(हमीरपुर बुलेटिन) मानदेय कम मिलने पर आयुष्मान भारत योजना के कर्मी ने दिया इस्तीफा, डीएम ने शुरू कराई जांच, सहित पढ़ें दिनभर की खबरें

मानदेय कम मिलने पर आयुष्मान भारत योजना के कर्मी ने दिया इस्तीफा, डीएम ने शुरू कराई जांच
-डेढ़ साल में 83 हजार लाभार्थियों के सापेक्ष मात्र ढाई हजार को मिले कार्ड 
 हमीरपुर जिला अस्पताल में संचालित आयुष्मान भारत योजना के कम्प्यूटर ऑपरेटर ने मानदेय कम मिलने पर इस्तीफा दे दिया, जिससे शनिवार को काउन्टर में ताला पड़ा देख तमाम लाभार्थी मायूस होकर लौट गये। मामले की शिकायत पर जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अतिरिक्त उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर कम्प्यूटर ऑपरेटर के इस्तीफा देने और आयुष्मान भारत योजना के संचालित काउन्टर में तालाबंदी होने की जांच भी शुरू कर दी है।
जिले में गरीब और असहायों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने की शासन की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का यहां बुरा हाल है। तमाम कोशिशों के बाद भी पिछले डेढ़ वर्षों से संचालित इस योजना में 83 हजार लाभार्थियों के सापेक्ष अभी तक केवल ढाई हजार लाभार्थियों को ही कार्ड मुहैया कराये जा सके हैं। लाभार्थियों को कार्ड वितरित करने के लिए जिला अस्पताल में एक काउन्टर खोला गया था। कम्प्यूटर ऑपरेटर जेपी शुक्ला ने मानदेय कम मिलने पर अपना इस्तीफा सीएमओ और अस्पताल के अधीक्षक को दे दिया है। इससे काउन्टर में ताला पड़ गया है। शनिवार को इस योजना का लाभ लेने और कार्ड बनवाने के लिए अस्पताल आये तमाम लाभार्थी दिन भर भटकते रहे और बाद में मायूस होकर घर लौट गए।
कम्प्यूटर ऑपरेटर जेपी शुक्ला ने बताया कि उन्हें पांच हजार रुपये ही मानदेय मिलता है। कुछ दिन पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने निरीक्षण के दौरान मानदेय बढ़वाने के लिए आश्वासन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि आश्वासन मिलने के बाद दिन-रात एक कर आयुष्मान भारत योजना के तहत साढ़े चार हजार गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को बांटे गए इसके बाद भी मानदेय बढ़ाने के मामले में कोई फैसला नहीं लिया गया। इसीलिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अतिरिक्त एसडीएम संजीव कुमार शाक्य को मौके पर भेजकर जांच करने को निर्देश दिए। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर सीएमएस डॉ पीके गोयल और कम्प्यूटर ऑपरेटर से पूरे मामले की जानकारी लेकर रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी है।
अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय लिखित में पांच हजार रुपये है जो उसे दिया जा रहा है। उसके इस्तीफा देने पर अब सोमवार को नए कम्प्यूटर ऑपरेटर की तैनाती कर काउन्टर चालू कराया जाएगा।
1 – छठ महोत्सव : परम्परागत गीतों के साथ सूर्य को अर्ध्य देकर शुरू किया उपवास
केलवा जो फरैं लागे धवध के ऊपर सुगा मडड़राय। सुगवा को मारबो धनुष से, सुगा गिरहैं मड़राय। जैसे परम्परागत छठ गीत गाते हुये गायत्री तपोभूमि में गायत्री घाट पर बिहारी महिलाओं ने शनिवार को शाम डूबते सूर्य को अर्ध्य दिया। अर्ध्य देकर विधि विधान के साथ पूजन कर व्रत का शुभारंभ किया। रविवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत का समापन किया जायेगा।
