(हमीरपुर बुलेटिन) शिकंजा कसना अधीक्षक को पड़ा महंगा, अस्पताल कर्मियों ने कामकाज किया ठप, पढ़े दिनभर की खबर

1- हमीरपुर : शिकंजा कसना अधीक्षक को पड़ा महंगा, अस्पताल कर्मियों ने कामकाज किया ठप
– इलाज के लिये भटकते रहे मरीज

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मंगलवार को पचास से अधिक एएनएम, आशा बहुएं व अन्य चिकित्सकों ने अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अस्पताल के कर्मियों ने सुबह से ही कामकाज ठप कर धरने पर बैठ गये है, जिससे तमाम मरीजों को बिना इलाज के ही मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएमओ ने बताया कि इस मामले की जांच करायी जायेगी।
जिले के कुरारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कुछ ही दिन पहले डा.आरके कटियार को अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया था। उन्होंने लापरवाह कर्मियों पर शिकंजा कसने का अभियान छेड़ा तो मंगलवार को उनके विरोध में अस्पताल का समूचा स्टॉफ सड़क पर आ गया। एएनएम, चिकित्सक, आशा बहुएं और एनएचआरएम के सभी कर्मचारियों ने अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुये कामकाज ठप करके धरने पर बैठ गए। अधीक्षक का घेराव भी किया। अस्पताल के कर्मियों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवायें भी ठप रही। इलाज के लिये मरीज भटकते रहे। पर्चा काउन्टर, औषधि वितरण कक्ष में भी ताला लटका रहा। पैरा मेडिकल स्टाफ ने धरना स्थल पर एलान भी कर दिया है कि किसी भी दशा मेें अधीक्षक डा.आरके कटियार के साथ काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि बेवजह अधीक्षक स्टॉफ को परेशान करते है और उनकी मांग न सुनने पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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अधीक्षक ने दी सफाई
अस्पताल कर्मचारियों के विरोध के बाद अधीक्षक ने बताया कि यहां का स्टॉफ उनके खिलाफ इसलिये एकजुट होकर विरोध कर रहा है कि उन पर कार्य करने के लिये दबाव बनाया गया था। एनएचआरएम का स्टाफ काम नहीं करता है। कुछ घंटे अस्पताल में रहने के बाद कर्मचारी वापस लौट जाते हैं। पल्स पोलियो कार्यक्रम में भी कर्मियों पर दबाव बनाया गया तो सभी लोग उनके खिलाफ खड़े हो गये है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ समय से कर्मियों की उपस्थिति और कार्य करने के लिये सख्ती की जा रही है जो लापरवाह कर्मियों को पसंद नहीं है।
अधीक्षक ने बताया कि कर्मियों के कामकाज ठप करने के बाद भी आज 12 नसबंदी आपरेशन के केश आये है जिन्हें शाम तक आपरेशन किये जाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कोई भी सहयोग न करने के बाद भी परिवार कल्याण कार्यक्रम बिना किसी अवरोध के चल रहा है।

सीएमओ ने कहा होगी जांच
मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ.राजकुमार सचान ने बताया कि किसी स्टॉफ को यदि कोई दिक्कत है उसे उनके संज्ञान में लाना चाहिये था। कार्य बंद कर विरोध प्रदर्शन करने का तरीका अनुशासनहीनता में आता है। उन्होंने कहा कि कल ही वहां के अधीक्षक और अन्य चिकित्सक को समझाया गया था तब कोई ऐसी बात नहीं थी। इसके बाद भी इस पूरे मामले में समाधान का रास्ता निकालते हुये जांच करायी जायेगी।

