अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश भर से आई ये प्रतिक्रियाएं

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद मामले में 40 दिन चली सुनवाई के बाद आज शनिवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनेगा. जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ की अलग से जमीन दी जाए, जिस पर वो मस्जिद बना सकें. राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से सुनाया.

PM मोदी बोले- यह किसी की हार या जीत नहीं
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहींः भागवत
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद क्या संघ काशी और मथुरा में भी ऐसे ही आंदोलन करेगा, इस पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है. वह इंसान सृष्टि करने वाला संगठन है.

मोहन भागवतः हम फैसले का स्वागत करते हैं

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से देश की जनभावना और आस्था को न्याय देने वाले फैसले का संघ स्वागत करता है. उन्होंने कहा कि इस लंबी प्रक्रिया में राम जन्मभूमि से संबंधित सभी पक्षों को धैर्य से सुना गया है. सभी पक्षों के वकीलों का हम अभिनंदन करते हैं और बलिदानियों को प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार और आम लोगों की ओर से किए गए प्रयासों का अभिनंदन करते हैं. जय और पराजय की दृष्टि से इस फैसले को नहीं देखना चाहिए.

 

सद्भाव बनाए रखना होगाः राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है. ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व, विश्वास और प्रेम का है.

हमें ‘खैरात’ नहीं चाहिएः ओवैसी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा, ‘मैं वकीलों की टीम को धन्यवाद देता हूं. मैं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की इस बात से सहमत हूं कि सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम है, लेकिन वह अचूक (INFALLIBLE) नहीं है. मुस्लिम समाज ने अपने वैधानिक हक के लिए संघर्ष किया. हमें ‘खैरात’ की जरूरत नहीं है. ये मेरा निजी तौर पर मानना है कि हमें 5 एकड़ जमीन के ऑफर को वापस लौटा दिया जाना चाहिए.‘उन्होंने आगे कहा कि फैक्ट्स पर आस्था की जीत हुई है. और मुझे इस बात की चिंता है कि संघ अब काशी और मथुरा के मुद्दे के भी उठाएगा.
ओवैसी ने कहा है कि वे अयोध्या पर फैसले से सहमत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष अपने कानूनी हक के लिए लड़ रहे थे. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष अपने लिए अपने पैसे से मस्जिद बना सकता है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च जरूर है, लेकिन अचूक नहीं है.

फैसले पर तेजी से काम करे सरकारः VHP

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह फैसले पर तेजी से काम करे. उन्होंने कहा कि जब मंदिर का निर्माण शुरू होगा तो हम हिंदू सिद्धांतों को आगे बढ़ाएंगे. इंतजार खत्म हुआ और फैसला आ गया है. उन्होंने फैसले पर कहा कि किसी की हार नहीं हुई है. हर किसी को भारतीय समाज में शांति बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए. हम सभी न्यायाधीशों को बधाई देते हैं क्योंकि उन्हीं के प्रयासों की वजह से यह फैसला संभव हो सका.
 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि हिंदुओं के लिहाज से आज का दिन बहुत अच्छा रहा. कोर्ट के इस फैसले ने 200 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है और दुनियाभर में फैले हिंदुओं के लिए यह बहुत शानदार रहा. हिंदू शांति से रहने वाले लोग हैं और वो किसी तरह का संघर्ष नहीं करना चाहते हैं. हमें उन लोगों को याद करना चाहिए जिन्होंने बलिदान दिया.
मुरली मनोहर जोशीः नए कल की शुरुआत हो

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि हर किसी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए. हर किसी को फैसला मानना चाहिए. देश में सद्भाव बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं मानता हूं कि राम हर धर्म और जमीन पर हैं. मंदिर एकता का शानदार उदाहरण बनना चाहिए. फैसले के बाद हमें एक नए कल की शुरुआत करनी होगी.’

निर्णय सहजता से स्वीकार करेंः अमित शाह

बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक के बाद एक 4 ट्वीट कर कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और लोगों से अपील भी की कि लोग निर्णय को सहजता से स्वीकारें. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं. मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें.

हर पक्ष स्वीकार करे फैसलाः विनय कटियार

फैसले के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया विनय कटियार की आई. उन्होंने एएनआई से कहा कि जो फैसला आया है उसे हर पक्ष को स्वीकार करनी चाहिए. साथ ही कोर्ट की ओर से मुसलमानों को जो जमीन दी गई है, उसे जल्द दिया जाए ताकि वो मस्जिद बनवा सकें.