जिले के सुमेरपुर कस्बे में बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों लोग अर्से से रहते हैं। ये लोग हर साल छठ महोत्सव के सारे कार्यक्रम कस्बे के ही गायत्री तपोभूमि में कड़ोरन नाला पर बने गायत्री घाट पर सम्पन्न करते हैं। इस बार भी सैकड़ों परिवारों ने गायत्री घाट पर पहुंचकर विधि विधान के साथ छठ पर्व के परम्परागत गीत गाते हुये डूबते सूर्यदेव को अर्ध्य देकर उपवास का शुभारंभ किया। इस मौके पर गायत्री विद्यामंदिर इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य डा.अरुण कुमार मिश्रा, रवीन्द्र सिंह, संजय यादव, सुरेश यादव, गोलू सिंह समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहें।
व्रती महिलाओं को दी बधाई
कस्बे के नगर पंचायत की चेयरमैन आनंदी प्रसाद पालीवाल, गणेश सिंह विद्यार्थी, अजय पालीवाल एडवोकेट, एम.एल. अवस्थी,नरायन प्रसाद रसिक, सभासद नईम खान, देवेन्द्र गौतम आदि ने मौके पर पहुंचकर सभी को छठ पर्व की बधाई दी। यहां हमीरपुर नगर में भी बिहार राज्य के तमाम लोग परिवार समेत रहते हैं जिन्होंने पूजन सामग्री और विभिन्न खाद्य पदार्थों को डलिया में रखकर यमुना नदी किनारे पहुंचकर विधि विधान से पूजा की। पूजा के बाद महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत शुरू किया। कई अधिकारियों ने भी छठ पर्व पर व्रत रखकर पूजा अर्चना की।
2- भ्रष्टाचार से नहीं होगा कोई समझौता, दोषी अधिकारी होंगे दंडित : जिलाधिकारी
 
– विकास कार्य दिखेंगे धरातल पर, नवागंतुक जिलाधिकारी ने चार्ज संभालते ही की
– अनौपचारिक मुलाकात, बताई प्राथमिकतायें 
नवागंतुक जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने शनिवार को हमीरपुर जनपद पहुंचकर कार्यभार संभाला। उन्होंने यहां बताया कि शासन की मंशा है कि पीड़ित जनता की समस्यायें तहसील स्तर से लेकर ब्लाक स्तर पर अधिकारी सुने और प्राथमिकता पर इसका निस्तारण करें। इसके बाद भी पीड़ित शिकायत लेकर मुख्यालय आता है तो इसकी समीक्षा कर दोषी अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया जायेगा।
जिलाधिकारी ने एक अनौपचारिक मुलाकात में बातचीत में बताया कि शासन की मंशा भी है कि जिले स्तर पर ही जन शिकायतों का निस्तारण हो जिससे पीड़ित को समय रहते राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति को मिलना चाहिये, साथ ही विकास कार्य धरातल पर भी दिखने चाहिये। भ्रष्टाचार के मामले में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जायेगा। ऐसे में मामले संज्ञान में आने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जायेगी साथ ही मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कल्याणकारी योजनाओं के कार्यों को समय सीमा के अंदर पूरा कराया जायेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत कार्य भी शत प्रतिशत पूरा कराये जाने के लिये तेजी से कार्य कराये जायेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की कोई बहानेबाजी नहीं सुनी जायेगी।
नवागांतुक जिलाधिकारी के जनपद का चार्ज संभालते ही उनका स्वागत अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव के साथ सभी उप जिलाधिकारी व अतिरिक्त सूचनाधिकारी रुपेश कुमार,सीडीओ आरके सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने किया। कोषागार में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
बताते चलें कि वर्ष 2012 बैच के आईएएस ज्ञानेश्वर त्रिपाठी मूलरूप से अमेठी के रहने वाले हैं। उनके पिता गोरखपुर में यूनिवर्सिटी में अच्छे पद पर रहे हैं। उनकी शिक्षा गोरखपुर में ही हुयी। वह एडीएम लखनऊ के पद पर सेवायें दे चुके हैं। आठ वर्षों तक लखनऊ में विभिन्न पदों पर तैनात रहे हैं उन्हें पहली बार जिलाधिकारी पद पर नियुक्त किया गया है। वह सूचना निदेशालय उत्तर प्रदेश में अपर निदेशक सूचना एवं विशेष सचिव स्वास्थ्य चिकित्सा के पद पर तैनात रहे चुके हैं। इससे पूर्व अलीगढ़ में विकास प्राधिकरण में वीसी थे।
