देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए के विरोध में प्रदर्शन, लखनऊ में फूंके 20 वाहन

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन जारी रहा। दिल्ली में धारा-144 लागू होने के बावजूद विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने लाल किला, चांदनी चौक, मंडी हाउस और जंतर-मंतर पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके मद्देनजर 19 मेट्रों स्टेशनों को बंद रखा। हालांकि शाम को जामिया मिलिया इस्लामिया, जसोला विहार और शाहीन बाग मेट्रो को छोड़कर सभी स्टेशन खोल दिए गए।

वहीं, एहतियात के तौर पर मंडी हाउस, जामिया समेत कुछ इलाकों में मोबाइल और इटंरनेट सेवाओं पर रोक भी लगा दी गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में आग लगाने, बसों व निजी वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की तो गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में भी उपद्रव की खबरें भी सामने आई हैं। जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इसके साथ ही भुवनेश्वर, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, भोपाल, पुणे और नागपुर में भी विरोध-प्रदर्शन किए गए। महाराष्ट्र में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी समेत कुछ अन्य राजनीतिक दलों ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने गुरुवार को अलग-अलग-अलग इलाकों मं विरोध प्रदर्शन किया। विरोध-प्रदर्शन करने वाले दलों ने ‘भारत के लोग’ नाम से अपने अभियान को लेकर एक वक्तव्य जारी कर कहा कि नासंका और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है। इस दौरान मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी, प्रकाश करात, वृंदा करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी. राजा, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित, तहसीन पूनावाला और स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेन्द्र यादव को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस ने बाद में इन नेताओं को रिहा कर दिया। वहीं वामपंथी विचारधारा से जुड़े इतिहासकार रामचंद्र गुहा को बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया गया।

पश्चिम बंगाल असम और मेघालय में गुरुवार का दिन शांतिपूर्ण रहा हालांकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क रेल और ट्रैफिक को जाम करने की कोशिश की बिहार में वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने बंद का आह्वान किया। वही पूर्व सांसद पप्पू यादव के जन अधिकार पार्टी ने भी बिहार में प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों में हो रही सबसे ज्यादा हिंसा उत्तर प्रदेश में हुई यहां संभल में राज्य परिवहन की एक बस को आग लगा दिया गया और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। वामदलों के त्रिपुरा में वामदलों ने भाजपा पर सीएए को लेकर आयोजित रैली पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया।

विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 19 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया। इसके कारण यातायात डायवर्जन के चलते गुरुग्राम-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की जांच के कारण जाम की स्थिति पैदा हो गयी जिसके कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा के मद्देनजर निजी विमानन सेवा कंपनी इंडिगो की 19 उड़ानों को रद्द कर दिया और 16 उड़ानों के निर्धारित समय में बदलाव किया गया। वहीं, एयर इंडिया ने अपने यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखकर 19 दिसंबर को दिल्ली से यात्रा के लिए सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय टिकटों के लिए रिशेड्यूल और रद्द किए जाने वाला शुल्क माफ करने का फैसला किया।

उप्र में हिंसक हुआ सीएए का विरोध, मुख्यमंत्री बोले-उपद्रवियों की सम्पत्ति होगी जब्त

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध गुरुवार को हिंसक हो गया। राजधानी लखनऊ और सम्भल में प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल किया। लखनऊ में दो पुलिस चौकियां फूंकी गईं और 20 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। उपद्रवियों के पथराव में एडीजी और आईजी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज के हिंसक प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन उपद्रवियों से सख्ती के साथ निपटेगा और उनकी सम्पत्ति जब्त कर उससे ही नुकसान की भरपाई की जाएगी।

ममता बनर्जी ने कहा, यूएन की निगरानी में हो सीएए और एनआरसी पर जनमत संग्रह

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ से हस्तक्षेप की मांग की है। ममता ने गुरुवार को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर तृणमूल कांग्रेस के छात्र व युवा इकाई के सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी पर संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) की निगरानी में जनमत संग्रह होना चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनौती दी कि अगर इस जनमत संग्रह में लोग इस एक्ट और एनआरसी को नकार देते हैं तो नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।

अहमदाबाद: प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव में बीस जवान घायल

नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान सरदारबाग़ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। मिर्जापुर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया जिसमें बीस जवान घायल हो गए। बाद में पुलिस ने मिर्जापुर से शाहपुर तक फ्लैग मार्च करके स्थिति को नियंत्रित किया।पुलिस ने 3 मुफ्ती, 4 मौलानाओं सहित 15 मुस्लिम नेताओं को हिरासत में लिया है।

सीएए के विरोध में बिहार बंद का व्यापक असर, रेल सेवा प्रभावित

केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में बिहार बंद का नवादा जिले में व्यापक असर दिखा। बंद समर्थकों ने दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ की। नेशनल हाईवे 31 पर यातायात को भी प्रभावित किया गया है। रेलवे की पटरियों से भी छेड़छाड़ की गई है। विरोध प्रदर्शन के कारण स्थिति भयावह देखते हुए रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है।

असम में जनजीवन सामान्य, शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में पूर्वोत्तर के राज्यों में भी इसे लेकर लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। वहीं असम में बीते दिनों से हो रहा आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। हालांकि अब राज्य में हालात सुधरने लगे हैं। राज्य में गौहाटी हाईकोर्ट ने इंटरनेट सेवा को बहाल करने का निर्देश दिया है।

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