SC के फैसले का स्वागतः इकबाल अंसारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्मिल पक्ष के पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा कि कोर्ट ने जो कुछ कहा, ठीक कहा. हम पहले से ही कहते रहे हैं कि कोर्ट जो भी फैसला करेगी उसे स्वीकार करेंगे. अब सरकार को फैसला करना है कि वह हमें जमीन कहां पर देती है.

जल्द बने राम मंदिर, फिर आए रामराज्यः राज ठाकरे

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि ऐसा मुझे लगा कि सुप्रीम कोर्ट के आज के निर्णय को सुनने के लिए बाला साहेब ठाकरे को होना चाहिए था. अब इस निर्णय के बाद राम मंदिर निर्माण किया जाए. राज ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा खुशी हुई है. इतने सालों से जिस बात की प्रतीक्षा थी वो आज पूरी हुई है ऐसा कहा जाय तो गलत नहीं होगा. जिन कारसेवकों ने बलिदान दिया जिन्होंने संघर्ष किया था उसकी फल प्राप्ति हुई है ऐसा कहना पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी ईच्छा है कि राम मंदिर का जल्द निर्माण किया जाना चाहिए, साथ में देश में रामराज्य भी लाना चाहिए जिससे लोगों की नौकरियों जो जा रही है उसका भी निदान हो.’

देश को एकता दिखानी होगीः कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीडब्ल्यूसी ने अपनी बैठक में यह रिज्योलूशन पास किया कि कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए. कोर्ट का जो फैसला आया है उसे स्वीकार किया जाना चाहिए. ओवैसी की फैसले पर नाराजगी पर सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का मौका होता है. हर जगह हर मुद्दे पर ऐसे लोग मिलेंगे जिनमें कुछ सहमत होंगे और कुछ असहमत होंगे. ऐसा करने का अधिकार हर किसी को होता है. देश को फैसले के बाद एकता दिखानी होगी.

किसी की जय पराजय नहीं है- नड्डा

भारतीय जनता पार्टी रामजन्मभूमि पर देश की उच्चतम न्यायालय द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय का स्वागत करती है. यह किसी की विजय-पराजय नहीं है. देश के सभी नागरिक राष्ट्र को प्रथम मानते हुए, शान्ति और सौहार्द बनाए रखें: जे पी नड्डा
मंदिर निर्माण में योगदान दें मुस्लिमः बाबा रामदेव

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक न्याय है. देश आस्था नहीं संविधान से चलता है जो आज चरितार्थ हुआ. फैसले में मुस्लिम पक्ष का सम्मान रखा गया और उन्हें मस्जिद के लिए जगह दी गई. इससे ज्यादा सौहार्द वाली बात नहीं हो सकती थी. सारी दुनिया जानती है कि राम अयोध्या में पैदा हुए. जब राम का जन्म अयोध्या में हुआ तो मंदिर का निर्माण वहां होना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में मुस्लिम समाज के लोग भी अपना योगदान करें. जो दुनिया में अनोखा मिसाल पेश करेंगे.

SC के फैसले का स्वागतः कांग्रेस

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी की अगुवाई में आज कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई. कांग्रेस फैसले का स्वागत करती है. हम सभी धर्म और समुदायों से अनुरोध करते हैं कि देश में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखी जाए तथा संविधान का आदर हो.
नीतीश कुमारः फैसले पर कोई विवाद न हो

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा, ‘यह फैसला सभी को मानना चाहिए और आगे इस फैसले पर कोई विवाद नहीं हो, यही मेरा अपनी राय है. कोर्ट का फैसला है और इस फैसले का सब को सम्मान करना चाहिए. हम लोग का पहले से विचार था कि दोनों पक्ष मिल बैठकर इसका समाधान करें, लेकिन कोर्ट ने जो फैसला किया है निश्चित तौर पर सभी लोगों को उसका सम्मान करना चाहिए.’
न बराबरी मिली न न्यायः जिलानी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमें न बराबरी मिली और न ही न्याय. फैसले पर असहमति जताना हमारा अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट भी कभी-कभी गलत हो सकता है. कोर्ट ने पहले भी अपने फैसलों पर पुनर्विचार किया है, अगर हमारी वर्किंग कमिटी फैसला लेती है तो हम भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे.
पुनर्विचार याचिका पर हम फैसला करेंगेः जिलानी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. मुस्लिम पक्ष की ओर से पीसी करते हुए जिलानी ने कहा कि फैसले के बाद शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखें. यह किसी की जीत या हार नहीं है. हम आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे. हालांकि फैसला हमारी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा. उन्होंने आगे कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए या नहीं. हालांकि अभी के आधार पर मुझे लगता है कि पुनर्विचार याचिका दाखिल की जानी चाहिए.

दिव्य फैसले का स्वागतः उमा भारती
माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस दिव्य फ़ैसले का स्वागत। माननीय अशोक सिंघल जी को स्मरण करते हुए उनको शत्-शत् नमन। वह सब, जिन्होंने इस कार्य के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी उन्हें श्रद्धांजलि एवं …

CM कमलनाथ: हम सब फैसले का सम्मान करें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि एक बार फिर आपसे अपील करता हुं कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फ़ैसले का हम सभी मिलजुलकर सम्मान व आदर करे.

नितिन गडकरीः लोग शांति बनाए रखें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले कहा कि हमें हमारी न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है. लोगों से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोग स्वीकार करें और शांति बनाए रखें. नितिन गडकरी-हर किसी को फैसला स्वीकार करना चाहिए.

अयोध्या के DM- फैसले पर जश्न नहीं मनाएं

फैसले के बाद अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा लंबे समय से विवादित जमीन पर शांतिपूर्वक समाधान के लिए हर किसी को बधाई देते हुए कहा है कि लोगों से आग्रह है कि फैसले के बाद जश्न न मनाएं. किसी तरह के अपमानजनक या उकसावे वाले व्यवहार पर कार्रवाई की जाएगी. 
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप की अपील

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने ट्विट के जरिए कहा है कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा. सभी से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि उचतम न्यायालय का फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को बल देगा.
लालू प्रसाद यादव- मानवता हमारा धर्म

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी ट्वीट कर कहा कि मानवता और संविधान भी हमारा धर्म है. हमें एकता, भाईचारे और प्रेम के साथ अपना हर धर्म निभाना है. आओ मिलकर दुनिया को दिखा दें ‘ये गांधी का देश है, यहां एकता का परिवेश है.’

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास की शांति की अपील

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भी ट्विट कर कहा है कि झारखंड ने हमेशा शांति और सद्भाव की मिसाल पेश की है.  आइये, इस बार भी हम सब झारखंडवासी पूरे देश को एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दें.

CM पलानीसामी- नजीर पेश करे तमिलनाडु

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडापडी पलानीसामी ने भी राज्य के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि राज्य को लोगों ने हमेशा से शांति-सद्भाव को बनाए रखा है और इस बार भी इसे बनाए रखना होगा. शांति बनाए रखकर राज्य को नजीर पेश करनी चाहिए.

सिद्धारमैयाः फैसले का सम्मान करें

कर्नाटक के पूर्न मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता एस सिद्धारमैया ने भी शांति की अपील की है.

मायावती- इंतजार की घड़ी खत्म, फैसले का करें सम्मान
अयोध्या प्रकरण अर्थात रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक विवाद के सम्बंध में फैसले पर इंतजार की घड़ी समाप्त हुई जिसपर आज मानीनय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय सुनाया जाने वाला है। सभी लोगों से पुनः अपील है कि वे कोर्ट का फैसला स्वीकार करें व इसका सम्मान करें तथा शान्ति बनाए रखें।

CM कैप्टन अमरिंदर सिंह: शांति बनाए रखें
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अयोध्या फैसले से पहले कहा कि फैसले से पहले डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अफसरों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर बातचीत की. हमें हर कीमत पर शांति बनाए रखनी होगी. सभी से अपील है कि शांति बनाए रखें और राज्य की शांति को भंग करने की कोशिश न करें.

अजमेर दरगाह के दीवान की अपील
अयोध्या पर फैसले से पहले अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन चिश्ती ने सभी से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश के मुस्लिम और अन्य धर्म के बाशिंदों को अपनी भावनाओं पर संयम रखते हुए सुप्रीम कोर्ट का फैसले का सम्मान करना चाहिए. फैसला भले ही किसी के भी पक्ष में आए देश में अमन चैन रहना जरूरी है. जिस पक्ष के हक में फैसला आए वो खुशी नहीं मनाए और जिसके खिलाफ फैसला आए वो निराश नहीं हो.

आरएसएस की अपील

फैसले से पहले आरएसएस की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जो भी आए उसे सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए. निर्णय के पश्चात देशभर में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहे, यह सबका दायित्व है. अयोध्या पर फैसले के बाद की स्थिति पर चर्चा के लिए संघ के नेताओं ने बीते दिनों बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मीटिंग की थी. इस मीटिंग में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे. बीजेपी और संघ के नेताओं के बीच गुरुवार को ही दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में समन्वय बैठक हुई.

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