(हमीरपुर बुलेटिन) कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, 36 नये मरीज मिले, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- विकास कार्यों की जमीनी हकीकत में ग्राम पंचायत अधिकारी फेल, डीएम ने किया सस्पेंड

-पौध रोपण के लिये पंचायत भवन में रखे पौधे मुर्झाने पर एडीओ के खिलाफ भी कार्रवाई
हमीरपुर। विकास कार्यों की जमीनी हकीकत देखने पहुंचे जिलाधिकारी ने रविवार को लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को निलम्बित करने के आदेश दिये है साथ ही गांव के नोडल अधिकारी व एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अवकाश के बावजूद आज कुरारा क्षेत्र के सरसई गांव पहुंचकर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। साफ सफाई की स्थिति देखने के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि गांव में अभी तक फागिंग नहीं हुयी है। गांव में पांच हैण्डपंप भी सवा माह से खराब है। इससे पानी का संकट है। हैंडपंप को लेकर शिकायतें भी की गयी है लेकिन इनकी मरम्मत नहीं करायी जा रही है।
गांव में पौध रोपण के लिये पौधे भेजे गये थे जो पंचायत भवन में रखे है। पौधे रोपित नही किये जाने से काफी दिनों से रखे पौधे भी मुर्झा गये है। लापरवाही देख जिलाधिकारी गुस्से से भड़क उठे और उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी, सचिव को तत्काल निलम्बित करने का फरमान दिया साथ ही सरसई गांव के नोडल अधिकारी, एडीओ के खिलाफ कार्यवाही करते हुये प्रतिकूल प्रविष्टि की नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है।
 जिलाधिकारी ने गांव में विधायक निधि से बनायी जा रही सड़क का जायजा लिया। पूर्व में बनी सड़क के  ऊपर से ही बिना खुदाई कराये सड़क का निर्माण कराये जाने पर कार्यदायी संस्था से स्टीमेट तलब कर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिये है। इसके बाद जिलाधिकारी ने डामर गांव का निरीक्षण किया।
 यहां गांव में बालू और मौरंग के लगे ढेर की जांच की और खनिज रायल्टी से सम्बन्धित अभी तक बेची गयी मौरंग का ब्यौरा भी तलब कर जांच करायी गयी साथ ही कैमरे की व्यवस्था का जायजा लेते हुये पिछले दिनों की रिकार्डिंग भी जिलाधिकारी ने देखी और जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश खनिज अधिकारी को दिये गये। जिलाधिकारी ने कहा कि भंडारित मौरंग निर्धारित रेट के अनुसार ही बेची जाये। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

2 – ग्रामीणों को मिली नये सिरे से पुल की सौगात, आवागमन शुरू

कुरारा क्षेत्र के पारा गांव में मौरंग के ट्रकों के चलते टूट चुके पुल का नव निर्माण मौरंग कारोबारियों ने कराया है। रविवार को इस नव निर्मित पुल का कानपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी राम शरण श्रीवास्तव ने उद्घाटन करते हुये पुल पर आवागमन शुरू कराया है।
सेवानिवृत्त आईएएस राम शरण श्रीवास्तव ने आज शाम बताया कि मौरंग के ओवर लोड ट्रकों के कारण पारा गांव में बना पुल टूट गया था। इस पुल के टूट जाने से ग्रामीणों ने विरोध किया था।  जिसे आज पूरा कर दिया गया है। इस टूटे पुल के कारण पारा गांव जाने के लिये आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। बारि के मौसम तो गांव के लोगों का निकलना ही मुश्किल हो गया था।
मौरंग कारोबारी भगवान राम सारस्वत ने इस पुल को नये सिरे से बनवाने का वादा तीन माह के अंदर पूरा कर दिया है। पुल का उद्घाटन करने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस ने बताया कि पुल के दोबारा बन जाने से गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी है।  इस मौके पर महंत प्रकाश भारती, मोहन भदौरिया, गोविन्द श्रीवास्तव तथा अन्य लोग मौजूद रहे।

3- पंखे में दौड़ा करेंट, महिला की मौत

 राठ कोतवाली क्षेत्र के बहगांव में रविवार को पंखे में करेंट दौडऩे से एक महिला की मौत हो गयी। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
कोतवाली क्षेत्र के बहगांव निवासी बृजेश लोधी की पत्नी सुकरतन (32) घर में सफाई कर रही थी। जैसे ही उसने पंखे को कपड़े से पोंछा तो वह करेंट से चिपक गयी। घटना के समय पति खेतों में काम करने गया था। घर में चीख पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और किसी तरह परिजनों की मदद से महिला को अस्पताल ले गये जहां डाक्टरों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के ससुर मोहन लाल ने बताया कि बहु सुकरतन दो पुत्रियों व एक पुत्र की मां थी। जिस समय ये घटना हुयी जब बच्चे दूसरे कमरे में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने फिलहाल शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।

4- हमीरपुर में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, 36 नये मरीज मिले

-पालिका के 6 सफाई कर्मी, पंचायत सचिव व बैंक के तीन कर्मी भी कोरोना से संक्रमित
हमीरपुर । जनपद में रविवार को कोरोना वायरस महामारी की चाल ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। इलाहाबाद बैंक के तीन बैंक के अधिकारी, कर्मी और ग्राम पंचायत सचिव समेत 36 नये कोरोना से संक्रमित पाये गये है। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहम गये है। जिला अस्पताल का एक कर्मी तथा नगर पालिका परिषद के छह सफाई कर्मियों की भी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आयी है।
जिले में कोरोना के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य टीमें हर कस्बे में लगीं हैं। रविवार को 1500 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया गया। टीमों ने ताबड़तोड़ सैंपल लेकर ट्रूनैट मशीन और रैपिट एंटीजेन किट के जरिए 36 लोगों को कोरोना संक्रमित पाया है। बड़ी संख्या में पाजिटिव मामले आने से लोगों में हड़कंप है। जिले में अभी तक पाजिटिव मरीजों की संख्या 244 हो गई हैं। इनमें 145 निगेटिव हो चुके हैं।
हमीरपुर शहर में कोरोना संक्रमण के 8 मामले सामने आए हैं। इनमें दो बैंक कर्मी व एक विवेक नगर निवासी का 18 जुलाई को लिया गया सैंपल जांच में पाजिटिव मिला है। वहीं रविवार को शहर में लिए गए 149 सैंपलों में 5 पाजिटिव निकले हैं। इनमें दो रमेड़ी, एक मांझखोर, एक सुभाष बाजार व पुरुष अस्पताल का सुपरवाइजर की रैपिट एंटीजेन किट से जांच हुई है।
 मौदहा प्कस्बे के 22 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें रागौल मोहल्ला निवासी एक ही परिवार के पांच लोग पॉजिटिव आए हैं। कस्बे के मराठीपुरा व रामनगर मोहल्लों में एक-एक युवक संक्रमित निकले हैं। सीएचसी प्रभारी डा.अनिल सचान ने बताया कि चार टीमों ने नगर पालिका के 153 कर्मियों व सीएचसी में 47 कर्मियों के सैंपल लिए। जिसमें नगर पालिका के आठ सफाई कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।
 संक्रमित पालिका कर्मचारी मराठीपुरा, इलाही तालाब मोहल्लों में सफाई का कार्य करते हैं। बताया कि तहसील के पीछे रहने वाले एक ग्राम पंचायत सचिव की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों को सैनिटाइजेशन किया है। गहरौली में 18 जुलाई को लिए गए सैंपल में इमिलिया गांव स्थित इंडियन बैंक का कर्मचारी व बसवारी गांव का युवक पॉजिटिव निकला है।
 सीएचसी प्रभारी बृजेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि रैपिट एंटीजेन किट से दुकानदार पति पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया कि तीन टीमें बनाकर कुल 201 सैंपल लिए गए हैं। राठ  कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामलीला मैदान, रोडवेज व जीआरवी इंटर कालेज में शिविर लगाकर कुल 150 लोगों के सैंपल लिए गए।
सीएचसी अधीक्षक डा.आरके कटियार ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों के 50, रामलीला में पालिका कर्मचारियों के 75 व जीआरवी से 25 सैंपल हैं। इसी प्रकार नौरंगा में 70, गोहांड में 46 व सरीला में 51 लोगों की जांच रैपिट एंटीजेन किट से की गई है। जिसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं। सुमेरपुर कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रिमझिम इस्पात कंपनी 68 कर्मियों, हिंदुस्तान कंपनी के 50 कर्मचारियों व पीएचसी के 45 कर्मियों के सैंपल लिए हैं। जिसमें दोनों कंपनी के एक एक कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। टीम ने दोनों संक्रमितों को कुरारा सीएचसी भेज दिया है।
शिविर लगाकर 1500 सैंपल का लक्ष्य किया पूरा
सीएमओ डा.आरके सचान ने बताया कि रविवार को जनपद में 1500 सैंपल लेने का लक्ष्य मिला। जिसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शिविर लगाकर सैंपल लिए हैं। कहा कि जिला अस्पताल, रोडवेज, पुलिस लाइन, नगर पालिका सहित अन्य क्षेत्रों में टीमों ने सैंपल लिए। वहीं सीएचसी व पीएचसी में भी सैंपल लिए गए हैं। जिसमें कुछ की रिपोर्ट रैपिट एंटीजेन किट में पॉजिटिव आई है। जिन्हें कुरारा सीएचसी भेजा गया है। कहा कि महामारी रोकने के लिए शिविर लगाकर सभी के सैंपल लिए जा रहे हैं।
फतेहपुर से भाग कर कस्बा पहुंचा कोरोना मरीज, लोगों में मची भगदड़
कोरोना पॉजिटिव एक मरीज अपने घर से भाग कर राठ कस्बा पहुंच गया। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई वहां भगदड़ मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज को एक जगह बैठा स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी है।
फतेहपुर जनपद के बिंदकी निवासी युवक एक सप्ताह पूर्व दिल्ली से लौटा था। आशंका होने पर परिजनों ने दो दिन पहले बिंदकी में उसकी कोरोना जांच कराई थी।
 जांच के बाद युवक अपने मामा के गांव चला गया था। रविवार को जैसे ही बिंदकी अपने घर पहुंचा तभी स्वास्थ्य विभाग ने उसे फोन पर कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी। कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलते ही युवक राठ कस्बे के जुलहटी में रहने वाले अपने पारिवारिक चाचा के यहां पहुंच गया। युवक के परिजनों ने उसके चाचा को पहले ही फोन पर युवक के कोरोना पॉजिटिव होने व घर से भागने की जानकारी दे दी थी। रविवार शाम जैसे ही युवक अपने चाचा के यहां पहुंचा उसे देख मोहल्ले में भगदड़ मच गई। कोतवाली पुलिस ने युवक को लोगों से दूर बैठा कर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी है।

