हमीरपुर: सामाजिक दूरी के बीच कार्यकर्ताओं ने की बुन्देलखंड राज्य की मांग

1 – हमीरपुर – गैंग डी-9 के लीडर की 35 लाख की सम्पत्ति जब्त, मकान भी सील

 

हमीरपुर । जनपद में टाप-10 अपराधियों को लेकर सोमवार को पुलिस ने गैंग लीडर के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुये 35 लाख की सम्पत्ति कुर्क की है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कम्प मच गया है।
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि अपराधों की रोकथाम के लिये अपराधियों की चल-अचल सम्पत्ति जब्त करने का अभियान शुरू कराया गया है। कुरारा थाने के प्रभारी निरीक्षक ए.के सिंह के नेतृत्व में टीम ने हमीरपुर के टाप-10 अपराधी व शातिर गैंगेस्टर पतारा गांव निवासी रोहित यादव पुत्र वीर सिंह यादव के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुये 35 लाख कीमत के भवन और स्कार्पियों गाड़ी कुर्क की है।
गैंगेस्टर एक्ट के तहत पुलिस ने की कार्रवाई, 26 आपराधिक मामले हैं दर्ज
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये गैंगेस्टर दबंग अपराधी है, जिसके खिलाफ 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें अकेले कुरारा थाने में 23 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं घाटमपुर कानपुर में एक तथा सिसोलर थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। इसके खिलाफ 2016 में एनएसए की कार्यवाही की गयी थी। ये सूचीबद्ध गैंग डी-9 का गैंग लीडर है। इसने अपने गैंग साथियों के साथ अपराध कर अवैध रूप से सम्पत्ति अर्जित की है। पतारा गांव में ही सरकारी भूमि पर जबरन कब्जा करके इसने मकान भी बनवा रखा है। इसी मकान का उपयोग वह लगातार आपराधिक गतिविधियों के लिये कर रहा था। कुर्की की कार्यवाही करने से पहले पुलिस ने गांव में मुनादी करायी थी। पुलिस अधीक्षक ने कुरारा पुलिस टीम को इस कार्रवाई के लिये पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इससे पहले भी एक गैंगेस्टर की पचास लाख की सम्पत्ति कुर्क की गयी थी।

2 – हमीरपुर – भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का करेंगे सर्वेक्षण

 

हमीरपुर । जनपद के ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों और ग्रामों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व सम्बन्धी अभिलेख तैयार करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया है। इसके लिये सोमवार को कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में जिलाधिकारी ने समीक्षा भी की।
जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से सभी ग्रामों का सर्वेक्षण कराकर स्वामित्व सम्बन्धी अभिलेख तैयार कराये जायेंगे। ग्राम आबादी में व्यक्तिगत सम्पत्तियों, सरकारी सम्पत्ति, ग्रामसभा भूमि, सड़कें, खुले भूखंड आदि की पहचान और सर्वेक्षण किये जाने वाले सम्पत्ति क्षेत्रों की सीमाओं का चिन्हांकन सर्वे टीम करेगी। जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारी, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी, विकास विभाग व पुलिस की टीम शामिल होगी। इसमें राजस्व विभाग नोडल विभाग होगा। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली सभी संपत्तियों भवन, कार्यालय, मकान, सड़क कच्चा रास्ता, पक्की गली, नाली, पुलिया, रेलवे लाइन, नहर, नदी, झरना, मोबाइल टावर, बिजली खंभा, ट्रांसफार्मर, हैंडपंप, कुआं, शौचालय आदि सभी प्रकार की संपत्तियों को मानचित्र में एक नंबर दिया जाएगा, सभी के नंबर अलग अलग होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रतिदिन प्रारूप पांच के अनुसार सर्वे किया जाए तथा पोर्टल पर प्रतिदिन की प्रगति सम्बंधी सूचना अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारियों द्वारा लेखपालों को विशेष रुप से हिदायत दे दी जाए तथा सभी कॉलम फील्ड सर्वे में ही अनिवार्य रूप से भरे ताकि त्रुटि की कोई गुंजाइश ना रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन की जाने वाली कार्रवाई से अवगत कराया जाए। सभी ग्रामों की इस सम्बंध में एसओपी के अनुसार प्रारूप 4 की सूचना शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, पीडी चित्रसेन सिंह, डीडीओ विकास, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे ।