2 – हमीरपुर : इलाज के लिये भटकते रहे मरीज

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मंगलवार को पचास से अधिक एएनएम, आशा बहुएं व अन्य चिकित्सकों ने चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अस्पताल के कर्मियों ने सुबह से ही कामकाज ठप कर धरने पर बैठ गये है, जिससे तमाम मरीजों को बिना इलाज के ही मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएमओ ने बताया कि इस मामले की जांच करायी जायेगी।
कुरारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कुछ ही दिन पहले डा. आरके कटियार को अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया था। उन्होंने लापरवाह कर्मियों पर शिकंजा कसने का अभियान छेड़ा तो मंगलवार को उनके विरोध में अस्पताल का समूचा स्टॉफ सड़क पर आ गया। एएनएम, चिकित्सक, आशा बहुएं और एनएचआरएम के सभी कर्मचारियों ने अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी करते हुये कामकाज ठप करके धरने पर बैठ गए। अधीक्षक का घेराव भी किया। अस्पताल के कर्मियों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवायें भी ठप रहीं। इलाज के लिये मरीज भटकते रहे। पर्चा काउन्टर, औषधि वितरण कक्ष में भी ताला लटका रहा। पैरा मेडिकल स्टाफ ने धरना स्थल पर एलान भी कर दिया है कि किसी भी दशा मेें अधीक्षक डा. आरके कटियार के साथ काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि बेवजह अधीक्षक स्टॉफ को परेशान करते है और उनकी मांग न सुनने पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है।

अधीक्षक ने दी सफाई
अस्पताल कर्मचारियों के विरोध के बाद अधीक्षक ने बताया कि यहां का स्टॉफ उनके खिलाफ इसलिये एकजुट होकर विरोध कर रहा है कि उन पर कार्य करने के लिये दबाव बनाया गया था। एनएचआरएम का स्टाफ काम नहीं करता है। कुछ घंटे अस्पताल में रहने के बाद कर्मचारी वापस लौट जाते हैं। पल्स पोलियो कार्यक्रम में भी कर्मियों पर दबाव बनाया गया तो सभी लोग उनके खिलाफ खड़े हो गये हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ समय से कर्मियों की उपस्थिति और कार्य करने के लिये सख्ती की जा रही है, जो लापरवाह कर्मियों को पसंद नहीं है।
अधीक्षक ने बताया कि कर्मियों के कामकाज ठप करने के बाद भी आज 12 नसबंदी आपरेशन के केस आये हैं जिनका शाम तक आपरेशन किये जाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कोई भी सहयोग न करने के बाद भी परिवार कल्याण कार्यक्रम बिना किसी अवरोध के चल रहा है।

सीएमओ ने कहा होगी जांच

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राजकुमार सचान ने बताया कि किसी स्टॉफ को यदि कोई दिक्कत है उसे उनके संज्ञान में लाना चाहिये था। कार्य बंद कर विरोध प्रदर्शन करने का तरीका अनुशासनहीनता में आता है। उन्होंने कहा कि कल ही वहां के अधीक्षक और अन्य चिकित्सक को समझाया गया था तब कोई ऐसी बात नहीं थी। इसके बाद भी इस पूरे मामले में समाधान का रास्ता निकालते हुये जांच करायी जायेगी।

3- हमीरपुर : अस्पताल के बाद दर्जनों कर्मियों ने सीएमओ आफिस में डेरा डाला, की नारेबाजी
-अधीक्षक को दो दिनों के अंदर न हटाने पर कर्मचारियों ने दी बड़े आन्दोलन की धमकी

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक के खिलाफ पैरा मेडिकल स्टाफ ने मंगलवार को शाम हमीरपुर स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में डेरा डालकर अधीक्षक को हटाने के लिये जमकर नारेबाजी की। कर्मियों ने सीएमओ को सामूहिक रूप से ज्ञापन देते हुये अल्टीमेटम दिया कि यदि दो दिनों के अंदर अधीक्षक को नहीं हटाया गया तो पूरा स्टाफ आन्दोलन की राह पकड़ेगा।
जिले के कुरारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पचास से अधिक पैरा मेडिकल स्टाफ ने अधीक्षक डा.आरके कटियार के खिलाफ सुबह से ही मोर्चा खोलकर धरने पर बैठ गये थे। अधीक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुये कर्मचारियों ने उन्हें हटाने की मांग करते हुये कहा कि ऐसे विवादित अधिकारी के रहते काम करना मुश्किल है। दोपहर बाद सभी कर्मचारियों ने हमीरपुर आकर सीएमओ कार्यालय परिसर पर डेरा डाला और अधीक्षक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मियों ने सीएमओ को ज्ञापन देकर बताया कि वर्ष 2013 में डा.आरके कटियार की तैनाती कुरारा सीएचसी में की गयी थी तब इन्होंने कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़ित किया था। तब तत्कालीन महिला जिलाधिकारी के निर्देश के बाद उन्हें हटाया गया था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मियों के साथ अधीक्षक बदतमीजी से बात करते है। यहां के चौकीदार को भी बिना कोई वजह के स्थानांतरित कर दिया गया है। महिला कर्मियों में गायत्री, जयदेवी पाल, ऊषा देवी, रागिनी, पूनम, रीता देवी, मलखान सिंह, पूजा निगम, सुरेश, आनंद, सीएचओ निशा कुमारी, देवेश यादव, रश्मि श्रीवास्तव सहित दर्जनों कर्मियों ने सीएमओ को ज्ञापन देकर कहा कि ऐसे विवादित अधीक्षक को दो दिनों के अंदर सीएचसी से नहीं हटाया गया तो अस्पताल का पूरा स्टाफ आन्दोलन करेगा।

4- हमीरपुर : विद्युत व गैस कनेक्शन की सुविधा वाले उपभोक्ताओं को अब नहीं मिलेगा केरोसिन
-खाद्य एवं रसद विभाग की संचालित योजनाओं का डीएम ने दिये सत्यापन करने के निर्देश

हमीरपुर में मंगलवार को जिलास्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सत्यापन कराने के निर्देश देते हुये कहा कि ग्राम पंचायत में राशन का सत्यापन करने में लापरवाही बरतने पर लेखपाल और सचिव के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को विद्युत औैर गैस कनेक्शन उपलब्ध हो गये है उन्हें केरोसिन की सुविधा अब नहीं मिलेगी।
जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद्य एवं रसद विभाग की संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 126384 लाभार्थी है वहीं पात्र गृहस्थी 199101, अत्योदय के 36022 लाभार्थी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 85.71 फीसद तथा नगरीय क्षेत्रों में 71.76 फीसद पीडीएस योजना के लाभार्थी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ऐसे लाभार्थी जिनके पास विद्युत व गैस कनेक्शन की सुविधा है उन्हें किसी भी दशा में केरोसिन नहीं मिलना चाहिये। लाभार्थी जरिये सब्सिडी युक्त सोलर लाइट लगवायी जाये। इसमें तीस फीसद सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने ग्राम स्तर पर गठित प्रशासनिक समिति की देखरेख में राशन सामग्री का वितरण कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना रेपर के गेहूं कटिंग करने पर मशीन को सीज कर एफआईआर दर्ज करायी जायेगी। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी राम जतन यादव, जिला कृषि अधिकारी सरस तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

5- हमीरपुर : नाबालिग किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने में आरोपित चाचा को 10 साल का कारावास

जिले में नाबालिग किशोरी को अपहरण कर दुष्कर्म करने की घटना में मंगलवार को अपर सत्र न्यायालय कोर्ट-1 के न्यायाधीश शमशुल हक ने दोष साबित होने पर आरोपित चाचा को 10 साल का कारावास की सजा दी है। उस पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
हमीरपुर न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस ने 27 मार्च 2014 को गुमशुदगी का मामला दर्ज कि या था। पुलिस ने इस मामले में छह माह बाद लापता किशोरी को ढूंढ निकाला था। पुलिस ने पीड़ित किशोरी के अदालत में बयान दर्ज कराये थे। अदालत में किशोरी ने बताया था कि रिश्ते में लगने वाले चाचा बउआ उसे घर से भगा ले गया था। उसे कानपुर और उड़ीसा में रखा गया था। जहां उसके जबरन शादी कर दुष्कर्म किया गया। अदालत में किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने दुष्कर्म व चार पास्को एक्ट की धारा मुकदमे में बढ़ाकर चार्जशीट अदालत में भेजी। इस मामले की सुनवाई करने के बाद अपर सत्र न्यायालय कोर्ट-1 के न्यायाधीश शमशुल हक ने आरोपित साबित होने पर आरोपित चाचा को दस साल का कारावास व बीस हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना न अदा करने पर आरोपित को तीन माह का अतिरिक्त कारावास और भुगतना पड़ेगा।

6- हमीरपुर : नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर विपक्ष के फैलाये गये झूठ को कार्यकर्ता करेंगे बेनकाब
-10 फरवरी तक अभियान चलाकर लोगों से अधिनियम के समर्थन में करायेंगे मिस्ड काल

