(हमीरपुर बुलेटिन) बुन्देलखंड में होलिका दहन के अगले दिन परेवा को नहीं होती रंगों की होली, पढ़ें दिनभर की खबरें

बुन्देलखंड में होलिका दहन के अगले दिन परेवा को नहीं होती रंगों की होली
-एतिहासिक घटनाओं के कारण होली की परेवा को ग्रामीण इलाकों में होता है शोक
 
– सैकड़ों साल पुरानी परम्परा में परेवा के दिन घरों में भी नहीं बनता होली का व्यंजन
बुन्देलखंड के हमीरपुर समेत सभी जनपदों के ग्रामीण इलाकों में होलिका दहन के अगले दिन परेवा को होली नहीं खेलने की परम्परा आज भी कायम है। सैकड़ों साल पुरानी परम्परा अब ग्रामीण इलाकों तक ही सिमट कर रह गयी है जबकि शहर और कस्बों में आधुनिकता की चमक में लोग इस एतिहासिक परम्परा के प्रति अंजान है।

होली पर्व पर मराठों के हमला करने और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के पति गंगाधर का निधन के कारण आज भी परेवा के दिन ग्रामीण परिवेश में होली बदरंग देखी जाती है। होली पर्व बसंत ऋतु में मनाये जाने वाला एक अनोखा त्यौहार है। हिन्दु पंचांग में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को इस पर्व की धूम मचती है। पहले दिन होलिका जलाये जाने की परम्परा है फिर कहीं-कहीं होली जलते ही रंगों से होली खेलने का दौर शुरू हो जाता है, जो कई दिनों तक जारी रहता है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में होली का उत्सव अलग अंदाज में होता है, लेकिन बुन्देलखंड क्षेत्र के जनपदों में होली का पर्व कहीं-कहीं आठ दिनों तक मनाया जाता है तो कहीं-कहीं पांच दिनों तक होली खेली जाती है। इस त्यौहार पर एक दूसरे को रंग लगाकर पुरानी कटुता को लोग खत्म भी करते हैं। पर्व को अधिकांश इलाकों में नये कपड़े पहनकर मनाये जाने का रिवाज है तो कहीं पुराने और फटे कपड़ों से लोग होली खेलते है।
होलिका दहन के अगले दिन परेवा को रहता है शोक 
हमीरपुर के इतिहासकार डा. भवानीदीन प्रजापति ने शुक्रवार को बताया कि पूरे भारत में होली का पर्व रंग और गुलाल लगाकर मनाया जाता है लेकिन बुन्देलखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में होलिका दहन के अगले दिन अंझा यानी शोक मनाने की परम्परा है। क्योंकि हिरणाकश्यप और प्रहलाद की पृष्ठभूमि झांसी जिले के गरौठा क्षेत्र में है जहां हिरणाकश्यप की बहन होलिका, दहन में मारी गयी थी। इसीलिये इस दिन कोई होली के रंग नहीं खेलता। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के अगले दिन परेवा को होली पर्व नहीं मनाये जाने का एक कारण ये भी है कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के पति गंगाधर के निधन को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक मनाया गया था।
झांसी के वरिष्ठ पत्रकार रवि शर्मा ने दूरभाष पर बताया कि होलिका दहन के अगले दिन रानी लक्ष्मीबाई के पति के निधन पर शोक रहने के कारण इस पर्व के रंग नहीं खेले जाते है। ये परम्परा भी सैकड़ों सालों से चली आ रही हैै जिसमें इस दिन घरों में पकवान भी नहीं बनता है। होली की परेवा के दिन दिन भर सन्नाटा रहता है। इसके बाद होली की धूम में लोग सराबोर हो जाते है।
बीहड़ के गांवों में धुरेड़ी, कपड़ा फाड़ होती है होली
होली की परेवा के दिन बुन्देलखंड के हमीरपुर सहित महोबा और कई जिलों के बीहड़ के गांवों में धुरेड़ी और कपड़ा फाड़ होली खेलने की परम्परा है। गांवों में इसीलिए युवक और बच्चे पुराने कपड़े पहनकर होली खेलते हैं। कहीं-कहीं आने—जाने वाले लोगों पर कुछ लोग कीचड़ और गोबर फेंककर होली का हुड़दंग करते हैं। यहां के समाजसेवी गणेश सिंह विद्यार्थी ने बताया कि धुरेड़ी की होली खेलने में पिछले कुछ सालों से रोक लगने के साथ कमी आयी है जो पर्यावरण एवं लोक संस्कृति के संरक्षण की दृष्टि से अच्छा ही है।
उन्होंने बताया कि गांवों में होरियारों की फौज का गली कूचों घूमकर हुड़दंग करना और फाग गायकों की टोलियां रंग गुलाल उड़ाकर होली का उत्साह बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सैकड़ों सालों से हमीरपुर जनपद के कई इलाकों में होली पर्व रंग पंचमी तक खेलने की प्रथा है तो कहीं-कहीं होली का हुड़दंग आठ दिनों तक चलता है। यहां के पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि होलिका दहन के अगले दिन परेवा को कोई शुभ काम नहीं होते है इसीलिए लोग होली का रंग नहीं खेलते है।
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2 – हमीरपुर -भाई की मौत पर बहन ने मां—बाप के खिलाफ दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