3 – हमीरपुर – हाइटेंशन लाइन के करेंट से राज मिस्त्री समेत दो की मौत

हमीरपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। मौदहा क्षेत्र में सोमवार को हाईटेंशन लाइन के करेंट में आकर एक राज मिस्त्री समेत दो लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
बिंवार थाना क्षेत्र के कुनेहटा गांव निवासी हीरा लाल श्रीवास अपना रिहायशी मकान बनवा रहा है। जिसमें गांव के ही राज मिस्त्री कल्लू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा (27) पुत्र भवानी वर्मा काम करता था। सोमवार को भी मकान में राज मिस्त्री काम कर रहा था। तभी मकान के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन के करेंट से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि मकान मालिक से हाइटेंशन लाइन के तार को छत से हटवाने के लिये कई बार कहा था लेकिन मकान मालिक ने अनसुना कर दिया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेजने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुमेरपुर थाना क्षेत्र के इंगोहटा गांव निवासी चांद खां (28) पुत्र प्यारे खां नहाने के बाद गीली तौलियां अपने घर में बिजली की केबिल में फैला रहा था तभी वह करेंट की चपेट में आकर झुलस गया। उसे इलाज के लिये मौदहा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। मृतक की एक साल पहले ही शादी हुयी थी। मौदहा अस्पताल के अधीक्षक डॉ.एके सचान ने बताया कि करेंट से दो लोगों को यहां मृत अवस्था में लाया गया था।
पूर्व में भी हाईटेंशन लाइन से दो लोगों की हो चुकी है मौत
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोनू सिंह ने बताया कि इसके पूर्व में भी इसी हाइटेंशन लाइन के तार की चपेट में आकर जगरूप और भवानीदीन की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी हाईटेंशन लाइन के तार नहीं हटवाये जा रहे है। बुन्देलखंड नव निर्माण सेना के अध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि विद्युत विभाग सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को गांव के भीतर से निकली हाइटेंशन लाइन को हटाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका।

4 – हमीरपुर – चौबीस घंटे में आये कोरोना के 20 नये मामले, संक्रमितों की संख्या 400 पार

हमीरपुर । जनपद में अब कोरोना वायरस महामारी नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। चौबीस घंटे के अंदर कोरोना के 20 नये संक्रमितों के साथ अब यहां मरीजों की संख्या 400 पार हो गयी है। वहीं 294 मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके है। सर्वाधिक कोरोना के मामले मौदहा क्षेत्र में मिले है जिन्हें लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी चिंतित है। इससे कुछ घंटे पहले
सीएमओ डा.आरके सचान ने आज शाम बताया कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे है। चौबीस घंटे में 20 नये मामले आये है। इनमें आज 12 लोगों की कोरोना जांच की रिपोर्ट पाजिटिव आयी है। इनमें मौदहा कस्बे में एक ज्वैलर्स के परिवार में पिता और पुत्री की कोरोना जांच की रिपोर्ट पाजिटिव आयी है। अभी तक ज्वैलर्स के परिवार में दस लोग कोरोना से संक्रमित हुये है वहीं क्षेत्र के रोहारी, परछछ, खदरा का डेरा व मकरांव में एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पाजिटिव आयी है। इनमें एक संक्रमित मरीज हिन्दुस्तान यूनीलीवर का कर्मचारी है।
 सीएमओ ने बताया कि हमीरपुर में एक, राठ तीन, सरीला व कुरारा क्षेत्र में एक-एक कोरोना के मरीज मिले है। सभी को एम्बुलेंस की मदद से कोविड-19 के अस्पताल में क्वारंटीन किया गया है। इससे पहले आठ नये मामले कोरोना के आये थे। उन्होंने बताया कि आज नौ मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक 294 मरीजों ने कोरोना महामारी को मात दी है।

