HAPPY BIRTHDAY: 77 साल के हुए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का आज जन्मदिन है। 77 साल के अमिताभ आज भी किसी फिट हीरो की तरह काम करते हुए नजर आते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग इस बात को जानते हैं कि अमिताभ के लिवर 75 हिस्सा खराब हो चुका है। इस बात का खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान किया था।

अमिताभ बच्चन ने यह बयान एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में दिया था। इस कार्यक्रम में वो बतौर मेहमान आए थे। बिग बी ने कहा था- ‘मुझे यह कहते हुए बुरा नहीं लगता कि मैं ट्यूबरकोलोसिस (टीबी) और हेपेटाइटिस बी से पीड़ित हूं। मेरे लिवर का 75 फीसदी हिस्सा खराब है और मैं 25 फीसदी लिवर के सहारे जी रहा हूं।’

बिग बी ने आगे कहा था- ‘टीबी जैसी बीमारियों का इलाज होता है। मुझे 8 साल तक नहीं पता था कि मैं टीबी से पीड़ित हूं। जो मेरे साथ हुआ, वो किसी के साथ ना हो। अगर आप जांच कराने के लिए तैयार नहीं है तो आपको कुछ भी पता नहीं चलेगा, ना ही इसका इलाज हो पाएगा।’

आपको बता दें, ‘कुली’ फिल्म में एक सीन के दौरान बिग बी को चोट लग गई थी। 37 साल पहले सेट पर फाइट सीन के दौरान विलेन का घूंसा बिग बी के पेट में जोर से लगा और वो स्टील की एक मेज से जा टकराए। इससे उनके पेट में गहरी चोट आई थी। चोट बेहद गहरी थी। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमिताभ बच्चन की जिंदगी पर बन आई थी।

अमिताभ बच्चन की जान तो बच गई लेकिन इस हादसे ने एक्टर पुनीत इस्सर को लोगों की नजरों में असली विलेन बना दिया। दरअसल, ‘कुली’ में पुनीत इस्सर विलेन के किरदार में थे और वो फाइट सीन अमिताभ और पुनीत के बीच था।

एक्शन
अमिताभ बच्चन को महानायक बनाने में एक्शन फ़िल्मों की अहम भूमिका रही है। 70 के दशक में एंग्री यंग मैन ने  अपने काम से सबका दिल जीत लिया। हालांकि, अमिताभ के एक्शन की शुरुआत साल 1973 में प्रकाश मेहरा की जंजीर से हुई। यह एक ऐसी फ़िल्म थी, जिसने अभिताभ को पर्दे की सफलता का नया हीरो बना दिया। इसके बाद एक दौर आया जिसमें अमिताभ ने एक्शन फ़िल्मों की झड़ी लगा दी। साल 1975 में दीवार और शोले जैसी फ़िल्में आईं। इसके बाद वह साल 1978 में डॉन बने। इसके अलावा शान (1980), त्रिशूल (1978), कालिया (1981) और कुली( 1983) जैसी फ़िल्में  भी आईं। एक समय आया, जब अमिताभ का करियर पटरी से उतार, तो साल 1988 में एक्शन फ़िल्म शहंशाह ने इसे रास्ते पर लाया। इसके बाद अमिताभ ने अग्निपथ जैसी जबरदस्त फिल्म दी।  एक्शन का साथ अमिताभ से अभी तक जुड़ा हुआ है। उन्होंने हाल ही अपनी आखिरी फ़िल्म ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान में भी एक्शन करके दिखाया।

ड्रामा
पर्दे पर ड्रामा फ़िल्मों का भी कमाल का योगदान रहा है। अमिताभ ने इस जॉनर में कई शानदार फ़िल्में की हैं। वे कभी बागबान में लाचार बाप बने, तो कभी पा में हंसता हुआ बच्चा। उन्होंने कभी अलाप जैसी क्लासिक ड्रामा फ़िल्म की, तो सूर्यवंशम जैसी टीवी ड्रामा फ़िल्में भी कीं। सिलसिला, मजबूर और सौदागर जैसी ड्रामा फ़िल्मों में भी उन्होंने शानदार काम किया। 70 का ऐसा दशक था, जब वह लगातार एक्शन सिनेमा कर रहे थे। लेकिन 90 के बाद उन्होंने कई ड्रामा फ़िल्में कीं। इसमें मोहब्बतें, कभी खुशी-कभी गम, पा और बदला जैसी शानदार ड्रामा फ़िल्में शामिल हैं।

कॉमेडी
एक्शन और ड्रामा के इतर कॉमेडी फ़िल्मों की अपनी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। अमिताभ ने इस जॉनर में भी अपने आपको साबित किया। इसकी शुरुआत बॉम्बे टू गोवा से होती है। इसके बाद वह चुपके-चुपके जैसी क्लासिक कॉमेडी फ़िल्म भी करते हैं। अमिताभ ने नब्बे के दशक की सस्ती कॉमेडी फ़िल्में जैसे बडें मियां-छोटे मियां और हैलो ब्रदर में काम भी किया है। इसके बाद उन्होंने बंटी और बब्ली, भूतनाथ और बूढ़ा होगा तेरा बाप जैसी कॉमेडी फिल्मों में शानदार काम किया। साल 2015 में आई पीकू ने इस जॉनर में भी अमिताभ को बड़ा हीरो बना दिया।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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