हम पाकिस्तान पर उलझे रहे बांग्लादेश ने 50 साल में दूसरी बार दिखाई आंख, करवाचैथ पर उजड़ा जवान की पत्नी का सुहाग

भारत-बांग्लादेश की सीमा पर 50 सालों के इतिहास में दूसरी बार गोली चली है जिसमें एक जवान शहीद हो गया है। ऐसा तब हुआ है जब आगामी दो नवम्बर से कोलकाता में प्रस्तावित भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सामिल होने वाले हैं। बांग्लादेश सीमा की रक्षा करने वाले बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों की फायरिंग में बीएसएफ का एक हेड कांस्टेबल शहीद हुआ है। उसका नाम विजय भान सिंह है। एक कॉन्स्टेबल को गोली लगी है।

बीएसएफ के दक्षिण बंगाल प्रवक्ता अजय कुमार ने  विशेष बातचीत में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके पहले 2001 में भी इसी तरह से बांग्लादेश की सेना ने गोली चलाई थी। वारदात के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह के समय मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर सेक्टर के काकमरिचर बॉर्डर आउटपोस्ट के पास यह फायरिंग हुई।

 

दरअसल यहां से पद्मा नदी गुजरती है जो भारत-बांग्लादेश की सीमा है। इस नदी में दोनों ही देशों के मछुआरे मछली पकड़ते हैं। गुरुवार को तीन भारतीय मछुआरे मछली पकड़ने के लिए गए हुए थे। इनमें से दो वापस लौटे और बीएसएफ टीम से संपर्क कर बताया कि उनके एक साथी को बांग्लादेश की सेना ने पकड़ लिया है और बीएसएफ के अधिकारियों को फ्लैग मीटिंग के लिए बुलाया है। मछुआरों से यह सूचना मिलने के तत्काल बाद बीएसएफ ने आधिकारिक चैनल का इस्तेमाल करते हुए बांग्लादेश सेना के अधिकारियों से संपर्क किया। उनके बुलावे पर बीएसएफ के पांच अधिकारी फ्लैग मीटिंग के लिए पद्मा नदी की बाउंड्री पिलर संख्या 75 बटा 7-एस के पास पहुंचे। वहां बीजीबी के अधिकारियों के साथ बैठक होनी थी लेकिन साजिशन बीएसएफ के अधिकारियों को घेरने की कोशिश की जाने लगी। हालात को भांपने के बाद बीएसएफ के जवान वापस लौटने लगे तब बीजीबी के जवानों ने फायरिंग कर दी। एक गोली हेड कांस्टेबल विजय भान सिंह के सिर में जबकि दूसरी गोली एक अन्य कॉन्स्टेबल को लगी। बीएसएफ के जवानों ने इन दोनों को तुरंत वहां से सुरक्षित बाहर निकाला और मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान हेड कॉन्स्टेबल ने दम तोड़ दिया जबकि दूसरे जवान का इलाज चल रहा है। सूचना मिलने के बाद बीएसएफ के आला अधिकारी मौके पर जा पहुंचे हैं।

 

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक विवेक कुमार जौहरी और इस अर्द्धसैनिक बल ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपने एक जवान विजय भान सिंह की शहादत पर शोक व्यक्त किया है तथा शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की है ।

बीएसएफ ने कहाकि विजय भान सिंह की शहादत को हम सैल्यूट करते हैं। बीएसएफ के अनुसार, पड़ोसी देश के बांग्लादेश गार्ड  के साथ बीएसएफ के अधिकारियों की फ्लैग मीटिंग के दौरान विजयभान सिंह पर गोलियां चलाई गईं और वह शहीद हो गए ।

विजय दिवस पर क्या कहा था बांग्लादेश ने
इसी साल 16 सितम्बर को कोलकाता में आयोजित हुए विजय दिवस के मौके पर बांग्लादेश सेना के आला अधिकारी और मंत्री पहुंचे थे। उन लोगों ने कहा था कि दुनिया में भारतीय सेना ही पहली ऐसी सेना है जो दूसरे देश के लिए खुद को शहीद कर सकती है। बांग्लादेश की आजादी भारतीय सेना की शहादत से मिली है। बावजूद इसके सीमा पर इस तरह से फायरिंग ने वहां की सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश सेना ने जिस मछुआरे को कैद कर रखा है उसका नाम प्रणव मंडल है। वह मुर्शिदाबाद जिले के जालंगी थाना अंतर्गत सिरोचर गांव का निवासी है।

बीएसएफ जवान की मौत की खबर से गांव में पसरा सन्नाटा
– करवाचैथ पर उजड़ा जवान की पत्नी का सुहाग 
फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर के गांव चमरौली में गुरूवार की दोपहर उस समय षोक की लहर दौड़ने के साथ सन्नाटा पसर गया। जव सुहाग के प्रतीक करवाचैथ के दिन एक सुहागिन का सुहाग उजड़ गया। उसके पष्चिम बंगाल के वीएसएफ में तैनात पति विजयभान सिंह की मौत की सूचना उसके परिजनों को लगी।

थाना मक्खनपुर के गांव चमरौली निवासी विजय भान सिंह यादव (52) पुत्र सुन्दर सिंह पश्चिमी बंगाल में 117 वीं बटालियन बीएसएफ में एसआई के पद पर तैनात थे। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे तैनाती स्थल से किसी अधिकारी ने फोन कर उनके बेटे को विजयभान सिंह की मौत होने की जानकारी दी। फोन करने वाले अधिकारी ने बताया कि विजय भान सिंह की मौत हो गई है। करबाचैथ के दिन पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी सुनीता देवी दहाडे मार बेहोश हो गईं। जिसके बाद अफसर ने पूरी घटना की जानकारी घर के अन्य सदस्यों को दी। विजयभान सिंह की मौत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। जवान के बड़े भाई सत्यभान सिंह रिटायर्ड़ फौजी है।
उन्होंने बताया कि जवान की मौत का कारण स्पष्ट नही हो सका है। ग्रामीण व परिजन विजयभान सिंह के शव आने की वाट जोह रहे है। मृतक की पत्नी सुनीता देवी और बेटे विवेक यादव व विवेक यादव, भाई सत्यवान सिंह और हरभान सिंह का रौ रौ कर बुरा हाल है।

 

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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