5 – हमीरपुर में मराठाकालीन मंदिर में कोरोना के कारण जन्माष्टमी की नहीं मचेगी धूम

 

हमीरपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। हम्मीरदेव की नगरी में मराठाकालीन मंदिर में जन्माष्टमी की धूम कोरोना महामारी के कारण नहीं नहीं मचेगी। हालांकि श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही है। सामाजिक दूरी के बीच मंदिर के पुजारी राधा कृष्ण की अनमोल मूर्तियों का दूध दही और  शहद से अभिषेक कर मंगला आरती करेंगे। पहली मर्तबा जन्माष्टमी के पर्व पर श्रद्धालुओं की मंदिरों में चहलपहल नहीं दिखायी देगी।
हमीरपुर नगर के हाथी दरवाजा मुहाल में यमुना नदी के तट पर राधा कृष्ण का मंदिर स्थित है। ये मंदिर मराठाकालीन में बना था। मंदिर में विराजमान राधा कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियों की अपनी खास विशेषता है। श्रीकृष्ण की मनोरम मूर्तियों का रंग सुबह और शाम बदलता है। आसपास के इलाकों के अलावा नजदीक के ग्रामों से भी लोग इस मंदिर में आकर माथा टेकते है। साहित्यकार डा.भवानीदीन ने बताया कि मराठाकालीन के इस मंदिर अद्भुत नक्काशी के लिये प्रसिद्ध है। राधा कृष्ण मंदिर भी बड़ा ही अद्भुत है जहां सूरज की पहली किरण से भगवान की मूर्तियां चमक उठती है। उन्होंने बताया कि मराठाकालीन में सर्वाधिक मदिर बनाये गये है।
मराठाकालीन मंदिर परिसर में ही बजरंगबली की अद्भुत मूर्ति भी स्थापित है। साथ ही शिव और पार्वती की मूर्तियां भी मठ में विराजमान है। राधा कृष्ण की मूर्तियां भी करीब सवा फीट लम्बी है जो अष्टधातु की है। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा.एसके दुबे ने बताया कि हमीरपुर में सर्वे के दौरान ये पवित्र मंदिर देखा गया था। मंदिर वाकई सैकड़ों साल पुराना है। मंदिर के मठ कारीगरी के अद्भुत नमूने है।
वरिष्ठ नागरिक बाबूराम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि ये मंदिर सैकड़ों साल पुराना है। इसमें मठ कारीगरी के अद्भुत नमूने आज भी बेजोड़ और मजबूत है। किसी जमाने में अंग्रेज अधिकारी अपने परिवार के साथ मंदिर आकर पूजा अर्चना करते थे। अंग्रेज अफसरों के समय मंदिर में कई निर्माण कार्य भी हुये थे। यहां पिछले साल जन्माष्टमी पर्व पर पूरी रात कार्यक्रम आयोजित हुये थे। लेकिन अबकी बार कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदिर में जन्माष्टमी की धूम नहीं मचेगी।
बाजीराव पेशवा ने पूजा के लिये बनवाया था मंदिर
मंदिर के पुजारी हरि नारायण द्विवेदी ने बताया कि संवत 1723 में यहां के शासक बालाजी बाजीराव पेशवा थे। उन्होंने यमुना और बेतवा नदियों के बीच बसे इस सुन्दर नगर में पूजा अर्चना के लिये मंदिर बनवाने का फैसला किया था। पुजारी ने बताया अपने पूर्वजों से जानकारी मिली थी कि .यमुना तट के करीब बाजीराव पेशवा ने मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में श्रीराम भक्त हनुमान जी की प्रतिमा ठीक पूरब दिशा में विराजमान हैै वहीं उत्तर दिशा में राधा कृष्ण की मूर्तियां विराजमान है। हनुमान जी की मूर्ति के सामने शिव लिंग व पार्वती की मूर्ति बिना गुंबद वाले मठ के अंदर स्थापित है। मंदिर का मठ भी पूरी तरह से अंडाकार है जिसे कहीं से भी देखने पर एक जैसा नजर आता है।
मिट्टी, चूना और पत्थर से ही निर्मित है मठ मंदिर 
मराठाकाल में भवन और मंदिर के निर्माण में सीमेंट और सरिया के प्रयोग का प्रचलन नहीं था। उस जमाने में कारीगर कंकरीट, चूना, मिट्टी और पत्थर से ही भवनों का निर्माण करते थे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मराठाकाल में बने इस मंदिर में अद्भुत कारीगरी के नमूने है। मठ और मंदिर बने कई सदियां गुजर गयी है लेकिन ये आज भी कहीं से कमजोर नहीं हुआ। बताते है कि मंदिर और मठ में लोहे की कीली नहीं ठोकी जा सकती है। ये मठ इतना मजबूत है कि लोहे की कीली ठोकते ही वह या को टूट जाती है या फिर टेढ़ी हो जाती है। स्थानीय लोगों की मदद से इस मंदिर और मठ की पेंट से रंगाई पुताई करायी गयी है। मंदिर परिसर में इंटरलाकिंग व प्रकाश की व्यवस्थायें भी की गयी है।
हनुमानजी करते है पहरेदारी, मंदिर में नहीं पड़ता ताला
मराठाकालीन मंदिर के पुजारी हरि नारायण महाराज का कहना है कि श्रद्धालुओं के लिये ये मंदिर हर समय खुला रहता है। मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति की रक्षा के लिये हनुमान जी रात में पहरेदारी करते है। इसीलिये आज तक मंदिर में कभी कोई चोरी नहीं हुयी है। एक बार किसी ने चोरी करने का साहस भी किया तो हनुमान जी के चमत्कार से उल्टे पांव वापस भागा है। पुजारी बाबा ने बताया कि सैकड़ों साल गुजर गये है लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं सुनाम कि इस मंदिर में चोरी की कोई घटना हुयी है। इसीलिये आज तक मंदिर में ताला नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि गलत विचार से रात में मंदिर के चबूतरे पर आने वाले को श्रीराम भक्त हनुमान जी तत्काल दंड भी देते है।