सुमेरपुर कस्बे में एक किशोरी की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार को मां—बाप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बीते साल 21 दिसम्बर को सुमेरपुर कस्बा के गैस एजेंसी मुहाल निवासी मान सिंह लंका वाले के पुत्र मेहर सिंह (26) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। पिता ने ठंड से मौत की वजह बताकर उसका अंतिम संस्कार करने जा रहे थे तभी मान सिंह की पुत्री ज्योति सिंह ने पुलिस थाने में पहुंचकर भाई को साजिश के तहत जहर खिलाकर मारने का आरोप लगा था। पुलिस ने अर्थी को रोककर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था।
इसके बाद इस मामले में पुलिस शांत होकर बैठ गयी थी। मृतक की बहन ने इस मामले को लेकर पन्द्रह दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय दिलाने की मांग की थी फिर भी इस प्रकरण में कोई सुनवाई नहीं हुयी। पीड़ित किशोरी ने भाई की हत्या करने वालों को सबक सिखाने के लिये सीजेएम की अदालत में तहरीर देकर पिता मान सिंह, सौतेली मां राधा सिंह पर आरोप लगाया कि उसके पिता न दो पुत्र मेहर सिंह व मेहर दीप सिंह तथा दो पुत्रियां निधि सिंह  तथा ज्योति सिंह के होने के बाद भी राधा नामक महिला से शादी की थी।
रोज के झगड़े के बाद उनकी अपनी मां रेखा सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। सौतेली मां के घर आने के बाद पिता उन्हें घर से बेदखल करना चाहता था लेकिन कुछ जमीन उनके नाम आ गयी थी। उसने अदालत को बताया कि बड़े भाई मेहर सिंह की शादी 15 जनवरी को होनी थी लेकिन उससे पहले उनकी मां के जेवरात पिता के जरिये लाकर से निकलवा लिये गये थे।
जमीन जायदाद के पीछे शादी न हो पाये इसीलिये पिता और सौतेली मां ने मिलकर भाई को मार डाला। अदालत ने इस मामले में कार्यवाही करने के आदेश पुलिस को दिये गये। सुमेरपुर थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने अदालत के आदेश पर मान सिंह व उसकी दूसरी पत्नी राधा तथा राधा के पिता रामनारायण के खिलाफ धारा-302 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
3 –  शिक्षा मंत्री के आदेश मिलते ही स्कूलों को चमकाने के लिये कार्ययोजना तैयार
-नये शिक्षा सत्र से पहले 14 वे वित्त आयोग की धनराशि से सभी विद्यालय होंगे कायाकल्प
प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने ग्राम प्रधानों को सीधे पत्र भेजकर कायाकल्प योजना के तहत 14 वें वित्त आयोग की धनराशि से सभी विद्यालयों को चमकाने के निर्देश दिये है। नये शिक्षा सत्र से पहले विद्यालय कायाकल्प होंगे। इसके लिये शुक्रवार को प्रधानों ने अपने ग्राम पंचायत के विद्यालयों में कार्य कराने की योजना बनानी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री दिनेश चंद्र द्विवेदी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की बुनियाद इकाई है। ग्राम प्रधानों के कुशल नेतृत्व में निरंतर उन्नत होकर जन आकांक्षाओं की पूर्ति के सशक्त माध्यम बन रहे हैं। सभी प्राथमिक विद्यालयो में ही हमारे सुनहरे भविष्य की नींव रखी जाती है। अतः सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयो को मूलभूत सुविधाए उपलब्ध कराना अति आवश्यक है। जिससे अच्छे वातावरण बन सके।
 शिक्षा मंत्री ने कहा है कि 14 वें वित्त आयोग, राज वित्त आयोग या ग्राम निधि से कार्य कराया जाना है। जिसमें ब्लैकबोर्ड, संख्या के आधार पर शौचालय व लघु शंकालय  जल निकासी की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल मल्टीपल हैंड वाशिंग सिस्टम, छत, दरवाजे, खिड़कियां फर्श की मरम्मत टाइल्स आदि लगाना, किचिन सेड का जीर्णाेद्धार, रंगाई पुताई, चारदीवारी, गेट का निर्माण, विद्यालय प्रांगण में इंटर लाकिंग के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्य कराए जा सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के पहले यह कार्य पूर्ण कराना अति आवश्यक है।
 कार्य कराते समय यह ध्यान रक्खा जाना चाहिए कि कोई भी खर्च दो जगह से न निकाला जाए। पारदर्शिता के साथ सभी कार्य कराए जाय ताकि विद्यालय सुंदर बनकर अच्छे वातावरण का निर्माण कर सके। ग्राम प्रधानों ने शिक्षा मंत्री के पत्र को पाकर अपनी ग्राम पंचायतों में संचालित सभी विद्यालयों में क्या-क्या कार्य कराए जाने है। इसकी रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। ग्राम पंचायत उजऩेड़ी के प्रधान रविशंकर वर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री के पत्र के अनुसार कार्य कराए जाने की योजना बनायी जा रही है।

