हमीरपुर विधानसभा उप चुनाव : बाढ़गस्त इलाकों में मतदान का बहिष्कार, नहीं पड़े वोट

 हमीरपुर सदर विधानसभा के उपचुनाव के लिए मतदान को लेकर सोमवार को बाढ़ प्रभावित ग्रामों में मतदान का बहिष्कार कर ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पिछले बीस घंटे से हो रही बारिश से यहां कई मतदान केन्द्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है। मतदान बहिष्कार को लेकर अधिकारी भी सकते में आ गए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा रहे है लेकिन ग्रामीण अपनी जिद अड़े हुए हैं। अभी तक विधानसभा क्षेत्र में बारिश के बीच 13.63 फीसद मतदान होने की खबर है। कई बूथों के बाहर जलभराव हो गया है।
सोमवार सुबह उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। जिला मुख्यालय से जुड़े भिलांवा और मेरापुर गांवों में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करने का एलान करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। गांव के सुभाष मेरापुरी, रामप्रकाश, सचिन सविता, रामबाबू, महेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यमुना-बेतवा के पूरब दिशा में तीन-तीन किमी पिचिंग बनाने की मांग कई सालों से की जा रही है जो आज तक पूरी नहीं की गई। प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दोनों नदियों की बाढ़ से दोनों गांव प्रभावित हैं। यमुना की कटान से दस से अधिक मकान जमींदोज हो गए। यदि पिचिंग का निर्माण पहले ही हो जाता तो हमारे मकान जमींदोज ना होते। सैकड़ों बीघे की फसल भी चौपट हो गई। एक बार की बाढ़ से लाखों का नुकसान हुआ है। इसलिए हम लोगों ने पिचिंग नहीं तो वोट भी नहीं देने का निर्णय किया है।
पिचिंग आन्दोलन के मुख्य आयोजक सुभाष मेरापुरी ने बताया कि दोनों गांवों में करीब 2700 मतदाता है। किसी ने भी अभी तक वोट नहीं किया। एसडीएम सदर ग्रामीणों को समझाने गए थे, लेकिन ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए बहिष्कार करने की जिद पर अड़े हुए हैं। भाजपा नेता ग्रामीणों को समझाने आए। उन्होंने धमकी भी थी कि यदि मतदान का बहिष्कार खत्म नहीं किया गया तो परिणाम ठीक नहीं होंगे। इससे ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हैं।
उप जिलानिर्वाचन अधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मतदान बहिष्कार करने की जानकारी मिली है। एसडीएम को मौके पर भेजकर ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सड़क निर्माण को कई गांवों में मतदान का बहिष्कार
कुरारा क्षेत्र में ककरऊ गांव में भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने मतदान केन्द्र से थोड़ी दूर रोड में मतदान बहिष्कार का बैनर भी लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि बेरी तक खराब रोड को बनवाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसीलिए पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर मतदान बहिष्कार करने का फैसला किया है।

एसडीएम सदर और सीओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े हैं। दोनों अधिकारी अभी भी गांव में डेरा डाले ग्रामीणों को समझाने में लगे हैं। इस क्षेत्र के भौली गांव में मतदान केन्द्र पर अभी तक 12 वोट पड़े है, वहीं रघवा गांव में सिर्फ नौ मत पड़े हैं।

आशा हैं हमने ऊपर दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे अगर नहीं तो कृपया कमेन्ट के जरिये हमें बताएं। आज के इतिहास के बारे में और भी जानकारी हो तो वो भी हमें कमेन्ट के जरिये बताये हम इस लेख में जरुर अपडेट करेंगे।

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