6 – हमीरपुर – बुखार पीड़ित महिला की मौत से मरने वालों का आंकड़ा तीन पहुंचा

हमीरपुर । राठ कोतवाली क्षेत्र के गल्हिया गांव के लोग पिछले दस दिनों में बुखार की चपेट में है। सोमवार को एक महिला की मौत होने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर तीन हो गया है। सोमवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरके यादव ने गांव पहुंच मरीजों की जांच कराई। जिसमें 8 मरीज डेंगू के संदिग्ध मिले हैं।
 राठ  क्षेत्र के  गल्हिया गांव में बीते एक पखवारे से बुखार का प्रकोप फैला है। एक अगस्त को शिवकली (55) पत्नी जागेश्वर व तीन अगस्त को रामदेवी (33) पत्नी मदन सिंह की बुखार से मौत हो चुकी है। 6 अगस्त को डॉक्टरों की टीम ने 87 लोगों की जांच की थी। जिसमें मलेरिया व डेंगू के मरीज नहीं पाए गए थे। जब यही मरीज झांसी में उपचार को पहुंचे तो वहां डेंगू बताया गया। रामरती (45) पत्नी खेमचंद्र की हालत बिगड़ने पर परिजन झांसी ले गए। जहां सोमवार को उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई।
 तीन मौतों के बाद अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरके यादव, जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव, सीएचसी अधीक्षक नौरंगा डॉ.संतोष व उनकी टीम के साथ गांव पहुंचे। डॉ.संतोष ने बताया कि 45 डेंगू, 45 मलेरिया व कोरोना की जांच की गई। नई किट से जांच में आठ लोग डेंगू के संदिग्ध मिले। गंभीर बीमार 17 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया है। कहा कि गांव में दोबारा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं प्रधान देवेंद्र राजपूत ने बताया कि करीब ३६ लोग झांसी में उपचार करा रहे हैं।