5- किस्सा-कहानी बनकर रह गयी सावन से जुड़ी परम्परायें

 

हमीरपुर। आधुनिकता की चकाचौंध, समाज में बढ़ती दूरी और महगाई के कारण सावन मन भावन मास से जुड़ी बुंदेलखंड की तमाम श्रेष्ठ परंपराए सिर्फ कहानी बनकर रह गयी है। सावन में होने वाले कई प्रकार के कार्यक्रम अब कहीं नजर नहीं आते। अब तो सावन मास के त्योहार भी महज रस्मअदायगी तक सिमट कर रह गया है।
गौरतलब है कि सावन मास अत्यंत मन भावन लोक लुभावन होने के साथ ही भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके पीछे तमाम पौराणिक कथायें प्रचलित है। सावन मास के सभी सोमवार शिव को समर्पित कर देने से मन मनोकामना पूर्ण होने से महिला, पुरुष सभी उपवास रहकर शिव की पूजा अर्चना करते हैं। सावन महीने का सुरम्य प्राकृतिक वातावरण सभी का मन मोह लेता था बच्चे बूढ़े और जवान सभी सावन का महीना लोक रंजन में व्यतीत करते थे।
 पेड़ों में झूले पड़ते थे। जगह जगह सावन गीत गाए जाते थे। युवक पुराने खेल कबड्डी, सिलोर, पकड़ कबड्डी, सर्रा,जैसे खेल खेलते थे। चौपालों में रात को सावन गीतों की टेर सुनाई देती थी। बच्चे भौंरा नचाते थे। बालिकाएं चपेटा खेलती थीं। जगह—जगह आल्हा गायन होता था बीर रस से ओत प्रोत आल्हा उदल की बीरता सुनकर बुजुर्गों की भी भुजाएं फड़क उठती थी। शादी होने वाली युवतियों की सावनी ससुराल से आती थी। जगह—जगह दंगल के आयोजन होते थे।
चौपालों में चहल पहल रहती थी महिलायें अलग बैठती थीं, पुरुष वर्ग अलग बैठकर सावन गीत गाते थे, बच्चे झूला झूलते थे। इन सभी क्रियाकलापों से सामाजिक एकता प्रेम का आभास होता था। मगर आधुनिकता की चकाचौंध, समाज में पहले जैसा सामंजस्य न होने तथा महंगाई और बेरोजगारी के कारण सभी परम्परायें दम तोड़ती जा रही है। विदोखर के गायक अमर सिंह ने बताया कि पेड़ों की कमी हो जाने के साथ ही आपसी तालमेल मधुर न होने से पेड़ों में अब झूले नहीं पड़ते हैं। क्रिकेट का खेल अधिक लोकप्रिय होने से आज के युवा, समाज में समरसता घोलने वाले पुराने खेल भूल बैठे हैं।
सावन के गीत भी बुजुर्ग लोगों तक सीमित होकर रह गए हैं। युवा वर्ग महिला हो या पुरुष फिल्मी गीतों के आगे ये मौसमी गीत रास ही नहीं आते हैं। इस तरह सावन का महीना जो कभी आमोद प्रमोद, उत्साह उमंग, प्रेम एकता, आस्था व शक्ति का प्रतीक हुआ करता था। अब सिर्फ रस्म अदायगी तक सिमट कर रह गया है। लोक परम्पराओं के तिरोहित होने के पीछे बुंदेलखंड की बदहाली, बेरोजगारी को भी लोग प्रमुख कारण मानते हैं।

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