4-  लाखों की लागत से बनी तीन सड़कों की एसडीएम ने की जांच

-तकनीकी टीम के साथ जांच के दौरान गड्ढों में तब्दील सड़के देख अधिकारियों को लगाई फटकार
सरीला कस्बे में डूडा विभाग के  जरिये बनाई गयी लाखों रुपये की लागत की सड़के गड्ढे में तब्दील होने पर शुक्रवार को एसडीएम ने तकनीकी अभियंताओं की टीम के साथ स्थलीय जांच कर कार्यदायी संस्था को जमकर फटकार लगाई है।
उन्होंने सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिये कड़ी हिदायत देकर कहा कि यदि इस माह के अंदर सड़कों की दशा नहीं सुधरी तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
एसडीएम सरीला जुबेर बेग ने परियोजना अधिकारी डूडा व लोनिवि के सहायक अभियंता के साथ कस्बे के मांझखोर मुहाल में बनायी गयी इंटरलाकिंग युक्त तीन सड़कों का मौके पर पहुंचकर जांच की। तकनीकी अधिकारियों ने लाखों की लागत से बनायी गयी तीनों सड़कों में जगह जगह गड्ढे देख दंग रह गये। एसडीएम ने मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था को जमकर फटकारा।
एसडीएम ने कड़ी चेतावनी देकर कहा कि गड्ढों की इन्टरलाकिंग उखाड़कर समतल सड़क बनायी जाये। एसडीएम ने इन्टरलाकिंग व सड़कों की गुणवत्ता की भी जांच की। बता दे कि डूडा विभाग हमीरपुर द्वारा नगर के मांझखोर मुहाल में इंटरलॉकिंग की तीन सड़कों का निर्माण कराया गया है। इन सड़कों का शुक्रवार को एस0डी0एम0 द्वारा निरीक्षण किया गया है।

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