(हमीरपुर बुलेटिन) सदर तहसील के लॉकअप के बरामदे में दस्तावेज लेखक ने फांसी लगाकर दी जान, पढ़ें दिनभर की खबरें

1- हमीरपुर- सदर तहसील के लॉकअप के बरामदे में दस्तावेज लेखक ने फांसी लगाकर दी जान

सदर तहसील के बालगृह (लॉकअप) के पास बरामदे में गुरुवार को दोपहर दस्तावेज लेखक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर एसडीएम, सीओ और सदर कोतवाली फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं दस्तावेज लेखक की बूढ़ी मां और परिजन बदहवाश है।
शहर के मांझखोर रमेड़ी मुहाल निवासी दिनेश यादव (40) स्व. झंडू यादव सदर तहसील में स्टाम्प वेन्डर था। ये उमाशंकर के साथ स्टाम्प वेन्डर का काम करता था। अर्से पहले किसी बात को लेकर दोनों में मतभेद हो गये तो दिनेश दस्तावेज लेखक का काम करने लगा। ये कुछ माह से मानसिक रूप से परेशान था। दस्तावेज लेखक अपने छोटे पुत्र अनुज के साथ आज सुबह सदर तहसील पहुंचा।
उसने कुछ घंटे काम भी किया। दोपहर जैसे ही अनुज कोई कागज की फोटो कापी कराने गया तो मौका देखते ही दिनेश तहसील के बन्दीगृह (लॉकअप) के पास पहुंच गया और बरामदे में लोहे की कुंडे से गमछा के सहारे फांसी लगा ली। इसी बीच उसका पुत्र ढूंढते उसके पास पहुंच गया।
पिता को फांसी के फंदे पर लटकते देख उसने शोर मचाया। तहसील के कर्मचारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन उससे पहले दस्तावेज लेखक की मौत हो गयी। घटना की सूचना पर सदर कोतवाल एसपी पटेल मौके पर पहुंचे।
एसडीएम सदर राजेश कुमार चौरसिया व सीओ सदर अनुराग सिंह भी घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच की। मृतक की पत्नी गायत्री ने अधिकारियों के सामने उमाशंकर को घटना के लिये जिम्मेदार बताया है। उसने आरोप लगाया कि जब से पति ने अलग से काम धंधा शुरू किया था तभी से उमाशंकर उन्हें परेशान कर रहा था। ये घर आकर भी उन्हें धमकाते थे। जिससे ये डिप्रेशन में थे।
गायत्री ने बताया कि पति की देखरेख के लिये छोटे पुत्र अनुज को काम धंधा संभालने के लिये लगाया था। ताकि वह कोई घटना न कर सके। परिजनों ने इस घटना में स्टाम्प वेन्डर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। दिनेश का शव देखकर उसकी बूढ़ी मां और परिजन सदमे में है। मृतक दो पुत्र अंकुश, अनुज व एक पुत्री का पिता था।
सदर कोतवाल एसपी पटेल ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि दस्तावेज लेखक डिप्रेशन में था। इसका इलाज भी चल रहा था। फिलहाल घटना की जांच करायी जा रही है।

2 – हमीरपुर – भाजपा किसान मोर्चा ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

स्थानीय सरस्वती विद्यामंदिर के केशव भवन में गुरुवार को आयोजित अलंकरण समारोह में जनपद के मेधावी छात्र और छात्राओं भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विद्यालय की तदर्थ समिति के कोषाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने सम्मानित किया।
शिव शंकर सिंह ने इण्टरमीडियेट की बोर्ड परीक्षा में जनपद में पांचवां स्थान हासिल करने वाली दिव्या, देविका चतुर्थ, सुशांत दीक्षित पंचम, यश कुमार छठा, आकांक्षा अवस्थी आठवां व नौवां स्थान पाने वाले नरोत्तम कुमार आदि मेधावी विद्यार्थियों को शील्ड देकर पुरस्कृत किया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने समारोह में कहा कि विद्यालय के बच्चों ने श्रेष्ठ परिणाम देकर गौरव बढ़ाया है। वाकई शिक्षा देने और प्राप्त करने वाले दोनों ने ही कीर्तिमान स्थापित कर विद्यालय का नाम रोशन किया है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चन्द्र ने प्रदेश उपाध्यक्ष का आभार जताते हुये विद्यालय एवं समाज में नाम रोशन करने के लिये विद्यार्थियों का आवाहन किया है।

3 – परिवार नियोजन में हमीरपुर मण्डल अव्वल

महिला और पुरुष नसबंदी में सबसे ज्यादा उपलब्धि हासिल की
 जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत आयोजित हुआ था अभियान 
 परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों के वितरण में भी हमीरपुर आगे
हमीरपुर । 11 से 31 जुलाई तक संपन्न हुए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत परिवार नियोजन से जुड़े कार्यक्रमों में हमीरपुर ने मण्डल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पुरुष नसबंदी पर गौर करें तो पूरे मण्डल में पांच पुरुषों ने नसबंदी कराई है, जिसमें अकेले हमीरपुर से ही चार पुरुष है। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों के वितरण में भी जनपद ने सभी जनपदों से कहीं ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने में सफलता पाई।
कोरोना संक्रमण काल में 11 से 31 जुलाई तक संपन्न हुए जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में जनपद ने मण्डल के चित्रकूट, बांदा और महोबा जनपद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस मुश्किल वक्त में स्वास्थ्य कर्मियों की लगन और मेहनत के कारण ही इस साल जनपद ने इस पखवाड़े में परिवार नियोजन से जुड़े कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.रामअवतार ने गुरुवार को बताया कि जनपद में कोविड काल में सिर्फ आधा दर्जन स्थानों पर महिला नसबंदी की सुधिवा दी जा सकी। इस पखवाड़े में हमीरपुर में 47 महिलाओं ने नसबंदी ऑपरेशन कराई। जबकि बांदा में 4, चित्रकूट में 30 और महोबा में 35 महिलाएं ही नसबंदी की सुविधा प्राप्त की।
पूरे मण्डल में 116 नसबंदी हुए। पुरुष नसबंदी के मण्डल में 5 ऑपरेशन हुए। जिसमें हमीरपुर में 4 और बांदा में एक पुरुष ने ऑपरेशन कराया। इसके अलावा जनपद में 1012 महिलाओं ने कॉपर टी लगवाने में रुचि दिखाई। बांदा में 332, चित्रकूट में 398 और महोबा में 452 महिलाओं ने ही कॉपर टी में दिलचस्पी दिखाई। प्रसव पश्चात 196 महिलाओं को जनपद में कॉपर टी लगाई गई। गर्भनिरोधक के अस्थाई साधन के रूप में 150 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाकर अपना पंजीकरण कराया।
अंतरा के सर्वाधिक पंजीकरण बांदा में 288 हुए। चित्रकूट में 180 और महोबा में 161 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन के प्रति इच्छा जताई। इसके अलावा 6928 महिलाओं ने माला ए और छाया टेबलेट पर भरोसा किया। बांदा में 4204, महोबा में 5646 और चित्रकूट में 6151 महिलाओं ने इन अस्थाई गर्भनिरोधक साधनों के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

 

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