(हमीरपुर बुलेटिन) कोरोना के आठ नये मरीज मिले, 191 मरीजों ने दी महामारी को मात, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- ईदगाह और मस्जिदों में पसरा सन्नाटा, पेश इमाम ने घर में ही अदा की नमाज

-मस्जिदों और ईदगाह के भी नहीं खुले गेट, पुलिस के पहरे में रही मस्जिदें
-सामाजिक दूरी के बीच मुस्लिमों ने घरों के अंदर अदा की बकरीद की नमाज
हमीरपुर । कोरोना वारस महामारी को लेकर ईद-उल-जुहा (बकरीद) के त्यौहार पर मस्जिदों में सन्नाटा पसरा रहा। ईदगाह के पेश इमाम भी नमाज पढ़ने ईदगाह नहीं पहुंचे। उन्होंने अपने घर में नमाज अदा की। जनपद में हजारों लोगों ने अपने ही घरों में रहकर न सिर्फ बकरीद की नमाज अदा की बल्कि घरों के अंदर ही ये त्यौहार मना रहे है। खुले में कुर्बानी को रोकने के लिये पुलिस बल लगातार संभावित इलाकों में गश्त कर रहा है।
बड़ी ईदगाह के पेश इमाम हाफिज अब्दुल रशीद कुरैशी ने घर में ही बकरीद की नमाज अदा की। वहीं मुस्लिमों ने भी अपने घरों के अंदर ही नमाज अदा की। ईदगाह के बाहर फायर बिग्रेड की गाड़ी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद किया गया है। सरकार की गाइड लाइन का पालन कराये जाने और सार्वजनिक स्थानों में नमाज अदा करने के प्रतिबंध को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव के अलावा एसडीएम और सीओ ने भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने हमीरपुर व सुमेरपुर के अलावा कोरोना संक्रमित इलाकों का दौरा कर पुलिस को लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कंटेनमेंट जोन और सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंधों को सख्ती से लागू कराया जाये। कोई भी बिना मास्क पहने बाहर घूमता पाये जाये तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।
कोरोना के नाश के लिये मुस्लिम परिवार ने मांगी दुआयें 
हमीरपुर शहर में मुस्लिम भाईयों ने कोरोना जैसी महामारी के नाश के लिये बकरीद की नमाज अदा कर दुआयें मांगी है। यहां के समाजसेवी जलीस खान, अनवर खान व जिला स्काउट मास्टर अकबर अली ने बताया कि बकरीद की त्यौहार की पहले जैसे कोई रंगत नहीं रही लेकिन नमाज अदा कर घरों में पूरे परिवार ने अल्लाह से कोरोना के खात्मा के लिये दुआयें मांगी गयी हैं।

2- हमीरपुरः लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता की कोरोना से मौत

मीरपुर । हमीरपुर में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता की कोरोना से मौत हो गयी। कोरोना संक्रमण के कई नये मामले और सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कम्प मचा हुआ है। जनपद में कोरोना से अभी तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें डेंटल डाक्टर और भाजपा नेता भी शामिल हैं।
एसीएमओ डॉ. एम.के बल्लभ ने शनिवार को दोपहर बताया कि लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता की कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने पर 21 जुलाई को कानपुर भेजा गया था। उनका वहां इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि आज उनके निधन होने की खबर आयी है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में मंथन चल रहा है।
उन्होंने बताया कि कोरोना के कई और नये मामले सामने आये हैं। अधिशाषी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड की कोरोना से मौत पर प्रशासन भी सकते में आ गया है। जबकि लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं व कर्मियों में हड़कम्प मच गया है। जनपद में इससे पहले भाजपा नेता व पूर्व चेयरमैन नगर पालिका राठ व डेन्टल डाक्टर समेत नौ लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

3- केन्द्रीय राज्य मंत्री का पैतृक गांव पत्योरा विकास की रफ्तार में पीछे

 

