(हमीरपुर बुलेटिन) मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर 8.73 लाख का जुर्माना, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- हमीरपुर :  मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर 8.73 लाख का जुर्माना
-खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू किया अभियान, 105 नमूूने जांच में पाये गये मानक के अनुरूप 

 जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने का अभियान शुरू कर दिया है। अभी तक 119 मामले पकड़े गये है जिनमें 86 मामले में 8.73 लाख की धनराशि जुर्माना के तौर पर वसूली गयी है।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी रामऔतार यादव ने मंगलवार को बताया कि जिले में 2500 दुकानें पंजीकृत है। पिछले दो माह के अंदर एक हजार दुकानों के पंजीकरण कराये गये है। उन्होंने बताया कि अभी तक मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में 205 नमूने लिये गये जिनमें 176 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गयी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में 109 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाये गये है। इनके खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा अभी तक 119 मामले दायर किये गये जिसमें 86 मामले में कार्यवाही की गयी है। साथ ही 8.73 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। 10 मामले ए.सीजे.एम.के यहां विचाराधीन है। खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी ने बताया कि नियम है कि ठिलिया व खोनचा आदि दुकानों के भी पंजीयन कराये जाये। बिना पंजीयन के कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं बेच सकता है। अभी तक अस्सी फीसद ठिलिया व खोनचा के पंजीयन हो चुके है।

मंडियों के व्यापारिक दुकानों के भी होंगे पंजीयन
खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी रामऔतार यादव ने बताया कि जनपद में पांच मंडियां है जिनमें मुस्करा कृषि मंडी के 13 व्यापारियों में सिर्फ नौ व्यापारियों ने दुकानों के पंजीकरण कराये है। सुमेरपुर कृषि मंडी के व्यापारी नेतागिरी कर रहे है। उन्हें समझाया जा रहा। कुरारा, मौदहा व राठ मंडियों के व्यापारियों से भी पंजीकरण की कार्यवाही होगी।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

2- हमीरपुर :  हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मजदूर की करंट से मौत

मुस्करा थाना क्षेत्र के छानी गांव में मंगलवार को मकान निर्माण के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मजदूर की करंट लगने से मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
मुस्करा थाना क्षेत्र के छानी गांव निवासी चन्द्रभान (38) गांव के ही सानिया नाई के यहां मकान का निर्माण कर रहा था। वह पानी डालकर तराई कर रहा था तभी छत के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मजदूर गंभीर रुप से झुलस गया। आनन-फानन उसे इलाज के लिये कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी। मुस्करा थाना प्रभारी कम्बोद सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच करायी जा रही है। तहरीर आने के बाद इस मामले में विधिक कार्रवाई की जायेगी।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

3- हमीरपुर- किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने पालिका चेयरमैन को घेरकर किया हंगामा

जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष नीलम निषाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद हमीरपुर के चेयरमैन के कक्ष में शोरशराबा किया और चेयरमैन का घेराव करते हुये जमकर नारेबाजी की।
पार्टी की जिलाध्यक्ष नीलम निषाद के नेतृत्व में पूर्व विधायक जगदीश नारायण शर्मा, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, मुकेश कुमार, महेश सिंह, निकेता विटोलन निषाद, विमला निषाद, रेखा निषाद, राम कुमार निषाद, रामस्वरूप, दीपक चक्रवर्ती एड.सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क पर प्रदर्शन करते हुये नगर पालिका परिषद पहुंचे और पालिका के चेयरमैन कुलदीप निषाद के कक्ष में पहुंचकर उनका घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने यहां जमकर नारेबाजी करते हुये विरोध प्रदर्शन किया।
पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि फल और सब्जी के रखरखाव की सरकारी व्यवस्था न होने से फसलें नष्ट हो रही है। निजी कोल्ड स्टोरेज व गोदाम में फल और सब्जी रखने से आमदनी का बड़ा हिस्सा किसानों का खर्च हो रहा है। ओलावृष्टि व बारिश तथा दैवीय आपदाओं से किसानों की फसलें तबाह हो जाती है लेकिन फसल बीमा के नाम पर बहुत ही कम किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। जबकि बीमा कम्पनियां मालामाल होती जा रही हैं। सरकार आवारा मवेशियों से फसलों को बचाने के लिये कोई प्रयास नहीं कर रही है।
विरोध प्रदर्शन के बाद आठ सूत्रीय ज्ञापन जनप्रतिनिधि के माध्यम से भेजकर किसानों को रखवाली भत्ता मुहैया कराने के साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर गोशालाओं के निर्माण कराये जाने चाहिये। प्रदर्शन के बाद खाद, बीज, डीजल, बिजली और कीटनाशक पर पचास फीसद की सब्सिडी किसानों को दिये जाने, गेहूं धान एवं अन्य फसलों के मूल्य का भुगतान पन्द्रह दिन में कराये जाने, सभी किसानों के कर्जे माफ किये जाने तथा किसानों के हित के लिये किसान आयोग का गठन किये जाने की मांग की गयी है।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

4- उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड अरबी फारसी की परीक्षायें शुरू, पहले ही दिन 108 ने छोड़ी परीक्षा

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड अरबी फारसी की परीक्षायें बुधवार से शुरू हो गयी है। इसके लिये मौदहा कस्बे के राजकीय बालिका इण्टरकालेज को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। परीक्षा के पहले ही दिन 108 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला अल्प संख्यक अधिकारी अभय सागर व समाज कल्याण अधिकारी जागेश्वर सिंह ने परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण किया।
मौदहा में राजकीय बालिका इण्टरकालेज को मौलवी की परीक्षा के लिये परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। नेशनल इण्टरकालेज के वरिष्ठ प्रवक्ता नरेन्द्र द्रिवेदी को केन्द्र का प्रभारी बनाया गया है। कस्बे में मात्र यहीं एक परीक्षा केन्द्र है जिसमें नूरे निजामी यादगार मोहम्मदी हुसैनी मकतब रहमानिया व रागौल के दो मदरसों के छात्र छात्रायें परीक्षा दे रही है। पहली पाली में मुंशी मौलवी का परीक्षा में 226 परीक्षार्थियों में 64 ने परीक्षा छोड़ दी वहीं शाम की पाली में 252 परीक्षार्थियों में 44 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाये गये।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।
5- आपदा के समय नहीं छोडऩा चाहिये साहसः टीम कमांडर

-वाराणसी की एनडीआरएफ टीम ने एसडीएम की मौजूदगी में आपदा प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण
जनपद के राठ तहसील सभागार में मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण में वाराणसी की 11 वीं एनडीआरएफ टीम  ने आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को डैमों देकर प्रशिक्षण दिया। टीम कमांडर अमोल कुमार ने बेकार पड़े थर्माकोल व बोतल से राफ्ट बनाने और प्राथमिक चिकित्सा के तरीकों के बारे में भी विस्तार से समझाया।
एनडीआरएफ की टीम पिछले कई दिनों से आपदा प्रबंधन के तहत जनपद के विभिन्न इलाकों में आपदा से बचाव और राहत कार्यों के लिये आम लोगों को प्रशिक्षित कर रही है। टीम कमांडर अमोल कुमार के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने राठ स्थित तहसील सभागार में एसडीएम अशोक कुमार यादव, तहसीलदार श्याम नारायण शुक्ला और कर्मचारियों के साथ आपदा प्रबंधन की बैठक की और सवाल जवाब में टीम ने आपदा के समय कैसे बचाव करने के तरीके बताये। कर्मचारियों ने आग से बचने तथा सर्पदंश के बारे में भी एनडीआरएफ के अधिकारियों से सवाल किया तो उन्हें बचाव सम्बन्धी उपाय बताते हुये स्थलीय प्रदर्शन भी किया गया। सीपीआर व एफबीएअ के बारे में भी टीम कमांडर ने विस्तार से समझाया।
उन्होंने अधिकारियों कर्मचारियों और जनता के लोगों को बताया कि आपदा के समय कभी भी साहस नहीं छोडऩा चाहिये। उपलब्ध संसाधनों से बचाव करना चाहिये। इस मौके पर रेस्क्यूअर राजेन्द्र नेगी, अरविन्द कन्हैया, विजय व जयशंकर सहित टीम के अन्य जवान मौजूद रहे। टीम कमांडर ने बताया कि बुधवार को जिले के सरीला तहसील में अधिकारियों कर्मचारियों और आम लोगों के साथ बैठक कर उन्हें आपदा प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।
6- खनन घोटालाः पोस्टआफिस पहुंची सीबीआई, अधीक्षक से की पूछताछ 