हमीरपुर में मंगलवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व दिला प्रवासी पदम सेन चौधरी पूर्व सांसद ने, नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर मोदी सरकार के इस निर्णय को मानवीय दृष्टिकोण करार दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी के इस निर्णय से महात्मा गांधी के लिये सच्ची श्रद्धांजलि है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद पदम सेन चौधरी हमीरपुर स्थित एक गेस्टहाउस में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर दूसरे दौर के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर जन जन को जागृत करने के लिये अब जन जागरण अभियान 10 फरवरी तक चलाया जायेगा। इसके लिये जिले के आवंटित ग्रामों में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर विपक्ष के फैलाये गये झूठ को बेनकाब किया जायेगा। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता अभियान के तहत घर-घर जाकर विपक्ष के इस झूठ को बेनकाब करेंगे और आम लोगों सेे 8866288662 पर मिस्ड काल कराकर समर्थन दर्ज करवायेंगे। भाजपा के जिलाध्यक्ष ब्रज किशोर गुप्ता ने ेंने बताया कि इस कर्तव्य को मोदी सरकार ने पूरा किया जो कि गांधीजी को सच्ची श्रद्धांजलि है। भाजपा कार्यकर्ता अब आज से जन जन तक पहुंच कर नागरिकता संशोधन अधिनियम के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे और ये भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को राष्ट्र के लिए आवश्यक बताते हुए राष्ट्रहित सर्वाेपरि का नारा दिया। साथ साथ जिले के बारह मंडलो के अध्यक्ष 30 जनवरी को बैठक करेंगें। आगामी 11 फरवरी को जिले सभी 137 सेक्टरों पर सेक्टर प्रभारी व सेक्टर संयोजक बूथ अध्यक्षों के साथ बैठक कर पं० दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्य तिथि मनाई जाएंगी। इस बैठक पर मुख्य रूप से सदर विधायक युवराज सिंह,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आशारानी कबीर रहे। इस कार्यक्रम का संचालन जिलामहामंत्री गणेश यादव ने किया। इस बैठक के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष विजय पाण्डेय, पीतम सिंह किसान राजीव शुक्ला, जयकरण सिंह, रामदेव सिंह मीडिया प्रभारी भाजपा किशन व्यास, इंद्रजीत सिंह नन्ना, महामंत्री केके त्रिवेदी, मदन मोहन राजपूत,आशीष पालीवाल, राजेंद्र द्विवेदी, रविराज सिंह बुंदेला, मुनीर खान, अमित भदोरिया,महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष साधना सिंह राजकुमार शुक्ला, राम दत्त पांडेय, देवेंद्र पालीवाल,शैलेंद्र त्रिपाठी,सुनील पाठक, सुरेंद्र तिवारी, साधना सिंह,लक्ष्मी रतन साहू,मनोज द्विवेदी, दधीच मिश्रा, महेंद्र सिंह, देवी सिंह तोमर,अरिमर्दन सिंह, चक्रवर्ती शुक्ला,अजय तिवारी, पहलाद सिंह, संजय गुप्ता,श्याम धुरिया, ज्ञानेंद्र कुशवाहा, रेखा चंदेल, राधा चौरसिया, विशेष नायक, लालाराम निषाद,दृगपाल सिंह राजपूत,राजेश सिंह सेंगर सहित सैकड़ों कार्यकता मौजूद रहे।

7- हमीरपुर : 800 ग्राम की लक्ष्मी को एसएनसीयू ने बख्शी जिंदगी
– हर दो घंटे में एसएनसीयू की टीम करती रही लक्ष्मी की निगरानी

हमीरपुर में एक परिवार में 800 ग्राम की च्लक्ष्मीज् का जन्म हुआ। उसकी हालत नाजुक थी। इस कारण उसे एसएनसीयू वार्ड में सघन निगरानी में रखा गया। एसएनसीयू की टीम लक्ष्मी की जान बचाने में दिन-रात जुटी रही। लक्ष्मी को स्वस्थ देखकर मंगलवार को एसएनसीयू से डिस्चार्ज कर दिया गया। बच्ची की जान बचने से परिवार में भी ख़ुशी की लहर है। परिजन हंसी-खुशी उसे लेकर अपने घर रवाना हो गए।
सदर तहसील के इंगोहटा गांव निवासी प्रद्युम सिंह की पत्नी प्रियंका ने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची का जन्म समय से पूर्व हुआ था, जिसका वजन महज 800 ग्राम था। दंपति की यह पहली संतान थी। जन्म के तुरंत बाद लक्ष्मी को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया, जिसके बाद उसे बचाने की जद्दोजहद शुरू हुई। बच्ची की हालत काफी नाजुक थी और उसे इस भीषण सर्दी के मौसम में कई तरह के खतरे भी थे। इसके बाद एसएनसीयू की टीम ने बच्ची की निगरानी और उपचार करना शुरू किया। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. सुमित ने मंगलवार को बताया कि बच्ची का जन्म 7 माह के अंदर ही हो गया था। जिसकी वजह से उसका वजन कम था। उसे एसएनसीयू वार्ड में रखकर नली से हर दो घंटे में 5 एमएल दूध दिया जाता रहा। उसके शरीर के तापमान और ब्लड शुगर को मेनटेन किया गया, ताकि कोई दिक्कत न हो। रात-दिन टीम ने बच्ची की निगरानी की। पंद्रह दिन के बाद से बच्ची को केएमसी (कंगारू मदर केयर) भी दी गई, जिसकी वजह से न सिर्फ बच्ची की जान बची, बल्कि उसका वजन भी बढ़ गया। मंगलवार को लक्ष्मी को जब डिस्चार्ज किया गया तो उसका वजन 1 किलो 50 ग्राम था। डॉ. सुमित ने बताया कि बच्ची की हालत खतरे से बाहर है। वह अच्छे से दूध भी पी रही है। मां को बच्ची को इस मौसम में कैसे रखना है, इसके बारे में समझाया गया है। नवजात की जान बचने से परिजनों में भी हर्ष की लहर है।
समय से पूर्व बच्चों के जन्म के बारे में डॉ. सुमित ने बताया कि इसके कई कारण होते है। आमतौर पर देखभाल में ढिलाई से ऐसा होता है या फिर जुड़वा बच्चों की वजह से समय से पूर्व बच्चे जन्म ले लेते हैं। समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों को बचाना आसान भी नहीं होता है।

एसएनसीयू में 17 नवजात बच्चे भर्ती
जिला महिला अस्पताल में 12 बेडों का एसएनसीयू वार्ड है। इस वार्ड में एक डॉक्टर सहित 8 स्टाफ नर्सों की पोस्टिंग है। 12 वार्मर मशीनों के साथ ही 6 फोटो थैरेपी की मशीनें हैं। डॉ. सुमित ने बताया कि 1,8 किग्रा से कम वजन के नवजात बच्चों को इस वार्ड में भर्ती करके उपचार किया जाता है। जन्म के बाद जो बच्चे रोते नहीं है या फिर जिन्हें झटकें आते हैं, ऐसे बच्चों को यहां भर्ती करके उपचार किया जाता है। पीलियाग्रस्त बच्चों का भी फोटोथैरेपी से इलाज किया जाता है।

8- हमीरपुर : फोरम ने एक मामले में ट्रैक्टर एजेंसी पर किया जुर्माना

जिला उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले में सिद्धेश्वर ट्रैक्टर के प्रोपराइटर पर 15 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
फोरम कोर्ट के रीजर स्वतंत्र रावत ने आज शाम बताया कि जिले के अतरार गांव निवासी गनेश सिंह पुत्र इन्द्रपाल सिंह ने सिद्धेश्वर ट्रैक्टर जरिये प्रो.प्रवीन सोनी अधिकृत विक्रेता आयशर ट्रैक्टर जालौन रोड उरई एवं सिद्धेश्वर ट्रैक्टर मैनेजर रामऔतार सिविल लाइन्स उरई को पक्षकार बनाते हुये वाद दायर किया था जिसमें भूसा बनाने वाली मशीन के लिये पिछले साल आठ अप्रैल को दस हजार रुपये तथा नौ अप्रैल को 50 हजार रुपये कम्पनी के खाते में भेजे थे। इसके बाद प्लान के तहत एक ट्रैक्टर 72000 रुपये में गनेश सिंह ने खरीदा लेकिन तय तिथि में भूसा ढोने वाली मशीन की आपूर्ति उसे नहीं की गयी। फोरम के अध्यक्ष राम कैलाश व उमेश कुमार की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुये एक माह के अंदर भूसा ढोने वाली मशीन की आपूर्ति करने के लिये दी गई अग्रिम धनराशि 60 हजार रुपए सात फीसद ब्याज के साथ लौटाने के आदेश किये है। साथ ही पन्द्रह हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।

 

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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