-पचास लाख से अधिक की धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी गांव की नहीं बदली सूरत
-चार्ज लेने के बाद एडीओ पंचायत ने ग्राम पंचायत से निर्माण कार्यों की मांगी रिपोर्ट
हमीरपुर । केन्द्रीय राज्य मंत्री साध्वीं निरंजन ज्योति का पैतृक गांव पत्योरा विकास की रफ्तार में बहुत पीछे रह गया है। इस गांव के तमाम लोग सरकारी नौकरियों में हैं। इस गांव से महानिदेशक स्वास्थ्य तथा एसएसपी तक के बड़े औधे में रह चुके हैं। इसके बावजूद गांव बदहाली से नहीं उबर पा रहा है। गांव को चमकाने के लिये पचास लाख से अधिक की धनराशि भी अवमुक्त हुयी लेकिन ये गांव विकास की रफ्तार नहीं पकड़ सका।
सुमेरपुर थाना क्षेत्र का पत्योरा गांव बीहड़ में बसा है। हमीरपुर शहर से महज इस गांव की दूरी 20 किमी है। पत्योरा केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वीं निरंजन ज्योति का पैतृक गांव है। जहां इनके परिवार के लोग रहते हैं। साध्वीं दूसरी बार केन्द्रीय मंत्रिमंडल में ग्राम्य विकास देख रही हैं। इस गांव में जलनिकासी के समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश से जगह-जगह दो फीट तक पानी भर जाता है। लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पाते है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवायें भी अभी तक पटरी पर नहीं आ सकी जबकि रोजगार के साधन न होने की वजह से ज्यादातर लोग गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं। पिछले साल लाखों की धनराशि गांव को विकास की रफ्तार देने के लिये अवमुक्त की गयी थी लेकिन गांव की सूरत अभी भी बदहाल है।
गांव के एडीओ पंचायत सत्यप्रकाश गुप्ता ने बताया कि पत्योरा गांव में राज्य वित्त से 12 लाख 17 हजार 271 रुपये तथा 14 वें वित्त से 36 लाख 866 रुपये की धनराशि नाली, खंडज़ा और सीसी सड़क निर्माण के लिये आयी थी। उन्होंने कहा कि इस गांव का हाल में ही चार्ज मिला है। लिहाजा ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों की रिपोर्ट मांगी गयी है। एडीओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आयेगी।
 
छह मजरों में बटा गांव
गांव की जनसंख्या करीब 10 हजार है। जिसमें करीब 3200 मतदाता 15 वार्डों में विभाजित हैं। कई मजरों मुच्छीताला, मलिहाताला, शिवरामपुर, बलिया बखरी, कंचनपुरा व विज्ञानपुरा में बटा है। सभी मजरे एक दूसरे से जुड़े हैं।
29 वर्ष बाद भी स्वास्थ्य केंद्र बदहाल
रामदयाल संखवार ने कहा कि गांव निवासी स्वास्थ्य महानिदेशक रहे स्व. बच्चीलाल ने नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नींव रखी थी। 5 जून 1989 को प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री बिहारीलाल दोहरे ने इसका शिलान्यास किया था। 1991 में अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। तबसे आज तक भवन का कायाकल्प नहीं हो सका है। एक एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती होने के बाद भी एक वर्ष से पद रिक्त है। एलटी का भी पद दो वर्षों से रिक्त है। शिकायत करने पर सुनवाई नहीं हो रही है। स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जलनिकासी की नहीं समुचित व्यवस्था
वार्ड 13 के ग्राम पंचायत सदस्य कल्याण सिंह बताते हैं कि वह लगातार तीसरी बार निर्विरोध सदस्य बने हैं। उनके वार्ड के सार रास्ते कीचड़ व दलदल भरे हैं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी व घरों का गंदा पानी मेन रास्तों पर जमा होता है।
डेढ़ फीट ऊंचा घरों में भरता है पानी
मजरा मुच्छीताला निवासी श्रीकृष्ण निषाद बताते हैं कि पूरे मजरे में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत से दो बार नाली बनी, लेकिन धन की बर्बादी हुई। गहराई व चौड़ाई न होने से पूरी नाली पट चुकी है। बारिश में पूरा घर में डेढ़ फुट पानी से भर जाता है। यही हाल पूरे मजरे का है।
पेयजल के साधन भी धड़ाम
जलसंस्थान ने एकल पेयजल योजना से करीब एक हजार आबादी को साफ पानी मिलता है। करीब एक सैकड़ा हैंडपंप हैं। जिसमें आधा दर्जन हैंडपंप रिबोर को व आधा दर्जन मरम्मत कार्य के लिए पड़े हैं। गांव में करीब दो दर्जन प्राचीन कुएं भी हैं। जिनमें वर्षों से सफाई नहीं हुई है। जिससे ज्यादातर सूख चुके हैं।

4- हमीरपुर में कोरोना के आठ नये मरीज मिले, 191 मरीजों ने दी महामारी को मात

हमीरपुर । जनपद में शनिवार को शाम कोरोना के आठ नये मामले सामने आये हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीएमओ डॉ. आरके  सचान ने शनिवार शाम को बताया कि शहर के भिलांवा में एक संक्रमित मिला है। वहीं सुमेरपुर में दो, मौदहा कस्बे के कांशीराम कालोनी में एक मरीज कोरोना से संक्रमित मिला है। रागौल में एक तथा सरीला क्षेत्र के ममना गांव में तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आयी है।
उन्होंने बताया कि संक्रमित इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सैनिटाइजेशन कराया गया है। सीएमओ ने बताया कि नये आठ कोरोना केश मिलने के बाद अब जनपद में इस महामारी के मरीजों की संख्या 319 हो गयी है। वहीं आज सोलह मरीजों ने कोरोना को मात दी है। कोरोना वायरस की चपेट में आये अभी तक 191 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस महामारी में अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
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