-सीबीआई दिल्ली हेड क्वार्टर के रजिस्टर्ड डाक की तामील न कराने पर पोस्टमैन भी भी पूछताछ 
-डीएम से अहम जानकारी करने के बाद खनिज विभाग पहुंचकर अहम दस्तावेज लिये कब्जे में
अवैध खनन की परतें खोलने में जुटी सीबीआई ने मंगलवार को मौदहा और इमिलिया पोस्टआफिस में छापामारी कर दिल्ली से भेजी गये रजिस्टर्ड डाक के बारे में पूछताछ की। इस कार्रवाई से पोस्टआफिस में हड़कंप मच गया। सीबीआई ने जिलाधिकारी से भी मिलने गयी जहां पांच मिनट तक अहम मुद्दे पर सीबीआई के अधिकारियों ने बातचीत की।
सोमवार को दोपहर यहां सीबीआई की एक टीम हमीरपुर स्थित मौदहा बांध निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन आयी। शाम तक सीबीआई के अधिकारी कैम्प आफिस में मौैरंग खनन के पट्टों की फाइलें देखते रहे। मंगलवार को यह टीम अचानक कलेक्ट्रेट आयी और जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के चौम्बर पहुंचकर अहम बिन्दुओं पर सीबीआई ने बातचीत की। इसके बाद सीबीआई सीधे खनिज विभाग पहुंची और वहां करीब आधे घंटे तक टीम के अधिकारी अहम दस्तावेज के बारे में बातचीत करते रहे।
 खनिज विभाग से महत्वपूर्ण दस्तावेज लेने के बाद सीबीआई के अधिकारी मौदहा पहुंचे जहां पोस्टआफिस पहुंचकर डाक अधीक्षक से पूछताछ की। सीबीआई के अधिकारियों ने डाक अधीक्षक विष्णु बाबू से उस रजिस्टर्ड डाक के बारे में पूछताछ की जिसे दिल्ली से भेजा गया था लेकिन इमिलिया में सम्बन्धित को रिसीव न कराकर वापस दिल्ली हेड क्वार्टर भेज दिया गया था। इसका रिकार्ड भी टीम ने तलब किया। सीबीआई के सवाल से डाक अधीक्षक पसीने से सराबोर हो गये। उन्होंने बताया कि यह रिकार्ड इमिलिया पोस्टआफिस में मिलेगा या फिर प्रधान डाकघर हमीरपुर में मिलेगा।
 डाक अधीक्षक से सवाल जवाब करने के बाद सीबीआई की टीम इमिलिया गांव पहुंच गयी और वहां इलाहाबाद बैंक के पास जाकर डाकघर के बारे में लोगों से पूछताछ की। इसी बीच दुकानदारों ने पोस्टमैन को मौके पर बुलवा लिया। सीबीआई ने पोस्टमैन लक्ष्मी नारायण को गाड़ी में बैठाकर पूछा कि गोपाल उद्योग इमिलिया / रागौल के नाम सीबीआई दिल्ली हेड क्वार्टर से भेजी गये रजिस्टर्ड डाक को क्यों वापस किया गया। पोस्टमैन ने उन्हें बताया कि इस फर्म का गांव में पता न चलने के कारण इसे सीबीआई दिल्ली हेड क्वार्टर को वापस किया गया था। पोस्टमैन से पूछताछ करने के बाद सीबीआई वापस कैम्प आफिस आ गयी।
बता दे कि अखिलेश सरकार में हुये अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई यहां आठवीं बार इस बड़े मामले की जांच कर रही है। पिछले सवा तीन सालों से चल रही सीबीआई की जांच का दायरा बढऩे से इससे जुड़े मौरंग कारोबारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उल्लेखनीय है कि अवैध खनन घोटाले में इससे पहले यहां सीबीआई के रजिस्टर्ड डाक पत्र सम्बन्धितों को रिसीव न कर वापस किये जाने के मामले प्रधान डाकघर में भी पूछताछ की थी और पोस्टमैन को कैम्प आफिस ले जाकर उससे काफी देर तक पूछताछ सीबीआई ने की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram