(हमीरपुर बुलेटिन) फौजी की शहादत के तीन साल बाद भी परिजनों को नहीं मिली मदद, पढ़े दिनभर की पूरी खबरें

-शहीद की तीसरी पुण्यतिथि में परिजनों की छलक आयी आंखें
-बच्चों ने दी श्रद्धांजलि, शहीद के नाम बने चबूतरे पर पुष्प अर्पित 
हमीरपुर । जिले में शनिवार को शहीद नरेश कुमार पाल की तीसरी पुण्यतिथि पर गांव में लोगों ने श्रद्धांजलि दी वहीं विद्यालय में बच्चों ने शहीद के सम्मान में प्रार्थना कर उन्हें याद किया। शहीद के चित्र पर परिजनों व ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित को शहीद को नमन किया। शहीद के घर में दिन भर परिजन आंसू बहाते रहे।

जिले के मौदहा क्षेत्र के गहरौली खुर्द गांव निवासी नरेश कुमार पाल असम के सिलीगुड़ी में तीन माहर रेजीमेंट में हवलदार के पद पर देशी सेवा कर रहा था। तीन साल पहले करवाचौथ पर्व से चार दिन पूर्व एक हादसे में वह शहीद हो गये थे। हादसे में कुछ और जवान भी शहीद हुये थे। इस घटना के बाद यहां गांव में मातम छा गया था। शहीद का शव विशेष वाहन से यहां लाया गया था और पैतृक गांव गहरौली खुर्द में शहीद की चिता करवाचौथ के दिन सजायी गयी थी। तभी ऐन वक्त पर परिजनों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुलवाने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया था। तत्कालीन जिलाधिकारी ने परिजनों की सरकार के मुखिया से फोन पर बात करायी थी और सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया गया था जिसके बाद परिजन शांत हो गये थे। हंगामा खत्म होने के बाद सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ था। मासूम पुत्र उत्कर्ष ने चिता को मुखाग्नि दी थी। अंतिम संस्कार के दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वीं निरंजन ज्योति, कांग्रेस के पदाधिकारी और हजारों लोग भी मौजूद हुये थे। फौैजी की शहादत से पूरे गांव में करवाचौथ का पर्व नहीं मनाया गया था। शहीद की पत्नी शशि प्रभा ने शनिवार को बताया कि 19 अक्टूबर 2016 का दिन उनके जीवन में तूफान लेकर आया था। क्योंकि इस दिन सुहागिन महिलाओं का करवाचौथ व्रत था। उन्होंने बताया कि देश की रक्षा में पति शहीद हो गया लेकिन सरकार ने हम सभी करी पीड़ा आज तक नहीं सुनी हैं। जो सरकार ने वादे किये थे वह भी पूरे नहीं हुये हैं।

शहीद की बूढ़ी मां कौसी भी शनिवार को तीसरी पुण्यतिथि पर फफक-फफक रो पड़ी। आज उसने पूरे दिन भोजन भी नहीं किया। शहीद के भतीजे अशोक कुमार पाल ने बताया कि शहीद की पत्नी को जो मदद देने का आश्वासन सरकार की तरफ से दिया गया था वह आज तक पूरे नहीं किये गये हैैं। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिये जाने की कार्यवाही भी फाइलों में दम तोड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव में शहीद के सम्मान पर न तो शहीद स्मारक बनाया गया और न हीं शहीद के नाम पर इण्टरकालेज व पूर्व कन्या विद्यालय संचालित किया गया। सरकार ने शहीद का दर्जा भी नहीं दिया था लेकिन हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद कोर्ट के आदेश पर शहीद नरेश पाल को शहीद का दर्जा दिये जाने का पत्र जारी हो गया हैं।
अखिलेश सरकार में भी शहीद की मां को नहीं मिली थी मदद
शहीद के भतीजे अशोक कुमार पाल ने शनिवार को बताया कि अखिलेश यादव जब हमीरपुर आये थे तब उनसे मिलकर आर्थिक मदद मांगी थी। मगर शहीद की मां को आश्वासन के बाद भी 5 लाख रुपये की सहायता नहीं दी गयी। सिर्फ शहीद की पत्नी को 20 लाख की मदद मिली है।
फौजी की शहादत के बाद नहीं मिली नौकरी
परिजनों का कहना है कि तत्कालीन अखिलेश सरकार ने आश्वासन दिया था कि शहीद के परिवार से किसी एक को नौकरी दी जायेगी। राज्यपाल ने भी इसके लिये निर्देश दिये थे मगर आज तक किसी को भी नौकरी नहीं मिली। डिपार्टमेंट से भी परिजनों को मदद नहीं मिली।
योगी सरकार से भी नहीं मिल रही मदद
शहीद की पत्नी शशि प्रभा व भतीजे अशोक ने बताया कि योगी सरकार से भी परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की थी। जन सुनवाई में अर्जी दी गयी थी लेकिन अभी इसमें कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। शहीद के नाम पर गांव में कोई स्मारक तक नहीं बना गया। 

योगी सरकार से नाराज है शहीद की मां 
शहीद की बूढ़ी मां कौसी योगी सरकार से बेहद नाराज है। शहीद के भतीजे अशोक कुमार पाल ने शनिवार को बताया कि बूढ़ी मां को पूर्व की सरकार में पांच लाख रुपये की मदद देने के आदेश हुये थे लेकिन प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार भी कोई मदद नहीं दे रही है।
2- हमीरपुर मे सात दिन में 4500 गोल्डन कार्ड एक्टिवेट

आयुष्मान भारत योजना के कार्ड एक्टिवेशन में आई तेजी
डीएम की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दिखाई तेजी 
दस कम्प्यूटर सिस्टम और लगाए गए, दीपावली तक पचास फीसदी लक्ष्य हासिल करेंगे 
हमीरपुर । आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड एक्टिवेशन में हमीरपुर जनपद के पिछड़ने और डीएम की सख्ती के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के काम में तेजी आई है। पिछले एक सप्ताह के अंदर 4500 से अधिक गोल्डन कार्डों को एक्टिवेट किया जा चुका है। काम में तेजी लाने के लिए दस नए डिवाइस मंगाए गए हैं । जिसके बाद दीपावली तक 50 फीसदी कार्ड एक्टिवेट करने का लक्ष्य हासिल करने का दावा किया जा रहा है। दूसरी तरफ जनसेवा केंद्र इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रति ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
जनपद में आयुष्मान भारत योजना के कार्ड एक्टिवेशन की प्रगति खराब होने पर 14 अक्टूबर को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था। 83 हजार से अधिक कार्डों के सापेक्ष बमुश्किल 21 हजार के आसपास कार्ड एक्टिवेट किए गए थे। जिसके बाद डीएम ने समूचे महकमे को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उसी दिन से स्वास्थ्य विभाग की टीमें गोल्डन कार्ड एक्टिवेट करने में जुटी हुई है। हालांकि नेटवर्क की समस्या और जन सेवा केंद्रों का पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण अभी भी कार्ड एक्टिवेशन के काम में उतनी तेजी नहीं आ पाई है, जितनी आनी चाहिए।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ.आरके यादव ने शनिवार को बताया कि 11 अक्टूबर से लेकर अब तक जनपद में 4500 से अधिक कार्डों को एक्टिवेट किया जा चुका है। इसके लिए आठ टीमें लगी हुई है। आयुष्मान मित्रों के साथ-साथ एनएचएम के ऑपरेटर भी लगाए गए है। उन्होंने बताया कि 10 नए कम्प्यूटर सिस्टम मंगाए गए है, जिसके बाद टीमों की संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी। इससे प्रतिदिन 2 हजार से अधिक कार्डों को एक्टिवेट करने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीपावली के अवकाश तक 50 फीसदी से अधिक कार्डों को एक्टिवेट करने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।
डॉ.यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अलावा जनपद में 156 जनसेवा केंद्रों से भी लाभार्थी अपने कार्डों को एक्टिवेट करा सकते है। इसके लिए उन्हें 30 रुपए खर्च करने होंगे। एएनएम को भी निर्देशित किया गया है कि वह अपने क्षेत्र के लाभार्थियों को जनसेवा केंद्रों के माध्यम से कार्डों का एक्टिवेशन कराएं।
3- कमलेश तिवारी हत्याकांडः शिवसेना ने सरकार का फूंका पुतला
-राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सरकार बर्खास्त करने की भी हुयी मांग
हमीरपुर । शिवसेना पार्टी हमीरपुर ने हिन्दु संगठन के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले को लेकर शनिवार को सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं। विरोध प्रदर्शन के बाद शिवसेना ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की हैं।
शिवसेना के प्रदेश उपप्रमुख महंत रतन ब्रह्मचारी के नेतृत्व में तमाम शिवसैनिकों ने कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर मौदहा तहसील परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश उप प्रमुख ने उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला भी फंूककर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बढ़ती घटनाओं व व्याप्त भ्रष्टाचार से आम जनता परेशान हैं। प्रदेश में गुंडाराज व भ्रष्टाचार अपनी पराकाष्ठा पार कर गया हैं। अपराधियों के खिलाफ सरकार के इशारे पर जो अभियान चला जा रहा हैं जिसमें पुलिस मनमाने ढंग से मुठभेड़ कर लोगों को मार रही हैं या जेल भेज रही हैं। पत्रकारों के अलावा जनप्रतिनिधियों पर भी फर्जी मामले दर्ज किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिन्दु महासभा के नेता कमलेश तिवारी की हत्या सरकार के लिये शर्मनाक हैं। प्रदेश में हत्यायें और बलात्कार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसीलिये सरकार का पुतला फूंककर तहसीलदार रामानुज शुक्ला के माध्यम से एक ज्ञापन राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सरकार की बर्खास्तगी की मांग की गयी हैं। प्रदेश उप प्रमुख ने पुष्पेन्द्र यादव के एनकाउन्टर पर भी सवाल उठाये हैं। सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में मनोज प्रजापति, प्रदीप सिंह, असरार मोहम्मद व अरुण सिंह समेत तमाम शिवसैनिक मौजूद रहे।
4- दबंगों ने घर पर धावा बोलकर नाबालिग लड़की को किया अगवा, मुकदमा दर्ज
जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दबंगों ने घर पर धावा बोल दिया और परिजनों को मारपीट कर उसकी नाबालिग लड़की असलहे के बल पर अगवा कर लिया गया। परिजनों ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी जिस पर पुलिस ने ग्राम बागी जालौन निवासी करन व इचौली निवासी रामकरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी हैं। कोतवाल ने बताया कि आरोपितों की तलाश के लिये पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर दी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Instagram
Telegram