3 – हमीरपुर : छापेमारी में लाखों की पकड़ी बिजली चोरी, आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जिले में पावर कारपोरेशन हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता के नेतृत्व में शनिवार को विद्युत अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर लाखों रुपये की बिजली चोरी पकड़ी हैं। पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कर लिया हैं। टीम ने सत्रह बकायेदारों के घरों की बिजली भी गुल कर दी हैं। इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया हैं।
पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता सुमित व्यास के नेतृत्व में जिले के सुमेरपुर कस्बे के गुरगुज थोक, लखनपुरवा एवं नेशनल हाइवे किनारे बाजार में विद्युत विभाग के अधिकारियों की टीम ने छापा मारकर आठ लोगो को विद्युत चोरी करते हुये पकडकर मुकदमा दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान 17 बडे बकायेदारो के कनेक्शन काट दिये गये है। विद्युत विभाग की इस कार्यवाही से सुबह सुबह लोगो में हडकम्प मच गया है। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। छापेमारी के दौरा एसडीओ हमीरपुर राहुल सिंह यादव, एसडीओ मौदहा राकेश कुमार, अवर अभियंता रवीन्द्र कुमार साहू, अवर अभियंता कुरारा एवं हमीरपुर, मीटर अभियंता चन्द्रपाल, सहायक मीटर अभियंता शास्वत कुमार, अभियंता राजीव प्रसाद, अवर अभियंता नरेन्द्र पाल के अलावा सुमेरपुर सब स्टेशन के सभी विद्युत कर्मी, लाइनमैन आदि मौजूद रहे।
4  हमीरपुर : गौ संरक्षण को दी गयी लाखों रुपये के बजट का हिसाब मांगने गई आडिट टीम बैरंग लौटी

-आडिट टीम ने प्रधानों व सचिवों पर कार्यवाही के लिये अधिकारियों को लिखा पत्र 
जिले में गौवंश संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों को दी गयी लाखों रुपये की धनराशि के आडिट के लिये आई टीम को जांच के दौरान अभिलेख देने से ग्राम प्रधान और सचिव मुंह चुरा रहे हैं। प्रधानों और सचिवों के इस रवैये से आडिट टीम शनिवार को बैरंग लौट गयी है। इधर बधियाकरण करते समय एक सांड़ ने पशु चिकित्सा कर्मी पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पशु चिकित्सा कर्मी को इलाज के लिये बांदा अस्पताल ले जाया गया हैं।
जिले में आवारा गौवंश अभी भी बड़ी संख्या में घूम रहे हैं। इन्हें बंद करने के लिये प्रधान और सचिव कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। किसान गौैवंश को लेकर इन दिनों परेशान हैं। जिले के मौदहा क्षेत्र में अभी तक 2320 गौैवंश की टैगिंग की जा चुकी हैं। वहीं अभी तक 283 गौवंश को गोद दिया जा चुका हैं। पशु चिकित्सा विभाग भी खुरपका और मुंहपका के टीके लगाने का अभियान शुरू कर दिया हैं। अभी तक 12165 गौवंश को टीके लगाये जा चुके हैं।
सिसोलर के बिन्दावन गोशाला में बधियाकरण के लिये पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी अरुण कुमार को एक सांड़ ने हमला कर दिया जिससे उसका हाथ कई जगह से टूट गया। उसे बांदा इलाज के लिये भेजा गया हैं। मौदहा विकास खंड के सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी राजेश कुमार की टीम गौ संरक्षण के लिये दी गयी 15 लाख रुपये की धनराशि का आडिट करने पहुंची तो प्रधान व सचिवों ने कोई भी अभिलेख नहीं दिखाये। इससे आडिट टीम बैरंग लौट गयी हैं। आडिट टीम ने बीडीओ को पत्र लिखकर इस मामले में कार्यवाही करने की बात कही हैं।

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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