(हमीरपुर बुलेटिन) हमीरपुर में 12 गांवों में एतिहासिक झंडे की शोभायात्रा निकालने के बाद होती है होली, पढ़ें दिनभर की खबरें 

1- हमीरपुर में 12 गांवों में एतिहासिक झंडे की शोभायात्रा निकालने के बाद होती है होली 
-होली के तीसरे दिन हजारों क्षत्रिय गौर वंश का झंडा लेकर कुलदेवी की (गौरादेवी) करेंगे पूजा
-यवनों से भीषण युद्ध में सिंहलदेव व वीसलदेव ने राजगढ़ से आकर की थी हम्मीरदेव की मदद

बुन्देलखंड के हमीरपुर जनपद के कुरारा में झण्डा निकालकर  होली का पर्व मनाये जाने की परम्परा कायम है। इसमें हजारों की तादाद में क्षत्रिय बिरादरी के लोग हिस्सा लेते है। सैकड़ों साल पुराने गौर वंश के झंडे को आज भी यहां गौर वंश के ठाकुर पूजा करते है।

हमीरपुर शहर से करीब 15 किमी दूर कुरारा क्षेत्र में अनोखी होली मनायी जाती है। यहां सैकड़ों साल पुरानी परम्परा को आगे बढ़ाते हुये गौर वंश के बिरादरी के लोग एतिहासिक झण्डे की शोभायात्रा होली के तीसरे दिन धूमधाम से निकालते है। पूरे कस्बे में गौर वंश के झंडे लेकर ठाकुर बिरादरी के लोग अपने पूर्वजों को भी याद करते है। इस परम्परा को धूमधाम से मनाये जाने के लिये अब तैयारियां शुरू कर दी गयी है।
यवनों से भीषण युद्ध के बाद गौर वंश को मिला था विजय श्री ध्वज
जनपद के कुरारा कस्बे में सैकड़ों सालों से झण्डा निकालने की परम्परा चली आ रही है। इस झण्डे के अतीत के बारे में सुरेश सिंह व रमेश सिंह गौर ने बताया कि पूर्व में महाराजा हम्मीरदेव ने यवनों से संघर्ष के लिये राजगढ़ (राजस्थान) रियासत से मदद मांगी थी। जिसमें वहां से सिंहलदेव व वीसलदेव ने यहां आकर हम्मीरदेव के प्राणों की रक्षा करते हुये न सिर्फ यवनों को मुंह तोड़ जवाब दिया था बल्कि हम्मीरदेव को विजयश्री भी दिलायी थी।
 यवनों से युद्ध जीतने के बाद सिंहलदेव को विजय निशान के रूप में नगाड़ा दिया गया था तथा गौर वंश के वीसलदेव को ध्वज दिया गया था। दोनों को ही बारह-बारह गांव उपहार स्वरूप दिये गये थे जिसमें वीसलदेव का विवाह हम्मीरदेव की पुत्री रामकुंवर के साथ हुआ था और इनकी नौ पीढिय़ों में सिर्फ एक-एक ही संतानें पैदा हुयी थी। नौवीं पीढ़ी में कोणार्क देव का जन्म हुआ था जिनके नौ संतानें पैदा हुयी थी। कोणार्कदेव के नाम पर ही कुरारा का नाम पड़ा।
उन्होंने अपने सभी गांव अपनी संतानों को बांट दिये थे जिसमें कुरारा, रिठारी, जल्ला, चकोठी, पारा, कण्डौर, पतारा, झलोखर व नौवीं संतान को टीकापुर, बहदीना, कुम्हऊपुर व बैजेइस्लामपुर दिये गये थे। मौजूदा में हरेहटा गांव कभी हुरेहटा नाम से जाना जाता था और होली का जलसा वहीं पर मनाया जाता था। कुरारा कस्बे में झण्डा एक एतिहासिक पर्व माना जाता है। होली के तीसरे दिन इस झंडे की शोभायात्रा पूरे कस्बे में निकालने के बाद ही होली त्यौहार मनाया जाता है। इसमें समाज के सभी वर्गों के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है और कुरारा क्षेत्र का यह झंडा शान का प्रतीक बन चुका है।
12 गांवों के ठाकुर झंडा लेकर कुलदेवी की करते है पूजा
कुरारा क्षेत्र के 12 गांवों के लोग वहीं पर एकत्र होते थे और झण्डे को हमीरपुर यमुना नदी में स्नान करवाकर कुलदेवी गौरादेवी के मंदिर पर पूजा अर्चना करने के बाद वहीं से झण्डे को नहलाकर कुरारा कस्बे में भ्रमण कराया जाता था। लेकिन बाद में पंचायत में सिकरोढ़ी गांव में ही यमुना नदी में झण्डे को नहला कर सिकी शोभायात्रा निकालने का फैसला किया गया था लेकिन बाद में कुछ वर्षों तक गांव में नाला आदि रास्ते में पडऩे की वजह से इस झण्डे को बचरौली में काफी समय तक स्नान कराये जाने लगा।