7 – हमीरपुर: सामाजिक दूरी के बीच कार्यकर्ताओं ने की बुन्देलखंड राज्य की मांग

हमीरपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। पृथक बुन्देलखंड राज्य निर्माण को लेकर सोमवार को दोपहर बाद यहां बुन्देलखंड क्रांति दल के तमाम कार्यकर्ताओं ने सामाजिक दूरी के बीच विरोध प्रदर्शन करते हुये चेतावनी दी है कि अगर केन्द्र सरकार ने समय रहते बुन्देलखंड राज्य नहीं बनाया तो जनांदोलन किया जायेगा।
बुन्देलखंड क्रांति दल हमीरपुर के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र अग्रवाल ने विरोध प्रदर्शन करने के बाद बताया कि बुन्देलखंड के सारे किसान, मजदूर, व्यापारी, नौजवान और छात्र परेशान है। ये क्षेत्र सर्वाधिक पिछड़ा है। यहां रहने वाले किसी भी नौजवान, मजदूरों और युवा वर्ग के लिये कोई भी रोजगार की संभावनायें नहीं है। ऐसा इसलिये है कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश व केन्द्र की सरकार बुन्देलखंड के विकास के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने बताया कि जब बुन्देलखंड राज्य बनेगा तभी यहां विकास हो सकेगा।
 उन्होंने बताया कि बुन्देलखंड की जनसंख्या 1,83,34,753 है। ये क्षेत्र 70592 वर्ग किमी में फैला है। यदि उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के 14 जिलों को मिलाकर बुन्देलखंड राज्य बनाया गया तो अपनी जनसंख्या के अनुसार देश का 19वां और जमीन के अनुसार देश में 18वें नम्बर का राज्य होगा। विरोध प्रदर्शन के बाद बुन्देलखंड क्रांति दल ने प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से भेजा है।
आजादी के बाद वर्ष 1948 में बना था बुन्देलखंड राज्य
बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि आजादी के बाद 12 मार्च 1948 को 35 देशी रियासतों को मिलाकर विंध्य प्रदेश के तहत पृथक बुन्देलखंड राज्य बनाया गया था। पृथक बुन्देलखंड राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री कामता प्रसाद सक्सेना बने थे। नौगांव को पृथक बुन्देलखंड राज्य की राजधानी, मुख्यालय बनाया गया था। बुन्देलखंड राज्य करीब आठ सालों तक रहा।
जवाहरलाल नेहरू ने खत्म किया था बुन्देलखंड राज्य
बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम देश की संसद में पारित हुआ था। उस समय 14 राज्य व पांच केन्द्र शासित राज्य बनाये गये थे। 31 अक्टूबर 1956 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पृथक बुन्देलखंड राज्य को खत्म कर इसे दो भागों में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में बांट दिया था।
1956 के बाद नहीं बन सका कोई राज्य पुनर्गठन आयोग
बुन्देलखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष ने बताया कि 1956 के बाद केन्द्र सरकार ने कोई भी राज्य पुनर्गठन आयोग नहीं बनाया है। लेकिन केन्द्र सरकार ने बिना राज्य पुनर्गठन आयोग के ही 18 और नये राज्य बनाये है। बुन्देलखंड राज्य से छोटे राज्य बनाये गये है मगर इस क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान 27 अप्रैल 2014 को झांसी की रैली में घोषणा की थी कि अगर केन्द्र में भाजपा की सरकार बनी तो तीन सालों के भीतर पृथक बुन्देलखंड राज्य बनाया जायेगा।

 

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