फ हरिया पुत्र फुलुवा निवासीगण महोबा को घटना के दिन मृतका शांती के घर की गली में संदिग्ध रूप से घूमते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को 13 अप्रैल 2017 को कुछेछा-राठ तिराहे से तीनों को दबोचकर इनके पास से शांती के घर से लूटे गए जेवरात बरामद किए। इनकी पहचान वादी प्रमोद कुमार सोनी, सुशील कुमार व रामप्रकाश सोनी द्वारा की गई। गुरुवार को मुकदमें की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (द.प्र.क्षे.) अनिल शुक्ल ने तीनों को लूट व हत्या का दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास व साढ़े छह-छह हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।

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