बचरौली गांव में भी क्षत्रियों से विवाद हो गया तो अब ये एतिहासिक झण्डे की शोभायात्रा कुरारा कस्बे तक निकालने की परम्परा शुरू कर दी गयी। ठाकुर बिरादरी के लोगों ने बताया कि कोणार्कदेव की दो संतानों ने जन्म लिया था जिसके नाम पटलदेव व ठरानदेव हुये। इनके नाम से कुरारा कस्बे में आज भी दो मुहल्लों के नाम चले आ रहे है। महलदेव के चार पुत्र हुये जिनके नाम बलभद्र, नीर, हमीर व भीखम है जिसमें उनके वंशज आज भी कस्बे में निवास कर रहे है।
 बलभद्र की वंशावली में रमेश सिंह, चन्द्रभान सिंह, बाबू सिंह आर्य आदि है तथा नीर के वंशज जगत सिंह, पृथ्वीपाल सिंह, महेश्वरी सिंह आदि है। हम्मीर के वंशज शिवपाल सिंह, हरपाल सिंह, लल्लू, बाबू सिंह, राम सिंह, जगत सिंह है। इसके अलावा भीखम के पुत्र नहीं थे सिर्फ लड़की ही थी जिनके रिश्तेदारों में कंधी सिंह का नाम लिया जाता है। वहीं खानदेव के भी पुत्र नहीं थे। मात्र पुत्रियां हीं थी। उन्होंने अपने रिश्तेदारों को यहां पर बसा दिया था जो आज भी कुरारा कस्बे में रहकर गौर वंश की पुरानी परम्परा को आगे बढ़ा रहे है।
हमीरपरु के कण्डौर गांव में आठवें दिन होती है होली
हमीरपुर जनपद के हर गांव की अपनी अलग परम्परायें है। कहीं होली की पर्व तीसरे दिन मनाया जाता है तो कहीं दूसरे ही दिन लोग इस पर्व की धूम में मस्त हो जाते है। लेकिन जिले के कुरारा क्षेत्र के ग्राम कण्डौर में आठवें दिन होली मनाये जाने की परम्परा कायम है।
 इस परम्परा को लेकर सुरेश सिंह व रमेश सिंह गौर के मुताबिक गौर वंश की नौंवीं पीढ़ी में कोणार्कदेव ने आठ दिन तक अलग-अलग गांवों में होली मनाने की परम्परा कायम की थी जिसमें आठवां एवं अंतिम दिन कण्डौर के हिस्से में आया था। अन्य गांवों ने तो परम्परा तोड़ दी है लेकिन हमीरपुर जिले के कण्डौर गांव में सैकड़ों साल पुरानी यह परम्परा आज भी कायम है। सैकड़ों सालों से कण्डौर गांव में आठवें दिन ही होली का पर्व मनाया जाता है जिसे देखने के लिये क्षेत्र के कई गांवों के लोग फाग गायन में शरीक होते है।
2- अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
 -घर से लाखों मूल्य की मशीन, गुटखा व भारी मात्रा में विभिन्न ब्राण्ड के रैपर व कच्चा माल बरामद
मौदहा नगर के बड़े चौराहे के पास मंगलवार को अवैध रूप से संचालित गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुये पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से लाखों मूल्य की मशीनें, गुटखा और अर्ध निर्मित गुटखा व कच्चा माल बरामद किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मौदहा नगर के बड़े चौराहे के पास कम्हरिया रोड निवासी प्रहलाद उर्फ पप्पू ओमर काफी समय से अवैध रूप से अपने घर पर गुटखा बनाकर इसकी सप्लाई कर रहा था। इसने अपने घर में गुटखा बनाने के लिये मशीन भी लगाई थी।
मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने उसे घर पर छापेमारी की और अवैध गुटखा बना रहे प्रहलाद उर्फ पप्पू ओमर, उत्तम पुत्र पप्पू ओमर व अवधेश पुत्र मधु सूदन को पुलिस ने दबोचने की कोशिश की तो उत्तम व अवधेश तो पुलिस की गिरफ्त में आ गये लेकिन पप्पू ओमर व उसका मकान मालिक मिलन छापेमारी में चकमा देकर भाग गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी में घर से एक गुटखा बनाने वाली मशीन, भारी मात्रा में तैयार गुटखा व गुटखा बनाने की सामग्री बरामद की गयी है। मौके से शिवम, किस्मत, गगन, अंकित आदि ब्राण्ड के खाली रैपर भी भारी मात्रा में बरामद किये गये है। कोतवाली में इन सभी चारों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मौके से भागे दोनों आरोपितों की तलाश भी करायी जा रही है।
3 – हमीरपुर- खाद्य, औषधि प्रशासन के फूड इंस्पेक्टर व लिपिक के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा

-धन उगाही के आरोप लगाकर हजारों व्यापारी दुकानें बंद कर धरने पर बैठे
-किराना, डीलर एसोसियेशन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर की कार्यवाही की मांग
हमीरपुर शहर के सुभाष बाजार में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम  की दुकानों में हुई छापेमारी का मामला मंगलवार को तूल पकड़ गया है। हजारों व्यापारियों ने मार्केट बंद कर फूड इंस्पेक्टर व लिपिक के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर एलान किया है कि यदि दोनों का स्थानांतरण इस जनपद से बाहर नहीं किया गया तो यहां व्यापारी होली नहीं मनायेंगे। किराना एवं डीलर एसोसियेशन के आवाहन पर पूरे शहर में दुकानें बंद कर व्यापारी धरने पर बैठ गये है।
होली त्योहार में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री को रोकने के लिए सोमवार को एसडीएम राजेश चौरसिया के नेतृत्व में खाद्य अभिहित अधिकारी रामऔतार यादव, फूड इंस्पेक्टर नंदलाल गुप्ता की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में सुभाष बाजार स्थित दुकानों में छापेमारी कर खाद्य सामग्री के सैंपल लेने शुरू किए। तभी व्यापारियों ने विरोध कर नारेबाजी शुरू कर दी और आनन फानन में व्यापारियों ने दुकानों की शटरें गिरा दीं।

नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरू ने खाद्य विभाग की इस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने एसडीएम से कहा कि फूड इंस्पेक्टर व्यापारियों से धन उगाही करता है। जिससे व्यापारियों में नाराजगी है। इसके बाद से व्यापार मंडल ने विरोध शुरू कर दुकानों को बंद कर दिया। देरशाम किराना एवं डीलर एसोसिएशन ने बैठक में निर्णय लिया कि मंगलवार को शहर की सभी किराना की दुकानें बंद रहेंगी।

किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने दिन भर घूम घूमकर सभी दुकानदारों से दुकानें बंद रखने को कहा। जिसका व्यापारियों ने समर्थन किया और सूफीगंज चौराहे पर व्यापारियों ने धरना दिया। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि पूर्व में व्यापार बंधु की हुई बैठकों तय किया गया था कि दुकानों में छापामार कार्रवाई के समय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को भी लिया जाएगा।
 मगर ऐसा नहीं किया गया। कहा कि फूड इंस्पेक्टर नंदलाल व लिपिक दिनेश कुमार शुक्ला का गैर जिलों में तबादला किया जाए। ज्ञापन देते समय नीरज गुप्ता, हिमांशु शिवहरे, दीपक गुप्ता, संजय गुप्ता, शरद, राजीव, अश्वनी पुरवार, रामपाल साहू, अशोक, अनन्तू, दुर्गा, रामजी, कुलदीप सिंह, रामचरन, संतोष, प्रदीप साहू, सुरेश चंद्र, गोपाल, बाबा बैजनाथ आदि मौजूद रहे।
साप्ताहिक बाजार में नहीं लगीं फट्टा वाली किराना की दुकानें
मंगलवार को होली के नजदीक होने पर साप्ताहिक बाजार भी सन्नाटे में रहा। सुभाष बाजार में फुटकर किराने की दुकानें सजती हैं। लेकिन बाजार में फट्टा दुकान लगाने वाले किराना व्यापारियों ने भी दुकानें नहीं लगाईं। सब्जी व्यापारियों को छोड़ पूरा बाजार सन्नाटे में रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को पूरी खरीददारी न होने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
जिला खाद्य एवं औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी रामऔतार सिंह यादव ने कहा कि व्यापार मंडल अपनी दुकानें खोलें, कहा कि किसी दूसरे फूड इंस्पेक्टर को शहर में तैनात कर खाद्य पदार्थाे के नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारी बेवजह शिकायत कर रहे हैं।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

4- हमीरपुर- माइनर उफनाने से 400 बीघा फसल पानी डूबी, किसान बेहाल
-ग्राम प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम से की माइनर समाप्त करने की मांग

 
मौदहा क्षेत्र के टीहर गांव में मौदहा बांध की माइनर में छोड़े गये पानी से माइनर फट गयी जिससे 400 बीघे की फसलें जलमग्न हो गयी। मंगलवार को ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायत कर माइनर नम्बर-1 को समाप्त किये जाने और टेल तक पानी पहुंचाये जाने की मांग की है।
टीहर गांव की प्रधान साहब रानी के नेतृत्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य गंगाराम, राजकुमार, रामआसरे, मुन्ना पाल, अरविन्द तिवारी गोरेलाल, देवीदीन, रमेश पाल, कामता प्रसाद, संतोष कुमार, राजू ने मौदहा आकर एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि मौदहा बांध की माइनर नं0-1 की टेल नाले में जोडऩे के बजाय बंधी के अंदर इसे जोड़ दिया गया है जिससे बांध का पानी छोड़ते ही यह माइनर उफना गई और गांव की चार सौ बीघे की फसलें जलमग्न हो गयी है।
ग्रामीणों ने बताया कि ये समस्या हर साल किसानों के सामने आती है लेकिन इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। खेतों में अभी भी जलभराव है। फसलें भी सड़ रही हैं। पानी की निकासी के लिये भी विभाग के अभियंता ने कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है।
फसलों की बर्बादी से सैकड़ों किसानों के सामने परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो गयी है। ग्रामीणों ने माइनर को समाप्त किये जाने की मांग की है। इस मामले में मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता एके निरंजन ने आज शाम बताया कि स्थलीय निरीक्षण कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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